Wednesday, November 10, 2021

सिर पर पेशाब किया... एक और क्रिकेटर ने लगाया यॉर्कशायर क्लब पर नस्लभेद का आरोप November 10, 2021 at 02:45AM

लंदनइंग्लैंड क्रिकेट और नस्लभेद का पुराना नाता है। समय-समय पर इस देश पर नस्लवाद के गंभीर आरोप लगते रहे हैं। अभी अजीम रफीक केस पूरी तरह खत्म भी नहीं हुआ था कि यॉर्कशायर क्लब के ही पुराने क्रिकेटर ने गंभीर खुलासे किए हैं, जो इस ऐतिहासिक क्लब की इमेज के लिए कतई अच्छा नहीं कहे जा सकते। कमरे से किया था सिर पर पेशाबतबस्सुम भाटी नामक क्लब के पूर्व क्रिकेटर की माने तो उनपर लगातार भद्दे कमेंट्स किए जाते थे। इतना ही नहीं भाटी को ये तक बताने में हिचक नहीं हुई कि एक गोरे क्रिकेटर ने अपने कमरे से उनके सिर पर पेशाब किया था। मैदान के भीतर-बाहर भेदभावअपने इंटरव्यू में तबस्सुम कहते हैं, 'यॉर्कशायर क्रिकेट क्लब का अपने खिलाड़ियों के साथ व्यव्हार हमेशा से ही खराब रहा है। मैदान के भीतर और बाहर गैर इंग्लिश खिलाड़ियों से भेदभाव होता है। खराब फॉर्म में चल रहे गैर एशियाई खिलाड़ियों को टीम में जगह मिलती थी, लेकिन उन्हें मौका नहीं मिलता था। अजीम रफीक ने भी लगाए थे आरोपपाकिस्तानी मूल के अजीम रफीक ने बताया था कि एशियाई होने के कारण उन्हें कई तरह की नस्लवादी टिप्पणियों का शिकार होना पड़ा था। कानूनी फर्म स्क्वॉयर पैटन बॉग्स रफीक के आरोपों की जांच कर रही थी। रफीक ने अब यॉर्कशायर क्रिकेट के साथ समझौता कर लिया। हटन को देना पड़ा था इस्तीफा यार्कशायर के चेयरमैन रोजर हटन ने नस्लवाद के आरोपों के विवाद पर अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। हटन ने अपने फैसले के लिए क्लब के इस मामले में माफी मांगने से इनकार करने और इन दावों को स्वीकार करने की अनिच्छा का हवाला दिया था। हटन 2020 में यार्कशायर बोर्ड से जुड़े थे। उन्होंने कहा था, ‘क्लब का सीनियर प्रबंधन और बोर्ड के कार्यकारी सदस्यों ने माफी मांगने और नस्लवाद की बात स्वीकारने की लगातार अनिच्छा दिखाई है।

एयरपोर्ट से सीधे 'IAS' गुरु के पास पहुंचे आवेश खान, पैर छूकर लिया आशीर्वाद November 10, 2021 at 02:12AM

