Sunday, August 16, 2020

टीम इंडिया के कोच शास्त्री ने धोनी की विकेटकीपिंग पर कहा- स्टंपिंग और रन आउट के मामले में जेबकतरे से भी तेज चलते थे धोनी के हाथ August 15, 2020 at 11:17PM

टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने एक दिन पहले ही इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास का ऐलान किया। वे जितने चालाक कप्तान थे, उतने ही तेज विकेट के पीछे भी थे। टीम इंडिया के हेड कोच रवि शास्त्री भी उनकी इस काबिलियत के मुरीद है। शास्त्री ने कहा कि धोनी विकेट के पीछे इतने तेज थे कि स्टंपिंग और रन आउट के मामले में उनके हाथ किसी जेबकतरे से भी तेज चलते थे।

शास्त्री ने आगे कहा कि धोनी ने बतौर विकेटकीपर नए स्टैंडर्ड सेट किए। नेचुरल नहीं होने के बाद भी वे बहुत ज्यादा असरदार रहे। उन्होंने जो प्रभाव छोड़ा उसे देखिए। मेरे लिए उनकी स्टंपिंग और उनके रन आउट मायने रखते हैं। बल्लेबाज को यह अहसास भी नहीं हो पाता था कि धोनी ने उसकी गिल्लियां बिखेर दी हैं।

धोनी ने तीनों फॉर्मेट में 195 स्टंपिंग की है
धोनी के रिकॉर्ड इस बात के गवाह हैं कि वे विकेट के पीछे कितने तेज थे। उन्होंने टेस्ट में सबसे ज्यादा 38, वनडे में 123 और टी-20 में 34 स्टंपिंग की है। यह रिकॉर्ड जल्द टूटना मुश्किल है।

धोनी कामयाबी और नाकामी दोनों को खुद पर हावी नहीं होने देते: शास्त्री

58 साल के शास्त्री ने भारतीय क्रिकेट में धोनी के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने टी-20 और वनडे दोनों वर्ल्ड कप जीते। आईपीएल में कई बार टीम को चैम्पियन बनाया। टेस्ट रैंकिंग में टीम को नंबर-1 तक पहुंचाया।

वे ऐसे व्यक्ति हैं, जो कामयाबी और नाकामी दोनों को हावी नहीं होने देते। जिंदगी में जो सामने घट रहा है, बस उसी को लेकर जीते हैं। खड़गपुर से लेकर टीम इंडिया के सफर में भी वे ऐसे ही रहे। रिटायरमेंट का फैसला भी उनकी जिंदगी जीने की इसी स्टाइल का उदाहरण है। वे चुपचाप चले गए। उनके जैसा दूसरा कोई नहीं हो सकता है।

धोनी ने 2019 के वर्ल्ड कप में आखिरी इंटरनेशनल मैच खेला था

धोनी ने पिछला इंटरनेशनल मैच 2019 में खेला था। तब वे वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में उतरे थे। हालांकि, तमाम कोशिशों के बाद भी वे टीम को चौथी बार वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंचाने में नाकाम रहे। उस मैच में धोनी ने फिफ्टी लगाई थी। इस मैच के बाद से ही वे क्रिकेट मैदान से दूर हैं।

धोनी आईपीएल से वापसी करेंगे

धोनी 19 सितंबर से यूएई में शुरू हो रहे आईपीएल से मैदान पर वापसी करेंगे। लीग में चेन्नई सुपर किंग्स की कप्तानी करेंगे। धोनी इस टीम को लगातार दो बार 2010 और 2011 में आईपीएल का खिताब जिता चुके हैं।



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महेंद्र सिंह धोनी 538 मैच में सबसे ज्यादा 195 स्टंपिंग करने वाले विकेटकीपर हैं, उन्होंने वनडे में 123 स्टंपिंग की है। -फाइल

रवि शास्त्री बोले- स्टंपिंग करने में जेबकतरे से भी ज्यादा तेज थे धोनी August 15, 2020 at 09:47PM

