Thursday, January 21, 2021

आईपीएल फ्रैंचाइजी ने एक दिन पहले किया था रिलीज, कैरी का 'शतकीय' जवाब January 21, 2021 at 08:02PM

एडिलेड विकेटकीपर बल्लेबाज एलेक्स कैरी () ने ऑस्ट्रेलिया की घरेलू ( 2020) टी20 में धमाकेदार शतक जड़ दिया है। इस क्रिकेटर को एक दिन पहले इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) फ्रेंचाइजी दिल्ली कैपिटल्स () ने रिलीज किया था। एडिलेड स्ट्राइकर्स () के उप कप्तान कैरी ने ब्रिसबेन हीट (Brisbane Heat) के खिलाफ गुरुवार को खेले गए बीबीएल के 46वें मैच में 62 गेंदों पर 101 रन की पारी खेली। कैरी की शतकीय पारी के दम पर स्ट्राइकर्स ने 5 विकेट पर 197 रन का स्कोर खड़ा किया था। ब्रिसबेन हीटी की ओर से सबसे सफल गेंदबाज मार्नस लाबुशेन रहे जिन्होंने 2 ओवर में 20 रन देकर 2 विकेट लिए। जवाब में ब्रिसबेन हीट की टीम 17.3 ओवर में 115 रन पर ढेर हो गई। ब्रिसबेन हीट के 5 बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा छू सके। मार्नस लाबुशेन (Marnus Labuschagne) ने सबसे अधिक 28 रन की पारी खेली जबकि मैक्स ब्रायंट ने 25 रन का योगदान दिया। एडिलेड स्ट्राइकर्स के लिए वेस एगर ने 4 ओवर में 27 रन खर्च कर 4 विकेट निकाले जबकि पेसर पीटर सिडल ने 13 रन देकर 3 विकेट चटकाए। कैरी का बीबीएल में ये दूसरा शतक है जबकि मौजूदा बीबीएल () सीजन में किसी खिलाड़ी की ये पहली सेंचुरी है। बीबीएल के इतिहास में दो शतक जड़ने वाले कैरी ओवरऑल छठे खिलाड़ी बन गए हैं। बाएं हाथ के इस ओपनर ने अपनी शतकीय पारी में 10 चौके और 3 छक्के जड़े। दिल्ली कैपिटल्स की ओर से 3 मैच खेले थे 29 वर्षीय कैरी ने पिछले सीजन आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेला था। उन्होंने 3 मैचों में 110.34 की स्ट्राइक रेट से कुल 32 रन बनाए थे। हालांकि इस साल वह बेहतरीन फॉर्म में चल रहे हैं। कैरी सीजन में अब तक कुल 381 रन बना चुके हैं। सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में कैरी तीसरे नंबर पर हैं।

हनुमा का खुलासा, सिडनी टेस्ट के बाद द्रविड़ ने क्या दिया था मेसेज का रिप्लाई January 21, 2021 at 07:37PM