नई दिल्लीभारत में क्रिकेटर बनने की हसरत रखने वाला हर बच्चा नेशनल टीम में खेलना चाहता है। यकीन मानिए जब उसका यह सपना पूरा होता है तो वह उसकी जिंदगी का सबसे खास दिन होता है। कुछ ऐसा ही हुआ भारत के युवा गेंदबाज के साथ। उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की सीरीज के लिए भारतीय टी20 टीम में शामिल किया गया है। जब उनका सपना पूरा हुआ तो वह आशीर्वाद लेने सीधे एयरपोर्ट से अपने गुरु अमय खुराशिया के पास पहुंचे। तेज गेंदबाज के पिता आशिक खान ने इस बारे में बताया, ‘आवेश जब तीन महीने बाद आज (बुधवार) सुबह इंदौर लौटा, तो हम हवाई अड्डे से सीधे खुरासिया के घर पहुंचे और मेरे बेटे ने उनका आशीर्वाद लिया।’ आशिक खान याद करते हैं कि उनके बेटे के सपनों को कैसे पंख लगे। उन्होंने बताया, ‘मेरा बेटा पहले इंदौर कोल्ट्स क्रिकेट क्लब से जुड़ा। फिर अमय खुरासिया ने उसके हुनर को पहचानते हुए अपनी क्रिकेट अकादमी में प्रशिक्षण के लिए उसे चुना। इसके बाद उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा।' बता दें कि अमय खुराशिया ने भारत के लिए 12 वनडे खेले। रोचक बात यह है कि उन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम के लिए डेब्यू से पहले ही IAS की परीक्षा पास कर ली थी। जश्न के बीच खान ने कहा, ‘हर क्रिकेटर का सपना होता है कि वह अपने देश के लिए खेले और वह इसी सपने को हकीकत में बदलने के लिए मेहनत करता है। मेरा यह सपना अब पूरा हो गया है।' खान ने कहा कि पिछली घरेलू प्रतियोगिताओं और आईपीएल में उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया था जिससे उन्हें भारतीय टीम में जगह बनाने में मदद मिली। गौरतलब है कि आवेश खान के साथ ही इंदौर के हरफनमौला क्रिकेटर वेंकटेश अय्यर (26) ने भी न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की श्रृंखला के लिए भारतीय टी20 टीम में जगह बनाई है। न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए 16 सदस्यीय भारतीय टीम इस प्रकार है: रोहित शर्मा (कप्तान), केएल राहुल, रुतुराज गायकवाड़, श्रेयस अय्यर, सूर्यकुमार यादव, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), वेंकटेश अय्यर, युजवेंद्र चहल, आर अश्विन, अक्षर पटेल , आवेश खान, भुवनेश्वर कुमार, दीपक चाहर, हर्षल पटेल और मोहम्मद सिराज।

बचपन में भारत की हार से आया था बुखार, MBA किया नौकरी ठुकराई अब टीम इंडिया से खेलेंगे November 10, 2021 at 01:30AM

इंदौरआईपीएल में चमकने के बाद भारतीय टी-20 टीम में शामिल किए गए हरफनमौला खिलाड़ी वेंकटेश अय्यर बचपन से पूर्व क्रिकेटर सौरव गांगुली की बल्लेबाजी के मुरीद रहे हैं और जब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक मैच में गांगुली के ज्यादा रन नहीं बना पाने से भारत को हार का मुंह देखना पड़ा था, तो गहरी मायूसी के बाद नन्हें वेंकटेश को बुखार आ गया था। भारतीय क्रिकेट के प्रति अपने 26 साल के बेटे के जुनून को याद करते हुए उनके पिता राजशेखरन अय्यर ने यह संस्मरण साझा किया। वेंकटेश को न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की श्रृंखला के लिए भारतीय टी-20 टीम में शामिल किया गया है। राजशेखरन ने बताया, 'मेरे बेटे को छह-सात साल की उम्र से ही क्रिकेट से गहरा लगाव हो गया था। वह बचपन से गांगुली का बड़ा प्रशंसक रहा है। गांगुली से प्रेरित होकर उसने उन्हीं की तरह बाएं हाथ से बल्लेबाजी शुरू की।' वह याद करते हैं, 'वेंकटेश बचपन में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मैच देख रहा था जिसमें भारत की हार हुई थी और उसके पसंदीदा बल्लेबाज गांगुली भी ज्यादा रन नहीं बना सके थे। इससे वेंकटेश बहुत दुखी हुआ था और उसे बुखार भी आ गया था। तब मुझे महसूस हुआ कि मेरा बेटा भारतीय क्रिकेट को लेकर बहुत गंभीर है।' राजशेखरन ने बताया कि क्रिकेट के प्रति इस दीवानगी को देखने के बाद उन्होंने अपने बेटे को प्रशिक्षण के लिए अच्छे क्लबों में भेजा और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा, ‘सौभाग्य से वेंकटेश को अच्छे प्रशिक्षक मिले। पहले इंदौर के महाराजा यशवंतराव क्रिकेट क्लब के कोच दिनेश शर्मा और बाद में मध्यप्रदेश क्रिकेट संघ के मुख्य कोच चंद्रकांत पंडित ने मेरे बेटे के कौशल को उभारा। वेंकटेश के पिता बताते हैं कि क्रिकेट के जुनून के बावजूद उनके बेटे ने अपनी पढ़ाई से कभी समझौता नहीं किया। उन्होंने बताया, ‘मेरे बेटे ने कॉमर्स से ग्रेजुएशन किया। वह आगे चार्टर्ड अकाउंटेंट की पढ़ाई करना चाहता था, लेकिन क्रिकेट की व्यस्तताओं के चलते ऐसा नहीं कर सका। हालांकि, अपनी मां के मार्गदर्शन के मुताबिक उसने वित्त विषय में एमबीए की उपाधि हासिल की।

