Thursday, January 27, 2022

कोच जस्टिन लैंगर को ऑस्ट्रेलिया ने दिया बड़ा सम्मान, बेहद खास लिस्ट में हुए शामिल January 26, 2022 at 11:54PM

मेलबर्न: पूर्व टेस्ट सलामी बल्लेबाज और ऑस्ट्रेलिया के वर्तमान मुख्य कोच (Justin Langer) को गुरुवार को में शामिल किया गया। लैंगर के अलावा पूर्व तेज गेंदबाज और महिला टीम की कप्तान (Raelee Thompson) को भी हॉल ऑफ फेम में जगह मिली है। सीए के सीईओ निक हॉकले ने कहा, ‘रायली और लैंगर 1996 में स्थापित ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट हॉल ऑफ फेम के क्रमश: 58वें और 59वें नंबर पर शामिल हुए हैं।’ 29 साल पहले टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू करने वाले लैंगर ने ऑस्ट्रेलिया के लिए 45.27 की औसत से 7,696 रन बनाए। उन्होंने अपने करियर के पहले साल तीसरे नंबर पर खेले, जिसमें 1999 में होबार्ट में पाकिस्तान को हराने के लिए 369 रनों का पीछा करने के लिए एडम गिलक्रिस्ट के साथ प्रसिद्ध साझेदारी भी शामिल थी। हॉकले ने कहा, ‘वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के कोच के रूप में और हाल ही में ऑस्ट्रेलियाई टीम के मुख्य कोच के रूप में जस्टिन लैंगर का ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट पर जबरदस्त प्रभाव पड़ा है।’ लैंगर 2001 में शीर्ष क्रम में चले गए, जहां उन्होंने मैथ्यू हेडन के साथ टेस्ट क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया की सबसे सफल ओपनिंग साझेदारी की थी। इस जोड़ी ने 122 टेस्ट पारियों में 51.53 की औसत से 6,081 रन बनाए, जिसमें 14 शतक शामिल हैं। उन्होंने 18 साल के करियर में आठ वनडे अंतर्राष्ट्रीय मैच भी खेले और पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया, मिडलसेक्स और समरसेट के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेला, जिसमें 50.23 की औसत से 28,382 रन बनाए। पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया और पर्थ स्कॉर्चर्स के कोच के रूप में सफल कार्यकाल के बाद, लैंगर को मई 2018 में ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम का कोच नियुक्त किया गया और उन्हें आईसीसी टी20 विश्व कप 2021 का खिताब और 2019 और 2021/22 में एशेज को बनाए रखने में मदद की।

Wednesday, January 26, 2022

खड़ी होने वाली है तूफानी गेंदबाजों की फौज, लसिथ मलिंगा बनेंगे श्रीलंका के नए कोच January 26, 2022 at 02:48AM

कोलंबो: श्रीलंका के पूर्व तेज गेंदबाज लसिथ मलिंगा (Lasith Malinga) का राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाजी सलाहकार कोच बनने की अटकलें तेज हो गई हैं। क्रिकेट सलाहकार समिति ने उनके नाम की सिफारिश श्रीलंका क्रिकेट (Sri Lanka Cricket) की कार्यकारी समिति से की है। रिपोर्ट में बुधवार को कहा गया है कि, इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की ओर से मुंबई इंडियंस (Mumbai Indians) के लिए एक दशक से अधिक समय तक खेलने वाले 38 वर्षीय मलिंगा ऑस्ट्रेलिया के आगामी T20I दौरे के लिए श्रीलंकाई टीम की तैयारियों की देखरेख करेंगे, जहां टीम पांच मैच खेलेंगी। मलिंगा अपने स्लिंग-शॉट एक्शन के कारण दुनिया के सबसे सफल टी-20 गेंदबाजों में से एक हैं और श्रीलंकाई आइकन हैं। मलिंगा की कप्तानी में श्रीलंका ने 2014 में टी-20 विश्व कप जीता, क्योंकि वह निलंबित दिनेश चांदीमल की जगह में आए थे। हालांकि, कप्तान के रूप में उनका कुल रिकॉर्ड खराब है। उन्होंने नौ एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में देश का नेतृत्व किया और टीम को सभी मैच में हार का सामना करना पड़ा था। उनके नेतृत्व में, श्रीलंका ने 24 टी-20 मैचों में से 15 में हार का सामना करना पड़ा था। रिपोर्ट में कहा गया है कि क्रिकेट सलाहकार समिति ने मलिंगा को तेज गेंदबाजी सलाहकार कोच के रूप में समर्थन देने पर अपनी आपत्ति जताई थी। समिति में कुमार संगकारा, अरविंद डी सिल्वा और मुथैया मुरलीधरन जैसे दिग्गज शामिल हैं। मलिंगा की सिफारिश कथित तौर पर पूर्व कप्तान और सलाहकार कोच महेला जयवर्धने की ओर से की गई थी।