नई दिल्लीभारतीय बल्लेबाज ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी में सीरीज का तीसरा टेस्ट ड्रॉ कराने में मदद की। उन्होंने रविचंद्रन अश्विन के साथ 161 गेंदों पर 23 रन की नाबाद पारी खेली और भारत ने 5वें दिन मैच ड्रॉ कराया। हनुमा ने अब बताया है कि उन्होंने दिग्गज को मेसेज किया था। हनुमा ने सिडनी टेस्ट में हैमस्ट्रिंग की चोट से जूझते हुए पहले तो चेतेश्वर पुजारा के साथ साझेदारी निभाई और फिर अश्विन के साथ तीन घंटे से भी ज्यादा वक्त तक बल्लेबाजी की, जो खुद पीठ में दर्द से जूझ रहे थे। ऑस्ट्रेलियाई धरती पर बैक-टू-बैक टेस्ट सीरीज जीतने की भारत की ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद विहारी ने पूर्व भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़ को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के बीच अंतर को कम करने का श्रेय दिया। पढ़ें, 27 वर्षीय विहारी ने स्पोर्ट्स टुडे से कहा, 'सिडनी टेस्ट के बाद मुझे राहुल सर को टेक्स्ट भेजना अच्छा लगा। उन्होंने (द्रविड़) रिप्लाई में कहा था कि 'बहुत अच्छा, आपने बहुत शानदार काम किया।' भारत-ए दौरों के दौरान युवाओं को मौका देने के लिए विहारी ने द्रविड़ की तारीफ की क्योंकि उन्होंने कहा कि इससे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए खिलाड़ी तैयार होते हैं। उन्होंने कहा, 'जो खिलाड़ी वहां (भारत-ए) थे, सिराज, सैनी, शुभमन, मयंक अग्रवाल, जो उस पक्ष का हिस्सा थे, सभी ने एक साथ काफी क्रिकेट खेला। पिछले 3-4 साल में, हमने कई इंडिया ए टूर खेले और तब कोच (राहुल द्रविड़) वही थे।' उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि हमने इससे पहले इतने सारे इंडिया-ए के टूर्नमेंट खेले जिससे रणजी ट्रोफी और भारतीय टीम के बीच अंतर कम हुआ। यही कारण है कि हम अपना पहला गेम या दूसरा गेम खेल रहे हैं, लेकिन चुनौती के लिए तैयार रहे। हम किसी अन्य खिलाड़ी से पीछे नहीं हैं। राहुल सर ने इसे संभव बनाया। विहारी ने कहा, 'युवाओं के रूप में हमें उन्हें काफी श्रेय देना होगा, जिस तरह से उन्होंने हमें अपना खेल खेलने दिया। जब हम उनकी निगरानी में खेलते हैं, तो हमेशा ऐसा लगता है कि वह एक कोच की तुलना में मेंटॉर की भूमिका में ज्यादा रहते हैं। वह हमेशा साथ होते हैं, जब उनकी जरूरत हो।' हैदराबाद के इस खिलाड़ी ने कहा, 'पिछले ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भी मैंने उन्हें फोन किया और कहा कि सर, मैं अपना डेब्यू कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि आप रणजी ट्रोफी और भारत ए के लिए असाधारण रूप से अच्छा प्रदर्शन कर चुके हैं, इसलिए आप खेलने को तैयार हैं। उन्होंने मुझे आत्मविश्वास दिया।' विहारी फिलहाल अपने रिहैबिलिटेशन के लिए बेंगलुरु में राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) में हैं और हैमस्ट्रिंग के कारण पांच फरवरी से इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज का हिस्सा नहीं बन पाएंगे। हनुमा विहारी ने अब तक अपने करियर में 12 टेस्ट मैच खेले हैं। उन्होंने टेस्ट में 624 रन बनाने के साथ पांच विकेट भी लिए हैं। वह फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 90 मैच खेल चुके हैं जिनमें उनके नाम 21 शतक और 36 अर्धशतक हैं।

'अनुशासन' के लिए ओलिंपिक चैंपियन ऐथलीट का रेप, कोच को जेल January 21, 2021 at 06:14PM

नई दिल्लीसाउथ कोरिया के एक पूर्व कोच को ऐथलीट का यौन उत्पीड़न करने का दोषी पाए जाने के बाद 10 साल से ज्यादा जेल में रहने की सजा सुनाई गई है। पूर्व स्पीड स्केटिंग कोच चो जे-बीओम को 2018 की ओलिंपिक गेम्स चैंपियन शिम सुक-ही का यौन उत्पीड़न का दोषी पाया गया। MeToo अभियान में लगे थे कई आरोपकोच ने इस ऐथलीट के खिलाफ मौखिक और शारीरिक शोषण की बात स्वीकार भी कर ली। ये आरोप पहली बार #MeToo आंदोलन के मद्देनजर लगाए गए थे, जब कई दक्षिण कोरियाई ऐथलीटों ने अपने कोचों पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया था। पढ़ें, 'अनुशासन' के लिए किया शोषणशिम ने कहा कि साल 2014 में उनका यौन उत्पीड़न शुरू हुआ, जब वह एक छात्रा थीं और प्योंगचांग ओलिंपिक खेलों से कुछ वक्त पहले तक कोच उनका उत्पीड़न करता रहा। बाद में चो ने आरोपों से इनकार किया और कहा कि शिम के खिलाफ मौखिक और शारीरिक शोषण 'अनुशासन' के लिए किया गया था। बार-बार की ऐथलीट से मारपीट23 साल की ओलिंपिक शॉर्ट-ट्रैक स्पीड स्केटिंग गोल्ड मेडलिस्ट शिम सुक-ही ने पहली बार जनवरी 2018 में अपने पूर्व कोच पर आरोप लगाया, जब उन्होंने कहा कि कोच उनके साथ किशोरावस्था के बाद से ही उत्पीड़न कर रहा था। इतना ही नहीं, कोच ने बार-बार उनके साथ मारपीट की थी। उंगलियां तक तोड़ दींशिम ने आरोप लगाते हुए कहा था कि जब वह सात साल की थीं, तब से ही कोच ने उन्हें पीटा था, एक बार तो आइस हॉकी स्टिक से उनकी उंगलियां भी तोड़ दी थीं। पढ़ें, बच्चों और युवाओं के साथ काम करने पर बैनबाद में अन्य ऐथलीट आगे आए और चो को शिम और तीन अन्य स्केटर्स के साथ मारपीट के लिए 10 महीने जेल की सजा सुनाई गई। दिसंबर 2018 में दायर एक नई शिकायत में 21 वर्षीय शिम ने चो पर यौन शोषण का आरोप लगाया। अदालत ने कोच को सात साल तक बच्चों और युवाओं के साथ काम करने पर प्रतिबंध लगा दिया। शिम ने जीते कई मेडलसाउथ कोरिया की स्टार शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटर शिम सुक-ही ने 2014 विंटर ओलिंपिक गेम्स में 3000 मीटर रिले टीम गोल्ड जीता था। इसी ओलिंपिक गेम्स में उन्होंने 1500 मीटर में सिल्वर और 1000 मीटर में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। उन्होंने 2012 यूथ ओलिंपिक गेम्स में 500 मीटर और 1000 मीटर में चैंपियन रही थीं। वह 2015 वर्ल्ड चैंपियनशिप में 3000 मीटर रिले की चैंपियन भी रही थीं।

