Sunday, May 10, 2020

सचिन-वॉर्न का उदाहरण दे बोले चैपल, बदलो ये नियम May 09, 2020 at 10:12PM

नई दिल्लीऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान () ने पगबाधा से जुड़े नियमों में आमूलचूल बदलाव का प्रस्ताव देते हुए कहा है कि अगर गेंद विकेटों से टकरा रही है तो बल्लेबाज को आउट दिया जाना चाहिए फिर चाहे गेंद कहीं भी पिच हुई हो या फिर किसी भी लाइन पर बल्लेबाज से टकराई हो। चैपल ने साथ ही कहा कि कप्तानों को गेंद पर काम करने के एक तरीके पर सहमति बनानी होगी जिससे कि स्विंग गेंदबाजी को प्रोत्साहन मिले। कयास लगाए जा रहे हैं कि कोविड-19 के बाद खेल शुरू होने की स्थिति में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद लार की जगह कृत्रिम पदार्थ के इस्तेमाल की स्वीकृति देने पर विचार कर रहा है। चैपल ने एक कॉलम में लिखा, ‘नए पगबाधा नियम इस तरह होने चाहिए: कोई भी गेंद अगर बल्ले से टकराए बिना अगर पहले पैड से टकराती है और अंपायर के नजरिए से अगर स्टंप से टकरा रही है तो आउट दिया जाना चाहिए, फिर भले की शॉट खेला गया हो या नहीं।’ गेंद कहां पिच हुई भूल जाइए..उन्होंने कहा, ‘भूल जाइए कि गेंद कहां पिच हुई और यह पैड से स्टंप की लाइन पर टकराई या नहीं। अगर गेंद स्टंप से टकरा रही है तो आउट दिया जाना चाहिए।’ इस 76 वर्षीय पूर्व बल्लेबाज ने कहा कि पगबाधा के नियमों के बदलाव की उम्मीद के मुताबिक बल्लेबाज आलोचना करेंगे, लेकिन इससे खेल अधिक निष्पक्ष होगा। चैपल ने कहा, ‘निश्चित तौर पर इस पर बल्लेबाज हाय-तौबा मचाएंगे लेकिन यह बदलाव खेल में काफी सकारात्मक चीजें लेकर आएगा। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि खेल निष्पक्ष होगा।’ उन्होंने कहा, ‘अगर गेंदबाज नियमित रूप से स्टंप को निशाना बनाने को तैयार है तो बल्लेबाज को सिर्फ बल्ले से अपना विकेट बचाना चाहिए। पैड बल्लेबाज को चोट से बचाने के लिए हैं, आउट होने से बचाने के लिए नहीं।’ चैपल ने कहा, ‘इससे दाएं हाथ के बल्लेबाज के लेग स्टंप के बाहर कलाई के स्पिनर के गेंद पिच कराने से निपटने के लिए बल्लेबाजों को आक्रामक रुख अपनाने को बाध्य होना पड़ेगा।’ सचिन का दिया उदाहरणउन्होंने का उदाहरण दिया, जिन्होंने भारत में 1997-98 की सीरीज के दौरान की राउंड द विकेट गेंदबाजी की रणनीति का अच्छी तरह सामना किया था। चैपल ने कहा, ‘1997-98 में चेन्नै में राउंड द विकेट गेंदबाजी कर रहे शेन वॉर्न के खिलाफ सचिन तेंडुलकर का आक्रामक और सफल रवैया या फिर लेग स्टंप के बाहर पिच होकर स्टंप की तरफ आ रही गेंद पर बल्लेबाज का पैर मारना। आप क्या देखना पसंद करेंगे?’ उन्होंने कहा, ‘मौजूदा नियम लेग साइड के बाहर पिच होने वाली गेंदों के खिलाफ पैड से खेलने को प्रोत्साहित करते हैं जबकि यह बदलाव उन्हें अपने बल्ले का इस्तेमाल करने के लिए बाध्य करेगा। यह बदलाव स्टंप को निशाना बनाने वाले गेंदबाजों को फायदा देगा और आफ साइट में अधिक लोगों के साथ लेग साइड के बाहर नकारात्मक गेंदबाजी की जरूरत को कम करेगा।’ गेंद पर लार के बारे में ये कहा लार के बिना गेंद को चमकाने के तरीके पर चैपल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कप्तानों को गेंद पर काम करने का तरीका ढूंढना होगा। उन्होंने कहा, ‘गेंद से छेड़छाड़ हमेशा बड़ा मुद्दा रहा है, अतीत में मैंने सुझाव दिया था कि प्रशासक अंतरराष्ट्रीय कप्तानों से कहें कि वे प्राकृतिक पदार्थों के इस्तेमाल की सूची तैयार करेंगे जिनके बारे में गेंदबाजों को लगता है कि इससे गेंद को स्विंग कराने में मदद मिलेगी।’ चैपल ने कहा, ‘इस सूची में से प्रशासकों को एक तरीका चुनना चाहिए जिसे वैध बनाया जाए और अन्य सभी तरीकों के लिए अवैध के रूप में सजा दी जानी चाहिए।’