जितने क्रिकेटरों से मिला उनमें धोनी का क्रिकेटिया दिमाग सबसे तेज : ग्रेग चैपल January 26, 2022 at 01:04AM

नई दिल्ली: ने (Mahendra Singh Dhoni) की तारीफ की है। भारत के पूर्व कोच रहे चैपल (Greg Chappell) ने धोनी () को ‘क्रिकेट में सबसे तेज दिमागों में से एक’ करार दिया है। ऑस्ट्रेलिया के इस पूर्व दिग्गज खिलाड़ी ने कहा कि धोनी की फैसला लेने की खास काबिलियत ही उन्हें अपने दौर के बाकी क्रिकेटरों से अलग करती (Why MSD is Different) है। चैपल 2005 से 2007 तक भारतीय टीम के कोच रहे लेकिन उनका कार्यकाल विवादों से घिरा रहा। उन्होंने भारत को टी20 और वनडे विश्व कप दिलाने वाले धोनी की जमकर प्रशंसा की। चैपल ने ईएसपीएनक्रिकइन्फो में अपने कॉलम में लिखा, ‘जो देश क्रिकेट में विकसित बन गए हैं उन्होंने इस खेल का नैसर्गिक वातावरण गंवा दिया है जो युगों में उनके विकास ढांचे का एक बड़ा हिस्सा था।’ उन्होंने कहा, ‘भारतीय उपमहाद्वीप में ऐसे कई शहर हैं जहां कोचिंग की सुविधाएं न के बराबर हैं और युवा गलियों या खुले मैदानों में बिना किसी औपचारिक कोचिंग के खेलते हैं। इन्हीं स्थानों पर उसके कई वर्तमान स्टार खिलाड़ियों ने क्रिकेट का ककहरा सीखा।’ इनमें से एक धोनी भी थे जो झारखंड के शहर रांची के रहने वाले हैं। चैपल ने कहा, ‘एमएस धोनी, जिनके साथ मैंने भारत में काम किया, ऐसे बल्लेबाज का अच्छा उदाहरण हैं जिन्होंने इसी तरह से खेलकर अपनी प्रतिभा विकसित की और खेलना सीखा।’ उन्होंने कहा, ‘विभिन्न तरह की पिचों पर अधिक अनुभवी खिलाड़ियों के खिलाफ खेलते हुए धोनी ने अपनी निर्णय क्षमता और रणनीतिक कौशल को विकसित किया जिसमें वह अपने कई समकालीन (क्रिकेटरों) से अलग है। मैं जितने भी क्रिकेटरों से मिला उनमें उनका क्रिकेटिया दिमाग सबसे तेज है।’ धोनी ने सौरभ गांगुली (Sourav Ganguly) के कप्तान और जॉन राइट (John Wright) के कोच रहते शुरुआत की और राहुल द्रविड़ – ग्रेग चैपल (Rahul Dravid and Greg Chappell) युग में अपने खेल को निखारा। चैपल ने हाल में एशेज में करारी हार झेलने वाले इंग्लैंड का उदाहरण दिया जहां युवाओं को खुद को व्यक्त करने के लिए नैसर्गिक माहौल नहीं मिलता। उन्होंने कहा, ‘दूसरी तरफ इंग्लैंड में ऐसे नैसर्गिक माहौल से आने वाले खिलाड़ियों की संख्या बहुत कम है तथा उसके खिलाड़ियों को पब्लिक स्कूलों के संकीर्ण दायरे में तैयार किया जाता है। यही कारण उनकी बल्लेबाजी में विशिष्टता और लचीलापन नहीं दिखता है।’

Devendra Jhajharia Padma Award- देश के हर दिव्यांग के लिए प्रेरणा बनेगा यह सम्मान: पद्मभूषण पैरा एथलीट देवेंद्र झझाड़िया January 26, 2022 at 01:04AM

