Tuesday, June 16, 2020

देखें, कोरोना काल में कायम है फुटबॉल का रोमांच June 15, 2020 at 08:02PM

घातक महामारी कोरोना वायरस (Coronavirus) ने भले पूरी दुनिया की रफ्तार को महीनों के लिए थाम दिया हो। लेकिन इस बीच फुटबॉल (Football in covid- 19 time) का रोमांच दुनिया के किसी न किसी कौने में दिखता ही रहा। भले ही कई बड़ी लीग और टूर्नमेंट कोविड- 19 के चलते स्थगित या रद्द हुए हों लेकिन इसके बावजूद कई देशों में फुटबॉल संभल-संभलकर खेला जा रहा था। देखें ये तस्वीरें....

दुनिया के ज्यादातर देश मार्च के मध्य से ही कोविड- 19 महामारी के चलते सख्त लॉकडाउन में चले गए थे। लेकिन तजाकिस्तान में अप्रैल की शुरुआत से ही फुटबॉल खेला जा रहा था। ताजिकिस्तान की राजधानी डुशबेन में सुपर कप खेला गया। यहां दर्शकों को स्टेडियम में आने की इजाजत नहीं थी लेकिन फुटबॉल जारी था।

साउथ कोरिया का फुटबॉल सीजन कोरोना के कारण दो महीने तक टला रहा। लेकिन मई की शुरुआत में खाली स्टेडियम में (बिना दर्शकों के) इसे शुरू कर दिया गया। हालांकि खिलाड़ियों को भी यहां गोल का जश्न मनाते हुए किसी दूसरे खिलाड़ी को छूने की अनुमति नहीं थी।

कोरोना के बीच जर्मनी में दो महीने बाद खाली स्टेडियमों में फुटबॉल की वापसी हुई। यहां लॉकडाउन के बाद बुंडेसलीगा का फिर आगाज हुआ। इस तरह कोरोना के बाद यह फिर से शुरू होने वाली पहली यूरोपीय लीग बन गई।

हंगरी कोरोना वायरस के कारण लॉकडाउन के बाद दर्शकों को स्टेडियम में आने की अनुमति देने वाला पहला यूरोपीय देश बना। हंगरी फुटबॉल संघ ने अपने क्लबों को कुछ शर्तों के साथ स्टेडियम को प्रशंसकों को आने की छूट दी।

कोविड-19 के कारण तीन महीने तक स्थगित रही स्पेन की मशहूर लीग ला-लिगा भी अब शुरू हो चुकी है। हालांकि स्वास्थ्य कारणों को ध्यान में रखकर फिलहाल यह लीग दर्शकों के बिना खेली जा रही है। इसमें मेसी जैसे स्टार खिलाड़ी भी खेल रहे हैं।

बेलारूस, तुर्कमेनिस्तान और ताइवान जैसे देशों ने कोरोना वायरस के बावजूद अपने यहां फुटबॉल मुकाबले नहीं रोके थे। हालांकि यहां कोरोना से बचाव और स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर जरूरी कदम जरूर उठाए गए।

टेस्ट क्रिकेट में एक पारी में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज June 15, 2020 at 07:42PM

टेस्ट क्रिकेट में सिर्फ एक बार किसी बल्लेबाज ने एक पारी में 400 रन बनाए हैं। लेकिन उसके इसके अलावा कई ऐसे बल्लेबाज रहे जिन्होंने 350 से ज्यादा का स्कोर बनाया है। देखते हैं एक नजर टेस्ट क्रिकेट में एक पारी में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों के बारे में...

इस महान ऑलराउंडर ने 1938 में बने लेन हेटन के 364 रनों के रेकॉर्ड को तोड़ा। 26 फरवरी1958 को पाकिस्तान के खिलाफ किंग्सटन में उन्होंने नबादा 365 रन बनाए। सोबर्स ने 38 चौके जड़े और 614 गेंदों का सामना किया।

श्रीलंका के इस स्टाइलिश बल्लेबाज ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ 2006 में कमाल की पारी खेली। उन्होंने 374 रन बनाए। कोलंबो के सिंहली स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर 572 गेंदों का सामना करते हुए यह मैराथन पारी खेली। उन्होंने 43 चौके और एक छक्का लगाया। जयवर्धने ने 752 मिनट तक बैटिंग की।

