Thursday, August 13, 2020

राहुल द्रविड़ ने कहा, 'पूर्व खिलाड़ियों के अनुभव को बेकार मत जाने दीजिए' August 12, 2020 at 09:20PM

बेंगलुरु भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान () का कहना है कि पूर्व खिलाड़ियों को जितना हो सके उतना अधिक राज्य टीम में इस्तेमाल करना चाहिए। बीसीसीआई द्वारा आयोजित सभी राज्य ईकाइयों के लिए आयोजित वेबीनार में नैशनल क्रिकेट अकादमी के अध्यक्ष द्रविड़ ने यह बात कही। विभिन्न राज्य यूनिट्स के सचिव और ऑपरेशंस हेड इस वेबीनार का हिस्सा थे। इसमें बीसीसीआई-एनसीए के एजुकेशन अध्यक्ष सुजीत सोमसुंदर (पूर्व भारतीय वनडे सलामी बल्लेबाज) और ट्रेनर आशीष कौशिक भी शामिल थे। इस वेबीनार में मुख्य रूप से फिटनेस डाटा कलेक्शन और कोविड-19 के दौर में फिटनेस ट्रेनिंग को चालू करने जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। द्रविड़ ने इस बीच प्रशासकों का ध्यान कई परिस्थितियों और मुश्किल वक्त में काम करने के तरीकों की ओर दिलाया। एक राज्य ईकाई के सदस्य ने बताया, 'राहुल ने कभी नहीं कहा कि यह करना अनिवार्य है लेकिन यह राज्य ईकाइयों को सलाह है कि उन्हें पूर्व खिलाड़ियों को उनकी विशेषज्ञता के क्षेत्र में आजमाना चाहिए। अगर हम उन्हें क्रिकेटिंग सेटअप में शामिल कर सकें तो उनका अनुभव और विशेषज्ञता बेकार नहीं जाएगी।'

पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने कहा- टीम इंडिया को 2021 टी-20 वर्ल्ड कप में धोनी की जरूरत नहीं, उनके बिना भी भारत खिताब जीत सकता है August 12, 2020 at 08:56PM

पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कमेंटेटर आकाश चोपड़ा का कहना है कि टीम इंडिया को 2021 टी-20 वर्ल्ड कप में धोनी की जरूरत नहीं है। उनके बिना भी टीम खिताब जीत सकती है। चोपड़ा ने यह बात अपने यूट्ब चैनल पर फैंस के सवालों का जवाब देते हुए कही।

आकाश ने कहा कि अब टीम इंडिया महेंद्र सिंह धोनी पर निर्भर नहीं हैं। एक फैन के इस सवाल पर कि क्या टीम इंडिया धोनी के बिना टी-20 वर्ल्ड कप खेलेगी? इस पर उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि हम धोनी के बिना भी मैनेज कर सकते हैं, क्योंकि हम 2021 की बात कर रहे हैं। मुझे लगता है कि उनकी मौजूदगी अहम नहीं है। हम उनके बिना भी टी-20 वर्ल्ड कप खेलने जा सकते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि धोनी जैसे अनुभवी खिलाड़ी का टीम में होना हमेशा अच्छा रहता है, लेकिन बड़ा सवाल यह है धोनी 2021 वर्ल्ड कप खेलना चाहते हैं या नहीं? मुझे नहीं लगता कि धोनी टीम इंडिया के लिए आगे खेलना चाहेंगे।

ऋषभ पंत धोनी की जगह ले सकते हैं

पूर्व भारतीय बल्लेबाज ने कहा कि महेंद्र सिंह धोनी 2019 के वर्ल्ड कप के बाद से नहीं खेले हैं। युवा विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत उनकी जगह भरने के लिए तैयार हैं। इसके अलावा केएल राहुल भी विकेटकीपर की भूमिका बेहतर तरीके से निभा रहे हैं।

