Saturday, December 19, 2020

एडिलेड: एक-एक कर लौटते गए धुरंधर, भारत को मिली शर्मनाक हार December 18, 2020 at 05:00PM

भारत की दूसरी पारी 36 रन पर सिमटी और ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए 90 रन का टारगेट मिला। ऑस्ट्रेलिया ने आसानी से 2 विकेट खोकर 11 ओवर में ही मैच अपने नाम कर लिया।

एडिलेड ओवल मैदान पर भारत को ऑस्ट्रेलिया ने सीरीज के पहले टेस्ट मैच में तीसरे ही दिन 8 विकेट से हरा दिया। पिंक बॉल से खेले गए इस डे-नाइट टेस्ट मैच में शनिवार को तीसरे दिन ही ऑस्ट्रेलिया ने कमाल दिखाया और भारतीय पारी 36 रन पर खत्म कर दी। इसके बाद 2 विकेट खोकर 90 रन के आसान लक्ष्य को हासिल कर लिया।


AUS vs IND: भारत को मिली शर्मनाक हार, तीसरे ही दिन जीता ऑस्ट्रेलिया

भारत की दूसरी पारी 36 रन पर सिमटी और ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए 90 रन का टारगेट मिला। ऑस्ट्रेलिया ने आसानी से 2 विकेट खोकर 11 ओवर में ही मैच अपने नाम कर लिया।



तीसरे ही दिन हारा भारत, पेन रहे मैन ऑफ द मैच
तीसरे ही दिन हारा भारत, पेन रहे मैन ऑफ द मैच

ऑस्ट्रेलिया ने भारत को एडिलेड में पहले टेस्ट मैच में तीसरे दिन ही 8 विकेट से हरा दिया। इस जीत के साथ टिम पेन की कप्तानी वाली टीम ने 4 मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। पेन मैन ऑफ द मैच भी रहे जिन्होंने पहली पारी में नाबाद 73 रन बनाए थे। दूसरी पारी में जो बर्न्स ने 51, मैथ्यू वेड ने 33 रन बनाए। रविचंद्रन अश्विन को एक विकेट मिला।



हेजलवुड का 'पंच'
हेजलवुड का 'पंच'

पेसर जोश हेजलवुड ने दमदार प्रदर्शन करते हुए 5 ओवर में 8 रन देकर सर्वाधिक 5 विकेट लिए। वहीं, पैट कमिंस ने 4 विकेट लिए। स्टार्क ने 6 ओवर में मात्र 7 रन दिए लेकिन उन्हें कोई विकेट नहीं मिला।



ऑस्ट्रेलिया को 90 रन का टारगेट
ऑस्ट्रेलिया को 90 रन का टारगेट

टीम इंडिया की दूसरी पारी 36 रन पर समाप्त हुई और उसे 89 रन की बढ़त मिली। इससे ऑस्ट्रेलिया को 90 रन का आसान टारगेट मिला। भारतीय बल्लेबाजी की कमजोरी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कोई भी बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा नहीं छू सका। मयंक अग्रवाल टॉप स्कोरर रहे जिन्होंने 9 रन बनाए। जोश हेजलवुड ने सर्वाधिक 5 विकेट लिए जबकि पैट कमिंस ने 4 विकेट अपने नाम किए।



टीम इंडिया की दूसरी पारी 36 रन पर समाप्त
टीम इंडिया की दूसरी पारी 36 रन पर समाप्त

भारतीय टीम की दूसरी पारी मात्र 36 रन पर समाप्त हो गई। उसके 9 विकेट 36 रन तक गिर गए थे और फिर मोहम्मद शमी भी रिटायर्ड हर्ट होकर पविलियन लौट गए।



हेजलवुड का कमाल, दिन के अपने पहले ही ओवर में दिए 2 झटके
हेजलवुड का कमाल, दिन के अपने पहले ही ओवर में दिए 2 झटके

