Monday, April 13, 2020

धोनी को किस आधार पर टीम में चुना जाए: गंभीर April 12, 2020 at 09:24PM

नई दिल्लीवर्ल्ड कप विजेता टीम के सदस्य रहे पूर्व भारतीय ओपनर गौतम गंभीर का मानना है कि यदि कोरोना वायरस के कारण आईपीएल 2020 रद्द हो जाता है तो पूर्व कप्तान की टीम इंडिया में वापसी मुश्किल हो जाएगी। गंभीर ने साथ ही सवाल किया कि धोनी को किस आधार पर टीम में चुना जाना चाहिए। धोनी आईपीएल से क्रिकेट मैदान पर वापसी करने वाले थे, लेकिन चीन से फैले घातक कोरोना वायरस के चलते इस प्रतिष्ठित टी20 लीग को फिलहाल 15 अप्रैल तक के लिए टाल दिया गया। अब लॉकडाउन के कारण और देश में बढ़ते संक्रमितों की संख्या को देखते हुए आईपीएल के आयोजन पर भी आशंका जताई जा रही है। पढ़ें, धोनी ने पिछले साल आईसीसी वर्ल्ड कप के बाद से कोई प्रतिस्पर्धी क्रिकेट मैच नहीं खेला है। ऐसे में गंभीर ने पूछा कि इसी साल ऑस्ट्रेलिया में होने वाले आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप के लिए धोनी के सिलेक्शन के लिए किस प्रदर्शन को आधार बनाया जाएगा। गंभीर ने निजी टीवी चैनल से कहा, 'धोनी पिछले करीब एक साल से क्रिकेट नहीं खेल रहे हैं तो उनका चयन किस आधार पर किया जाएगा। धोनी का सबसे अच्छा विकल्प इस वक्त लोकेश राहुल हैं।' ईस्ट दिल्ली से मौजूदा लोकसभा सांसद गंभीर ने राहुल की तारीफ करते हुए कहा, 'वह टीम के लिए एक उपयोगी खिलाड़ी हैं। मैंने उनका प्रदर्शन देखा है। इसमें कोई शक नहीं कि उनकी विकेटकीपिंग धोनी जितनी अच्छी नहीं है लेकिन यदि आप टी20 क्रिकेट फॉर्मेट को देखें तो वह बहुआयामी खिलाड़ी हैं। वह नंबर 3 या 4 पर भी बल्लेबाजी कर सकते हैं।' पढ़ें, उन्होंने कहा, 'टीम इंडिया चाहेगी कि सभी खिलाड़ी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दिखाएं। यदि आईपीएल नहीं होता तो धोनी की वापसी काफी मुश्किल हो जाएगी। वह पिछले काफी समय से टीम का प्रतिनिधित्व नहीं कर रहे हैं।' 39 वर्षीय पूर्व क्रिकेटर ने कहा, 'जहां तक उनके संन्यास का सवाल है तो यह उनका निजी फैसला है।' धोनी के संन्यास को लेकर भी काफी समय से अटकलें लगाई जा रही हैं। इससे पहले पाकिस्तान के पूर्व पेसर शोएब अख्तर ने कहा था कि धोनी को 2019 वर्ल्ड कप के बाद ही संन्यास ले लेना चाहिए था।

बाबर आजम में है विराट कोहली से आगे निकलने की क्षमता: रमीज राजा April 12, 2020 at 09:09PM

