Wednesday, April 29, 2020

ओलिंपिक समिति के प्रमुख के बाद प्रधानमंत्री आबे ने भी कहा- कोरोना पर काबू पाए बिना 2021 में भी गेम्स असंभव April 29, 2020 at 12:21AM

टोक्यो ओलिंपिक समिति के अध्यक्ष योशिरो मोरी के बाद जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने बुधवार को कहा कि कोरोनावायरस पर काबू पाए बिना 2021 में भी ओलिंपिक होना असंभव है। उन्होंने कहा कि हम लगातार यह कह रहे हैं कि ओलिंपिक और पैरालिंपिक बिना किसी बदलाव के होने चाहिए। लेकिन इसके लिए हालात ऐसे होने चाहिए कि एथलीट्स के साथ दर्शक भी सुरक्षित रूप से इसमें हिस्सा ले सकें। उन्होंने विपक्षी पार्टी के सांसद द्वारा टोक्यो ओलिंपिक के आयोजन को लेकर पूछे गए सवाल पर यह जवाब दिया।
अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक संघ और जापान सरकार ने पिछले महीने ही ओलिंपिक को जुलाई 2021 तक के लिए टाल दिया था। इसका आयोजन अब 23 जुलाई 2021 से होना है।

कोरोना के खिलाफ लड़ाई लंबी चलेगी: आबे

प्रधानमंत्री आबे ने कहा कि हम जिस चीज का सामना कर रहे हैं, उससे लड़ाई लंबी चलनी है। इसलिए हम अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक संघ और टोक्यो 2020 की आयोजन समिति के सम्पर्क में हैं। उन्होंने फिर दोहराया कि यह गेम्स इस तरह होने चाहिए कि पूरी दुनिया को यह लगे कि उन्होंने इस वायरस के खिलाफ जंग जीत ली है।

बिना वैक्सीन के ओलिंपिक होना मुश्किल: जापान मेडिकल एसोसिएशन

एक दिन पहले ही टोक्यो 2020 ऑर्गेनाइजेशन कमेटीने कहा था कि अगर अगले साल तक भी कोरोना महामारी पर काबू नहीं पाया जा सका तो इन खेलों को रद्द कर दिया जाएगा। उन्होंने कोरोनावायरस से लड़ाई को ‘एक अदृश्य दुश्मन के खिलाफ जंग’ करार दिया था।इससे पहले, जापान मेडिकल एसोसिएशन के प्रमुख योशिटेके योकोकुरा ने चेताया था कि अगर कोरोनावायरस की वैक्सीन नहीं आई तो अगले साल भी इन खेलों का आयोजन करना बहुत मुश्किल होगा।

जापान मेंकोरोना के 13 हजार से ज्यादा केस

टोक्यो में मंगलवार को कोरोना संक्रमण के 112 नए केस सामने आए। अब तक देश में 13 हजार से ज्यादा लोग इससे संक्रमित हो चुके हैं जबकि 413 की मौत हुई है। अन्य देशों के मुकाबले यहां कोरोना से मौत और केस कम हैं। लेकिन फिर भी आलोचक सरकार की तैयारियों पर सवाल खड़ा रहे हैं। उनके मुताबिक, जापान इस महामारी के संक्रमण की जड़ तक पहुंचने के लिए जरूरी टेस्टिंग नहीं कर रहा है।
ओलिंपिक और पैरालिंपिक की ओपनिंग सेरेमनी एकसाथ कराने पर विचार
इस बीच, टोक्यो 2020 की आयोजन समिति खर्चों को कम करने के इरादे से ओलिंपिक और पैरालिंपिक खेलों की ओपनिंग और क्लोजिंग सेरेमनी एक साथ करने पर विचार कर रही है। इस प्लान के तहत 23 जुलाई को टोक्यो ओलिंपिक के उद्धाटन समोराह के दौरान ही पैरालिंपिक खेलों की शुरुआत भी होगी। वहीं, टोक्यो 2020 का समापन समारोह सितंबर में पैरालिंपिक खेलों के खत्म होने के साथ किया जाएगा। हालांकि, इसके लिए आईओसी की मंजूरी नहीं मिली है।



