Sunday, May 10, 2020

क्रिकेटर्स को कोरोना के खतरे के साथ जीना होगा: गौतम गंभीर May 09, 2020 at 09:55PM

नई दिल्ली भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज () का मानना है कि कोविड-19 (Covid-19) महामारी के बाद क्रिकेट खेलने के तरीकों में ज्यादा बदलाव नहीं होंगे। गंभीर ने कहा कि गेंद पर लार के इस्तेमाल पर बैन के अलावा उन्हें इस खेल में ज्यादा बदलाव की संभावना नहीं दिखती। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) गेंद को चमकाने के लिए लार के बजाए कृत्रिम पदार्थ के इस्तेमाल को वैध करने पर विचार कर रही है। गंभीर ने 'स्टार स्पोर्ट्स' से कहा, 'मुझे नहीं लगता कि काफी नियम और दिशानिर्देश बदलेंगे, आपको शायद गेंद पर लार के इस्तेमाल का विकल्प मिल सकता है, इसके अलावा मुझे नहीं लगता कि काफी बदलाव होंगे।' उन्होंने कहा, 'खिलाड़ियों और अन्य सभी को भी इस वायरस के साथ जीने की जरूरत होगी, शायद उन्हें इसका आदी होना होगा कि एक वायरस है, जो हमेशा रहेगा। खिलाड़ी इससे संक्रमित भी हो सकते हैं लेकिन आपको इसके साथ ही रहना होगा।' क्रिकेट में हालांकि कुछ हद तक सामाजिक दूरी संभव है लेकिन अन्य खेलों में ऐसा करना मुश्किल होगा। गंभीर ने कहा, 'सामाजिक दूरी और अन्य नियम किसी भी खेल के लिए बरकरार रखने आसान नहीं होंगे। आप क्रिकेट में फिर भी ऐसा कर सकते हैं लेकिन आप फुटबॉल, हॉकी और अन्य खेलों में यह कैसे करोगे? इसलिए मुझे लगता है कि आपको इसके साथ ही रहना होगा और अगर आप इसे जल्दी स्वीकार कर लें तो बेहतर होगा।'

मेरी वापसी पर MSK प्रसाद ने मुझसे बात नहीं की: रैना May 09, 2020 at 09:37PM

नई दिल्ली के मिडल ऑर्डर बल्लेबाज () इन दिनों टीम इंडिया () में अपनी वापसी की राह देख रहे हैं। रैना को उम्मीद थी कि इस बार वह अपने आईपीएल परफॉर्मेंस से टी20 वर्ल्ड कप के लिए टीम में अपनी वापसी का दावा ठोकेंगे। लेकिन कोविड-19 (Covid-19) के संक्रमण ने उनके अरमानों पर पानी फेर दिया। इस घातक वायरस के चलते आईपीएल अनिश्चितकाल के लिए स्थगित है। इस बीच रैना सोशल मीडिया के माध्यम से अपने फैन्स से लगातार रू-ब-रू हो रहे हैं। थोड़े ही दिनों पहले रैना ने कहा था कि सिलेक्टर्स ने मुझे टीम से बाहर रखा, लेकिन उन्होंने मुझे कभी इसकी वजह नहीं बताई कि आखिर वे मुझसे क्या चाहते हैं। मैं क्या टारगेट हासिल करूं, जिससे टीम इंडिया में मेरी वापसी सुनिश्चित हो पाए। इस बीच ने रैना के आरोप को झूंठा करार देते हुए कहा था कि उन्होंने रैना से इस संदर्भ में खुद बात की थी और अपने कमरे में बुलाकर विस्तार से इस चर्चा की थी। देखें: इरफान पठान-सुरेश रैना की यह पूरी बातचीत एमएसके प्रसाद ने इस स्टायलिश लेफ्टहैंडर बल्लेबाज के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था, 'रैना का टीम में वापस न आने का कारण उनका पुअर परफॉर्मेंस है। न तो उन्होंने घरेलू क्रिकेट में अच्छा किया और न ही वह आईपीएल में ऐसा कर पाए। इसके बाद मैंने रैना को उनकी वापसी का रोडमैप समझाया था। तब उन्होंने मेरे सुझावों का समर्थन भी किया था।' लेकिन शनिवार को रैना टीम इंडिया के पूर्व तेज गेंदबाज इरफान पठान से जब इंस्टाग्राम लाइव चैट पर चर्चा के लिए आए तो उन्होंने एमएसके प्रसाद की इस बात से साफ इनकार कर दिया। रैना ने कहा, 'एमएसके प्रसाद बोल रहे हैं कि मैं अंडर परफॉर्म था और उन्होंने मुझसे टीम से बाहर होने पर बात की थी। लेकिन उन्होंने ऐसी कोई बात नहीं की थी।' 33 वर्षीय इस बल्लेबाज ने जोर देते हुए कहा, 'जब मेरा समय आएगा तब मैं फिर से खेलूंगा।' सुरेश रैना भारत की 2011 वर्ल्ड कप भारत और 2013 चैंपियन्स ट्रोफी जीत का हिस्सा रहे हैं। रैना ने साल 2018 में अपना आखिरी वनडे और टी20 मैच खेला था, तब उन्हें टीम में अपनी वापसी का इंतजार है।

