Saturday, August 7, 2021

आज स्वर्ग से मिल्खा सिंह भी मुस्कुरा रहे होंगे, नीरज ने पूरा किया फ्लाइंग सिख का सपना August 07, 2021 at 03:56AM

तोक्यो वह ख्वाब जो मिल्खा सिंह, पीटी उषा की आंखों से आंसू की तरह बह गया, उस सपने को आज नीरज चोपड़ा ने गोल्ड मेडल जीतकर जिया है। ट्रैक एंड फील्ड में शताब्दी पुराना इंतजार खत्म किया है। एथलेटिक्स में भारत को सम्मान दिलाया है। ओलिंपिक का पहला गोल्ड मेडल लाया है। 13 साल बाद खेलों के महाकुंभ में राष्ट्रगान बजवाया है। तिरंगे को सबसे ऊपर लहराया है। दुनिया छोड़ने के बाद मिल्खा सिंह का सपना पूराओलिंपिक खेलों में एथलेटिक्स का अपना अलग वजूद है। परम्परा और प्रतिष्ठा है। शूटिंग, कुश्ती, बॉक्सिंग, हॉकी से तो मेडल आते रहे हैं, लेकिन भारत कभी ट्रैक एंड फील्ड में कभी पोडियम फिनिश नहीं कर पाया। नीरज चोपड़ा ने गोल्ड जीतकर मिल्खा सिंह के सपने को साकार किया है। चंद माह पहले दुनिया छोड़ गए 'फ्लाइंग सिख' का सपना था कि कोई भारतीय ट्रैक और फील्ड में ओलिंपिक पदक जीते। ऊपर खुशी से रो रहे होंगे मिल्खा सिंह1960 रोम ओलिंपिक के 400 मीटर रेस में मिल्खा सेकेंड के दसवें हिस्से से भारत के लिए मेडल जीतने से चूक गए थे। नीरज की सफलता के बाद मिल्खा सिंह के बेटे और मशहूर गोल्फर जीव मिल्खा सिंह ने कहा कि आज डैड ऊपर खुशी के आंसू बहा रहे होंगे, उनका सपना पूरा हो गया। यह भारत के लिए गर्व का लम्हा है। नीरज के त्याग और मेहनत को सलाम। पीटी उषा ने कहा- शुक्रिया मेरे बेटे 1984 में हुए लॉस एंजेलिस ओलिंपिक में पीटी उषा महिलाओं की 400 मीटर बाधा दौड़ के फाइनल मुकाबले में पहुंचीं थी। उड़न परी के नाम से विख्यात पीटी उषा भी मिल्खा सिंह की ही तरह मेडल जीतने से सेकेंड के सौवें हिस्से से चूकीं थीं। नीरज के मेडल लाने पर उन्हें गर्व की अनुभूति हुई।

तोक्यो ओलिंपिक- गोल्डन बॉय नीरज चोपड़ा को दीजिए इतिहास रचने पर बधाई August 07, 2021 at 03:49AM

नीरज चोपड़ा ने तोक्यो ओलिंपिक में इतिहास रच दिया है। इस मौके पर आप भी उन्हें बधाई दीजिए...

भारत की ओलिंपिक से गोल्डन विदाई, 7 मेडल जीत रचा इतिहास, जानें किसने कहां ऊंचा किया झंडा August 07, 2021 at 03:49AM

तोक्योभारत ने 7 मेडल जीतते हुए तोक्यो ओलिंपिक में इतिहास रच दिया है। वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने भारत की तोक्यो ओलिंपिक में शुरुआत सिल्वर मेडल से कराई थी तो जेवलिन थ्रो ऐथलीट नीरज ने गोल्डन अंत किया। वह भारतीय ऐथलेटिक इतिहास में पहला मेडल जीतने वाले खिलाड़ी बने। यह भारत का तोक्यो में 7वां मेडल भी है। इसके साथ ही भारत ने अपने लंदन ओलिंपिक-2012 के बेस्ट प्रदर्शन 6 मेडल को पीछे छोड़ दिया। नीरज और मीराबाई के अलावा रवि कुमार दहिया ने सिल्वर मेडल जीता तो बॉक्सर लवलीना, शटलर पीवी सिंधु, पहलवान बजरंग पूनिया और हॉकी टीम ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। आइए देखें किस खेल में भारत को मिला मेडल... 1. वेटलिफ्टर मीराबाई चानू: मणिपुर की 26 वर्षीय वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने तोक्‍यो ओलिंपिक में भारत के लिए पहला सिल्‍वर मेडल जीता। उन्होंने महिलाओं के 49 किग्रा में 202 किग्रा (87 किग्रा + 115 किग्रा) भार उठाकर सिल्वर अपने नाम किया। 2. बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन: भारत की स्टार मुक्केबाज लवलीना बोर्गोहेन को महिला वेल्टरवेट वर्ग (69 किग्रा) के सेमीफाइनल में तुर्की की मौजूदा विश्व चैंपियन बुसेनाज सुरमेनेली के खिलाफ शिकस्त के साथ ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा। 3. शटलर पीवी सिंधु: सिंधु ने महिला बैडमिंटन के सिंगल्स का ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। उन्होंने चीन की ही बिंग जियाओ को 2-0 से हराया था। यह उनका ओलिंपिक में रेकॉर्ड दूसरा मेडल रहा। 4. पहलवान रवि दहिया: भारत के पहलवान रवि कुमार दहिया को पुरुष फ्रीस्टाइल 57 किग्रा भार वर्ग के फाइनल मुकाबले में रूस ओलंपिक समिति (आरओसी) के जायूर उगयेव के हाथों 4-7 से हार का सामना कर रजत पदक से संतोष करना पड़ा। 5. पुरुष हॉकी टीम: भारत की पुरुष हॉकी टीम ने जर्मनी को 5-4 से हराकर ऐतिहासिक ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। 1980 के बाद यह पहला मौका था जब भारत ने हॉकी में मेडल जीता है। 6. पहलवान बजरंग पूनिया: पूनिया ने पुरुषों के फ्री स्टाइल 65 किलो वर्ग कुश्ती स्पर्धा का ब्रॉन्ज मेडल जीतते हुए इतिहास रच दिया। उन्होंने कजाखस्तान के डाउलेट नियाजबेकोव को 8-0 से एकतरफा हराया। इसके साथ ही भारत के पदकों की संख्या 6 हो गई है, जो लंदन ओलिंपिक-2012 के कराबर है। 7. जेवलिन थ्रो ऐथलीट नीरज चोपड़ा: भाला फेंक ऐथलीट नीरज चोपड़ा ने स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। वह देश के लिए व्यक्तिगत स्वर्ण जीतने वाले दूसरे खिलाड़ी और पहले ऐथलीट हैं।

बांग्लादेश बनाम ऑस्ट्रेलिया चौथा टी-20, यहां देखें स्कोरकार्ड August 07, 2021 at 04:23AM

बांग्लादेश बनाम ऑस्ट्रेलिया चौथा टी-20, यहां देखें लाइव स्कोर