नई दिल्ली पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान रमीज राजा ने कहा है युवा बल्लेबाज बाबर आजम की तारीफ की है। उन्होंने कहा है कि अगर बाबर खुले दिल से खेलें तो वह विराट कोहली के बड़े बैटिंग रेकॉर्ड्स को पीछे छोड़ सकते हैं। आईसीसी की बल्लेबाजों की रैंकिंग के हिसाब से बाबर फिलहाल पांचवें नंबर के टेस्ट बल्लबाज हैं वहीं टी20 इंटरनैशनल में वह पहले पायदान पर हैं। क्रिकेट पाकिस्तान ने राजा के हवाले से कहा, 'उनके (बाबर आजम) के पास विराट कोहली को पीछे छोड़ने की क्षमता है लेकिन उन्हें अपने दिमाग को फ्री करके खेलना होगा। उन्हें हार के बारे में नहीं सोचना होगा। अगर वह ऐसा कर पाते हैं और सिर्फ रन बनाने और जीत के बारे में सोचकर खेलते हैं तो वह लंबे समय समय तक महान खिलाड़ी बन सकते हैं।' इसे भी पढ़ें- रमीज ने कहा, 'बाबर आजम की प्रतिभा को देखते हुए कहा जा सकता है कि वह कुछ भी हासिल कर सकते हैं। लेकिन जब तक उन्हें हौसला बढ़ाने वाला माहौल नहीं मिलेगा वह अपनी क्षमता के हिसाब से नहीं खेल पाएंगे।' बाबर आजम का अंतरराष्ट्रीय रेकॉर्ड
मैच पारी रन औसत सर्वश्रेष्ठ 100 50
टेस्ट 26 48 1850 45.12 143 5 13
वनडे 74 72 3359 54.17 125* 11 15
टी20I 38 38 1471 50.72 97* 0 13
इस बीच बाबर ने खुद की तुलना विराट कोहली से किए जाने को खारिज किया था। 25 वर्षीय इस बल्लेबाज ने इतना जरूर कहा था कि कोहली ने जो भारत के लिए हासिल किया है वह उसे पाकिस्तान के लिए दोहराना चाहेंगे। विराट कोहली का अंतरराष्ट्रीय रेकॉर्ड
मैच पारी रन औसत सर्वश्रेष्ठ 100 50
टेस्ट 86 145 7240 53.62 254* 27 22
वनडे 248 239 11867 59.33 183 43 58
टी20I 82 76 2794 50.80 94* 0 24
आजम ने कहा था, 'कोहली को देखिए, वह अभी ही कितना कुछ हासिल कर चुके हैं। वह अपने देश के लिए एक महान खिलाड़ी बन चुके हैं। सच कहूं तो उनकी और मेरी कोई तुलना ही नहीं हैं लेकिन आखिर में मैं भी वहीं पहुंचना चाहूंगा जहां वह आज हैं।'

लगता है धोनी ने अपना आखिरी मैच खेल लिया, अब उन्हें नीली जर्सी में नहीं देख पाएंगे: आकाश चोपड़ा April 12, 2020 at 08:05PM

पूर्व भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने महेंद्र सिंह धोनी के करियर को लेकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि धोनी बड़ी खामोशी के साथ टीम से दूर हो गए हैं। लगता है उन्होंने अपना आखिरी मैच खेल लिया है। अब धोनी को नीली जर्सी में नहीं देख पाएंगे। आकाश ने यह बात पूर्व पाकिस्तानी कप्तान रमीज राजा के साथ यूट्यूब पर बात करते हुए कही। वहीं, धोनी ने अपना पिछला मैच जुलाई में वनडे वर्ल्ड कप में न्यूजीलैंड के खिलाफ सेमीफाइनल खेला था। तभी से वे टीम से बाहर चल रहे हैं।

आकाश ने कहा, ‘‘आज हर फैन यही सोचता है कि आईपीएल में अच्छे प्रदर्शन के दम पर धोनी टीम में वापसी कर सकते हैं। जबकि मुझे लगता है कि ऐसा बिल्कुल भी सच नहीं है। शायद धोनी ने अपना आखिरी मैच मैनचेस्टर में न्यूजीलैंड के खिलाफ वर्ल्ड कप का सेमीफाइनल खेल लिया है। तब से धोनी अपनी मर्जी से ही टीम से बाहर चल रहे हैं, जबकि उन्हें ड्रोप नहीं किया गया। शायद धोनी ने भारत के लिए नहीं खेलने का मन बना लिया है।’’