नई दिल्ली: देश का तीसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्मभूषण (Padma Bhushan Award) पाने वाले पहले पैरा खिलाड़ी बने देवेंद्र झझाड़िया () ने कहा है कि देश के हर दिव्यांग के लिए यह बहुत बड़ा दिन है और इससे समाज का दिव्यांगजनों के प्रति रवैया बदलेगा जबकि पैरा खिलाड़ियों (Para Atheltes) को और बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलेगी। पैरालिंपिक (Paralympics) भाला फेंक एफ 46 वर्ग में में दो गोल्ड (एथेंस 2004 और रियो 2016) और एक रजत (तोक्यो 2020) पदक जीतने वाले झझाड़िया को मंगलवार को पद्मभूषण सम्मान के लिए चुना गया। इस वर्ष पद्मभूषण पाने वाले वह अकेले खिलाड़ी हैं। उन्हें 2012 में पद्मश्री मिला था। झझाड़िया ने गांधीनगर स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण केंद्र से भाषा को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘पैरा खेलों के लिए ही नहीं बल्कि सभी दिव्यांग लोगों के लिए भी यह बहुत बड़ा पल है। समाज में किसी समय में उनके लिए जो भावनाएं थीं, उसमें बदलाव आया है और आज वे सभी लोग बहुत खुश होंगे।’ उन्होंने कहा, ‘पहली बार एक पैरा खिलाड़ी को पद्मभूषण मिला है जिसके लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को धन्यवाद देना चाहूंगा। उन्होंने पैरा खेलों को एक विजन के रूप में लिया है और पैरा खिलाड़ियों की सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा है। इस साल खेल जगत से मुझे पद्मभूषण मिला है तो पूरे खेल जगत की तरफ से मैं उन्हें धन्यवाद देता हूं।’ झझाड़िया ने कहा कि इस सम्मान से पैरा खिलाड़ियों को आगे विश्व स्तर पर खासकर पैरालिंपिक में और बेहतर प्रदर्शन की प्रेरणा मिलेगी। राजस्थान के इस खिलाड़ी ने कहा, ‘इससे पैरा खेलों के लिए बहुत बड़ा बदलाव आएगा। तोक्यो की तरह पेरिस पैरालिंपिक में भी हमारा एक मिशन है और अब पहले से ज्यादा पदक जीतेंगे। इस साल एशियाई खेल हैं और हमारा पूरा फोकस पेरिस पैरालिंपिक पर भी हैं।’ भारतीय पैरा खिलाड़ियों ने तोक्यो पैरालिंपिक 2020 में पांच गोल्ड, आठ सिल्वर और छह कांस्य समेत 19 पदक जीते जो उनका अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। तोक्यो ओलिंपिक गोल्ड मेडलिस्ट भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra) और सुमित अंतिल (Sumit Antil) को भी पद्मश्री (Padma Shri) मिला है यानी भालाफेंक में तीन खिलाड़ियों को पद्म सम्मान के लिए चुना गया है। झझाड़िया ने कहा, ‘यह भालाफेंक के लिए बहुत बड़ी बात है। नीरज और सुमित को भी सम्मान मिला है और वे इसके हकदार थे। इससे युवा भालाफेंक खेल को अपनाने के लिए प्रेरित होंगे।’ आठ वर्ष की उम्र में पेड़ पर चढ़ते समय बिजली के तारों से टकराकर अपना बायां हाथ गंवाने वाले झझाड़िया ने पिछले दो दशक में पैरा खेलों में आए बदलाव का पूरा दौर देखा है। उन्होंने कहा, ‘शुरुआत में काफी चुनौतीपूर्ण था सफर। जब मैं मैदान पर पहली बार गया तो लोगों ने कहा कि एक दिव्यांग क्या खेलेगा? लेकिन आज देश कितना बदल गया है कि आज कोई दिव्यांग किसी को मिलता है तो लोग कहते हैं कि जाओ मैदान पर देवेंद्र झाझड़िया बनो। एक समय मैने अपनी जेब से पैसा लगाकर 2004 में पैरालिंपिक में पदक जीता क्योंकि सरकार से एक रुपया नहीं मिला था और आज सारी सुविधाएं हमारे पास हैं।’ उन्होंने अपना पद्मभूषण सम्मान अपने पिता को समर्पित किया जिनका अक्टूबर 2020 में निधन हो गया था। उन्होंने कहा, ‘मेरे पिता का सपना था कि मैं बहुत बड़ा खिलाड़ी बनूं और उन्होंने काफी कुर्बानियां भी दीं लेकिन आज यह दिन देखने के लिए वह नहीं हैं। मैं यह सम्मान उन्हें समर्पित करता हूं।’ उन्होंने कहा, ‘यह खुशी मीडिया के साथ ही सेलिब्रेट कर रहा हूं चूंकि परिवार से दूर हूं। फोन पर सबसे पहले मम्मी को बताया तो वह काफी भावुक हो गई। हमारे परिवार के लिए बहुत बड़ा पल है। उन्होंने भी काफी चुनौतियों का सामना किया है और मुझे फख्र है कि आज उनका सिर गर्व से ऊंचा है।’