ऑस्ट्रेलिया से मैच से पहले रमीज राजा ने दिया बाबर आजम को जीत का मंत्र, जानें क्या-क्या बोले November 10, 2021 at 01:01AM

कराचीपाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के अध्यक्ष रमीज राजा ने बुधवार को कहा कि मौजूदा टी20 विश्व कप में बाबर आजम ने पाकिस्तान की काफी अच्छी तरह अगुआई की है। गुरुवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में उन्हें कुछ अलग करने की जरूरत नहीं है। पाकिस्तान ने अपने पांचों ग्रुप मैच आसानी से जीते और उसे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जीत का दावेदार माना जा रहा है। ऑस्ट्रेलिया की टीम भी हालांकि अच्छी लय में है। रमीज ने बयान में कहा, ‘अब तक पाकिस्तान टीम ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया है और अपने निरंतर प्रदर्शन से हम सभी को प्रभावित किया है। मुझे नहीं लगता कि बाबर आजम को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में कुछ अलग करने की जरूरत है। टीम को सिर्फ प्रेरित रहने की जरूरत है और निडर होकर खेलना होगा।’ रमीज ने कहा कि वह खुश हैं कि टी20 विश्व कप में लगातार अच्छा प्रदर्शन करके और लगातार पांच मैच जीतकर पाकिस्तान ने निरंतर प्रदर्शन नहीं करने वाली टीम का ठप्पा हटा दिया है। उन्होंने कहा, ‘भारत के खिलाफ जीत मजबूत जज्बे का नतीजा थी जबकि न्यूजीलैंड को हमने अच्छी रणनीति बनाकर हराया और अफगानिस्तान के खिलाफ जीत हमने उनके स्पिनरों का अच्छी तरह से सामना करके दर्ज की।’ रमीज ने कहा कि बाबर की नेतृत्वक्षमता, खिलाड़ियों के आत्मविश्वास और मैदान पर उनके अच्छे बर्ताव की सभी ने तारीफ की है और इससे टीम के प्रदर्शन में निरंतरता आई है। रमीज ने कहा कि उन्हें खुशी थी कि कोई खिलाड़ी हार से नहीं डरता और वे निडर होकर क्रिकेट खेल रहे हैं जो पाकिस्तान क्रिकेट का ब्रांड रहा है जो उसे हमेशा खेलना चाहिए। तेरह सितंबर को पीसीबी अध्यक्ष का पद संभालने के बाद विश्व कप टीम में बदलाव के बाबर के आग्रह को रमीज ने मान लिया था और पाकिस्तानी कप्तान ने मंगवार को स्वीकार किया कि इससे उन्हें टीम की अगुआई अधिक आत्मविश्वास के साथ करने में मदद मिली और उन्हें हार का डर नहीं था।