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आईओसी और जापान सरकार ने पिछले महीने ही ओलिंपिक को जुलाई 2021 तक के लिए टाल दिया था। गेम्स अब 23 जुलाई 2021 से होना है। (फाइल)

डिविलियर्स से टीम की कमान संभालने को कहा था क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका ने April 28, 2020 at 10:30PM

मुंबई, 29 अप्रैल (भाषा) क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका ने एबी डिविलियर्स को फिर से राष्ट्रीय टीम की कमान संभालने के बारे में पूछा था लेकिन वह राष्ट्रीय टीम में तभी वापसी करना चाहते हैं जब वह अपनी शीर्ष फार्म में हों। विस्फोटक बल्लेबाज डिविलियर्स ने मई 2018 में सभी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट प्रारूपों से संन्यास लेने की घोषणा की थी लेकिन पिछले कुछ दिनों से राष्ट्रीय टीम में उनकी वापसी की खबरें आ रही हैं। डिविलियर्स (36 वर्ष) ने स्टार स्पोर्ट्स शो ‘क्रिकेट कनेक्टिड’ में कहा, ‘‘मेरी इच्छा है कि मैं दक्षिण अफ्रीका के लिये खेलूं और क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका मुझे फिर से टीम की अगुआई करने के बारे में पूछ चुका है। ’’दक्षिण अफ्रीका के लिये 114 टेस्ट, 228 वनडे और 78 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके पूर्व कप्तान ने कहा कि वह तभी वापसी करेंगे जब उन्हें लगेगा कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने के लिये अच्छे हैं, हालांकि वह फ्रेंचाइजी टीमों के लिये लगातार खेलते रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मेरे लिये सबसे अहम चीज यह है कि मुझे अपनी शीर्ष फार्म में होना होगा और साथ ही मेरे साथ में जो खिलाड़ी है, मुझे उससे बेहतर होना होगा। अगर मुझे लगता है कि मैं टीम में जगह बनाने का हकदार हूं तो यह मेरे लिये आसान हो जायेगा क्योंकि इससे मैं महसूस करूंगा कि मुझे अंतिम एकादश का हिस्सा होना चाहिए। ’’डिविलियर्स ने कहा, ‘‘मैं इतने समय से टीम का हिस्सा नहीं हूं और मुझे लगता है कि यह मेरे और अन्य लोगों के लिये भी महत्वपूर्ण है कि मैं अब भी इतना अच्छा खेलता हूं कि टीम में जगह बना सकूं। ’’ दक्षिण अफ्रीका के कोच मार्क बाउचर ने पहले कहा था कि आस्ट्रेलिया में होने वाले टी20 विश्व कप के लिये राष्ट्रीय टीम में डिविलियर्स के नाम पर तभी विचार किया जा सकता है जब वह अच्छी फार्म में हों और अपने स्थान के लिये खुद को सर्वश्रेष्ठ साबित करें।

