Friday, July 31, 2020

MI आधी जंग तो नीलामी में ही जीत लेती है: चोपड़ा July 30, 2020 at 09:21PM

नई दिल्ली भारतीय टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज आकाश चोपड़ा ने में की कामयाबी के पीछे के राज से पर्दा हटाया है। चोपड़ा ने कहा है कि नीलामी के दौरान मुंबई की टीम जो रणनीति अपनाती है वही उसे कामयाबी दिलाती है। इसके साथ ही चोपड़ा ने टीम द्वारा युवा खिलाड़ियों में अधिक निवेश और भरोसा करने की भी तारीफ की है। उन्हें लगता है कि इन खिलाड़ियों ने मुंबई की टीम को काफी फायदा पहुंचाया है। चोपड़ा ने अपने यू-ट्यूब चैनल पर आईपीएल में मुंबई इंडियंस की कामयाबी को लेकर चर्चा की। क्रिकेटर से कॉमेंटेटर बने चोपड़ा ने कहा कि रणनीति बनाने में मुंबई इंडियंस शानदार है। इसी वजह से वह आधी जंग तो नीलामी में ही जीत लेती है। उन्होंने कहा, 'उनकी रणनीति टॉप क्लास होती है। वे अकेली टीम है जो आधी जंग तो आईपीएल टेबल पर ही जीत लेती है। वे वहां इतनी अच्छी टीम बना लेते हैं। उनके पास हर पोजीशन के लिए बैकअप मौजूद होता है।' चोपड़ा ने कहा, 'जब आप इतने अच्छे खिलाड़ी जमा कर लेते हो, तब आपके किन्हीं खिलाड़ियों को चोट लग जाए या फिर उनकी फॉर्म अच्छी न हो, तब भी आपको कोई समस्या नहीं आती। यह उनकी कामयाबी का एक राज है। वे अच्छे सिलेक्शन की नीति को अपनाते हैं।' चोपड़ा ने इसके साथ ही मुंबई इंडियंस द्वारा युवा खिलाड़ियों को चुनने की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि टीम ने युवा खिलाड़ियों को तैयार करती है। और कुछ साल में वे बड़े खिलाड़ी बन जाते हैं।

पूर्व विकेटकीपर विजय दाहिया ने कहा- धोनी के साथ 30 साल रहने वाला भी नहीं बता पाएगा कि उनके दिमाग में क्या चल रहा July 30, 2020 at 08:57PM

पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (39) के संन्यास को लेकर पूर्व भारतीय विकेटकीपर विजय दाहिया ने भी बयान दिया है। उन्होंने कहा कि धोनी जानते हैं उन्हें क्या करना है। विजय ने कहा कि धोनी के साथ 30 साल रहने के बाद भी कोई व्यक्ति यह नहीं बता पाएगा कि माही के दिमाग में क्या चल रहा है।

धोनी ने पिछला मैच जुलाई 2019 में वनडे वर्ल्ड कप का सेमीफाइनल खेला था। इस मैच में भारतीय टीम को न्यूजीलैंड के हाथों हार मिली थी। धोनी ने अपनी कप्तानी में देश को 2007 में टी-20 और 2011 में वनडे वर्ल्ड कप के अलावा 2013 में चैम्पियंस ट्रॉफी में जीत दिलाई है।

धोनी में काफी क्रिकेट बाकी है

विजय ने स्पोर्ट्सकीड़ा से कहा, ‘‘धोनी में अभी काफी क्रिकेट बाकी है। मेरा मानना है कि धोनी के साथ यदि कोई 30 साल भी रह ले, तब भी वह व्यक्ति नहीं जान पाएगा कि धोनी क्या सोच रहे हैं या वे आगे क्या करने वाले हैं। महेंद्र सिंह धोनी ऐसे ही हैं।’’

