Tuesday, March 16, 2021
यादव को टीम से बाहर करने पर भड़के गौतम गंभीर, कहा यह कोई तैयारी नहीं March 16, 2021 at 07:07PM
नई दिल्ली गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) ने इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे T20I मैच से सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) को ड्रॉप () करने के फैसले की काफी आलोचना की है। सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) ने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 इंटरनैशनल मैच से डेब्यू किया था। हालांकि उन्हें बल्लेबाजी करने का मौका नहीं मिला था। भारत ने मैच सात विकेट से आसानी से जीत लिया था। लेकिन हैरानी की बात यह रही कि अगले ही मैच में यादव को टीम से बाहर कर दिया गया। पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) ने टीम इंडिया की इस बात के लिए आलोचना की वह बैंच स्ट्रैंथ (Team India) को नहीं आजमा रही है। गंभीर ने कहा, 'सोचिए अगर आपके किसी खिलाड़ी को चोट लग जाए, तो आपने सूर्यकुमार यादव (Yadav) को कितना आजमाया है? आपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) को कितना देखा है? मैं प्रार्थना करता हूं कि कोई भी चोटिल न हो लेकिन अगर ऐसा हो जाए और आपको किसी को नंबर चार या पांच पर बल्लेबाजी करवानी हो। उदाहरण के लिए श्रेयस अय्यर के लिए कोई रिप्लेसमेंट होना चाहिए, तो वह कौन होगा?' गौतम गंभीर (Gambhir) टी20 वर्ल्ड कप की तैयारियों को लेकर भारतीय टीम की आलोचना की। वर्ल्ड कप इस साल के आखिर में भारत में ही खेला जाना है। गंभीर ने कहा, 'कम से कम जिसे आपने टीम में शामिल किया है उसे देखिए तो सही। उसे तीन-चार मैचों में मौका दीजिए। इसके बाद कोई फैसला कीजिए। अगर वह अच्छा करते हैं तो आपके पास ऐसे खिलाड़ी का बैकअप हो जाएगा जो पहले से नंबर चार पर बल्लेबाजी कर रहा है। अगर आपने किसी को सीरीज में शामिल किया है तो उसे मौके दीजिए और देखिए कि वह भविष्य में आपको क्या दे सकता है। हम तैयारियों की बात करते रहते हैं लेकिन यह वर्ल्ड कप की कोई तैयारी नहीं लगती। यह उन्हीं खिलाड़ियों को बार-बार आजमाने की बात है जिन्हें आप इतने साल से देखते चले आए हैं।'
मां का सपना पूरा करने को शुरू किया बैडमिंटन आज दिग्गजों में होती है साइना की गिनती March 16, 2021 at 07:00PM
नई दिल्ली दुनिया की दिग्गज महिला बैडमिंटन खिलाड़ियों में शुमार (Saina Nehwal) आज यानी 17 मार्च 2021 को अपना 31वां जन्मदिन मना रही हैं। भारत की सबसे सफल बैडमिंटन खिलाड़ियों में से एक साइना ने अपने करियर में कई उपलब्धियां हासिल कीं। उन्होंने भारत को बैडमिंटन में नई पहचान दिलाई और आज उनकी गिनती दुनिया के दिग्गजों में होती है। हरियाणा के हिसार में जन्मी साइना ने साल 2012 में लंदन में खेले गए ओलिंपिक गेम्स (London Olympics) में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रचा था। वह ओलिंपिक में महिला या पुरुष के किसी भी वर्ग में मेडल जीतने वाली पहली भारतीय बनी थीं। इसके बाद वह महिला एकल रैंकिंग्स में दुनिया की नंबर-1 खिलाड़ी भी बनीं। पढ़ें, देश में खेल का सबसे बड़ा सम्मान राजीव गांधी खेल रत्न (Rajiv Gandhi Khel Ratna) अवॉर्ड से सम्मानित साइना को पद्मश्री और पद्मभूषण से नवाजा जा चुका है। वह अर्जुन अवॉर्डी भी हैं। साइना के पिता हरवीर सिंह चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में कार्यरत थे, जिसके बाद उनका ट्रांसफर हैदराबाद में हो गया। हरवीर भी बैडमिंटन खेलते थे। साइना की मां उषा स्टेट लेवल की बैडमिंटन चैंपियन रही थीं और वह अपनी बेटी के लिए भी ऐसा ही चाहती थीं कि वह इस खेल में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाए। हालांकि साइना ने ना सिर्फ राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर परचम लहराया और मां का सपना भी पूरा किया। साइना ने भारतीय बैडमिंटन में कई मेडल जीते। वह प्रतिष्ठित ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप (All England Championships) के फाइनल में पहुंचने वाली एकमात्र भारतीय महिला बैडमिंटन खिलाड़ी हैं। साल 2006 में साइना ने अंडर-19 का नैशनल खिताब अपने नाम किया। 2008 में वर्ल्ड जूनियर का टाइटल जीतकर रेकॉर्ड बनाया। साल 2009 में बीडब्ल्यूएफ सुपर सीरीज का टाइटल जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी साइना ने अगले साल कॉमनवेल्थ गेम्स में महिला सिंगल्स का गोल्ड मेडल अपने नाम किया। फिर दो साल बाद कमाल किया और ओलिंपिक का ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। साल 2018 के गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में साइना ने महिला सिंगल्स के अलावा मिक्स्ड टीम इवेंट में भी गोल्ड जीता। उन्होंने अब तक अपने करियर में 24 इंटरनैशनल खिताब जीते हैं जिसमें 11 सुपर सीरीज शामिल हैं।
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