पहले टेस्ट के तीसरे दिन पेसर जोश हेजलवुड ने कमाल दिखाया और दिन के अपने पहले ही ओवर में 2 विकेट झटक लिए। उन्होंने पहली ही गेंद पर मयंक अग्रवाल (9) को पविलियन भेजा और फिर 5वीं गेंद पर रहाणे (0) को पेन के हाथों कैच करा दिया।



जल्दी गिरा भारत का पहला विकेट
जल्दी गिरा भारत का पहला विकेट

दूसरी पारी में भारत का पहला विकेट जल्दी गिर गया और ओपनर पृथ्वी साव (4) को पेसर पैट कमिंस ने बोल्ड कर दिया। दूसरी पारी के चौथे ओवर की पहली गेंद पर पृथ्वी (4) पविलियन लौट गए। पृथ्वी को पहली पारी में भी इसी तरह मिशेल स्टार्क ने बोल्ड किया था, तब वह खाता भी नहीं खोल पाए थे।



अश्विन का 'चौका'
अश्विन का 'चौका'

ऑस्ट्रेलिया ने दूसरे दिन चायकाल के ब्रेक तक 5 विकेट खोकर 92 रन बनाए हैं। अश्विन ने कमाल दिखाया और स्टीव स्मिथ (1), ट्रैविड हेड (7) और कैमरन ग्रीन (11) को अपना शिकार बनाया। इससे मेजबान टीम का स्कोर 40.3 ओवर बाद ही 5 विकेट पर 79 रन हो गया।



ऑस्ट्रेलिया की खराब शुरुआत
ऑस्ट्रेलिया की खराब शुरुआत

ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत खराब रही और बुमराह ने मैथ्यू वेड (8) को lbw आउट कर मेहमान टीम को पहली सफलता दिलाई। वेड ने 51 गेंदों का सामना किया और एक चौका लगाया। फिर पारी के 17वें ओवर की तीसरी गेंद पर जो बर्न्स (8) को भी पविलियन भेज दिया जिससे टीम का स्कोर 2 विकेट पर 29 रन हो गया। इसके बाद अश्विन ने कमाल दिखाया और 4 विकेट झटके। वहीं, उमेश यादव ने 3 विकेट लिए।



भारत ने ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 191 रन पर सिमटी
भारत ने ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 191 रन पर सिमटी

पहले टेस्ट मैच में दूसरे दिन भारतीय गेंदबाजों का बोलबाला रहा। भारतीय टीम पहली पारी में 244 रन पर ऑलआउट हुई जिसके बाद मेजबान टीम की शुरुआत खराब रही। मेहमान टीम के गेंदबाजों दबाव बनाए रखा। कैप्टन टिम पेन (73*) जरूर जमे रहे और शानदार अर्धशतक जड़ा। भारत के लिए ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने 55 रन देकर सर्वाधिक 4 विकेट लिए जबकि पेसर उमेश यादव ने 40 रन देकर 3 विकेट झटके। जसप्रीत बुमराह को दो विकेट मिले।



जमे रहे कैप्टन टिम पेन
जमे रहे कैप्टन टिम पेन

ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 191 रन पर सिमटी। मेजबान टीम के लिए कैप्टन टिम पेन (73*) ने शानदार अर्धशतक जड़ा और वह नाबाद लौटे। पेन ने 99 गेंदों की अपनी नाबाद पारी में 10 चौके लगाए। नंबर-7 पर बल्लेबाजी करने उतरे पेन एक छोर पर जमे रहे और नाबाद लौटे। भारत के ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने सर्वाधिक 4 विकेट लिए, पेसर उमेश यादव ने 3 और बुमराह ने दो विकेट झटके।