ब्रायन लारा ने 16 अप्रैल 1994 को गैरी सोबर्स का 36 साल से ज्यादा पुराना रेकॉर्ड तोड़ा। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ सेंट जोंस पर 375 रन की पारी खेली। लारा ने अपनी इस पारी में 45 चौके लगाए। उन्होंने 538 गेंदों का सामना किया और 766 मिनट तक बल्लेबाजी की।

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज मैथ्यू हेडन ने जिम्बाब्वे के खिलाफ 9 अक्टूबर 2003 को 380 रन बनाकर लारा के 375 रन के रेकॉर्ड को तोड़ा। हेडन ने पर्थ के मैदान पर यह उपलब्धि हासिल की। अपनी पारी में हेडन ने 622 मिनट तक बल्लेबाजी की और 437 गेंदों का सामना किया। हेडन की पारी में 38 चौके और 11 छक्के लगाए थे।

ब्रायन लारा का नाम इस लिस्ट में एक बार फिर है और सबसे ऊपर। लारा ने साल 2004 में इंग्लैंड के खिलाफ सेंट जोंस में 400 रनों की नाबाद पारी खेली थी। वह टेस्ट क्रिकेट में 400 रन बनाने वाले इकलौते बल्लेबाज हैं। लारा ने अपनी पारी में 43 चौके और चार छक्के लगाए थे। उन्होंने 582 गेंदों का सामना किया और 778 मिनट तक बल्लेबाजी की।

Monday, June 15, 2020

इस साल टी-20 वर्ल्ड कप होना बेहद मुश्किल, वायरस के कारण 16 टीमों को एक जगह लाना कठिन चुनौती: क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया June 15, 2020 at 08:20PM

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के चेयरमैन अर्ल एडिंग्स ने कहा कि इस साल टी-20 वर्ल्ड कप होना बेहद मुश्किल है। एक वीडियो कॉन्फ्रेंस में एडिंग्स ने मंगलवार को कहा कि कोरोनावायरस से पूरी दुनिया जूझ रही है। ऐसे में 16 देशों की टीमों को वर्ल्ड कप के लिए एक जगह लाना कठिन चुनौती होगी।

ऑस्ट्रेलिया की मेजबानी में इस साल टी-20 वर्ल्ड कप 18 अक्टूबर से 15 नवंबर तक होना है। टूर्नामेंट को लेकर अगले महीने होने वाली इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) की बैठक में फैसला लिया जाएगा।

16 टीमों को ऑस्ट्रेलिया लाने की कोशिश हो रही
एडिंग्स ने कहा, ‘‘मेरा कहना है कि यह (वर्ल्ड कप) होना मुश्किल लग रहा है। हालांकि, अभी टूर्नामेंट के टलने या रद्द होने की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। हम 16 देशों की टीमों को ऑस्ट्रेलिया लाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अब भी कई देश ऐसे हैं, जहां कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में सच्चाई यह है कि ये बहुत ज्यादा मुश्किल होने वाला है।’’

वर्ल्ड कप की जगह आईपीएल होना संभव
यदि इस साल टी-20 वर्ल्ड कप टला, तो भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) उसकी जगह इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) करा सकता है। फिलहाल, कोरोना के कारण आईपीएल पहले ही अनिश्चितकाल के लिए टाला जा चुका है।

स्टेडियम में 25% दर्शकों को आने की मंजूरी
प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने देश में खेलों की वापसी को लेकर 12 जून को अहम घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि अगले महीने से 25% दर्शकों को स्टेडियम में आने की इजाजत होगी। इस फैसले के बाद टी-20 वर्ल्ड कप होने की उम्मीदें बढ़ गई थीं, लेकिन एडिंग्स के बयान ने फिर सस्पेंस बढ़ा दिया है।

खिलाड़ियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सबसे जरूरी: आईसीसी
आईसीसी के सीईओ मनु साहनी ने 10 जून को हुई बैठक के बाद कहा था- हमें इस पर फैसला करने के लिये केवल एक मौका मिलेगा और यह सही होना चाहिए। हम अपने सदस्यों, ब्रॉडकास्टर्स, सरकारों और खिलाड़ियों से सलाह लेना जारी रखेंगे ताकि उचित फैसला करें।

