Tuesday, December 21, 2021

टीम इंडिया की होप, बोलिंग की सबसे बड़ी तोप, इस खिलाड़ी से घबराया साउथ अफ्रीका December 21, 2021 at 04:04AM

जोहानिसबर्गभारत 2018 के बाद पहली बार दक्षिण अफ्रीका में टेस्ट श्रृंखला खेलेगा। टीम को उस दौरे में शानदार प्रदर्शन के बाद भी 1-2 से हार का सामना करना पड़ा था। साउथ अफ्रीकी टीम में तब एबी डिविलियर्स, डेल स्टेन, फाफ डु प्लेसिस, हाशिम अमला और वर्नोन फिलेंडर जैसे अनुभवी खिलाड़ी थे, लेकिन मौजूदा टीम में उनमें से कोई भी नहीं है। बुमराह ने साउथ अफ्रीका में किया था डेब्यू दक्षिण अफ्रीका के कप्तान डीन एल्गर का मानना है कि विदेशी हालातों में भारतीय आक्रमण में काफी सुधार हुआ है और जसप्रीत बुमराह उनके घरेलू माहौल में तेज गेंदबाजों की मददगार पिचों का फायदा उठाने में सक्षम है। बुमराह ने उस श्रृंखला में टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया था और अब वह इंटरनेशनल क्रिकेट में टॉप बोलर्स में से एक हैं। बुमराह को बताया वर्ल्ड क्लास बोलर एल्गर ने ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन में बुमराह के खतरनाक को मानते हुए कहा कि उनकी टीम के लिए पूरी भारतीय आक्रमण का सामना करना मुश्किल होगा। उन्होंने कहा, ‘वह (बुमराह) विश्वस्तरीय गेंदबाज हैं। अगर कोई एक गेंदबाज है जो दक्षिण अफ्रीका की परिस्थितियों का अच्छी तरह से फायदा उठा सकता है, तो वह बुमराह ही होगा, लेकिन हम एक खिलाड़ी पर पर ध्यान केंद्रित नहीं करते। समग्र रूप से भारत एक मजबूत टीम है।’ नॉर्किया टेस्ट सीरीज से बाहर दक्षिण अफ्रीका को श्रृंखला के शुरुआती मैच से पहले बड़ा झटका लगा है। उनके मुख्य गेंदबाज एनरिक नॉर्किया चोट के कारण बाहर हो गए हैं। कागिसो रबाडा, डुआने ओलिवर के साथ गेंदबाजी आक्रमण का नेतृत्व करेंगे । वह ब्रिटेन के साथ कोलपैक करार की समाप्ति के बाद दक्षिण अफ्रीका के लिए खेलने के लिए लौट आए हैं। टीम में लुंगी एनगिडी भी होंगे। कमजोर लग रही साउथ अफ्रीका की बैटिंग टीम की बल्लेबाजी क्रम में अनुभवहीनता के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘पेशेवर क्रिकेट आपके लिए मौके को भुनाने के बारे में है। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं, तो दूसरे खिलाड़ी जगह लेने के लिए तैयार है। लेकिन दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीम के खिलाफ खेलना हमेशा कठिन होता है। उनके पास बहुत मजबूत गेंदबाजी आक्रमण है और हम इससे वाकिफ हैं।’

Vijay Hazare Trophy 2021: शाहरुख खान का सुपर शो, सेमीफाइनल में तमिलनाडु और हिमाचल December 21, 2021 at 01:59AM

