Wednesday, December 29, 2021

अर्जुन तेंदुलकर मुंबई की रणजी टीम में:13 जनवरी को महाराष्ट्र के खिलाफ कर सकते हैं डेब्यू, पिछले साल कोरोना के कारण नहीं मिला था मौका December 29, 2021 at 05:11AM

ना बारिश, ना BAD-LIGHTS फिर भी रूका मैच:कोहली ने कूकाबुरा गेंद को लेकर अंपायर से की बहस, लगभग 10 मिनट तक रूका रहा मुकाबला December 29, 2021 at 03:52AM

गोवा में रोनाल्डो की मूर्ति लगने से बड़ा बवाल, जानें क्यों भड़के हैं लोग December 29, 2021 at 12:56AM

पणजीगोवा के समुद्र तटीय गांव कलंगूट के एक पार्क में की पीतल की एक बड़ी प्रतिमा का अनावरण किया गया, जिसने फुटबॉलर के पुर्तगाली संबंधों को लेकर तटीय राज्य में हलचल मचा दी है। प्रतिमा का मंगलवार को उद्घाटन किया गया। इसका उद्देश्य युवाओं को इस दिग्गज से प्रेरित करना था। साइट पर हालांकि काले झंडे से विरोध शुरू हो गया, प्रदर्शनकारियों ने राज्य के अधिकारियों पर अर्जुन पुरस्कार विजेता और पूर्व भारतीय फुटबॉल टीम के कप्तान ब्रूनो जैसे स्थानीय फुटबॉल दिग्गजों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। स्थानीय भाजपा विधायक और बंदरगाह मंत्री ने कहा, ‘यह भारत में क्रिस्टियानो रोनाल्डो की पहली मूर्ति है। यह हमारे युवाओं को प्रेरित करने के अलावा और कुछ नहीं है। अगर आप फुटबॉल को दूसरे स्तर पर ले जाना चाहते हैं, तो ये वही है जो लड़कों और लड़कियों को उनके साथ सेल्फी लेने से प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा, ‘‘मूर्ति केवल प्रेरित करने के लिए है। हम सरकार से अच्छे मैदान, अच्छे बुनियादी ढांचे और अच्छे कोच चाहते हैं।’ लोबो ने कहा कि भारत की विशाल आबादी के बावजूद, देश की फुटबॉल टीम छोटे देशों को भी नहीं हरा सकती है और गोवा और भारत के लिए ख्याति लाने वाले खिलाड़ियों को गोवा के हर गांव में उचित कोचिंग की सुविधा दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘क्रिस्टियानो रोनाल्डो पार्क में आने वाले लोग उनके जैसा बनने और गोवा और भारत के लिए खेलने के लिए प्रेरित होंगे।’ इस बीच, लोकप्रिय नाइट क्लब, टाइटोस इन कैलंगुट के मालिक, रिकार्डो डिसूजा का कहना है कि इसके बजाय ब्रूनो कॉटिन्हो और समीर नाइक जैसे स्थानीय फुटबॉल आइकन की मूर्तियां स्थापित की जानी चाहिए थीं। उन्होंने कहा, ‘रोनाल्डो की मूर्ति के निर्माण के बारे में सुनकर बहुत निराश हूं। समीर नाइक और ब्रूनो कॉटिन्हो जैसे हमारे अपने आइकन पर गर्व करना सीखें।’ अनावरण समारोह में, कुछ दक्षिणपंथी प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि एक पुर्तगाली नागरिक रोनाल्डो की मूर्ति बनाना गोवा का अपमान है, खासकर जब राज्य पुर्तगाली शासन से मुक्ति की 60वीं वर्षगांठ मना रहा है।

ऐसा रहा टीम इंडिया के लिए साल 2021, फीकी पड़ी 'किंग कोहली' की चमक December 28, 2021 at 08:44PM