आईसीसी के मुताबिक, कोरोना की वजह से पैदा हुए हालात में खिलाड़ियों समेत सभी लोगों का स्वास्थ्य अहम है। इसलिए बोर्ड तेजी से बदल रहे हालात की लगातार समीक्षा कर रहा है। ताकि स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए क्रिकेट टूर्नामेंट कराने का रास्ता निकाला जा सके।



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पिछला टी-20 वर्ल्ड कप 2016 वेस्टइंडीज ने जीता था। तब फाइनल में इंग्लैंड को शिकस्त दी थी। यह टूर्नामेंट भारत की मेजबानी में हुआ था।

80% कर्मचारियों को काम से निकालने वाले सीईओ केविन रॉबर्ट्स ने इस्तीफा दिया, आर्थिक तंगी से जूझ रहा है बोर्ड June 15, 2020 at 07:03PM

कोरोनावायरस के बीच क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। इसी बीच सीए के चीफ एग्जीक्यूटिव (सीईओ) केविन रॉबर्ट्स ने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने आर्थिक तंगी के कारण 80% कर्मचारियों को काम से निकाल दिया था। इसके बाद उनकी काफी आलोचना हो रही थी।

रॉबर्ट्स की जगह निक हॉकले को सीए का अंतरिम चीफ एग्जीक्यूटिव बनाया गया है। इससे पहले रॉबर्ट्स 2018 में जेम्स सदरलैंड की जगह चीफ एग्जीक्यूटिव बने थे। उनका कॉन्ट्रैक्ट अगले साल खत्म होना था।

इस साल ऑस्ट्रेलिया में टी-20 वर्ल्ड कप और भारत के साथ सीरीज होगी
ऑस्ट्रेलिया को इसी साल अक्टूबर-नवंबर में टी-20 वर्ल्ड कप की मेजबानी करना है। इसके बाद भारत के साथ 4 टेस्ट और 3 वनडे की घरेलू सीरीज भी खेलना है। यदि भारतीय टीम दौरे पर नहीं जाती है तो सीए को 2400 करोड़ का नुकसान हो सकता है।

मुझे क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया का सीईओ पद पसंद है: रॉबर्ट्स
इस्तीफा देने के बाद रॉबर्ट्स ने कहा, ‘‘मुझे इस खेल और बोर्ड का इतना बड़ा पद मिला, इसके लिए मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूं। मैं क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के सीईओ पद को काफी पसंद करता हूं। हमारे खिलाड़ी और कर्मचारी सभी शानदार हैं। उन्होंने खेल के लिए बहुत कुछ किया है। हम सभी ने साथ मिलकर जो कुछ भी हासिल किया, उस पर मुझे गर्व होता है। इस खेल को अपना खून-पसीना देने वालों को मैं धन्यवाद देता हूं।’’

रॉबर्ट्स के फैसलों से नाराज थे स्टेट्स एसोसिएशन
सीए के अधिकारियों को ऑस्ट्रेलिया के सभी स्टेट्स के क्रिकेट एसोसिएशन मिलकर चुनते हैं। रॉबर्ट्स ने सभी एसोसिएशन के फंड में कटौती करने के साथ कई कर्मचारियों को निकाल दिया था। साथ ही भारत-ऑस्ट्रेलिया सीरीज का एक टेस्ट पर्थ में भी होना था, जिसकी मेजबानी छीन ली गई थी। इन फैसलों से सभी एसोसिएशन नाराज चल रहे थे।

रग्बी के अधिकारियों को भी हटाया
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के अलावा रग्बी की हालत भी खराब चल रही है। इससे पहले रग्बी ऑस्ट्रेलिया के सीईओ रैलेने कास्टल और नेशनल रग्बी लीग (एनआरएल) के सीईओ टॉड ग्रीनबर्ग जैसे खेल के बड़े अधिकारियों को भी उनके पद से हटाया जा चुका है।



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चीफ एग्जीक्यूटिव (सीईओ) केविन रॉबर्ट्स ने आलोचना के बाद मंगलवार को पद से इस्तीफा दे दिया है। -फाइल फोटो