Friday, March 27, 2020

लॉकडाउन के दौरान कायम रहे फिटनेस, यूं पसीना बहा रहे हैं ऋषभ पंत March 26, 2020 at 10:32PM

नई दिल्ली भी अन्य भारतीय क्रिकेटरों की तरह लॉकडाउन के वक्त में घर पर ही वक्त बिता रहे हैं। कोरोनावायरस (कोविड-19) महामारी के चलते देशभर में 21 दिन के लॉकडाउन कर दिया है। ऐसे में क्रिकेटर्स की फिटनेस बनाए रखने के लिए उन्हें खास ट्रेनिंग प्रोग्राम दिया गया है। पंत भी इसी प्रयास में हैं कि इस मुश्किल वक्त में वह फिटनेस बनाए रखें। के आधिकारिक टि्वटर हैंडल में पंत का एक विडियो शेयर किया गया है जिसमें वह घर पर ही वर्कआउट कर रहे हैं। बीसीसीआई ने इस विडियो के साथ कैप्शन दिया है, 'इनडोर वर्कआउट में देखिए @RishabhPant17'। पंत इस विडियो में ट्रेडमिल पर दौड़ रहे हैं और अन्य एक्सरसाइज कर रहे हैं। पंत पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर काफी ऐक्टिव हैं। दिल्ली कैपिटल्स के इस खिलाड़ी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लगाए गए 21 दिनों के लॉकडाउन का समर्थन किया था और लोगों से घरों के भीतर ही रहने की गुजारिश की थी। क्रिकेट की बात करें तो न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में दिल्ली का यह विकेटकीपर बल्लेबाज प्रभावित करने में नाकाम रहा था। अन्य भारतीय बल्लेबाजों की तरह वह भी कीवी मैदान पर संघर्ष करते दिखे थे।

पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर मियांदाद 1992 वर्ल्ड कप में अजीब वायरल का शिकार हुए थे, कहा- फाइनल में पसीना-पसीना हो गया था March 26, 2020 at 09:48PM

खेल डेस्क. दुनियाभर को अपनी चपेट में ले चुके कोरोनावायरस के बीच पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर जावेद मियांदाद ने एक खुलासा किया है। उन्होंने 25 मार्च, 1992 वर्ल्ड कप के फाइनल को याद करते हुए दावा किया कि मैच के दौरान वे किसी अजीब वायरल के शिकार हो गए थे। तब डॉक्टर को भी उनकी बीमारी का पता नहीं चल सका था। तब पाकिस्तान टीम ने इमरान खान की कप्तानी में एकमात्र खिताब अपने नाम किया था। उस मैच में मियांदाद ने 98 गेंद पर 58 रन की पारी खेली थी, जबकि इमरान ने सबसे ज्यादा 72 रन बनाए थे।

मियांदाद ने यूट्यूब वीडियो में कहा- ‘‘हम इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल खेले थे। मुझे आज भी यकीन नहीं होता कि हम जीते कैंसे। मेरा तब एक ही मकसद था कि पिच पर टिका रहूं। लेकिन तब मुझे पेट की बिमारी हो गई थी, जिससे मुझे दौड़ने में भी तकलीफ हो रही थी। मैं अपने शॉट नहीं खेल पा रहा था। मुझे अजीब वायरस हो गया था। फाइनल में मैं पसीना-पसीना हो गया था। मुझे लग रहा था कि मेरे अंदर जान ही नहीं बची है। मैंने इसके बाद डॉक्टर को भी दिखाया, लेकिन किसी को बीमारी के बारे में पता नहीं चला था।’’

मियांदाद-इमरान ने की 139 रन की साझेदारी
फाइनल में पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 6 विकेट पर 249 रन बनाए थे। इसके जवाब में इंग्लैंड 227 रन पर ही सिमट गई थी। मैच में पाकिस्तान के दो विकेट 24 रन पर ही गिर गए थे। इसके बाद इमरान और मियांदाद ने तीसरे विकेट के लिए 139 रन की अहम साझेदारी की थी। मैच में इंजमाम उल हक ने 46 गेंद पर 42 रन और वसीम अकरम ने 18 गेंद पर 33 रनों की पारी खेली थी। जबकि अकरम और मुश्ताक अहमद ने 3-3 विकेट लिए थे। मियांदाद ने पाकिस्तान के लिए 124 टेस्ट में 8832 और 233 वनडे में 7381 रन बनाए हैं।



