Friday, August 28, 2020

जब एडोल्फ हिटलर ने किया था मेजर ध्यान चंद को किया सैल्यूट August 28, 2020 at 06:18PM

नई दिल्ली (Major Dhyan Chand) का जन्म 29 अगस्त 1905 ( Birthday) को हुआ था। हॉकी के खेल में उन्होंने भारत को वह कामयाबी दिलाई जो एक मिसाल बन गई। गेंद उनकी हॉकी स्टिक से लगते ही करिश्मा करने लगती। तभी तो उन्हें हॉकी का जादूगर कहा जाता था। ध्यान चंद न सिर्फ हॉकी के खेल के महारथी थी बल्कि उनमें देशभक्ति भी कूट-कूटकर भरी हुई थी। तभी तो जर्मनी के तानाशाह ने भी ध्यान चंद को सैल्यूट करना पड़ा था। भारत सरकार हॉकी के इस जादूगर को सम्मानित करने के लिए आज के दिन को के रूप () में मनाती है। बात बर्लिन ओलिंपिक की है, साल 1936 और तारीख 15 अगस्त। यूं तो 15 अगस्त के भारत के इतिहास में बहुत खास मायने हैं लेकिन इसी तारीख को सन् 1947 से 11 साल पहले भारतीय झंडा दुनिया के किसी दूसरे कोने में सबसे ऊंचा लहराया जा रहा था। जर्मनी में। साल 1936 के ओलिंपिंक में भारतीय हॉकी टीम के खिलाड़ियों के इर्द-गिर्द एक अलग ही रोमांच था। इसकी वजह थी बर्लिन के पैक स्टेडियम में उनका दमदार प्रदर्शन। सेमीफाइनल में फ्रांस की टीम के खिलाफ भारत ने 10 गोल किए। चार अकेले ध्यान चंद ने। फ्रांस को यूरोपीय हॉकी का पावर हाउस माना जाता था। लेकिन भारतीय टीम के सामने वह पूरी तरह ध्वस्त हो गई। फाइनल में भारत का सामना मेजबान जर्मनी से था। तारीख थी 15 अगस्त, 1936। हालांकि फाइनल से पहले भारतीय कैंप में उत्साह का नहीं बल्कि डर और चिंता का माहौल था। इसकी वजह जर्मन तानाशाह एडोल्फ हिटलर था। हिटलर 40 हजार दर्शकों के साथ यह मैच देखने आने वाला था। फाइनल में एक बार फिर ध्यान चंद की हॉकी ने जादू बिखेरा। भारतीय टीम ने लगातार तीसरी बार हॉकी में ओलिंपिक गोल्ड जीता। भारतीय हॉकी टीम के पू्र्व कोच सैयद अली सिबतैन नकवी ने बताया था, 'यह दादा ध्यान चंद थे, जिन्होंने 1936 के ओलिंपिक फाइनल में 6 गोल किए और भारत ने मैच 8-1 से जीता। हिटलर ने दादा को सैल्यू किया और उन्हें जर्मन सेना जॉइन करने का ऑफर दिया।' नकवी ने बताया था, 'पुरस्कार वितरण के मौके पर दादा कुछ नहीं बोले। पूरे स्टेडियम में सन्नाटा था। सब इस बात को लेकर डर रहे थे कि अगर ध्यान चंद ने ऑफर ठुकरा दिया तो तानाशाह उन्हें गोली मार सकता है। दादा ने मुझे बताया था कि उन्होंने हिटलर को भारतीय सैनिक की तरह एक बुलंद आवाज में जवाब दिया था 'भारत बिकाऊ नहीं है।' स्टेडियम में मौजूद 40 हजार दर्शक उस समय हैरान रह गए जब हिटलर ने उनसे हाथ मिलाने के बजाय सैल्यूट किया। हिटलर ने ध्यान चंद से कहा, 'जर्मन राष्ट्र आपको अपने देश भारत और राष्ट्रवाद के लिए सैल्यूट करता है। हिटलर ने ही उन्हें हॉकी का जादूगर का टाइटल दिया था। ऐसे खिलाड़ी सदियों में एक बार पैदा होते हैं।'