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट पर विराट कोहली (Virat Kohli) की पकड़ 2021 में ढीली हुई जब आईसीसी टूर्नामेंटों में खिताब नहीं जीत पाने का टीम इंडिया का सिलसिला जारी रहा। हालांकि ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीतने का श्रेय जरूर इसने हासिल किया। महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) ने 2017 में जब सीमित ओवरों की कप्तानी छोड़ी तब विराट कोहली भारतीय क्रिकेट के बेताज बादशाह बन गए। अगले तीन साल तक उन्हें कोई चुनौती नहीं मिली और उनकी तूती ही बोलती रही। बीसीसीआई (BCCI) में मजबूत प्रशासन के अभाव में कोहली ही फैसले लेने लगे और भारतीय टीम के अच्छे प्रदर्शन को देखते हुए किसी ने ऐतराज भी नहीं जताया हालांकि आईसीसी खिताब जीतने में वे नाकाम रहे। फिर सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) और जय शाह ने 2019 में दुनिया के सबसे शक्तिशाली क्रिकेट बोर्ड की सत्ता की बागडोर संभाली। एक साल तक सब कुछ ठीक ठाक चलता रहा लेकिन 2020 विश्व कप के बाद कोहली ने टी20 टीम की कप्तानी छोड़ने का फैसला किया। उनका वनडे टीम की कप्तानी छोड़ने का कोई इरादा नहीं था लेकिन टूर्नामेंट से भारत की जल्दी रवानगी के बाद यह लगभग तय हो गया था। कोहली-गांगुली के बीच मतभेद हुए उजागर कोहली से वनडे टीम की कप्तानी छिनी गई जिसके बाद गांगुली और उनके मतभेद उजागर हो गए। दोनों ने एक दूसरे के बयानों का सार्वजनिक तौर पर खंडन किया । सीमित ओवरों की कप्तानी अब रोहित शर्मा को सौंप दी गई । अपने सुनहरे कैरियर में 70 अंतरराष्ट्रीय शतक जमा चुके कोहली को किसी को कुछ साबित नहीं करना है लेकिन दो साल से बतौर बल्लेबाज उनके औसत फॉर्म और बीसीसीआई से मतभेद के बाद अब वह जरूर दिखाना चाहेंगे कि उन्हें दुनिया का सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज क्यो माना जाता है । कोहली-शास्त्री युग का हुआ अंत टी20 विश्व कप से भारत के जल्दी बाहर होने के साथ ही कोहली और रवि शास्त्री का दौर भी खत्म हो गया। कोहली की अगुवाई वाली टेस्ट टीम की क्षमता पर किसी को संदेह नहीं था लेकिन विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल में न्यूजीलैंड के हाथों हार से निराशा हाथ लगी। भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बनाई लेकिन न्यूजीलैंड ने खिताबी मुकाबले में उसे उन्नीस साबित कर दिया। भारत ने इस साल ऑस्ट्रेलिया में लगातार दूसरी सीरीज जीती। यह जीत इसलिए भी अहम थी क्योंकि खिलाड़ियों की चोटों से जूझ रही भारतीय टीम के पास प्रमुख खिलाड़ी भी ब्रिसबेन में निर्णायक मैच में उतारने के लिए नहीं थे। एडीलेड टेस्ट में 36 रन पर सिमटने के बाद भारतीय टीम ने जिस तरह वापसी करके सीरीज जीती, यह विजयगाथा क्रिकेट की किवदंतियों में शुमार हो गई । ब्रिसबेन में ऑस्ट्रेलिया 33 साल बाद कोई टेस्ट हारा। कोहली पहले टेस्ट के बाद अपने बच्चे के जन्म के कारण स्वदेश लौट आए थे। उनकी गैर मौजूदगी में अजिंक्य रहाणे ने मोर्चे से अगुवाई की और भारत की जीत के सूत्रधार रहे। ...तब कोहली ये कारनामा करने वाले पहले एशियाई कप्तान बन जाएंगे कोहली और टीम विदेश में एक और सीरीज जीतने के करीब थे लेकिन कोरोना महामारी के कारण इंग्लैंड में पांचवां और आखिरी टेस्ट रद्द करना पड़। भारत सीरीज में 2-1 से आगे है और आखिरी टेस्ट अगले साल खेला जाएगा। भारत अगर सीरीज जीत लेता है तो इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीतने वाले कोहली पहले एशियाई कप्तान बन जाएंगे। रोहित और नए कोच राहुल द्रविड़ को टी20 विश्व कप और वनडे विश्व कप में अच्छे प्रदर्शन के लिए काफी मेहनत करनी होगी जो क्रमश: 2022 और 2023 में होने हैं। पिछले साल की ही तरह इस साल भी कोरोना के कारण अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर अस्त व्यस्त रहा पिछले साल की ही तरह इस साल भी कोरोना महामारी के कारण अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर अस्त व्यस्त रहा। पाकिस्तान और वेस्टइंडीज के बीच वनडे सीरीज स्थगित करनी पड़ी। टी20 विश्व कप से पहले न्यूजीलैंड और इंग्लैंड ने सुरक्षा कारणों से पाकिस्तान दौरे से हाथ खींच लिए। पाकिस्तान टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल तक पहुंचा जहां उसे ऑस्ट्रेलिया ने हराया। ऑस्ट्रेलिया ने पहली बार टी20 विश्व कप जीता। वहीं साल के अंत में महज 12 दिन के भीतर ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की एशेज सीरीज में 3-0 की विजयी बढ़त बना ली।