Sunday, June 21, 2020

मोहम्मद इरफान ने अपनी मौत को अफवाह बताया, कहा- फेक न्यूज से परिवार परेशान हुआ, ऐसी बातों को फैलाने से परहेज करें June 21, 2020 at 07:51PM

पाकिस्तान के तेज गेंदबाज मोहम्मद इरफान ने कार एक्सीडेंट में अपनी मौत को अफवाह बताया। उन्होंने रविवार शामट्वीट कर अपनी सलामती की जानकारी
दी।

उन्होंने लिखा, ‘‘सोशल मीडिया पर कार एक्सीटेंड में मेरी मौत की फर्जी खबर चल रही है। इससे मेरे परिवार और दोस्तों को बहुत दुख पहुंचा। इसके बाद से लोग लगातार मुझे फोन कर रहे हैं। लोगों से गुजारिश है कि वे ऐसी बातों को फैलाने से परहेज करें। ऐसा कोई एक्सीडेंट ही नहीं हुआ और मैं ठीक हूं।’’

इरफान ने 2010 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया था

38 साल के इरफान ने 2010 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया था। वे पाकिस्तान के लिए अब तक 4 टेस्ट, 60 वनडे और 22 टी-20 खेल चुके हैं। इसमें उन्होंने 10, 83 और 16 विकेट लिए। पिछली बार वे पाकिस्तान सुपर लीग में मुल्तान सुल्तान्स टीम की तरफ से खेलते नजर आए थे। उन्होंने टूर्नामेंट में 4 विकेट लिए थे।

इस गेंदबाज की हाइट को लेकर पाकिस्तान में अलग-अलग रिपोर्ट सामने आती रही है, लेकिन ज्यादातर रिपोर्ट में यही दावा किया गया कि उनकी हाइट 7 फीट 1 इंच है। अगर इन रिपोर्ट्स पर यकीन किया जाए तो वह इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने वाले सबसे ऊंचे कद के खिलाड़ी हैं।



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38 साल के तेज गेंदबाज मोहम्मद इरफान ने 2010 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया था। -फाइल

ये हैं टेस्ट में डेब्यू करने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी June 21, 2020 at 07:23PM

आपसे अगर पूछा जाए कि टेस्ट क्रिकेट में सबसे अधिक उम्र में डेब्यू करने वाले खिलाड़ी कौन से हैं तो शायद आप एक सेकंड के लिए चकरा जाएं। आपको हो सकता है कि इस सवाल का जवाब न सूझे। चलिए हम आपको बताते हैं टेस्ट क्रिकेट मे सबसे ज्यादा उम्र में डेब्यू करने वाले खिलाड़ियों के बारे में...

42 साल 242 दिन की उम्र में इस कैरेबियाई खिलाड़ी ने अपना पहला टेस्ट मैच खेला। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 1-6 फरवरी 1930 को अपना टेस्ट मैच खेला। उन्होंने इस मैच में 52 रन बनाए। पहली पारी में 39 और दूसरी पारी में 13 रन बनाए। इस मैच में दो तारीख को रेस्ट डे था।

ऑस्ट्रेलिया के इस खिलाड़ी ने इंग्लैंड के खिलाफ ब्रिसबेन में 30 नवंबर 1928 को डेब्यू किया। उस समय उनकी उम्र 46 साल 237 दिन थी। उन्होंने अपने करियर में 14 टेस्ट मैच खेले और 74 विकेट लिए। अपना आखिरी मैच उन्होंने 23-28 फरवरी 1933 को खेला।

ऑस्ट्रेलिया के इस खिलाड़ी ने इंग्लैंड के खिलाफ सिडनी में डेब्यू किया। अपना पहला मैच खेलते समय उनकी उम्र 46 साल 253 दिन थी। उन्होंने 14 दिसंबर 1928 को अपना पहला टेस्ट मैच खेला। अपना आखिरी मैच उन्होंने 1-8 फरवरी 1929 को खेला। यह टाइमलैस मैच था जिसे इंग्लैंड ने 12 रन से जीता।

पाकिस्तान के मिरारी बख्श ने 47 साल 284 दिन की उम्र में अपना पहला टेस्ट मैच खेला। उन्होंने भारत के खिलाफ लाहौर में 29 जनवरी 1955 को डेब्यू किया। और 12-15 फरवरी के बीच अपना आखिरी टेस्ट मैच खेला।

इंग्लैंड के इस खिलाड़ी ने 49 साल 119 दिन की उम्र में अपना टेस्ट मैच खेला। संयोग की बात है कि यह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी पहला ही टेस्ट मैच था। 15 मार्च 1877 से मेलबर्न में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनका उन्होंने यह मुकाबला खेला। उन्होंने अपने करियर में दो ही टेस्ट मैच खेले। दूसरा मैच भी मेलबर्न में 31 मार्च से 4 अप्रैल के बीच खेला गया।