केक न काटने के बावजूद अजिंक्य रहाणे ने जीता दिल, वीडियो वायरल January 21, 2021 at 06:36PM

मुंबई ऑस्ट्रेलिया में पहली पारी लगातार दो टेस्ट सीरीज जीतकर इतिहास रचने वाली भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी गुरुवार को स्वदेश लौट आए। कई खिलाड़ियों के चोटिल होने के बावजूद टीम इंडिया ने () की कप्तानी में मंगलवार को ब्रिसबेन में चौथे और अंतिम टेस्ट मैच में मेजबान ऑस्ट्रेलिया (India vs Australia Test Series) को 3 विकेट से हराकर सीरीज 2-1 से जीती। इस तरह से बोर्डर-गावसकर ट्रोफी (Border-Gavaskar Trophy) अपने पास बरकरार रखी। खिलाड़ियों का स्वदेश लौटने पर उनका जोरदार स्वागत हुआ। रहाणे का ढोल, रेड कारपेट और फूलों की बौछार के बीच मुंबई में उनके घर पर शानदार स्वागत हुआ। बेहद शांत स्वभाव के दिखने वाले रहाणे का स्वागत करने पहुंचे उनके फैंस केक के साथ उनका इंतजार कर रहे थे लेकिन रहाणे ने उस केके को काटने से मना कर दिया। ढोल, नगाड़ों से हुआ स्वागत सोसाएटी के अंदर रहाणे के लिए रेड कारपेट बिछाया गया था। फैंस इस दौरान ‘आला रे आला, अजिंक्य रहाणे आला’के नारे लगा रहे थे। रहाणे जब सोसायटी के अंदर पहुंचे तो वहां उनके स्वागत के लिए एक बड़ा केक रखा हुआ था जिसपर कंगारू बना हुआ था। केके को एक क्रिकेट पिच का आकार दिया गया था। केक के ऊपर एक कंगारू भारतीय तिरंगे को लेकर बैठा हुआ था। रहाणे को यह पसंद नहीं आया। वह विरोधी टीम का अपमान नहीं करना चाहते थे। ऐसे में उन्होंने केक काटने से मना कर दिया और कहा कि उसे बांट दिया जाए। इस तरह रहाणे ने अपनी खेल भावना से सबका दिल जीत लिया। रहाणे का ये वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है और फैंस इसकी जमकर प्रशंसा कर रहे हैं। एडिलेड टेस्ट में कोहली ने की थी कप्तानी 4 मैचों की सीरीज का पहला टेस्ट मैच खेलने के बाद टीम इंडिया के नियमित कप्तान विराट कोहली () पैटरनिटी लीव पर स्वदेश लौट आए थे। फिर शेष 3 मैचों में टीम इंडिया (Team India) का नेतृ्त्व अजिंक्य रहाणे ने किया। खास बात यह रही कि रहाणे की कप्तानी में भारत सीरीज में एक भी टेस्ट मैच नहीं हारा। जो एक मैच ऑस्ट्रेलिया ने जीता, उसमें टीम इंडिया की कमान कोहली संभाल रहे थे।