धोनी 14 महीने बाद आईपीएल से वापसी करेंगे

धोनी ने पिछला मैच 10 जुलाई को वनडे वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था। तब भारत हार गया था। वर्ल्ड कप के बाद से ही धोनी के फ्यूचर और उनके रिटारयमेंट को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि, अभी तक धोनी या टीम मैनेजमेंट की तरफ से संन्यास को लेकर कोई बयान सामने नहीं आया है।

वे 14 महीने बाद आईपीएल से वापसी करने वाले हैं। लीग में धोनी चेन्नई सुपरकिंग्स की कप्तानी करेंगे। आईपीएल 19 सितंबर से 8 नवंबर तक यूएई में होगा।

धोनी ने चेन्नई को लगातार 2 बार आईपीएल का चैम्पियन बनाया

धोनी ने अब तक 90 टेस्ट, 350 वनडे और 98 टी-20 खेले हैं। इसमें उन्होंने 4876, 10773 और 1617 रन बनाए हैं। धोनी ने आईपीएल में अब तक 190 मैच में 4432 रन बनाए हैं। उनकी कप्तान में सीएसके ने लगातार दो बार 2010 और 2011 में आईपीएल का खिताब जीता था।



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महेंद्र सिंह धोनी ने अब तक 90 टेस्ट, 350 वनडे और 98 टी-20 खेले हैं। इसमें उन्होंने 4876, 10773 और 1617 रन बनाए हैं। -फाइल

मेरी स्पीड देख विराट ने दी थी गाली: मोहम्मद इरफान August 12, 2020 at 08:08PM

नई दिल्ली पाकिस्तानी तेज गेंदबाज () अपनी फास्ट बोलिंग से ज्यादा अपनी हाईट को लेकर भी चर्चा में रहते हैं। 7 फीट 1 इंच लंबे इस तेज गेंदबाज ने अपने पहले भारत दौरे को याद किया है, जब उनकी पेस देखकर टीम इंडिया के मौजूदा कप्तान भी हैरान रह गए थे। उनकी रफ्तार देखकर विराट के मुंह से गाली निकल गई थी। करियर की शुरुआत में तब मोहम्मद इरफान को 'मीडियम पेसर' के रूप में जाना जाता था। लेकिन उस वक्त वह 145 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से लगातार बोलिंग करते थे। इरफान जब भारत दौरे पर पाकिस्तान टीम के साथ आए थे, तो भारतीय बल्लेबाजों को उनकी बोलिंग के बारे में भारतीय कोच ने यही बताया था कि यह गेंदबाज 130-135 kmph की रफ्तार से बोलिंग करता है। हाल ही में मोहम्मद इरफान स्पोर्ट्स ऐंकर सवेरा पाशा के यूट्यूब शो 'क्रिककास्ट' में रू-ब-रू हुए। इस शो में इरफान ने अपने भारत दौरे को याद किया है। उन्होंने बताया, 'जब उन्होंने पहली बार भारत का दौरा किया था, तब भारतीय कोचों ने अपने खिलाड़ियों को मेरी स्पीड के बारे में बताया था कि मैं 130-135 की गति से बॉल फेंकता हूं। यहां तक कि विराट कोहली ने मुझे खुद बताया था कि उनके कोच ने उन्हें यही बताया था कि मैं 130-135kmph वाला बोलर हूं।' 38 वर्षीय इस तेज गेंदबाज ने बताया, 'भारत में जब मैं अपना पहला ओवर कर रहा था, तब विराट कोहली पैड पहनकर ड्रेसिंग रूम में बैठे हुए थे। उन्होंने देखा कि पहली ही बॉल मैंने 145-146 की रफ्तार से फेंकी। तब उन्होंने सोचा कि शायद स्पीड गन के साथ कोई दिक्कत है। इसके बाद अगली गेंद मैंने 147 पर फेंकी, तब उन्होंने अपने साथ बैठे कोच से पूछा कि उन्होंने मेरी स्पीड के बारे में उन्हें झूठ बताया है या फिर स्पीड गन के साथ कोई दिक्कत है।' इस 7 फीट 1 इंच लंबे तेज गेंदबाज ने कहा, 'विराट ने यह बात मुझे फेस टू फेस बताई। इसके बाद अगली बॉल मैंने 148kph पर फेंकी थी, उन्होंने मुझे कहा, 'मैंने अपने साथ बैठे व्यक्ति को गाली देकर पूछा कि मैं कैसा मीडियम फास्ट बोलर हूं, जो 150kmph पर बोलिंग कर रहा हूं।' इस तेज गेंदबाज ने पाकिस्तान के लिए अभी तक 60 वनडे, 22 टी20 इंटरनैशनल और 4 टेस्ट मैच खेले हैं, जिनमें उनके नाम कुल 109 विकेच दर्ज हैं।