क्रिकेट की किताब में धोनी का अध्याय जरूर होगा
उन्होंने कहा, ‘‘धोनी का भारतीय क्रिकेट पर शानदार प्रभाव रहा है। क्रिकेट में कुछ सिर्फ खिलाड़ी होते हैं, जबकि कुछ बेहतरीन प्लेयर होते हैं। तीसरे महान खिलाड़ी होते हैं, जो अपनी छाप छोड़ते हैं। जहां तक धोनी की बात है, वे उन प्लेयर्स में से हैं, जो अपनी छाप छोड़ते हैं। वह भी ऐसी जो हमेशा के लिए रहती है। यदि क्रिकेट में कोई किताब लिखी जाएगी, तो उसमें धोनी का एक अध्याय जरूर होगा।’’

धोनी ने चेन्नई को 3 बार आईपीएल खिताब जिताया
माही ने अब तक 90 टेस्ट, 349 वनडे और 98 टी-20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं। उन्होंने 2015 में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। धोनी ने अपनी कप्तानी में चेन्नई सुपर किंग्स 3 बार आईपीएल खिताब जिताया है।

धोनी फॉर्म में हैं, तो उन्हें जरूर खेलना चाहिए: गंभीर
हाल ही में गंभीर ने स्टार स्पोर्ट्स के क्रिकेट कनेक्टेड शो में कहा था, ‘‘उम्र सिर्फ एक नंबर है। मेरा मानना है कि धोनी यदि बॉल को ठीक से हिट कर रहे हैं, यदि वे अच्छी फॉर्म में हैं और खेल को एंजॉय कर रहे हैं। यदि वे मानते हैं कि नंबर 6 या 7 पर बल्लेबाजी करते हुए देश को जीत दिला सकते हैं, तो उन्हें जरूर खेलना चाहिए।’’



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धोनी ने अपनी कप्तानी में चेन्नई सुपर किंग्स 3 बार आईपीएल खिताब जिताया है। उन्होंने देश के लिए 90 टेस्ट, 349 वनडे और 98 टी-20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं। -फाइल फोटो

वेगनेर की तरह प्रभावी नहीं होंगे भारतीय पेसर: वेड July 30, 2020 at 07:35PM

मेलबर्न ऑस्ट्रेलिया के विकेटकीपर का मानना है कि आगामी ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भारत का मजबूत तेज आक्रमण बाउंसर फेंकने वाले न्यूजीलैंड के नील वेगनेर की तरह प्रभावी नहीं होगा। वेगनेर ने पिछले सत्र में टेस्ट सीरीज के दौरान ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों पर बाउंसर्स की बौछार कर दी थी । उन्होंने स्टीव स्मिथ, और मार्नस लाबुशेन को मिलाकर दस बार आउट किया। भारतीय टीम को साल के आखिर में ऑस्ट्रेलिया का दौरा करना है। वेड ने क्रिकेट डॉट कॉम डॉट एयू से कहा, ‘टीमें कोशिश कर सकती हैं लेकिन मुझे नहीं लगता कि वे कामयाब होंगी।’ उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि किसी ने उतने बाउंसर डाले होंगे जितने वेगनेर ने और वह भी लगातार। उसने विकेट भी चटकाए।’ उन्होंने कहा, ‘भारतीय गेंदबाज भी कोशिश करेंगे लेकिन मुझे नहीं लगता कि वे उतने प्रभावी होंगे। वेगनेर के पास अनुभव है। मैने ऐसा गेंदबाज नहीं देखा जो बाउंसर इतने सटीक डालता हो।’ वेड ने कहा कि विराट कोहली की टीम के खिलाफ सीरीज टिम पेन की टीम के लिए सबसे कठिन चुनौतियों में से एक होगी। उन्होंने कहा, ‘हर किसी को इसका इंतजार है। इसके लिए कड़ी मेहनत करनी होगी। भारतीय टीम आक्रामक है और काफी कठिन चुनौती पेश करती है।’ उन्होंने कहा, ‘मैदान पर विराट को देखिए। वह जीत के इरादे से ही उतरता है और सभी में जोश भरता है। यह बहुत बड़ी चुनौती होगी।’

Thursday, July 30, 2020

IPL in UAE: फ्रैंचाइजी के सामने खिलाड़ियों और सपॉर्ट स्टाफ को लेकर चुनौतियां July 30, 2020 at 07:37PM