भारत ने पहली पारी में बनाए 244 रन
भारत ने पहली पारी में बनाए 244 रन

भारतीय टीम ने पहली पारी में 244 रन बनाए। कैप्टन विराट कोहली ने सर्वाधिक 74 रन बनाए। उन्होंने 180 गेंदों की अपनी पारी में 8 चौके लगाए। उनके अलावा चेतेश्वर पुजारा ने 43 और उपकप्तान अजिंक्य रहाणे ने 42 रन का योगदान दिया। ऑस्ट्रेलिया के पेसर मिशेल स्टार्क ने 4 विकेट झटके जबकि पैट कमिंस को 3 विकेट मिले।



जोकोविच, फेडरर और नडाल ने 39 में से 31 ग्रैंड स्लैम जीते, नोवाक ने छठे साल वर्ल्ड नंबर-1 रहकर बनाया रिकॉर्ड December 18, 2020 at 10:19PM

टेनिस के लिए 2011 से 2020 का दशक बेहद शानदार रहा। इस खेल को इस दशक में 3 ऑल टाइम ग्रेट प्लेयर्स मिले। अगर 2001-2010 का दशक स्विट्जरलैंड के रोजर फेडरर और स्पेन के राफेल नडाल के टेनिस में दस्तक देने का रहा। वहीं, ये दशक सर्बिया के नोवाक जोकोविच का रहा, जिन्होंने अपने गेम से इन तीनों को हमेशा याद रखे जाने लायक खिलाड़ी बनाया। जोकोविच, नडाल और फेडरर ने मिलकर इस दशक में 39 में से 31 ग्रैंड स्लैम खिताब अपने नाम किए।

1920 के दशक से लेकर इस दशक तक पहली बार टेनिस इतिहास में सबसे कम अलग-अलग खिलाड़ियों ने ग्रैंड स्लैम जीते। 39 ग्रैंड स्लैम को सिर्फ 7 अलग-अलग खिलाड़ियों ने ही जीते। इनमें सबसे ज्यादा जोकोविच, नडाल और फेडरर ने जीते। इसके बाद इंग्लैंड के एंडी मरे और स्विट्जरलैंड के स्टेन वावरिंका का नाम आता है।

दशक में ग्रैंड स्लैम जीतने वाले अलग-अलग खिलाड़ी

दशक पुरुष महिला
1921-30 11 9
1931-40 18 16
1941-50 15 9
1951-60 17 15
1961-70 13 11
1971-80 16 13
1981-90 12 7
1991-20 16 12
2001-10 15 12
2011-20 7 19

2011 में जोकोविच पहली बार नंबर-1 बने

2007 में 2 ATP मास्टर्स टाइटल जीतने के बाद जोकोविच वर्ल्ड रैंकिंग में टॉप-3 में पहुंच गए थे। 2008 में उन्होंने अपना पहला ग्रैंड स्लैम जीता। 2010 तक वे टॉप-3 में ही बने रहे। नडाल और फेडरर ने जोकोविच को पहले 2 स्थान पर भटकने तक नहीं दिया। किसी ने भी नहीं सोचा होगा कि आने वाले दशक में टेनिस इतिहास की सबसे बड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी।

2011 में जोकोविच पहली बार फेडरर को पीछे छोड़कर नंबर-1 की पोजिशन हासिल की। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने 2020 में पूर्व टेनिस प्लेयर पीट सैम्प्रास के सबसे ज्यादा 6 बार साल का अंत नंबर-1 के रैंक पर खत्म करने के रिकॉर्ड की भी बराबरी की।

इस दशक को वर्ल्ड के 3 सबसे बेहतरीन एथलीट्स मिले

पूर्व टेनिस प्लेयर और 1984-90 के बीच 8 ग्रैंड स्लैम जीतने वाले इवान लेंडल ने एक बार कहा था, 'मुझे अंकों से मतलब है। मेरे लिए जो सबसे ज्यादा ग्रैंड स्लैम जीतेगा, वह विश्व का सबसे बेहतरीन प्लेयर होगा।' हालांकि, 2011 से 2020 में सबसे बेहतरीन प्लेयर की रेस उस वक्त रोमांचक हो गई जब नडाल ने इस साल फ्रेंच ओपन जीता। यह उनका ओवरऑल 20वां ग्रैंड स्लैम टाइटल रहा। उन्होंने फेडरर के 20 ग्रैंड स्लैम के रिकॉर्ड की बराबरी की।