खाली स्टेडियम में हो सकता है फ्रेंच ओपन May 09, 2020 at 10:34PM

पैरिस फ्रांस टेनिस महासंघ (FFT) के प्रमुख बर्नार्ड गुइडिसेली ने रविवार को स्वीकार किया कि स्थगित हो चुके (French Open) का आयोजन खाली स्टेडियम में किया जा सकता है। कोरोना वायरस (Coronavirus) महामारी के कारण फ्रेंच ओपन को चार महीने के लिए टाला गया है। गुइडिसेली ने कहा कि उन्होंने अपने सभी विकल्प खुले रखे हैं। इससे पहले उन्होंने कहा था कि एफएफटी को क्ले कोर्ट पर 24 मई से 7 जून तक होने वाले इस ग्रैंड स्लैम को एकतरफा फैसला करते हुए 20 सितंबर से 4 अक्टूबर तक स्थगित करने का कोई खेद नहीं है। गुइडिसेली ने 'जर्नल डि डिमांशे' से कहा, 'हमने किसी विकल्प को खारिज नहीं किया है। टूर्नमेंट स्टेडियम में होगा और टीवी स्क्रीन पर देखा जाएगा।' उन्होंने कहा, 'दुनिया भर में करोड़ों लोग इंतजार कर रहे हैं। खाली स्टेडियम में इसके आयोजन से व्यावसायिक मॉडल का एक हिस्सा- टीवी अधिकार (टूर्नमेंट के राजस्व के एक-तिहाई हिस्से से अधिक)- चलता रहेगा। इसकी अनदेखी नहीं की जा सकती।' कोरोना वायरस के कारण दुनिया भर में लगभग सभी टेनिस टूर्नमेंट मार्च के मध्य से ठप्प पड़े हैं और 13 जुलाई से पहले दोबारा शुरू नहीं होंगे।

क्रिकेटर्स को कोरोना के खतरे के साथ जीना होगा: गौतम गंभीर May 09, 2020 at 09:55PM

नई दिल्ली भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज () का मानना है कि कोविड-19 (Covid-19) महामारी के बाद क्रिकेट खेलने के तरीकों में ज्यादा बदलाव नहीं होंगे। गंभीर ने कहा कि गेंद पर लार के इस्तेमाल पर बैन के अलावा उन्हें इस खेल में ज्यादा बदलाव की संभावना नहीं दिखती। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) गेंद को चमकाने के लिए लार के बजाए कृत्रिम पदार्थ के इस्तेमाल को वैध करने पर विचार कर रही है। गंभीर ने 'स्टार स्पोर्ट्स' से कहा, 'मुझे नहीं लगता कि काफी नियम और दिशानिर्देश बदलेंगे, आपको शायद गेंद पर लार के इस्तेमाल का विकल्प मिल सकता है, इसके अलावा मुझे नहीं लगता कि काफी बदलाव होंगे।' उन्होंने कहा, 'खिलाड़ियों और अन्य सभी को भी इस वायरस के साथ जीने की जरूरत होगी, शायद उन्हें इसका आदी होना होगा कि एक वायरस है, जो हमेशा रहेगा। खिलाड़ी इससे संक्रमित भी हो सकते हैं लेकिन आपको इसके साथ ही रहना होगा।' क्रिकेट में हालांकि कुछ हद तक सामाजिक दूरी संभव है लेकिन अन्य खेलों में ऐसा करना मुश्किल होगा। गंभीर ने कहा, 'सामाजिक दूरी और अन्य नियम किसी भी खेल के लिए बरकरार रखने आसान नहीं होंगे। आप क्रिकेट में फिर भी ऐसा कर सकते हैं लेकिन आप फुटबॉल, हॉकी और अन्य खेलों में यह कैसे करोगे? इसलिए मुझे लगता है कि आपको इसके साथ ही रहना होगा और अगर आप इसे जल्दी स्वीकार कर लें तो बेहतर होगा।'