उमर अकमल की इस जिद ने तबाह किया करियर May 09, 2020 at 09:29PM

कराचीपाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड () के सूत्रों ने बताया है कि बल्लेबाज () ने अनुशासनात्मक समिति के समक्ष संदिग्ध सट्टेबाजों के साथ दो मुलाकात की जानकारी देने से इनकार कर दिया था। अनुशासनात्मक समिति ने इसके बाद अकमल को तीन साल के प्रतिबंध की सजा सुनाई। सूत्रों के अनुसार अकमल ने लाहौर की डिफेंस हाउसिंग सोसाइटी में दो अज्ञात लोगों के साथ मुलाकात की थी। पीसीबी के एक विश्वसनीय सूत्र ने बताया, ‘उमर ने दावा किया कि ये दोनों व्यक्ति उनसे डिफेंस हाउसिंग सोसाइटी में उनके दोस्त की पार्टी में मिले थे। लेकिन उन्होंने भ्रष्टाचार रोधी अधिकारियों को यह तक बताने से इनकार कर दिया कि इन मुलाकातों के दौरान क्या चर्चा हुई।’ नहीं दे रहे थे फिक्सरों की जानकारी सूत्र ने बताया, ‘यहां तक कि जब भ्रष्टाचार रोधी अधिकारियों ने कराची में 19 और 20 फरवरी के बीच की रात की रिपोर्ट उसे दी तो अकमल ने स्वीकार किया कि इस मुलाकात की जानकारी नहीं देकर उन्होंने गलती की, लेकिन कोई भी जानकारी देने से इनकार कर दिया।’ बैन को मजबूर हुआ बोर्ड पीसीबी की भ्रष्टाचार रोधी संहिता के तहत अकमल को दो आरोपों का दोषी पाया गया और 27 अप्रैल को उन्हें 19 फरवरी 2023 तक क्रिकेट से जुड़ी सभी गतिविधियों से प्रतिबंधित कर दिया गया। अकमल के पास एक साथ चलने वाले तीन साल के दो प्रतिबंधों के खिलाफ अपील करने के लिए 14 दिन का समय है। अकमल के करीबी सूत्रों ने बताया कि उन्होंने इस मामले में कुछ वकीलों के साथ सलाह मशविरा शुरू कर दिया है और अपील दायर करेंगे।

जावेद मियांदाद बोले- कर्ज नहीं चुकाया तो हमारा एटम बम ले जाएगा आईएमएफ, इसे बचाने के लिए मैं भीख मांग रहा हूं May 09, 2020 at 08:36PM

पाकिस्तान के पूर्व कप्तान जावेद मियांदाद के मुताबिक, मुल्क पर बढ़ते कर्ज की वजह से उसके एटमी हथियार खतरे में हैं। जावेद ने कहा- अगर हमने आईएमएफ जैसे संगठनों का कर्ज नहीं चुकाया तो वो हमारा एटम बम ले जाएंगे। इतना ही नहीं, मियांदाद ने इन कर्जों को चुकाने के लिए एक बैंक अकाउंट भी खोल लिया है और उसमें लोगों से पैसा जमा करने की अपील की। इस पूर्व बल्लेबाज ने कहा- मैं लोगों से मुल्क की खातिर भीख मांग रहा हूं।

लूटने वाले अब मुल्क बचाएं
मियांदाद ने शनिवार रात ट्विटर पर एक वीडियो जारी किया। कहा, “मैंने नेशनल बैंक ऑफ पाकिस्तान में एक अकाउंट खुलवाया है। मैं आप लोगों से भीख मांगता हूं कि इसमें पैसा जमा करें ताकि हमारा एटम बम बचाया जा सके। अगर हमने आईएमएफ जैसे संगठनों का कर्ज नहीं लौटाया तो वो इस बम को ले जाएंगे। मैं जानता हूं कि इस देश के लोगों ने अपने ही मुल्क को खूब लूटा है। अब वक्त है जब वो मुझे भीख देकर अपने पापों का प्रायश्चित कर सकते हैं। विदेश में रहने वाले पाकिस्तानी भी अब फर्ज निभाएं।”

इंटरनेशनल बैंक अकाउंट
मियांदाद भारत के मोस्ट वॉन्टेड दाऊद इब्राहिम के समधी हैं। वीडियो में वो आगे कहते हैं, “मेरा नया अकाउंट इंटरनेशनल है और इसका इस्तेमाल सिर्फ मैं करूंगा। हम आईएमएफ का कर्ज चुकाएंगे। लोग हर महीने इसमें पैसा डिपॉजिट करें। हमारे ऊपर पहले ही बहुत कर्ज है। अगर अब हम आईएमएफ से कर्ज लेने जाएंगे तो वो सबसे पहले हमारे एटमी हथियार यानी हमारा बम मांगेंगे। इसे बचाना है तो उनका पैसा वापस करना होगा। इसके लिए मैं आपसे भीख मांग रहा हूं।”

इमरान से करीबी और दूरी
कश्मीर मुद्दे पर मियांदाद ने प्रधानमंत्री इमरान खान का साथ दिया था। सड़कों पर मार्च भी निकाला। हालांकि, मैदान पर दोनों के रिश्ते कभी अच्छे नहीं रहे। आरोप है कि इमरान के इशारे पर वकार यूनिस और वसीम अकरम ने जावेद के खिलाफ टीम में गुटबाजी की थी। इसके बाद मियांदाद को कप्तानी छोड़नी पड़ी थी। जावेद 1992 में वर्ल्ड कप जीतने के बाद पैसों के बंटवारे को लेकर भी इमरान पर आरोप लगा चुके हैं। इमरान उस टीम के कप्तान थे।



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इमरान की कप्तानी में पाकिस्तान ने 1992 में विश्व कप जीता था। जावेद मियांदाद भी इस टीम का हिस्सा थे। (फाइल)