अरानी बासु, नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की गर्वनिंग काउंसिल की रविवार को बैठक होनी है। इसमें आईपीएल के आयोजन को लेकर कई मुद्दों पर चर्चा होगी। लीग कैसे करवाई जाएगी, उसके लिए क्या दिशा-निर्देश होंगे, ये इस बैठक में चर्चा के अहम बिंदु होंगे। इस बैठक में यूएई में होने वाले आईपीएल के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर (SOPs) को अंतिम रूप दिया जाएगा। एक में आमतौर पर 25-28 खिलाड़ी होते हैं। इसके अलावा कम-से-कम 10 से 15 सदस्य सपॉर्ट स्टाफ के होते हैं। हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया को पता चला है कि आईपीएल फ्रैंचाइजी को अपना खुद का बायो-बबल तैयार करना पड़ेगा। इसमें टूर्नमेंट शुरू होने से करीब एक महीना पहले यूएई पहुंचना भी शामिल है। इसके अलावा अपने दल के सदस्यों की संख्या भी कम रखना भी एक विकल्प हो सकता है। पिछली बार आईपीएल 2014 में यूएई में खेला गया था। उस दौरान टीमें छोटा दल लेकर गई थीं। आमतौर पर फ्रैंचाइजी सीजन के बीच में ही कई खिलाड़ियों को रिलीव कर देती हैं, अगर वह अंतिम एकादश तय नहीं कर पाते हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया को पता चला है कि फ्रैंचाइजी से कहा गया है कि खिलाड़ियों की संख्या 20 तक सीमित करने को कहा गया है। इसके पीछे ड्रेसिंग रूम में कम से कम भीड़ रखना है। हालांकि, फ्रैंचाइजी को लगता है कि खिलाड़ियों की संख्या कम नहीं करनी चाहिए। एक वरिष्ठ फ्रैंचाइजी अधिकारी ने बताया, 'अगर दल की संख्या कम करने की बात भी होती है तो फ्रैंचाइजी नॉन-प्लेइंग स्टाफ की संख्या मे ही कमी की जा सकती है। कुछ फ्रैंचाइजी कोच या टीम मैनेजमेंट पर आखिरी फैसला छोड़ सकती है। अगर कोई लिमिट लगाई भी जाती है तो बेहतर होगा कि कुल संख्या पर लगाई जाए।' उन्होंने आगे कहा, 'मैच के दिनों पर, यह हो सकता है कि फ्रैंचाइजी पर मैदान पर लाने वाले खिलाड़ियों को लेकर एक लिमिट लगा दी जाए। इसके अलावा सपॉर्ट स्टाफ के कुछ सदस्यों को भी होटल में ही रहने को कहा जा सकता है।' नेट बोलर भी हैं चुनौती फ्रैंचाइजी के लिए बड़ी चुनौती प्रैक्टिस के लिए सही सुविधाएं उपलब्ध करवाना भी है। इतने सख्त नियम कायदों के बीच प्रैक्टिस के लिए सही साधन मुहैया करवाना पिछळी बार की तरह आसान नहीं होगा। एक अधिकारी ने कहा, 'इसी वजह से फ्रैंचाइजी को अधिक खिलाड़ियों की जरूरत होगी। टीमें यूएई में करीब दो से ढाई महीने तक रहेंगी। इतनी टीमों के लिए नेट बोलर्स का इंतजाम करना आसान नहीं होगा।' चेन्नै सुपर किंग्स बाकी टीमों से पहले जाएगी चेन्नै सुपर किंग्स की टीम 10 अगस्त को दुबई पहुंच जाएगी। टाइम्स ऑफ इंडिया को पता चला है कि कोलकाता नाइट राइडर्स 19-20 अगस्त वहीं बाकी टीमें 25 अगस्त तक पहुंच सकती हैं। बीसीसीआई के एक सूत्र ने बताया, 'चेन्नै सुपर किंग्स ने अधिक सक्रिय रही है। उन्होंने खिलाड़ियों को तैयार रहने और 10 अगस्त को निकलने को कहा है। लेकिन बीसीसीआई द्वारा SOPs में देरी के चलेत उनका प्लान तब्दील हो सकता है।' (खेल और देश-दुनिया की हर खबर अब Telegram पर भी। हमसे जुड़ने के लिए यहां और पाते रहें हर जरूरी अपडेट।)