राजिंदर गोयल- भारत ने एक दिग्गज खो दिया: गांगुली June 21, 2020 at 07:34PM

नई दिल्ली घरेलू क्रिकेट के पूर्व चैंपियन गेंदबाज राजिंदर गोयल () के निधन पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने गहरा दुख व्यक्त किया है। इस मौके पर बोर्ड के अध्यक्ष और पूर्व भारतीय कप्तान (Saurav Ganguly) ने कहा कि भारत घरेलू क्रिकेट का एक दिग्गज खो दिया। सौरभ गांगुली ने अपने शोक संदेश में कहा, 'राजिंदर गोयल के असाधारण रेकॉर्ड्स उनकी कला और उस पर उनके नियंत्रण की कहानी बताते हैं। अपने करियर में वह 25 साल से अधिक खेले और निरंतर शानदार परफॉर्मेंस करते रहे।' घरेलू क्रिकेट में उनके शानदार रेकॉर्ड्स पर बात करते हुए गांगुली ने कहा, '750 विकेट लेने के लिए सालों-साल कड़ी मेहनत करनी पड़ती है और मैं उनके इस शानदार प्रयास के लिए उन्हें सलाम करता हूं। मैं उनके परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट करता हूं।' इस दिग्गज लेफ्टआर्म स्पिनर ने घरेलू क्रिकेटर ने अपने करियर में शानदार खेल दिखाते हुए 27 सालों तक क्रिकेट खेला। उन्होंने 18.58 के औसत से 750 फर्स्ट क्लास विकेट अपने नाम किए। 44 साल तक की उम्र तक वह क्रिकेट खेलते रहे। अपने करियर में उन्होंने 59 बार एक पारी में 5 विकेट और 18 बार 10 विकेट लेने का कारनाम किया। वह प्रथम श्रेणी क्रिकेट में आज भी सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं।

मुझसे बेहतर बोलर थे गोयल, मैं लकी रहा: बिशन सिंह बेदी June 21, 2020 at 06:34PM

नई दिल्ली भारतीय घरेलू क्रिकेट में विकेट्स और रेकॉर्ड्स की झड़ी लगाने वाले पूर्व दिग्गज राजिंदर गोयल (Rajinder Goel died) का रविवार को निधन हो गया। टीम इंडिया के पूर्व कप्तान () ने गोयल के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि वह भारत के महान स्पिनर थे, जिन्हें टीम इंडिया के लिए कभी चांस नहीं मिला। बेदी ने कहा, 'राजिंदर सिंह के असमय निधन की खबर सुनकर मैं बहुत दुखी हूं। उन्होंने मुझे कभी नहीं बताया कि वह कैंसर से लड़ रहे थे औ बहुत दर्द में थे। लेकिन वह ऐसे ही इनसान थे, जो कभी भी किसी भी चीज की शिकायत नहीं करते थे।' बेदी ने बताया, 'मैंने लॉकडाउन से पहले गोयल से बात की थी और मुझे ऐसा नहीं लगा था कि उनकी यह पारी पूरी होने वाली है। वह सिर्फ 77 के थे।' बेदी ने कहा, 'यह उन जैसी प्रतिभा के साथ अन्यायपूर्ण था कि प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उनके नाम 750 विकेट थे, जिनमें से 637 विकेट उन्होंने सिर्फ रणजी ट्रोफी में हासिल किए थे। इसके बावजूद उन्हें कभी भी भारतीय टीम की कैप पहनने का मौका नहीं मिला। लेकिन गोयली (गोयल) को इसका कोई अफसोस नहीं था। वह हमेशा ही संतोषी स्वभाव के थे।' 73 वर्षीय बिशन सिंह बेदी ने कहा, 'लोग अब भी यही महसूस करते हैं कि मेरे होने के चलते वह भारतीय टीम में नहीं आ पाए क्योंकि हम दोनों ही लेफ्ट आर्म ऑर्थोडॉक्स स्पिनर () थे। लेकिन यह पूरी तरह सच नहीं है। क्योंकि उन्होंने मुझसे पहले क्रिकेट शुरू किया था और मेरे बाद खत्म किया था।' भारत के लिए 67 टेस्ट मैच खेलने वाले इस पूर्व कप्तान ने कहा, 'जब मैंने अपना डेब्यू किया था, वह (राजिंदर गोयल) मुझसे कहीं अधिक बेहतर गेंदबाज थे। लेकिन मैं भाग्यशाली रहा, जिसे मौका मिला। यहां तक कि जब मुझे 1974-75 में वेस्ट इंडीज के खिलाफ टेस्ट से अनुशासनात्क कारण के चलते बाहर किया था, उन्होंने तब भी उन्हें नहीं खिलाया। अगर उन्होंने ऐसा किया होता तो शायद भारत वह मैच जीत गया होता। मुझे याद है जब हमने दलीप ट्रोफी में साउथ जोन को मद्रास में हराया था, गोयली ने विपक्षी टीम पर कहर बने थे।'