जोकोविच भी इससे ज्यादा पीछे नहीं हैं। जोकोविच ने अब तक कुल 17 में से 16 तो उन्होंने इस दशक में जीते। फेडरर और नडाल की तुलना में उनकी उम्र भी कम है। अगर इन तीनों के आपस में मुकाबले की बात की जाए, तो जोकोविच सबसे आगे हैं। जोकोविच ने नडाल के खिलाफ 56 मैच खेले। जिसमें से 29 में उन्हें जीत और 27 में हार मिली। वहीं, उन्होंने फेडरर के खिलाफ 50 मैच खेले। इसमें 27 मैच उन्होंने जीते और 23 मैच हारे।

वहीं, ग्रैंड स्लैम फाइनल में ये रिकॉर्ड नडाल के पक्ष में है। ग्रैंड स्लैम फाइनल में नडाल और फेडरर 40 बार आमने-सामने आ चुके हैं। इसमें से 24 बार नडाल ने जीत हासिल की और फेडरर को 16 फाइनल में जीत मिली। जबकि, जोकोविच और नडाल 9 बार ग्रैंड स्लैम फाइनल में आमने-सामने आ चुके हैं। जिसमें नडाल ने 5 और जोकोविच ने 4 फाइनल जीते।

सेरेना विलियम्स ने महिला टेनिस में अपनी छाप छोड़ी

महिलाओं में यह दशक अमेरिकी टेनिस खिलाड़ी सेरेना विलियम्स के नाम रहा। उन्होंने इस दौरान 10 ग्रैंड स्लैम जीते। महिलाओं में उनका राज एकतरफा रहा, क्योंकि कोई अन्य महिला खिलाड़ी दशक में 3 से ज्यादा ग्रैंड स्लैम नहीं जीत पाई। इसके बाद एंजेलिक कर्बर और नाओमी ओसाका ने सबसे ज्यादा 3-3 ग्रैंड स्लैम जीते।

रूस की मारिया शारापोवा ने 2012 में फ्रेंच ओपन जीतकर करियर ग्रैंड स्लैम पूरे किए। ऐसा करने वाली वह 10वीं टेनिस प्लेयर रहीं। इसके बाद 2014 में उन्होंने दोबारा फ्रेंच ओपन खिताब जीता। हालांकि, 2016 में उनपर ड्रग्स लेने के आरोप में 15 महीने का बैन लगाया गया।

जापान की नाओमी ओसाका ने 2018 में यूएस ओपन जीतकर इतिहास रचा। वे यह ग्रैंड स्लैम जीतने वाली पहली जापानी प्लेयर बनीं। इसके बाद उन्होंने 2019 में ऑस्ट्रेलियन ओपन और 2020 में यूएस ओपन अपने नाम किया। वे टेनिस वर्ल्ड रैंकिंग में नंबर-1 पर पहुंचने वाली एशिया की पहली खिलाड़ी (महिला या पुरुष) हैं।

इनके अलावा बेल्जियम की किम क्लिस्टर्स, चीन की लि ना, कैरोलीन वोज्नियाकी, बेलारुस की विक्टोरिया अजारेंका और चेक की पेट्रा क्वितोवा, सिमोना हालेप और एंजेलिक कर्बर ने भी महिला टेनिस को इस दशक में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