मेरी वापसी पर MSK प्रसाद ने मुझसे बात नहीं की: रैना May 09, 2020 at 09:37PM

नई दिल्ली के मिडल ऑर्डर बल्लेबाज () इन दिनों टीम इंडिया () में अपनी वापसी की राह देख रहे हैं। रैना को उम्मीद थी कि इस बार वह अपने आईपीएल परफॉर्मेंस से टी20 वर्ल्ड कप के लिए टीम में अपनी वापसी का दावा ठोकेंगे। लेकिन कोविड-19 (Covid-19) के संक्रमण ने उनके अरमानों पर पानी फेर दिया। इस घातक वायरस के चलते आईपीएल अनिश्चितकाल के लिए स्थगित है। इस बीच रैना सोशल मीडिया के माध्यम से अपने फैन्स से लगातार रू-ब-रू हो रहे हैं। थोड़े ही दिनों पहले रैना ने कहा था कि सिलेक्टर्स ने मुझे टीम से बाहर रखा, लेकिन उन्होंने मुझे कभी इसकी वजह नहीं बताई कि आखिर वे मुझसे क्या चाहते हैं। मैं क्या टारगेट हासिल करूं, जिससे टीम इंडिया में मेरी वापसी सुनिश्चित हो पाए। इस बीच ने रैना के आरोप को झूंठा करार देते हुए कहा था कि उन्होंने रैना से इस संदर्भ में खुद बात की थी और अपने कमरे में बुलाकर विस्तार से इस चर्चा की थी। देखें: इरफान पठान-सुरेश रैना की यह पूरी बातचीत एमएसके प्रसाद ने इस स्टायलिश लेफ्टहैंडर बल्लेबाज के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था, 'रैना का टीम में वापस न आने का कारण उनका पुअर परफॉर्मेंस है। न तो उन्होंने घरेलू क्रिकेट में अच्छा किया और न ही वह आईपीएल में ऐसा कर पाए। इसके बाद मैंने रैना को उनकी वापसी का रोडमैप समझाया था। तब उन्होंने मेरे सुझावों का समर्थन भी किया था।' लेकिन शनिवार को रैना टीम इंडिया के पूर्व तेज गेंदबाज इरफान पठान से जब इंस्टाग्राम लाइव चैट पर चर्चा के लिए आए तो उन्होंने एमएसके प्रसाद की इस बात से साफ इनकार कर दिया। रैना ने कहा, 'एमएसके प्रसाद बोल रहे हैं कि मैं अंडर परफॉर्म था और उन्होंने मुझसे टीम से बाहर होने पर बात की थी। लेकिन उन्होंने ऐसी कोई बात नहीं की थी।' 33 वर्षीय इस बल्लेबाज ने जोर देते हुए कहा, 'जब मेरा समय आएगा तब मैं फिर से खेलूंगा।' सुरेश रैना भारत की 2011 वर्ल्ड कप भारत और 2013 चैंपियन्स ट्रोफी जीत का हिस्सा रहे हैं। रैना ने साल 2018 में अपना आखिरी वनडे और टी20 मैच खेला था, तब उन्हें टीम में अपनी वापसी का इंतजार है।