Thursday, September 2, 2021

तोक्यो में प्रवीण का कमाल, हाई जंप में जीता सिल्वर, एशियन रेकॉर्ड भी बनाया September 02, 2021 at 05:20PM

तोक्यो तोक्यो पैरालिंपिक में भारतीय ऐथलीटों का कमाल जारी है। पैरा-ऐथलीट प्रवीण कुमार ने शुक्रवार को हाई जंप टी-44 में 2.07 मीटर का जंप लगाते हुए सिल्वर मेडल जीता। उन्होंने एशियन रेकॉर्ड भी बनाया। यह भारतीय टीम का तोक्यो ओलिंपिक में 11वां, जबकि हाई जंप में चौथा मेडल है। इस तरह भारतीय टीम ने इतिहास रच दिया है। उसके खाते में फिलहाल 2 गोल्ड, 6 सिल्वर और 3 ब्रॉन्ज मेडल हैं। यह पैरालिंपिक इतिहास में टीम इंडिया का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इससे पहले भारतीय टीम ने 2016 में रियो में 2 गोल्ड सहित 4 मेडल जीते थे। इस इवेंट का गोल्ड मेडल ग्रेट ब्रिटेन के ब्रूम-एडवर्ड्स जोनाथन (2.10 मीटर) के नाम रहा, जबकि ब्रॉन्ज मेडल पोलैंड के लेपियाटो मासिएजो (2.04 मीटर) ने जीता। हाई जंप इन ऐथलीट्स ने जीते मेडल नोएडा के 18 वर्षीय पैरा ऐथलीट ने तोक्यो में झंडा गाड़ते हुए सिल्वर मेडल हासिल किया। प्रवीण से पहले ऊंची कूद की टी63 स्पर्धा में भारत के मरियप्पन थंगावेलु ने सिल्वर, जबकि शरद कुमार ब्रॉन्ज मेडल जीता था। टी47 में निषाद कुमार ने एशियाई रिकॉर्ड के साथ सिल्वर मेडल अपनी झोली में डाला था।

गोल्ड जीतने उतरेगी गोल्डन गर्ल:टोक्यो पैरालिंपिक में 50 मीटर प्रतिस्पर्धा में खेलेगी जयपुर की अवनि, परिजनों ने कहा- पूरी उम्मीद फिर से जीतेगी मेडल September 02, 2021 at 05:20PM

ऑस्ट्रेलिया में 12 साल के लड़के को तुलसी की माला पहनकर फुटबॉल खेलने से रोका, बाद में मांगी माफी September 02, 2021 at 05:01PM

ब्रिसबेन ऑस्ट्रेलिया के शहर ब्रिसबेन के रहने वाले शुभ पटेल को केवल इसलिए फुटबॉल मैच में नहीं खेलने दिया क्योंकि उसने तुलसी की माला पहनी थी। 12 साल के शुभ को यह माला उतारने के लिए कहा गया, जिससे उन्होंने इनकार कर दिया। ऑस्ट्रेलिया टुडे की खबर के मुताबिक रेफरी ने शुभ से माला उतारने के लिए कहा लेकिन शुभ इसके लिए राजी नहीं हुए। शुभ पांच साल की उम्र से वह माला पहन रहे थे। मीडिया से बात करते हुए शुभ ने कहा, 'सिर्फ एक फुटबॉल मैच के बजाए मैं अपने धर्म का पालन करना चाहूंगा।' शुभ, टूवॉन्ग क्लब के सदस्य हैं। उन्होंने बताया कि हिंदू धर्म में माला उतारने की मनाही है। फुटबॉल की वैश्विक संस्था फीफा ने खिलाड़ियों के नेकलेस, रिंग, ब्रेसलेट, इयररिंग वगैरहा पहनने पर पाबंदी लगा रखी है लेकिन तुलसी की माला इस लिस्ट में नहीं है। मामला मीडिया में आने पर फुटबॉल क्वींसलैंड ने मामले की जांच करवाई और शुभ के परिवार से माफी मांगी। फुटबॉल क्वींसलैंड ने कहा कि हमारे प्रांत में फुटबॉल का खेल काफी लोकप्रिय है और इसने हर धर्म और संस्कृति के लोगों को सम्मान दिया है। इसके बाद शुभ को तुलसी की माला पहनकर खेलने की इजाजत दे दी गई।

टोक्यो पैरालिंपिक:कैनो स्प्रिंट में प्राची यादव फाइनल में पहुंची; तीरंदाज हरविंदर सिंह और बैडमिंटन खिलाड़ी सुहास एल यथिराज अगले दौर में पहुंचे September 02, 2021 at 04:09PM