नडाल को क्ले कोर्ट और जोकोविच को ग्रास कोर्ट पसंद

इन तीनों खिलाड़ियों ने अलग-अलग कोर्ट पर अपनी कामयाबी साबित की है। फेडरर को उनके सर्व और नेट गेम स्टैंड आउट के लिए जाना जाता है। उन्हें विम्बलडन की घास वाली कोर्ट पर खेलना बेहद पसंद है। वहीं, नडाल अपने फोरहैंड और कोर्ट कवरेज स्टैंड आउट के लिए जाने जाते हैं। क्ले कोर्ट उनकी फेवरेट है। इसलिए उन्हें लाल बजरी का बादशाह भी बोला जाता है। जबकि जोकोविच अपने रिटर्न शॉट और बैकहैंड स्टैंड आउट के लिए जाने जाते हैं। उन्हें ऑस्ट्रेलियन ओपन के हार्ड कोर्ट पर खेलना बेहद पसंद है।

2014 के यूएस ओपन विजेता मारिन सिलिच ने कहा था, 'इन तीन खिलाड़ियों ने साबित किया कि ये चैम्पियन क्यों हैं। चाहे कैसी भी परिस्थिति हो, उनके गेम पर कोई फर्क नहीं पड़ता। वे ऑल टाइम चैम्पियन हैं।'

हालांकि इस दशक में कुछ और खिलाड़ियों ने भी अपनी छाप छोड़ी। इनमें एंडी मरे का नाम सबसे ऊपर आता है। उन्होंने 2012 में यूएस ओपन का खिताब अपने नाम किया। इस जीत के साथ वे पिछले 76 साल में ग्रैंड स्लैम जीतने वाले पहले ब्रिटिश खिलाड़ी बने। 2013 में उन्होंने विम्बलडन जीता और 77 साल में ये खिताब जीतने वाले पहले खिलाड़ी बने। इसके अलावा स्टेन वावरिंका, मार्टिन डेल पोत्रो, टॉमस बर्डिच, डेविड फेरर और मारिन सिलिच ने भी अपने टैलेंट से सबको प्रभावित किया। लेकिन कोई भी इन तीनों से आगे नहीं बढ़ पाया।

हालांकि 2019 और 2020 में स्टेफनोस सितसिपास, डोमिनिक थिएम, डेनिल मेदवेदेव और एलेक्जेंडर ज्वेरेव ने जरूर चुनौती पेश की। डोमिनिक ने नडाल के खिलाफ 15 मैच खेले हैं। जिसमें 9 में नडाल और 6 में डोमिनिक को जीत मिली। वहीं, फेडरर के खिलाफ डोमिनिक ने 7 मैच खेले हैं। इसमें 5 में डोमिनिक और 2 में फेडरर ने जीत हासिल की। जोकोविच के खिलाफ डोमिनिक ने 12 मैच में 5 जीते हैं और 7 में हार मिली। मौजूदा वर्ल्ड नंबर-3 डोमिनिक ने इसी साल यूएस ओपन में अपना पहला ग्रैंड स्लैम खिताब जीता था। फाइनल में उन्होंने ज्वेरेव को मात दी थी।

राफेल नडाल के खिलाफ रोजर फेडरर के खिलाफ नोवाक जोकोविच के खिलाफ
स्टेफनोस सितसिपास 7 में 1 जीते, 6 हारे 4 में 2 जीते, 2 हारे 6 में 2 जीते, 4 हारे
डोमिनिक थिएम 15 में 6 जीते, 9 हारे 7 में 5 जीते, 2 हारे 12 में 5 जीते, 7 हारे
डेनिल मेदवेदेव 4 में 1 जीते, 3 हारे तीनों मैच फेडरर ने जीते 7 में 3 जीते, 4 हारे
एलेक्जेंडर ज्वेरेव 7 में 2 जीते, 5 हारे 7 में 4 जीते, 3 हारे 6 में 2 जीते, 4 हारे


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Rafael Nadal Roger Federer (Tennis) Decade In Review (2011-2020) Update | Recap of Tennis Over The Last Decade

ऑस्ट्रेलिया ने तीसरे ही दिन 8 विकेट से जीता एडिलेड टेस्ट, सीरीज में बढ़त December 18, 2020 at 09:57PM