ऐक्टिंग नहीं क्रिकेट था इरफान खान का पहला प्यार April 28, 2020 at 11:18PM

नई दिल्ली भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के सबसे शानदार कलाकारों में शुमार का बुधवार सुबह निधन हो गया। वह 53 साल के थे। मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में वह कैंसर से जंग हार गए। वह कुछ समय पहले लंदन से इलाज करवाकर लौटे थे। उनके प्रशंसक उन्हें एक मंझे हुए कलाकार के रूप में जानते हैं लेकिन बहुत कम लोगों को यह मालूम है कि उनका पहला प्यार क्रिकेट था। महज 600 रुपये न होने की वजह से वह सीके नायडू ट्रोफी में शामिल नहीं हो सके। यह अंडर-23 टूर्नमेंट फर्स्ट क्लास क्रिकेट में शामिल होने की पहली सीढ़ी माना जाता है। साल 2014 के एक इंटरव्यू में इरफान ने माना था कि वह युवावस्था में क्रिकेटर बनना चाहते थे। और तो और उनका चयन सीके नायडू ट्रोफी के लिए भी हो गया था लेकिन पैसों की तंगी के चलते वह इसमें शामिल नहीं हो सके। इरफान ने कहा था, 'मैं क्रिकेट खेलता था और क्रिकेटर ही बनना चाहता था। मैं एक ऑलराउंडर था। जयपुर में अपनी टीम में सबसे युवा था। मैं इसी क्षेत्र में करियर बनाना चाहता था। मैं सीके नायडू टूर्नमेंट के लिए चुना गया। उस समय मुझे पैसों की जरूरत थी और मुझे समझ नहीं आया कि मैं घर पर कैसे मांगू। उस दिन मैंने फैसला किया कि मैं क्रिकेट में भविष्य नहीं बनाऊंगा। मैं उस समय 600 रुपये नहीं मांग सकता था।' इसके बाद इरफान ने नैशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में दाखिला लिया। जिसके लिए उन्हें 300 रूपये चाहिए थे। हालांकि उनके पास 300 रुपये भी नहीं थे तब उनके बहन ने उनके लिए पैसों का बंदोबस्त किया। दो क्षेत्रों - क्रिकेट और ऐक्टिंग- के बारे में बात करते हुए इरफान ने कहा था, क्रिकेट छोड़ने का फैसला उन्होंने बहुत सोच-समझकर लिया था। और साथ ही फिल्म इंडस्ट्री में करियर क्रिकेट के मुकाबले अधिक व्यापक और लंबा होता है। उन्होंने कहा था, 'क्रिकेट छोड़ने का फैसला बहुत सोच-समझकर लिया था। पूरे देश से सिर्फ 11 खिलाड़ी ही खेल सकते हैं। ऐक्टर्स में कोई लिमिट नहीं है। जितना मेहनत करोगे, उतना निखार आएगा।' हालांकि टी20 क्रिकेट को लेकर वह बहुत ज्यादा खुश नहीं थे। उनका मानना था कि इसने खेल को नुकसान पहुंचाया है। वह खेल के परंपरागत रूप के ही फैन थे।

बेहद टैलंटेड थे सचिन और भी बहुत कुछ हासिल कर सकते थे: कपिल April 28, 2020 at 11:43PM

नई दिल्ली सचिन तेंडुलकर (Sachin Tendulkar) क्रिकेट की दुनिया का बहुत बड़ा नाम है। भारत के इस महान खिलाड़ी ने बल्लेबाजी के तमाम रेकॉर्ड ( Records) अपने नाम किए। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शतकों का शतक (Sachin 100 International Centuries)। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन। वनडे इंटरनैशनल में 10 हजार रन का आंकड़ा पार करने वाले पहले खिलाड़ी। बल्लेबाजी का लगभग हर रेकॉर्ड सचिन तेंडुलकर के नाम है। लेकिन भारत की 1983 वर्ल्ड कप विजेता टीम के कप्तान कपिल देव ( on Sachin) का मानना है कि सचिन में जितनी प्रतिभा थी वह और भी काफी कुछ हासिल कर सकते थे। एक रेडियो चैनल से बात करते हुए कपिल ने कहा, 'कई लोग मेरी बातों को गलत समझ लेते हैं। मेरे विचार से सचिन तेंडुलकर भारत के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर रहे हैं। मैं अब भी यही मानता हूं कि उन्होंने जो हासिल किया वह उससे कहीं ज्यादा हासिल कर सकते थे। उन्होंने काफी कुछ हासिल किया है, किसी ने उनसे बेहतर नहीं प्रदर्शन नहीं किया है, लेकिन मैं मानता हूं कि सचिन और भी हासिल कर सकते थे।' कपिल देव ने देश के लिए 24 साल तक खेलने के लिए सचिन तेंडुलकर की तारीफ की। उन्होंने कहा कि यह कोई आसान काम नहीं है। कपिल ने युवाओं को सचिन से सीखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जब तक ऐसे क्रिकेटर रहेंगे क्रिकेटर कभी खत्म नहीं होगा।