नई दिल्ली के फुर्तीली स्टंपिंग और थ्रो पर बिना देखे स्टंप्स पर सटीक निशाने का कायल भला कौन नहीं था। विकेट के पीछे खड़े रहने वाले धोनी पलक झपकते ही विरोधी टीम का विकेट उड़ाने में माहिर थे। टीम इंडिया के मुख्य कोच () भी उनके इस स्टाइल के मुरीद हैं। धोनी की रिटायरमेंट के बाद रवि शास्त्री ने उनके खेल की जमकर प्रशंसा की है। शास्त्री ने कहा, 'बतौर विकेटकीपर वह नेचुरल नहीं थे लेकिन विरोधी टीम के लिए वह नरक की तरह प्रभावी थे। उन्होंने जो प्रभाव छोड़ा उसे देखिए। मेरे लिए उनकी स्टपिंग और उनके रन आउट मायने रखते हैं। उनके हाथ बहुत तेज चलते हैं, किसी जेबकतरे से भी ज्यादा तेज। बल्लेबाज को यह अहसास भी नहीं हो पाता कि धोनी ने उसकी गिल्लियां बिखेर दी हैं। यह कुछ ऐसा है, जो उनके प्रभाव से जुड़ा हुआ है।' रवि शास्त्री ने इंडिया टुडे को दिए इंटरव्यू में यह बाते कही। मुख्य कोच ने कहा, 'यह आदमी किसी भी दूसरे खिलाड़ी से कहीं कम नहीं है। और जहां से वह आते हैं उन्होंने वहां आने वाले समय के लिए क्रिकेट को पूरी तरह बदल दिया है। और उनकी खूबसूरती यह है कि उन्होंने यह सभी फॉर्मेट में किया।' उन्होंने कहा, 'धोनी ने अपनी लीडरशिप से भारतीय क्रिकेट की सूरत बदल दी। उन्हें हमेशा इस खेल के महान खिलाड़ियों में शुमार किया जाएगा।' 58 वर्षीय शास्त्री ने भारतीय क्रिकेट में धोनी के योगदान को याद करते हुए कहा, 'टी20 में उन्होंने वर्ल्ड कप जीता और 50 ओवर क्रिकेट में भी वर्ल्ड कप जीता। आईपीएल के कई खिताब अपने नाम किए। टेस्ट क्रिकेट में भी उन्होंने टीम को नंबर 1 की रैंकिंग पर पहुंचाया।'

तस्वीरों में देखें, महेंद्र सिंह धोनी ने जब-जब बदले अपने हेयरस्टाइल August 15, 2020 at 08:40PM

धोनी के लंबे बालों के स्टाइल पर तो पाकिस्तान राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ भी फिदा नजर आए। लेकिन वह हमेशा ही एक ही लुक में नहीं रहे। उन्हें प्रयोग पसंद है इस कारण समय समय पर उन्होंने अपना हेयरस्टाइल बदला। कभी बाल छोटे किए तो कभी बिल्कुल ही साफ कर दिए।

साल 2004 में जब इंटरनैशनल क्रिकेट में धोनी ने डेब्यू किया था, तब उनके बाल काफी लंबे थे और बालों पर वह सुनहरा कलर करते थे। वह काफी समय तक इसी गोल्डन स्ट्रीक्स हेयरस्टाइल में नजर आए।

T20 वर्ल्ड कप के पहले, साल 2007 में धोनी ने अपने हेयरस्टाइल को पूरी तरह से बदल लिया था। गोल्डन स्ट्रीक्स की जगह अब काले बाल धोनी को पसंद आने लगे थे। उनका यह स्टाइल भी काफी फेमस हुआ।

वर्ल्ड कप जीतने के बाद साल 2011 में धोनी के इस नए लुक ने फैंस को हैरान कर दिया था। लंबे काले बालों को बदलकर धोनी ने बाल्ड लुक जो अपना लिया था। फैंस को उनका यह लुक भी काफी पसंद आया और उन्होंने माही के इस लुक की भी खूब तारीफ की थी।

हर बार की तरह धोनी का अगला नया लुक भी कल्पना से परे था। इस बार धोनी ने मोहॉक लुक अपनाया था। साल 2013 में आईपीएल के मैच के दौरान धोनी अपने इस नए लुक में नजर आए थे।

अपने बालों के साथ कई तरह के एक्सपेरिमेंट करने के बाद धोनी ने जब सॉल्ट एंड पेपर लुक अपनाया तो लोग हर बार की तरह इस बार भी काफी हैरान थे। हालांकि वक्त के साथ माही के इस नए अंदाज को भी लोगों के दिलों में जगह मिली।