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जावेद मियांदाद ने पाकिस्तान के लिए 124 टेस्ट में 8832 और 233 वनडे में 7381 रन बनाए हैं।

अख्तर ने डॉक्टरों से कहा, आप कर रहे हैं असली जिहाद March 26, 2020 at 09:18PM

नई दिल्ली पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज ने कोरोना वायरस से लड़ रहे डॉक्टर्स की दिल खोलकर तारीफ की है। अख्तर ने कहा है कि इस वैश्विक महामारी से लड़ रहे डॉक्टर जो कर रह हैं वह किसी 'जेहाद' से कम नहीं है। अख्तर ने गुरुवार को अपने यू-ट्यूब चैनल पर कोरोना वायरस के इलाज में जुटे डॉक्टरों, नर्सों और अन्य मेडिकल स्टाफ की तारीफ की। उन्होंने मेडिकल स्टाफ के बारे में कहा कि आप लोग अपनी जान खतरे में डालकर हमारी जान बचाने में जुटे हैं। उन्होंने कहा कि भारत से लेकर इटली, अमेरिका, इंग्लैंड, बांग्लादेश और दुनिया के 190 मुल्कों में फैल चुके इस वायरस से लड़ने के लिए डॉक्टर जूझ रहे हैं। यह असली जिहाद है और यही मानवता की सेवा है। उन्होंने कहा कि शुक्रवार शाम मेडिकल स्टाफ के प्रति अपना समर्थन जताने के लिए हम अपने घरों की छतों पर सफेद झंडा लगाएंगे। उन्होंने कहा कि मुश्किल वक्त में कौम खड़ी होती हैं और जुड़ती हैं। अख्तर ने कहा कि यह वायरस मजहब नहीं देख रहा है। यह किसी मजहब के लोगों को अपना शिकार बना रहा है और न ही डॉक्टर कोई मजहब देखकर इलाज कर रहे हैं। रावलपिंडी एक्सप्रेस के नाम से मशहूर इस बोलर ने कहा कि दुनिया का कोई भी मुल्क हो डॉक्टर बिना किसी भेदभाव के मरीजों का इलाज करने में जुटे हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इंग्लैंड जैसे दुनिया के ताकतवर मुल्क भी इस बीमारी के आगे पस्त नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन के प्रिंस चार्ल्स भी इसकी चपेट में है। तो यह बीमारी शहजादा और आम इनसान में फर्क नहीं करती। अख्तर ने मेडिकल स्टाफ की मदद के लिए लोगों को आपस में मिलकर ग्रुप बनाकर काम करना चाहिए। उन्हें या तो धन या वॉलिंटियर सर्विस देनी चाहिए।

सचिन तेंडुलकर ने कोविड-19 से जंग के लिए की 50 लाख रुपये की मदद March 26, 2020 at 08:59PM

नई दिल्ली दिग्गज बल्लेबाज ने शुक्रवार को कोविड-19 वायरस से लड़ने के लिए 50 लाख रुपये दान करने की घोषणा की। इस बीमारी के चलते भारत में अभी तक 18 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। अभी तक किसी भारतीय खिलाड़ी द्वारा इस बीमारी से लड़ने के लिए दी गई यह सबसे बड़ी रकम है। मामले की जानकारी रखने वाले एक करीबी सूत्र ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, 'सचिन तेंडुलकर ने प्रधानमंत्री राहत कोष और मुख्यमंत्री राहत कोष में 25-25 लाख रुपए देने का फैसला किया है। यह रकम कोविड-19 से लड़ने में मदद के रूप में दी गई है। यह उनका फैसला था कि वह दोनों फंड में सहयोग करना चाहते थे।' तेंडुलकर चैरिटी से जुड़े रहे हैं और सामाजिक कार्यों में सहयोग करते रहते हैं। हालांकि ज्यादातर मामलों में ये बातें सामने नहीं आ पातीं। सचिन के अलावा पठान बंधुओं- इरफान और युसुफ ने बड़ौदा पुलिस और हेल्थ डिपार्टमेंट को 4000 फेस मास्क दिए हैं। वहीं महेंद्र सिंह धोनी ने भी पुणे के एक एनजीओ के जरिए 1 लाख रुपये दिए हैं। इसके अलावा पहलवान बजरंग पूनिया, धावक हीमा दास और पीवी सिंधु ने भी इस बीमारी से लड़ने के लिए योगदान दिया है।