Thursday, April 16, 2020

बबीता फोगाट ने जमातियों को जाहिल कहा; ट्रोल होने पर बजरंग बोले- खिलाड़ी देश के लिए संघर्ष करते हैं, आप क्या कर रहे April 16, 2020 at 08:18PM

पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले चुके कोरोनावायरस (कोविड-19) के कारण भारत में स्थिति खराब होती जा रही है। इस पर पहलवान बबीता फोगाट ने जमातियों को जाहिल कहते हुए एक ट्वीट किया। इस पर यूजर्स ने उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया। इसके बाद रेसलर बजरंग पुनिया बचाव में उतरे। उन्होंने ट्रोलर्स से पूछा कि खिलाड़ी देश के लिए हर रोज संघर्ष करते हैं, लेकिन आप क्या कर रहे हैं। दरअसल, दिल्ली की मरकज मस्जिद के धार्मिक कार्यक्रम में शामिल हुए जमातियों की वजह से देश में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़े हैं। मरकज में 2 अप्रैल को 400 संक्रमित जमाती मिले थे।

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के मुताबिक, देश में शुक्रवार सुबह तक 13 हजार 387 कोरोना पॉजिटिव मिल चुके हैं। इनमें 11 हजार 201 मरीजों का इलाज चल रहा है, जबकि 1 हजार 748 ठीक हो चुके हैं। अब तक 437 मौतें हुई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 अप्रैल तक लगे लॉकडाउन को 3 मई तक बढ़ा दिया है। इस घोषणा के अगले दिन बुधवार को बबीता ने ट्वीट किया था।

बबीता के बचाव में उतरे बजरंग
यूजर्स ने बबीता को ट्रोल करते हुए कहा, ‘‘एक मुसलमान ने फ़िल्म बनाकर फेमस कर दिया, वरना इस देश में क्रिकेट को छोड़कर अन्य खिलाड़ी कई साल बाद गोलगप्पे बेचते नजर आए हैं।’’ एक अन्य यूजर ने कहा, ‘‘कोरोनावायरस की समस्या भारत मे अभी भी दूसरे नंबर पर हैं, पहले नंबर पर अभी भी जहरीले गोबरभक्तों ने कब्जा जमाया हुआ है।’’ इनको सभी को बजरंग पुनिया ने ट्वीट करते हुए जवाब दिया।

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अर्जुन अवॉर्ड विजेता पहलवान बबीता फोगाट इससे पहले भी कोरोनावायरस को लेकर जमातियों पर तीखी टिप्पणी कर चुकी हैं। -फाइल फोटो

कोविड-19: विश्व कप स्थलों के कामगार संक्रमित April 16, 2020 at 06:20PM

दोहा कतर में 2022 में होने वाले विश्व कप फुटबॉल के लिए तैयार किए जा रहे स्टेडियमों में काम कर रहे तीन अन्य कामगारों को कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया है। कतर में अभी तक कोविड-19 से सात लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 4103 लोग संक्रमित हैं। विश्व कप स्थलों पर काम करने वाले कुल आठ कामगार अब तक संक्रमित हो चुके हैं। महामारी के कारण विश्व भर में लॉकडाउन के बावजूद फीफा विश्व कप 2022 की तैयारियों का काम नहीं रोका गया है। कतर में भी मस्जिदें, पार्क और रेस्टोरेंट बंद हैं। फीफा विश्व कप नवंबर – दिसंबर 2022 में आयोजित किया जाएगा। कोरोना वायरस के कारण तोक्यो ओलिंपिक और यूरोपीय फुटबॉल चैंपियनशिप को एक साल के लिए टाल दिया गया है लेकिन फुटबॉल की शीर्ष प्रतियोगिता की तिथियों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