धोनी की जिंदगी पर आधारित फिल्म 'एमएस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी' आई तो वह इसका प्रमोशन भी करते दिखे। फिल्म की प्रमोशन टीम ने भी उन्हें इसमें बिजी रखा। तब उनका हेयरस्टाइल भी बदला नजर आया।

धोनी काफी समय तक सिंपल लुक में दिखे। इस दौरान उन्होंने बाल कलर किए और सिंपल कट रखा।

धोनी के इस लुक को 'वि हॉक' लुक कहा जाता है। धोनी को यह हेयरकट सिलेब्रिटी हेयर स्टाइलिस्ट सपना भवनानी ने दिया था।

पाकिस्तान के कोच मिस्बाह उल हक ने कहा- धोनी ने भारतीय क्रिकेट का पूरा चेहरा बदल डाला, नासिर हुसैन बोले- वे व्हाइट बॉल क्रिकेट के बेस्ट कप्तान August 15, 2020 at 09:02PM

पाकिस्तान के कोच मिस्बाह-उल-हक ने पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के रिटायरमेंट पर कहा कि उन्होंने भारतीय क्रिकेट का पूरा चेहरा ही बदल डाला। धोनी की बदौलत ही टीम इंडिया टी-20, वनडे वर्ल्ड कप जीतने में कामयाब रही। उधर, इंग्लैंड के पूर्व कप्तान नासिर हुसैन ने धोनी को व्हाइट बॉल क्रिकेट में दुनिया का सबसे बेस्ट कप्तान बताया है।

पाकिस्तान के पूर्व कप्तान मिस्बाह ने आगे कहा कि वह बाहर से जितने शांत कप्तान थे, लेकिन अंदर से उतने ही आक्रामक खिलाड़ी थे। वे कप्तान के तौर पर बहुत चालाक थे। उन्होंने मौका पड़ने पर सीनियर्स खिलाड़ियों को ड्रॉप किया और युवाओं को मौका देकर नई टीम बनाई। उन्होंने भारतीय क्रिकेट का पूरा कल्चर बदल दिया। इसका नतीजा रहा कि वे बतौर कप्तान इतने सफल रहे।

धोनी टीम इंडिया को नई बुलंदियों पर ले गए: मिस्बाह

उन्होंने आगे कहा कि सौरव गांगुली ने भारतीय क्रिकेट को जहां छोड़ा था, धोनी वहां से उसे नई बुलंदियों तक लेकर गए। धोनी ने भारतीय क्रिकेट के लिए कमाल किया। वे शानदार इंसान और बेहतरीन कप्तान के तौर पर याद किए जाएंगे।

धोनी ने खुद को एक बल्लेबाज से मैच फिनिशर में बदला: नासिर हुसैन

इंग्लैंड के पूर्व कप्तान नासिर हुसैन ने धोनी के संन्यास पर कहा कि वे व्हाइट बॉल क्रिकेट के अब तक सबसे बेस्ट कप्तान हैं। उन्होंने एक बल्लेबाज से खुद को मैच फिनिशर के रूप में तब्दील किया। 2011 वर्ल्ड कप का श्रीलंका के खिलाफ फाइनल में सिक्स लगाकर भारत को जीत दिलाना, आज भी लोगों को याद है। वे दबाव में भी शांत रहते हैं, इसलिए इतने बड़े कप्तान और खिलाड़ी बने।

धोनी ने सबसे ज्यादा 332 इंटरनेशनल मैचों में कप्तानी की

धोनी ने 332 इंटरनेशनल मैचों में कप्तानी की। कोई खिलाड़ी बतौर कप्तान इससे ज्यादा मैच नहीं खेला। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग और न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान स्टीफन फ्लेमिंग ने भी तीन सौ से अधिक मैचों में कप्तानी की। लेकिन दोनों धोनी से पीछे हैं। पोटिंग ने 324, तो फ्लेमिंग ने 303 मैच बतौर कप्तान खेले।



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पाकिस्तान के पूर्व कप्तान मिस्बाह-उल-हक ने कहा- सौरव गांगुली ने भारतीय क्रिकेट को जहां छोड़ा था, महेंद्र सिंह धोनी वहां से टीम को नई बुलंदियों पर ले गए। - फाइल