Friday, May 15, 2020
ग्रैंड स्लैम खिताब जीत का रेकॉर्ड तोड़ सकता हूं: जोकोविच May 15, 2020 at 06:56PM
पैरिस सर्बिया के दिग्गज टेनिस खिलाड़ी को भरोसा है कि वह अपने करियर का समापन सबसे ज्यादा ग्रैंड स्लैम खिताब विजेता के रूप में करेंगे। उन्होंने साथ ही कहा कि वह दुनिया के नंबर-1 टेनिस खिलाड़ी सबसे ज्यादा सप्ताह तक रहने का रेकॉर्ड भी तोड़ देंगे। जोकोविच के नाम 17 मेजर खिताब हैं जबकि स्विट्जरलैंड के स्टार के नाम रेकॉर्ड 20 ग्रैंड स्लैम खिताब हैं। वहीं, स्पेन के राफेल नडाल 19 बार के ग्रैंडस्लैम चैंपियन हैं। पढ़ें, घातक कोरोना वायरस के कारण कई देशों में लॉकडाउन घोषित है और इस महामारी के कारण 2020 के सीजन को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। इससे पहले जोकोविच ने आठवीं बार ऑस्ट्रेलियन ओपन ट्रोफी पर कब्जा जमाया था। उन्होंने ग्राहम बेन्सिंगर के टीवी शो पर कहा, 'मुझे लगता है कि मेरे पास अब भी इस खेल में करने के लिए काफी चीजें हैं। मेरा मानना है कि मैं सबसे अधिक ग्रैंड स्लैम जीत सकता हूं और नंबर-1 पर सबसे अधिक हफ्तों तक रहने का रेकॉर्ड तोड़ सकता हूं। निश्चित रूप से वे मेरे लक्ष्य हैं।' पढ़ें, जोकोविच रैंकिंग में कुल 282 हफ्तों तक शीर्ष पर रहे हैं। फेडरर का नंबर-1 रहने का रेकॉर्ड 310 का है जबकि रिटायर्ड हो चुके दिग्गज पीट सम्प्रास 286 सप्ताह तक रैंकिंग में टॉप पर रहे। हालांकि जोकोविच ऐसा कर सकते हैं जो 22 मई को अपना 33वां जन्मदिन मनाएंगे। फेडरर अगस्त में 39 वर्ष के हो जाएंगे, जबकि नडाल जून में 34 वर्ष के हो जाएंगे। जोकोविच यहां तक कि खुद को 40 साल की उम्र में भी खेलते हुए देखते हैं। उन्होंने कहा, 'मुझे किसी भी लिमिट पर विश्वास नहीं है। मैं निश्चित रूप से लंबे समय तक खेलते रहना चाहता हूं लेकिन मुझे पता है कि मैं जितने टूर्नमेंट खेल रहा हूं, वह बहुत जल्द घटने वाला है। मैं इस तेजी, साल में कई टूर्नमेंट और यात्रा के साथ लंबे समय तक नहीं खेल पाऊंगा। मैं 40 साल तक खेल सकता हूं, लेकिन तब शायद बड़े टूर्नमेंट पर ही ध्यान दिया जाएगा।'
कोरोना: सरकार की दरियादिली, यूएस से घर लौटा 'हीरो' May 15, 2020 at 06:39PM
नई दिल्लीअमेरिका में फंसे रहते हुए स्वास्थ्य परेशानियों से लड़ने वाले भारत के पूर्व ओलिंपिक खिलाड़ी अशोक दीवान शुक्रवार सुबह स्वदेश लौट आए। वह अब कोविड-19 को फैलने से रोकने के लिए सरकार द्वारा बनाए गए नियम के मुताबिक 14 दिन तक क्वॉरंटीन में रहेंगे। दीवान ने भारतीय ओलिंपिक संघ (आईओए) के अध्यक्ष नरेंद्र बत्रा को भेजे मेसेज में लिखा, ‘मैं आज सुबह भारत आ चुका हूं और अब भारतीय सरकार द्वारा लागू किए गए क्वॉरंटीन के नियम का पालन कर रहा हूं।’ उन्होंने लिखा, ‘अपने देश वापस आना शानदार एहसास है।’ पिछले महीने दीवान ने अमेरिका से भारत वापसी की अपील की थी। वह यातायात संबंधी पाबंदियों के कारण वहां फंसे थे। उन्होंने आईओए अध्यक्ष से अपील की थी कि वह उच्च अधिकारियों तक उनकी बात पहुंचाए जिसके बाद खेल मंत्रालय ने यह मामला विदेश मंत्रालय के पास भेज दिया था। दीवान ने अपने स्वास्थ के बारे में जानकारी देते हुए कहा, ‘मेरा स्वास्थ ठीक है और मैं सुधार भी कर रहा हूं। मैं आपके समर्थन और मुश्किल समय में मेरी मदद करने के लिए आपका शुक्रगुजार हूं।’ दीवान ने खेल मंत्री किरण रिजिजू, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अमेरिका में भारतीय राजदूत तरनजीत सिंह संधू का भी शुक्रिया अदा किया है। उन्होंने लिखा, ‘मैं आपका, खेल मंत्री, विदेश मंत्री, तरनजीत संधू, भारतीय दूतावास के अधिकारी डॉक्टर दिनेश व्यास और भारतीय मीडिया का भी उनके समर्थन के लिए धन्यवाद देता हूं।’
विदेश में इस साल नहीं खेलेगा कोई भारतीय ऐथलीट May 15, 2020 at 06:04PM
नई दिल्लीभारतीय ऐथलेटिक्स महासंघ के अध्यक्ष आदिल सुमारिवाला ने शुक्रवार को कहा कि कोराना वायरस महामारी के कारण कोई भी भारतीय खिलाड़ी इस साल विदेशों में होने वाले प्रतियोगिताओं में भाग नहीं लेगा। उन्होंने कहा कि यह फैसला खिलाड़ियों की सुरक्षा को ध्यान में रख कर लिया गया है। इसका मतलब यह हुआ कि भारतीय खिलाड़ी 14 अगस्त से शुरू हो रही प्रतिष्ठित डायमंड लीग प्रतियोगिता में भाग नहीं ले सकेंगे। तोक्यो ओलिंपिक के लिए भाला फेंक में क्वॉलिफाइ करने वाले वाले नीरज चोपड़ा और शिवपाल सिंह भी इसमें भाग नहीं ले सकेंगे। सुमारिवाला ने विश्व ऐथलेटिक्स के प्रमुख सेबास्टियन को के साथ एक वीडियो कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘हमारी अपने ऐथलीटों को 2021 से पहले विदेश भेजने में रुचि नहीं हैं। तब तक हमारे पास इसकी (कोराना वायरस महामारी) अच्छी समझ होगी।' पढ़ें, उन्होंने कहा, 'हमारे ऐथलीटों की सुरक्षा सर्वोपरि है। इसलिए हमारे कोई भी ऐथलीटों डायमंड लीग में भाग नहीं लेगा। जो एथलीट फिलहाल राष्ट्रीय शिविरों में हैं वे अगले तीन महीने तक वहीं रहेंगे।’ एएफआई प्रमुख ने कहा, ‘हमारी योजना है कि एथलीट 12 सितंबर से शुरू होने वाले भारतीय सर्किट के पांच स्पर्धाओं में चुनौती पेश करें। अक्टूबर के बाद उन्हें आराम का मौका मिलेगा। अगर स्थिति में सुधार हुआ तो अगले साल हम यूरोप में प्रशिक्षण (कार्यक्रम) करने की हमारी योजना है ताकि खिलाड़ी ओलिंपिक के दौरान अपनी सर्वश्रेष्ठ लय में रहे।’ इस महीने की शुरुआत में एएफआई ने इस साल के लिए एक अस्थायी कैलेंडर तैयार किया है जिसकी शुरुआत 12 सितंबर को इंडियन ग्रां प्री के साथ होगी। इसमें दो महीने से भी कम समय में तीन राष्ट्रीय चैंपियनशिप का आयोजन होगा।
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