Thursday, February 11, 2021

रहाणे विदेश में हीरो, भारत में जीरो:भारतीय पिचों पर रहाणे का बैटिंग एवरेज रवींद्र जडेजा से कमजोर, पुजारा भी इनसे तेज खेलते हैं February 10, 2021 at 10:00PM

आईपीएल 2021 के लिए कब होगी नीलामी और क्या होंगे नियम, जानें सब कुछ February 10, 2021 at 08:41PM

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2021) के 14वें सीजन के लिए खिलाड़ियों की नीलामी 18 फरवरी को चेन्नै में होगी। इस बार कुल 1097 खिलाड़ियों ने इस मिनी-ऑक्शन के लिए रजिस्टर्ड किया है। इस नीलामी में- चेन्नै सुपर किंग्स, मुंबई इंडियंस, रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर, सन राइजर्स हैदराबाद, दिल्ली कैपिटल्स, राजस्थान रॉयल्स, किंग्स इलेवन पंजाब और कोलकाता नाइट राइडर्स की टीमें खिलाड़ियों के लिए बोली लगाएंगी। टीमों को आईपीएल गर्वनिंग काउंसिल की प्रक्रिया के हिसाब से चलना होगा।

18 फरवरी को आईपीएल के 14वें सीजन के लिए नीलामी होगी। इस बार का मिनी ऑक्शन है और कुल 61 खिलाड़ियों के लिए बोली लगेगी। आईपीएल नीलामी के कुछ नियम हैं आइए जानते हैं उन नियमों के बारे में...


IPL 2021 Auction Update and Rules: आईपीएल 2021 के लिए कब होगी नीलामी और क्या होंगे नियम, जानें सब कुछ

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2021) के 14वें सीजन के लिए खिलाड़ियों की नीलामी 18 फरवरी को चेन्नै में होगी। इस बार कुल 1097 खिलाड़ियों ने इस मिनी-ऑक्शन के लिए रजिस्टर्ड किया है। इस नीलामी में- चेन्नै सुपर किंग्स, मुंबई इंडियंस, रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर, सन राइजर्स हैदराबाद, दिल्ली कैपिटल्स, राजस्थान रॉयल्स, किंग्स इलेवन पंजाब और कोलकाता नाइट राइडर्स की टीमें खिलाड़ियों के लिए बोली लगाएंगी। टीमों को आईपीएल गर्वनिंग काउंसिल की प्रक्रिया के हिसाब से चलना होगा।



क्या हैं नियम-कायदे
क्या हैं नियम-कायदे

इस बार भले ही आईपीएल की नीलामी छोटी हो लेकिन फिर भी यह स्वभाव से रोचक है। कई घरेलू खिलाड़ियों को उम्मीद से कहीं ज्यादा रकम मिलती है। खिलाड़ियों को अपनी टीम में शामिल करने के लिए फ्रैंचाइजी टीमों में मुकाबला देखना भी मजेदार होता है। कई बार बड़े खिलाड़ी अनबिके रह जाते हैं। खिलाड़ियों की बिक्री भले ही रोचक हो जाए लेकिन सभी टीमों को कुछ नियमों का पालन करना होगा।



पहला नियम- जितना पर्स है उतनी ही खरीदारी संभव
पहला नियम- जितना पर्स है उतनी ही खरीदारी संभव

आईपीएल जनरल काउंसिल ने इस बार टीमों का पर्स नहीं बढ़ाने का फैसला किया है। इसका अर्थ है कि खिलाड़ियों की बिक्री के लिए फ्रैंचाइजी उतने ही पैसे खर्च कर पाएंगे जितने उनके पर्स में हैं। कुल मिलाकर यह रकम 85 करोड़ रुपये है। 2019-20 में भी इतनी ही रकम थी। ध्यान देने की बात है कि सभी आठों टीमें ने 20 जनवरी को यह बता दिया था कि वे किन खिलाड़ियों को रीटेन करना चाहती हैं। खिलाड़ियों की ट्रेडिंग के लिए विंडो 11 फरवरी तक खुली हुई हैं।



दूसरा नियम -कोई आरटीएम कार्ड नहीं
दूसरा नियम -कोई आरटीएम कार्ड नहीं

अब चूंकि यह मिनी-ऑक्शन है तो फ्रैंचाइजी के पास RTM यानी राइट टू मैच कार्ड का विकल्प नहीं होगा। ध्यान देने की बात है कि फ्रैंचाइजी के पास आरटीम सिर्फ मेगा-ऑक्शन में होता है। इस RTM के जरिए फ्रैंचाइजी टीम किसी खिलाड़ी को उसके लिए लगी सबसे बड़ी बोली की रकम देकर रीटेन कर सकती हैं।



तीसरा नियम- किस टीम में हो सकते हैं कितने खिलाड़ी
तीसरा नियम- किस टीम में हो सकते हैं कितने खिलाड़ी

हर टीम में अधिकतम 25 खिलाड़ी हो सकते हैं। हालांकि इसके साथ ही यह भी ध्यान देने की बात है कि हर फ्रैंचाइजी में कम से कम 18 खिलाड़ी होने चाहिए।



चौथा नियम -भारतीय खिलाड़ी (कैप्टड और अनकैप्टड)
चौथा नियम -भारतीय खिलाड़ी (कैप्टड और अनकैप्टड)

किसी टीम में कैप्टड और अनकैप्ट मिलाकर कम से कम कुल 17 और अधिक से अधिक 25 खिलाड़ी हो सकते हैं।



पांचवां नियम- कितने अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हो सकते हैं
पांचवां नियम- कितने अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हो सकते हैं

अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी- किसी भी टीम में अधिकतम 8 विदेशी खिलाड़ी हो सकते हैं।



India vs Australia: कोहली के लौटने के बाद ‘दीवार’ पुजारा थे कमिंस के निशाने पर February 10, 2021 at 09:57PM

मेलबर्न ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज पैट कमिंस ने चेतेश्वर पुजारा को ‘दीवार’ करार देते हुए कहा है कि भारतीय कप्तान विराट कोहली के पहले टेस्ट के बाद भारत लौटने पर उन्होंने पुजारा के विकेट को लक्ष्य बनाया था। कोहली ऑस्ट्रेलिया दौरे पर आखिरी तीन टेस्ट नहीं खेले थे । कमिंस ने कहा कि पुजारा अपनी अडिग बल्लेबाजी से उस श्रृंखला में निर्णायक साबित हुए। भारत ने सीरीज 2-1 से जीती। कमिंस ने ईएसपीएन क्रिकइन्फो के ‘द क्रिकेट मंथली’ से कहा, ‘मेरी नजर में पुजारा ईंट की दीवार थे। विराट के जाने के बाद पुजारा मेरे लिए बड़ा विकेट था।’ उन्होंने कहा, ‘वह दो साल पहले सीरीज में निर्णायक साबित हुआ था। वह मध्यक्रम में उनकी दीवार था। मैं भी वह सीरीज खेला था और मैं जानता था।’कमिंस ने कहा, ‘सिडनी में ड्रॉ में उन्होंने निर्णायक भूमिका निभाई और फिर गाबा पर जीत में भी। उसने सीरीज में अपनी छाप बखूबी छोड़ी।’ पुजारा और कमिंस का सामना भी सीरीज के आकर्षण में से रहा। कमिंस ने आठ में से पांच पारियों में पुजारा को आउट किया । पुजारा ने उनकी 928 गेंदों का सामना करके 271 रन बनाए। कमिंस ने कहा, ‘पहले दो मैचों के बाद मुझे लगा कि पुजारा अपनी शैली में कुछ बदलाव करके गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश करेंगे लेकिन उन्होंने कुछ और ही किया। उनकी सोच थी कि वह अपने खेल को बखूबी जानते हैं और क्रीज पर डटे रहेंगे , रन खुद ब खुद बनेंगे । वह कठिन स्पैल का सामना करने के लिये ही डटे हुए थे।’ उन्होंने कहा कि एक गेंदबाज के लिये पुजारा को गेंद डालना कठिन चुनौती है क्योंकि वह किसी से डरते नहीं हैं। पुजारा ने ब्रिसबेन में आखिरी टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के तेज आक्रमण के सारे प्रहार खुद झेलते हुए 211 गेंदों में 56 रन बनाकर भारत की ऐतिहासिक जीत की नींव रखी थी।

Wednesday, February 10, 2021

IND vs ENG- 'शायद मैंने इससे खराब विकेट नहीं देखी', चेन्नै की पिच पर जोफ्रा आर्चर February 10, 2021 at 07:01PM

नई दिल्ली जोफ्रा आर्चर (Jofra Archer) ने चेन्नै की पिच पर अपनी राय जाहिर की है। आर्चर (Archer) ने कहा है कि उन्होंने 'इससे खराब' पिच (Wrost Pitch of Chennai) नहीं देखी। आर्चर ने कहा कि इस पिच पर काफी रफ पैचेज थे जिन पर गेंदबाजी की जा सकती थी। इंग्लैंड के तेज गेंदबाज (England Fast Bowler) ने कहा कि पिच की हालत देखकर उनकी टीम को भरोसा था कि मैच के आखिरी दिन वह भारतीय टीम के नौ विकेट हासिल कर सकती है। इंग्लैंड ने भारत (India All Out) को उसकी दूसरी पारी में 58.1 ओवर में ऑल आउट कर दिया था। भारतीय टीम ने अपनी दूसरी पारी में 192 रन बनाए थे। भारत के सामने जीत के लिए 420 रन का लक्ष्य था। नतीजतन इंग्लैंड ने यह मुकाबला 227 रन के बड़े अंतर से जीता था। इंग्लैंड के अखबार डेली मेल में आर्चर ने लिखा कि हमें विश्वास था कि इन परिस्थितियों का फायदा उठाकर भारतीय टीम को समेट सकते हैं। आर्चर (Archer) ने लिखा, 'पांचवें दिन का विकेट सबसे खराब था। मैंने इसे नारंगी रंग में देखा। कुछ हिस्से टूटे हुए थे, कई जगह पिच रफ हो गई थी। गेंदबाज इन्हें आसानी से निशाना बना सकते थे। जब हमें आखिरी दिन नौ विकेटों की जरूरत थी, मुझे पूरा यकीन था कि हम इसे हासिल कर सकते हैं। हालांकि माना जाता है कि भारतीय टीम घरेलू मैदानों पर बहुत अच्छा प्रदर्शन करती है, तो हमें यह भी पता था कि वह इन परिस्थितियों का सामना बाकी खिलाड़ियों से बेहतर कर सकते हैं। मुझे उम्मीद थी कि दोपहर के ड्रिंक्स तक मैच खत्म हो जाएगा।' जोफ्रा ने कहा कि भारत जैसी टीम के सामने टेस्ट मैच जीतना वाकई शानदार फीलिंग है। आर्चर ने कहा, 'मैंने दुनियभर में टूर्नमेंट खेले हैं और कामयाबी हासिल की है लेकिन टेस्ट मैच जीतना एक शानदार फीलिंग है और खास तौर पर एक बहुत अच्छी टीम के खिलाफ टेस्ट जीतने से बराबर और कुछ नहीं।'