एडिलेड ऑस्ट्रेलिया ने भारत को एडिलेड में खेले गए पहले टेस्ट मैच में तीसरे दिन ही 8 विकेट से हरा दिया। इस जीत के साथ टिम पेन की कप्तानी वाली टीम ने 4 मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। पिंक बॉल से खेले जा रहे इस डे-नाइट टेस्ट मैच में भारत ने अपनी पहली पारी में 244 रन बनाए जिसके बाद मेजबान टीम की पहली पारी 191 रन पर समेट दी। इसके बाद भारत की दूसरी पारी मात्र 36 रन पर समाप्त हो गई और ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए 90 रन का आसान टारगेट मिला। मेजबान टीम ने 2 विकेट खोकर 11 ओवर में ही 93 रन बनाते हुए मैच जीत लिया। देखें, भारत के लिए पहली पारी में जहां कैप्टन विराट कोहली ने 74 रन की शानदार पारी खेली लेकिन दूसरी पारी में वह 4 रन बनाकर पविलियन लौट गए। ऑस्ट्रेलिया के लिए पहली पारी में मिशेल स्टार्क ने 4 विकेट लिए जबकि पैट कमिंस ने 3 विकेट झटके। वहीं, दूसरी पारी में जोश हेजलवुड ने कमाल दिखाया और मात्र 8 रन देकर 5 विकेट लिए। पैट कमिंस ने दूसरी पारी में 21 रन देकर 4 विकेट अपने नाम किए। दूसरी पारी में भारतीय बल्लेबाजी की खस्ता हालत का इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि उसका कोई बल्लेबाज दहाई के आंकड़े में नहीं पहुंच सका। ओपनर मयंक अग्रवाल 9 रन बनाकर भी टॉप स्कोरर रहे। यह विराट कोहली का इस दौरे पर अंतिम मैच था। अब वह पैटरनिटी लीव पर स्वदेश लौट जाएंगे। दोनों टीमों के बीच सीरीज का दूसरा टेस्ट मैच मेलबर्न में 26 दिसंबर से खेला जाएगा। अब अजिंक्य रहाणे शेष सीरीज में टीम इंडिया की कमान संभालेंगे। इससे पहले भारत को वनडे सीरीज में 1-2 से हार झेलनी पड़ी थी लेकिन टी20 सीरीज में उसने वापसी करते हुए 2-1 से जीत दर्ज की।

एडिलेड में टीम इंडिया की खस्ता हालत के बाद कोच रवि शास्त्री ट्रोल, लोग बोले- द्रविड़ को दो जिम्मेदारी December 18, 2020 at 09:16PM

नई दिल्लीऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज के पहले टेस्ट मैच में भारतीय टीम की दूसरी पारी सिर्फ 36 रन पर समाप्त हो गई। टीम इंडिया का कोई भी बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा नहीं छू सका। मयंक अग्रवाल मात्र 9 रन बनाकर भी दूसरी पारी में टॉप स्कोरर रहे। इसके बाद टीम इंडिया के हेड कोच को सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जाने लगा। विराट कोहली की कप्तानी वाली टीम इंडिया ने पहली पारी में 244 रन बनाए थे जिसके बाद मेजबान टीम को 191 रन पर समेट दिया। हालांकि दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलियाई पेसरों ने बैटिंग लाइन अप को हिला दिया और 36 रन पर ही पारी समाप्त हो गई। देखें, टीम इंडिया के हेड कोच रवि शास्त्री को सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने निशाने पर ले लिया। कुछ ने उनकी पुरानी तस्वीर भी ट्वीट की। कुछ ने तो यहां तक कहा कि राहुल द्रविड़ को टीम इंडिया का कोच बना देना चाहिए। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 4 मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जानी है। इससे पहले टीम इंडिया को 3 मैचों की वनडे सीरीज में हार झेलनी पड़ी थी जबकि टी20 सीरीज में उसने 2-1 से जीत दर्ज की।