जयपुरसलामी बल्लेबाज एन जगदीशन के शतक और तेज गेंदबाज रघुपति सिलामबरासन के चार विकेट की मदद से तमिलनाडु ने मंगलवार को कर्नाटक को 151 रन से करारी शिकस्त देकर विजय हजारे ट्रॉफी वनडे क्रिकेट टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में प्रवेश किया। तमिलनाडु ने इस मैच में शुरू से आखिर तक दबदबा बनाए रखा। उसने पहले बल्लेबाजी का न्यौता मिलने पर आठ विकेट पर 354 रन का विशाल स्कोर बनाया और उसके बाद कर्नाटक को 39 ओवर में 203 रन पर समेट दिया। तमिलनाडु की पारी का आकर्षण जगदीशन के 102 रन रहे जिसके लिए, उन्होंने 101 गेंदें खेली तथा नौ चौके और एक छक्का लगाया। उन्होंने बाबा अपराजित (13) के जल्दी आउट हो जाने के बाद आर साई किशोर (61) के साथ दूसरे विकेट के लिये 147 रन की साझेदारी की। शाहरुख खान का सुपर शो अंतिम ओवरों में शाहरूख खान ने 39 गेंदों पर सात चौकों और छह छक्कों की मदद से नाबाद 79 रन की पारी खेली। उनके अलावा कप्तान दिनेश कार्तिक ने 44 और बाबा इंद्रजीत ने 31 रन का योगदान दिया। कर्नाटक की तरफ से लेग स्पिनर प्रवीण दुबे ने 67 रन देकर तीन जबकि तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा ने 57 रन देकर दो विकेट लिए। पडिक्कल लगातार दूसरे मैच में फेल कर्नाटक के लिए श्रीनिवास शरत ने सर्वाधिक 43 रन बनाये जबकि अभिनव मनोहर ने 34 रन का योगदान दिया। देवदत्त पडिक्कल लगातार दूसरे मैच में नाकाम रहे और पारी के दूसरे ओवर में ही बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। कर्नाटक ने इसके बाद भी नियमित अंतराल में विकेट गंवाए। कप्तान मनीष पांडे (नौ) जब आउट हुए तो स्कोर चार विकेट 74 रन हो गया। उसकी टीम इन शुरुआती झटकों से आखिर तक नहीं उबर पाई। हिमाचल भी सेमीफाइनल में पहुंचा सलामी बल्लेबाज प्रशांत चोपड़ा एक रन से शतक से चूक गए, लेकिन उनके और निखिल गंगटा के बीच दूसरे विकेट की शतकीय साझेदारी की बदौलत हिमाचल प्रदेश ने विजय हजारे ट्रॉफी एकदिवसीय क्रिकेट टूर्नामेंट के पहले क्वार्टर फाइनल में मंगलवार को यहां उत्तर प्रदेश को पांच विकेट से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। उत्तर प्रदेश के 208 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए हिमाचल ने प्रशांत की 141 गेंद में 10 चौकों और दो छक्कों से 99 रन की पारी के अलावा निखिल (58 रन, 59 गेंद, पांच चौके, तीन छक्के) के साथ उनकी 122 रन की साझेदारी की बदौलत 27 गेंद शेष रहते पांच विकेट पर 208 रन बनाकर जीत दर्ज की।

मिशन सीरीज फतह: साउथ अफ्रीका में विराट कोहली क्यों हैं भारत की सबसे बड़ी उम्मीद December 21, 2021 at 06:53AM