लीजेंड के बेटे अशोक कुमार बोले- मेजर ध्यानचंद को भारत रत्न देने की मांग हमारी नहीं, बल्कि आम जनता की है August 28, 2020 at 06:15PM

हॉकी के जादूगर भारतीय लीजेंड मेजर ध्यानचंद का आज 115वां जन्मदिन है। इस मौके पर उनके बेटे अशोक कुमार ने कहा कि ध्यानचंद को हमेशा भारत रत्न देने की मांग उठती रही है। यह हमारी नहीं, बल्कि आम जनता की मांग है।

ध्यानचंद ने भारत को लगातार 3 बार ओलिंपिक में स्वर्ण पदक दिलवाया था। ध्यानचंद की बॉल पर पकड़ बेजोड़ थी, इसलिए उन्हें ‘दी विज़ार्ड’ कहा जाता था। ध्यानचंद ने अपने इंटरनेशनल करियर में 400 से ज्यादा गोल किए। उन्होंने अपना आखिरी इंटरनेशनल मैच 1948 में खेला था।

अशोक भी हॉकी लीजेंड
अशोक कुमार भी हॉकी लीजेंड रहे हैं। उन्होंने 1975 में पाकिस्तान के खिलाफ हॉकी वर्ल्ड कप में विजयी गोल किया था। यह मैच मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में हुआ था।

ध्यानचंद की जगह सचिन को सम्मान मिला

अशोक ने भारत रत्न देने की मांग को लेकर कहा, ‘‘यह न सिर्फ हमारे परिवार के लिए, बल्कि सभी खेल प्रेमियों के लिए भी गर्व की बात होगी। सच्चाई यह भी है कि ध्यानचंद को भारत रत्न देने की मांग भारतीय लोगों ने की है, हमने नहीं। अब सिर्फ सरकार को ही इस पर फैसला करना है। मेरी जानकारी के मुताबिक, यूपीए-2 के दौरान खेल मंत्रालय ने दादा (ध्यानचंद) को भारत रत्न दिए जाने की सिफारिश की थी, लेकिन पता नहीं किस कारण से सचिन तेंदुलकर के नाम पर मुहर लग गई।’’

ध्यानचंद जैसा दिग्गज भारतीय महाद्वीप में कोई नहीं
उन्होंने कहा, ‘‘मैं सचिन का सम्मान करता हूं और पसंद भी करता हूं। वे क्रिकेट के महान खिलाड़ी हैं, लेकिन खेल के दिग्गज यह भी मानते हैं कि ध्यानचंद जैसा दिग्गज अब तक भारतीय उपमहाद्वीप में कोई नहीं हुआ है, क्योंकि वे अपराजेय रहे थे।’’



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मेजर ध्यानचंद ने भारत को लगातार 3 बार ओलिंपिक में स्वर्ण पदक दिलवाया था। ध्यानचंद की बॉल पर पकड़ बेजोड़ थी, इसलिए उन्हें ‘दी विज़ार्ड’ कहा जाता था। -फाइल फोटो

विराट कोहली के सीरीज में नहीं खेलने की खबरों से ऑस्ट्रेलिया परेशान, भारतीय कप्तान जनवरी में पापा बन सकते हैं August 28, 2020 at 05:15PM

भारतीय कप्तान विराट कोहली जनवरी में पिता बन सकते हैं। विराट ने 27 अगस्त को ही ट्विटर के जरिए बताया था कि पत्नि अनुष्का शर्मा मां बनने वाली हैं। इसके बाद से मीडिया में खबर आने लगी कि कोहली इस साल के आखिर में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर नहीं जा सकेंगे। इन सभी खबरों से क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया बोर्ड (सीए) काफी परेशान है।

हालांकि, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) और सीए के हवाले से राउटर्स ने लिखा कि कोहली ने अभी कुछ स्पष्ट नहीं किया है। उनके ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जाने की पूरी संभावना है।

