कराची पाकिस्तान के अपने जमाने के दिग्गज गेंदबाज का मानना है कि विभिन्न टी20 लीग में आसान कमाई के कारण कई बार क्रिकेटर राष्ट्रीय हितों को नजरअंदाज कर देते हैं। पाकिस्तान के तेज गेंदबाजी कोच वकार ने कहा कि और का पिछले साल टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेना ऐसा ही वाकया है जिसमें उनके निजी हितों के कारण राष्ट्रीय टीम पर बुरा प्रभाव पड़ा। आमिर का 27 साल की उम्र में संन्यास लेने का फैसला काफी चर्चा में रहा था। वकार ने पत्रकारों से कॉन्फ्रेन्स कॉल में कहा, ‘इन टी20 लीग से खिलाड़ी आसानी से कमाई करते हैं और वे इनमें सहज होकर खेलते हैं क्योंकि उन्हें एक मैच में केवल चार ओवर करने पड़ते हैं।’ उन्होंने कहा, ‘लेकिन कई बार खिलाड़ी अपनी सुविधा पर ध्यान देते समय यह नहीं सोचते कि वे राष्ट्रीय हितों को कितना नुकसान पहुंचा रहे हैं। वे व्यापक तस्वीर के बारे में नहीं सोचते।’ आमिर और वहाब ने जिस तरह से संन्यास की घोषणा की वह भी वकार को अच्छा नहीं लगा। उन्होंने कहा, ‘आप सोशल मीडिया पर अपने संन्यास की घोषणा करते हैं जो वास्तव में आहत करने वाला है। उन्हें पहले अपने प्रबंधन और बोर्ड को सूचित करना चाहिए था। उन्हें पहले इस पर चर्चा करनी चाहिए थी। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि उन्होंने ऐसा किया क्योंकि इससे हमें थोड़ा नुकसान हुआ।’ वकार ने कहा, ‘लेकिन मैं नहीं कहूंगा कि हमने कुछ खोया है। अगर उन्होंने अपना फैसला किया है तो ठीक है। हमारा उनके प्रति कोई गिला शिकवा नहीं है लेकिन मेरा अब भी मानना है कि वे अभी खेल सकते थे।’ उन्होंने कहा, ‘टीम में चयन होने पर वे पाकिस्तान की तरफ से सीमित ओवरों की क्रिकेट खेल सकते हैं। हां उन्होंने उस समय टीम को मुश्किल स्थिति में छोड़ा था।’
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