Video: जब शोएब अख्तर ने तोड़ा 100 मील का बैरियर August 12, 2020 at 08:31PM

नई दिल्ली आज पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज का जन्मदिन है। अख्तर को दुनिया का सबसे तेज गेंदबाज कहा जाता है। रावलपिंडी एक्सप्रेस के नाम से मशहूर अख्तर आज 45 साल के हो गए हैं। पाकिस्तान के लिए अख्तर ने कई दमदार प्रदर्शन किए। लेकिन एक गेंद थी जिन्होंने उन्हें अपने समकालीन तेज गेंदबाजों से आगे खड़ा कर दिया। यह मौका था जब अख्तर ने 100 मील प्रति घंटे की रफ्तार को पार किया। यह इंग्लैंड के खिलाफ वर्ल्ड कप 2003 की बात है जब अख्तर ने 100 मील के बैरियर को तोड़ा था। अख्तर का सामना कर रहे थे इंग्लैंड के पूर्व सलामी बल्लेबाज निक नाइट। अख्तर ने 22 फरवरी 2003 को को 100.2 मील प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंकी। वह इस बैरियर को तोड़ने वाले पहले गेंदबाज बने। अख्तर ने यह ओवर काफी तेज फेंका। उनकी बोलिंग की रफ्तार थी- 153.3 kmph, 158.4kmph, 158.5 kmph, 157.4km/h, 159.5kmph और 161.3kmph यानी सभी गेंदें एक से बढ़कर एक तेज। इस ओवर में उनकी औसत स्पीड रही 158.06 km प्रति घंटा। यह उन दिनों की बात है जब अख्तर और ब्रेट ली के बीच रफ्तार की तुलना होती थी। इसके अलावा इस दौर में ऑस्ट्रेलिया के ही शॉन टेट, पाकिस्तान के मोहम्मद समी और न्यूजीलैंड के शेन बॉण्ड का नाम भी तेज-तरीन गेंदबाजों में लिया जाता था। हालांकि इनमें से कोई भी शोएब अख्तर के रेकॉर्ड को नहीं तोड़ पाया। अख्तर ने इस गेंद के बारे में कहा था, 'मैं यह करना चाहता था। मैंने पारी ब्रेक में अपने कोच और मैनेजर से कहा था कि मैं दूसरे ओवर में इस बैरियर को पार करूंगा। जब मैंने हाथ पीछे किया तो मेरे बाजुओं में और ताकत थी। मेरा ऐक्शन भी कुछ अलग था और फिर मैंने बस तेज फेंकने की कोशिश की।' निक नाइट ने भी उस गेंद को याद करते हुए कहा था- 'मुझे समझ नहीं आया कि क्या हुआ। मैंने किसी तरह बस बल्ला नीचे किया। मुझे याद है कि मैच से पहले मैं ग्राउंड में शेडो प्रैक्टिस कर रहा था। अख्तर दूर बाउंड्री के पास थे। वह तेज दौड़ते हुए मेरे पास आए और कहा, 'नाइटी आज मैं तुम्हें बहुत-बहुत तेज गेंदबाजी करूंगा।' मुझे पता नहीं था कि वह सबसे तेज रेकॉर्डेड गेंद मुझे ही फेंकेंगे।'