ब्रॉडकास्टर्स के 161 करोड़ रुपए दांव पर
कोहली के नहीं आने की खबरों से ब्रॉडकास्टर नाराज हैं, क्योंकि कोरोना के कारण पहले ही स्टेडियम में दर्शक मौजूद नहीं रहेंगे। यदि कोहली जैसे बड़े स्टार भी सीरीज में नहीं खेलेंगे, तो लोग टीवी पर मैच देखना पसंद नहीं करेंगे। दरअसल, पूरे दौरे को लेकर ब्रॉडकास्टर्स के 161 करोड़ रुपए दाव पर लगे हैं।

ऑस्ट्रेलिया बोर्ड 1600 करोड़ रुपए का नुकसान झेल चुका
जबकि अक्टूबर-नवंबर में होने वाला टी-20 वर्ल्ड कप टलने से सीए को पहले ही 1600 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है। यह टूर्नामेंट कोरोना के कारण टला है, जो अब 2022 में होगा।

कोहली ने कहा- जनवरी में हम दो से तीन हो जाएंगे
विराट और अनुष्का शर्मा की शादी 11 दिसंबर 2017 को इटली में हुई थी। विराट ने ट्वीट में कहा- जनवरी 2021 में हम दो से तीन हो जाएंगे। ट्वीट में विराट ने लव और नमस्ते वाली इमोजी भी लगाई।

दौरा आधा भी कर सकते हैं कोहली
कोहली को लेकर सीए के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘वे दौरे के लिए मौजूद रहेंगे। फिलहाल, उन्होंने अभी कुछ कहा भी नहीं है। वे दौरे को आधा भी कर सकते हैं, लेकिन अब तक कुछ स्पष्ट नहीं है। हालांकि, सीरीज में भी अभी काफी समय है।’’

दौरे की शुरुआत 3 दिसंबर को ब्रिस्बेन टेस्ट से
भारत को ऑस्ट्रेलिया दौरे पर 4 टेस्ट और 3 वनडे की सीरीज खेलना है। दौरे की शुरुआत 3 दिसंबर को ब्रिस्बेन टेस्ट से होगी। भारतीय टीम विदेश में अपना पहला डे-नाइट टेस्ट 11 दिसंबर को एडिलेड में खेलेगी। इसके बाद वनडे सीरीज का पहला मैच 12 जनवरी को पर्थ में खेला जाएगा।



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भारतीय कप्तान विराट कोहली ने अब तक 86 टेस्ट, 248 वनडे और 82 टी-20 खेले हैं। -फाइल फोटो

नैशनल स्पोर्ट्स डे: ऑनलाइन दिए जाएंगे खिलाड़ियों को सम्मान August 28, 2020 at 05:47PM

नई दिल्ली हर साल 29 अगस्त को मनाया जाता है। यह हॉकी के महान खिलाड़ी की याद में मनाया जाता है। भारत सरकार ने उनके जन्मदिन को 2012 से राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाती है। केंद्रीय युवा और खेल मंत्री किरण रिजिजू मेजर ध्यान चंद को नई दिल्ली के ध्यान चंद स्टेडियम से उनके जन्मदिन पर श्रद्धांजलि देंगे। नैशनल स्पोर्ट्स डे 2020 कोविड-19 महामारी के चलते इस साल राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद राष्ट्रीय खेल और अडवेंचर अवॉर्ड्स शनिवार को वर्चुअली देंगे। किरण रिजिजू, इंडियन ओलिंपिक असोसिएशन के अध्यक्ष नरेंद्र बत्रा और गणमान्य लोग नई दिल्ली के विज्ञान भवन से इस समारोह का हिस्सा होंगे। 5 खिलाड़ियों को खेल रत्न इस साल पांच खिलाड़ियों को सर्वोच्च खेल पुरस्कार राजीव गांधी खेल रत्न से सम्मानित किया जाएगा वहीं अर्जुन अवॉर्ड 27 खिलाड़ियों को दिए जाएंगे। राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार पाने वाले खिलाड़ियों में क्रिकेटर रोहित शर्मा के अलावा पहलवान विनेश फोगाट, टेबिल टेनिस खिलाड़ी मनिका बत्रा, महिला हॉकी कप्तान रानी रामपाल और पैरालंपियन मरियाप्पन थांगावेलु के नाम शामिल हैं।