'रात 2 बजे मेसेज आया- कोरोना लक्षण' फिर PSL स्थगित April 16, 2020 at 07:29PM

नई दिल्लीघातक कोरोना वायरस के कारण पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) को स्थगित कर दिया गया था। हालांकि यह फैसला अचानक लिया गया जब कुछ मैच खाली स्टेडियम में भी कराए जा चुके थे। अब कराची किंग्स फ्रैंचाइजी के मालिक सलमान इकबाल ने इसके पीछे के कारणों से पर्दा उठाया है। पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल 2020) को स्थगित करने की वजह पहले एक विदेशी खिलाड़ी का कोरोना वायरस संदिग्ध बताया गया था। बाद में जानकारी मिली कि वह खिलाड़ी इंग्लैंड का दिग्गज बल्लेबाज है। अब सलमान इकबाल ने बताया कि हेल्स ने बताया कि हेल्स ने रात 2 बजे उन्हें मेसेज पर यह जानकारी दी थी। पढ़ें, सलमान ने बीबीसी से कहा, 'पाकिस्तान में तब रात के 2 बज रहे थे। हमें एलेक्स हेल्स का मेसेज मिला जिसमें लिखा था- बॉस, मुझे कोरोना वायरस के लक्षण हैं और मुझे लगता है कि आपको सभी टेस्ट कराने चाहिए।' हेल्स कराची किंग्स टीम के साथ खेल रहे थे। सलमान ने कहा कि उन्होंने फिर कोच डीन जोंस को कॉल किया और मुलाकात की। उन्होंने कहा, 'हम सभी डर गए थे। हमने कहा कि जब आपको (हेल्स) लक्षण थे तो खुद को अलग रखना चाहिए था। मैंने अपने डॉक्टर से लंदन में कहा था कि वह उनके पास जाकर टेस्ट करे लेकिन यह हो नहीं सका।' पढ़ें, सलमान ने बताया कि हमें फिर पूरी टीम का टेस्ट कराना पड़ा। सभी खिलाड़ी इससे डर गए और अगले ही दिन टूर्नमेंट को स्थगित करने का फैसला किया गया। हेल्स ने बाद में कहा था पाकिस्तान में लीग बीच से लौटने के बाद बुखार और लगातार सूखी खांसी के कारण उन्होंने खुद को अलग रखने का फैसला किया। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की टिप्पणी के बारे में हेल्स ने कहा था कि अन्य विदेशी खिलाड़ियों की तरह वह भी कोविड-19 के महामारी घोषित करने के बाद पीएसएल को बीच में छोड़ स्वदेश लौट आए।

99 साल के टॉम ने 100 कदम चलकर 153 करोड़ रु. जुटाए, दूसरे विश्व युद्ध में कैप्टन ने भारत और म्यांमार में भी काम किया था April 16, 2020 at 07:17PM

इंग्लैंड एक पूर्व फुटबॉलर बॉबी मूर थे, जिन्होंने टीम को 1966 फुटबॉल वर्ल्ड कप जिताया था। दूसरे टॉम मूर हैं, जो दूसरे वर्ल्ड वॉर के नायक रहे हैं। वे 99 साल की उम्र में कोरोनावायरस (कोविड-19) को हराने के लिए आगे आए हैं। उनके जज्बे के आगे युवा भी पस्त हैं। कोरोना को हराने की जिद लिए टॉम ने गॉर्डन में 100 कदम चलकर 16 मिलियन पाउंड (करीब 153 करोड़ रुपए) जुटाए हैं। यह रुपए नेशनल हेल्थ सर्विस (एनएचएस) फंड में जमा होगा। टॉम ने इंग्लैंड के बड़े खिलाड़ियों की चुनौती पर यह दौड़ पूरी की है।

टॉम 30 अप्रैल को ही 100 साल के होने वाले हैं। उन्होंने अपने सभी मेडल से सजी एक ब्लेजर पहनकर व्हीलचेयर की मदद से 100 कदम चले। इस दौरान उन्होंने 25 मीटर (82 फीट) की दूरी तय की। टॉम के साथ उनके परिवार के लोग भी थे।

टॉम को 1 लाख रुपए की ही उम्मीद थी

टॉम का लक्ष्य सिर्फ 1000 पाउंड (करीब 1 लाख रुपए) जुटाने का था, लेकिन उनके प्रशंसकों ने दिल खोलकर दान दिया। चुनौती पूरी करने के बाद टॉम ने कहा, ‘‘मुझे इतनी राशि जमा होने की उम्मीद बिल्कुल भी नहीं थी। आज मुझे गर्व हो रहा है। मैं बहुत अच्छा महसूस कर रहा हूं। उम्मीद है आपको भी बेहतर लग रहा होगा। यह संकट के बाद छट जाएंग और नया सूरज फिर उदय होगा।’’ प्रधानमंत्री बॉरिस जॉनसन ने भी टॉम की तारीफ की।

बर्मा के नाम से भी फेमस हैं टॉम

टॉम दूसरे विश्व युद्ध में इंग्लैंड की सेना में भर्ती होने से पहले सिविल इंजीनियर थे। इसके बाद उन्हें कैप्टन बनाया गया। दूसरे विश्व युद्ध के दौरान टॉम ने भारत और म्यांमार में भी काम किया था। उन्हें बर्मा के नाम से भी जाना जाता है।



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टॉम मूर ने अपने सभी मेडल से सजी एक ब्लेजर पहनकर व्हीलचेयर की मदद से 100 कदम चले। इस दौरान उन्होंने 25 मीटर (82 फीट) की दूरी तय की।