![](https://navbharattimes.indiatimes.com/photo/85150226/photo-85150226.jpg)
नई दिल्ली आठ अगस्त को तोक्यो ओलिंपिक 2020 का आखिरी दिन था। क्लोजिंग सेरेमनी में तिरंगा लेकर बजरंग पूनिया निकले, जिन्होंने कुश्ती में ब्रॉन्ज दिलाया था। गोल्ड समेत सात मेडल्स के साथ भारत ने इस बार इतिहास रचा। मेडल टेली के लिहाज से यह उसका बेस्ट प्रदर्शन है। भारत 48वें पायदान पर रहा। पदक तालिका में 113 मेडल के साथ अमेरिका टॉप तो दूसरे पोजिशन पर खड़े चीन ने 88 पदक हासिल किए। जब कोच ने बोला कोई डूबा नहीं इंटरनेट पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे ओलिंपिक में पाकिस्तान के लचर प्रदर्शन से जोड़कर देखा जा रहा है। महान पाकिस्तानी पेसर वसीम अकरस वीडियो में ठहाके मारते साफ तौर पर देखे जा सकते हैं। हालांकि NBT ऑनलाइन इसकी पुष्टि नहीं करता। दरअसल, एंकर किसी एशियाई खेल के दौरान हुई घटना का जिक्र करते हैं। जब पाकिस्तान बिना कोई मेडल जीते वापस लौटता है तो सवाल-जवाब होते हैं। स्विमिंग कोच ख्वाजा असलम से पूछा गया तो उन्होंने तपाक से कहा कि- 'शुक्र करो कोई डूब नहीं गया।' पाकिस्तानी मीडिया खिलाड़ियों को मिलने वाली सुविधाओं पर तंज कस रहे थे। तोक्यो ओलिंपिक में कैसा रहा पाकिस्तान का प्रदर्शन साल 1947 में जब भारत आजाद हुआ तभी धर्म के आधार पर पाकिस्तान को अलग देश बनाया गया। एक-साथ दोनों ही मुल्कों को विकास की सीढ़ियां चढ़नी थी। मगर तोक्यो में पाकिस्तान का खाता तक नहीं खुल पाया। हालांकि स्वर्णवीर नीरज चोपड़ा के साथ फाइनल में पाकिस्तानी एथलीट अरशद नदीम भी पहुंचे थे। अपनी देश की ओर से फाइनल में पहुंचने वाले वह पहले पाकिस्तानी थे। तीन दशक से मेडल नहीं जीता पाकिस्तान तोक्यो ओलिंपिक में पाकिस्तान का 22 सदस्यीय दल गया था, जिसमें 10 एथलीट और 12 अधिकारी थे। पाकिस्तान लगभग तीन दशकों से पदक जीतने का इंतजार कर रहा है। आखिरी बार 1992 में बार्सिलोना ओलिंपिक में हॉकी में ब्रॉन्ड मेडल आया था। तब पाकिस्तान की टीम तीसरे नंबर पर रही थी। पाकिस्तान के लिए आखिरी व्यक्तिगत मेडल मुक्केबाज हुसैन शाह पदक लाए थे, 1988 के बाद से यह सूखा भी खत्म नहीं हुआ है।
No comments:
Post a Comment