नई दिल्ली रंगभेद नीति के कारण साउथ अफ्रीका को 21 साल तक इंटरनेशनल क्रिकेट बिरादरी से बाहर कर दिया गया था। ऐसा तब हुआ जब उसके पास दुनिया की सबसे ताकतवर टीम थी। उसने क्रिकेट में इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज जैसी ताकतवर टीम के छक्के छुड़ा दिए थे। 1975, 1979, 1983 और 1987 वर्ल्ड कप दक्षिण अफ्रीका के बिना खेले गए। 1992 में उसकी दोबारा वापसी हुई। वैसे साउथ अफ्रीका दौरा दुनिया की हर क्रिकेट टीम के लिए हमेशा से चैलेंजिग रहा है। पहली सीरीज जीत की तलाश में भारत नवंबर 1992 में भारत ने पहली बार साउथ अफ्रीका का दौरा किया था। तब से लेकर अबतक टीम इंडिया प्रोटिज सरजमीं पर एक भी सीरीज नहीं जीत पाई है। सिर्फ भारत ही नहीं श्रीलंका को छोड़कर किसी भी एशियाई टीम को वहां सफलता हाथ नहीं लगी। अब 26 दिसंबर से तीन टेस्ट मैच की सीरीज की शुरुआत बॉक्सिंग डे टेस्ट मैच से होने वाली है। कप्तान अजहरुद्दीन से शुरू हुए इस सफर को मौजूदा कैप्टन कोहली एक सुखद अंत देकर छोड़ना चाहेंगे। गुरु द्रविड़ ने दिए कप्तान कोहली को मंत्र भारतीय टीम टेस्ट सीरीज जीतने के लिए जोहानिसबर्ग के हालातों से अनुकूल होने के साथ कड़ी मेनहत कर रही है। बीसीसीआई ने मंगलवार को टीम के दूसरे प्रैक्टिस सेशन की फोटोज पोस्ट कीं, जिसमें खिलाड़ी कड़ी मेहनत करते नजर आ रहे हैं। एक लंबे अभ्यास सत्र में मुख्य कोच राहुल द्रविड़ खिलाड़ियों को कुछ स्पेशल टिप्स देते दिखाई दे रहे हैं। द्रविड़ ने पहले प्रशिक्षण सत्र में अच्छा अभ्यास पर जोर दिया था, इसके बाद सोमवार को उन्होंने विकेटकीपर ऋषभ पंत और साहा को विकेट के पीछे कुछ स्पेशल गुण सिखाए। घास वाली पिच पर कैसे खेंलेगे विराट जोहानिसबर्ग में 1400 मीटर की ऊंचाई पर बदलते मौसम को ध्यान में रखते हुए विराट कोहली एक स्वेटर पहनकर अभ्यास सत्र मे हिस्सा लेने आए थे, जिसके बाद उन्हें द्रविड़ से बल्लेबाजी के टिप्स लेते हुए देखा गया। बाद में द्रविड़ और बल्लेबाजी कोच विक्रम राठौर को जसप्रीत बुमराह सहित भारतीय तेज गेंदबाजों के साथ बातचीत करते देखा गया, जिन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए आराम दिया गया था। विराट को रास आती है SA में बल्लेबाजी साउथ अफ्रीका में सिर्फ दो ही भारतीय टेस्ट बल्लेबाजों की औसत 50 से ज्यादा है। पहले भारतीय कप्तान विराट कोहली और दूसरे टीम के सीनियर बैटर अजिंक्य रहाणे। दोनों के अलावा क्रिकेट इतिहास में कोई भी हिंदुस्तानी दिग्गज प्रोटिज सरजमीं पर इतना शानदार खेल नहीं दिखा पाया है। कोहली जहां भारत में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 64.6 की औसत से 517 रन बना चुके हैं तो साउथ अफ्रीका में उनके बल्ले से 55.8 की औसत से 558 रन निकले हैं। 2018 दौरे के हीरो थे विराट कोहली पिछले दौरे में विराट कोहली भारत के सर्वोच्च स्कोरर थे। इस दौरान उन्होंने छह पारियों में 47.66 की औसत से एक शतक और एक अर्धशतक भी जमाया था। वैसे तीन टेस्ट मैच की सीरीज के दौरान पूरा फोकस भारत के तेज गेंदबाजों पर ही होगा। द्रविड़ इस बात पर खास ध्यान देते नजर आए कि कैसे नेट्स में मोहम्मद सिराज और उमेश यादव गेंदबाजी कर रहे हैं। सोमवार को, भारत के गेंदबाजी कोच पारस म्हाम्ब्रे ने कहा था कि उनके खिलाड़ियों को उछाल वाली परिस्थितियों के लिए तैयार रहना होगा और सही क्षेत्रों पर हिट करने के लिए उन्हें अपनी तकनीक पर काम करना होगा।

मैं गेल को सिर्फ सोशल मीडिया के बारे में सिखा सकता हूं, वसीम जाफर ने ऐसा क्यों कहा December 21, 2021 at 07:27AM

नई दिल्ली पूर्व भारतीय क्रिकेट स्टार वसीम जाफर को सोशल मीडिया पर मजाकिया पोस्ट करने के लिए उतना ही जाना जाता है, जितना कि भारत के लिए उनकी मैच जिताने वाली पारी के लिए। आमतौर पर क्रिकेटर के ट्वीट और मीम्स का सोशल मीडिया पर हमेशा से प्रशंसकों को इंतजार रहता है। उनके कई पोस्ट अक्सर सोशल मीडिया पर वायरल हो जाते हैं। क्रिकेट प्रशंसकों के लिए एक डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से जाफर ने अपनी ऑनलाइन गतिविधियों के बारे में बताया है। जाफर ने कहा, ‘मैं हमेशा मैदान पर एक गंभीर खिलाड़ी रहा हूं और मैं स्वभाव से अंतर्मुखी रहा हूं, लेकिन सोशल मीडिया ने मुझे अपने अंदर के एक और टैलेंट को निखारने का मौका दिया है। उम्मीद है कि यह लोगों को पसंद आएगा।’ ऑनलाइन बातचीत के दौरान, जब एक प्रशंसक ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में वेस्टइंडीज के क्रिकेटर क्रिस गेल को कोचिंग देने के उनके अनुभव के बारे में पूछा, तो जाफर ने एक अलग अंदाज में इसका जवाब दिया। उन्होंने कहा, ‘टी-20 बल्लेबाजी के बारे में बहुत कुछ नहीं है जो मैं उसे सिखा सकता हूं, वह एक महान खिलाड़ी है। मैं उन्हें केवल सोशल मीडिया पर मजाक करने के बारे में सिखा सकता हूं।’