गांगुली, कोहली फोन लगाएं तभी वापसी की उम्मीद
उन्होंने कहा, धोनी की वापसी का एक रास्ता है कि सौरभ गांगुली, विराट कोहली या रवि शास्त्री फोन लगाकर बात करें। वे धोनी से वर्ल्ड कप में खेलने के लिए कहें, तो शायद धोनी की टीम में वापसी हो सकती है। यदि ऐसा नहीं होता है यही मानना होगा कि धोनी खामोशी के साथ विदाई लेना चाहते हैं। वे खामोशी से ही टीम में आए भी थे। वे बड़ी विदाई लेने वाले खिलाड़ियों में से नहीं हैं। अगर टी-20 वर्ल्ड कप की तारीख आगे बढ़ती है, तो फिर धोनी की वापसी नामुमकिन है।’’ दरअसल, इस साल टी-20 वर्ल्ड कप ऑस्ट्रेलिया में अक्टूबर-नवंबर में खेला जाएगा। टूर्नामेंट पर कोरोनावायरस का खतरा मंडरा रहा है।



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महेंद्र सिंह धोनी ने अपना पिछला मैच जुलाई में वनडे वर्ल्ड कप में न्यूजीलैंड के खिलाफ सेमीफाइनल खेला था। तभी से वे टीम से बाहर चल रहे हैं।

Sunday, April 12, 2020

'ऊपरवाले का साथ था जो सचिन को किया आउट' April 12, 2020 at 08:24PM

नई दिल्ली भारत और पाकिस्तान के बीच 1999 में चेन्नै में यादगार टेस्ट खेला गया था। क्रिकेट के चाहने वाले आज भी उस मैच के रोमांच को याद करते हैं। भारत को जीत के लिए 271 रन चाहिए थे और 81 रनों पर उसके पांच विकेट गिर चुके थे। यहां से सचिन ने मोर्चा संभाला और कमर में भयानक दर्द के बावजूद क्रीज पर टिके रहे और 136 रन बनाए। सचिन टीम को जीत के करीब लेकर आए। भारत को जब जीत के लिए 17 रन चाहिए थे तब सचिन ऑफ स्पिनर की गेंद पर आउट हो गए। वसीम अकरम ने ही उनका कैच पकड़ा। अंत मे पाकिस्तान ने 12 रन से जीत हासिल की। सकलैन ने मैच में 10 विकेट लिए। उस मैच को याद करते हुए इस दिग्गज ऑफ स्पिनर ने कहा कि इस बात को 21 साल हो गए हैं लेकिन उन्हें आज भी वह बात याद है। स्पोर्ट्स स्टार से बात करते हुए सकलैन ने कहा, 'ऊपर वाला उस दिन मेरी तरफ था। मैंने नहीं सोचा था कि मैं मास्टर ब्लास्टर को आउट करूंगा। लेकिन जब ईश्वर प्लान बनाए तो उसे बदल नहीं सकते।' उन्होंने कहा, 'आखिरी सांस तक मैं इस बात पर फर्क महसूस करूंगा कि मैंने उसे उस दिन आउट किया था मेरा नाम उसके नाम के साथ जुड़ा रहेगा।' भारतीय टीम पांच विकेट खो चुकी थी लेकिन सचिन तेंडुलकर अच्छी फॉर्म मे थे। सकलैन ने याद करते हुए कहा, 'एक वक्त ऐसा था कि सचिन किसी को नहीं बख्श रहा था। वह बहुत शानदार खेल रहा था। तो मैं कप्तान वसीम अकसम के पास गया और कहा कि अब गेंदबाजों के लिए सचिन को रोक पाना मुश्किल होता जा रहा है। मनोवैज्ञानिक रूप से मैं थोड़ा डाउन महसूस कर रहा था।' अकरम के साथ बातचीत ने सकलैन की काफी मदद की। उन्होंने कहा, 'वसीम भाई ने कहा कि उन्हें मुझ पर पूरा यकीन है और मैं कुछ जादू कर सकता हूं। इस शब्दों ने मुझे मदद की और मैं थोड़ा मजबूत करने लग गया मैंने कुछ बाउंड्री खाईं पर आखिर में उन्हें आउट कर दिया।' सकलैन ने माना कि सचिन को आउट करना आसान नहीं था। उन्होंने कहा, 'सचिन की नजरें बहुत तेज थीं और वह कुछ भी पढ़ सकते थे। आपको यकीन नहीं होगा कि मैं उन्हें दूसरा फेंकने से डर रहा था कि कई वह चौके न लगा दें। यह उनकी ताकत थी। विकेट धीमा था तो मुश्किल और ज्यादा थी। लेकिन तब भी ऊपर वाले की मेहरबानी से मैं उन्हें आउट कर सका। '