Wednesday, August 4, 2021

एक गोल्ड समेत दांव पर चार मेडल, ऐसा है पांच अगस्त को भारत का कार्यक्रम August 04, 2021 at 08:20AM

तोक्योओलिंपिक में चार अगस्त यानी बुधवार का दिन भारतीय दल के लिए थोड़ी खुशी थोड़ा गम जैसा रहा। मगर गुरुवार को एक नहीं बल्कि कई मेडल मिलने की आस है। रवि दहिया जहां कुश्ती में गोल्ड जीतने वाले पहले पहलवान बन सकते हैं तो भारतीय मेंस हॉकी टीम भी 41 साल बाद पदक लेना चाहेगी। इनके अलावा कुछ और खिलाड़ी भी पोडियम फिनिश करना चाहेंगे। आइए एक नजर डालते हैं पांच अगस्त को भारत के कार्यक्रम पर... (भारतीय समयानुसार) एथलेटिक्स: केटी इरफान, राहुल रोहिल्ला और संदीप कुमार, पुरुष 20 किमी पैदल चाल 1:00 pm गोल्फ: अदिति अशोक और दीक्षा डागर महिलाओं के व्यक्तिगत स्ट्रोक प्ले, 4:00 am हॉकी: भारत बनाम जर्मनी, पुरुष कांस्य पदक मैच, 7:00 am कुश्ती: विनेश फोगाट बनाम सोफिया मैगडेलेना मैटसन (स्वीडन) वीमेंस फ्रीस्टाइल 53 किग्रा 8:00 am अंशु मलिक बनाम वालेरिया कोबलोवा (रूस ओलंपिक समिति) वीमेंस फ्रीस्टाइल 57 किग्रा के रेपचेज राउंड में, 7:30 am रवि दहिया और जावुर युगुऐव (रूस ओलंपिक समिति) मेंस फ्रीस्टाइल 57 किग्रा फाइनल, 2:45 pm दीपक पूनिया पुरुषों के फ्रीस्टाइल कांस्य पदक मैच में, 2:45 pm मिला-जुल रहा चार अगस्त का दिन रवि दहिया पुरुषों के 57 किग्रा भार वर्ग के सेमीफाइनल में नूरिस्लाम सनायेव (कजाखस्तान) को हराकर फाइनल में। गोल्ड मेडल के मुकाबले में गुरुवार को जावुर युवुगेव (रूस ओलंपिक समिति) से भिड़ेंगे। एक और पहलवान दीपक पूनिया पुरुषों के 86 किग्रा भार वर्ग के सेमीफाइनल में डेविड मौरिस टेलर (अमेरिका) से हार गए। अब वह भी गुरुवार को कांस्य पदक की दौड़ में होंगे। अंशु मलिक महिलाओं के 57 किग्रा भार वर्ग के पहले मुकाबले में इरिना कुराचिकिना (बेलारूस) से हारी। इरिना फाइनल में पहुंच गई है और अंशु गुरूवार को रेपेचेज में खेलेंगी। यानी ब्रॉन्ज मेडल की उम्मीद बरकरार। भारतीय महिला हॉकी टीम सेमीफाइनल में अर्जेंटीना से 1-2 से हारी। अब कांस्य पदक के लिए ग्रेट ब्रिटेन से भिड़ेगी। पहला ओलिंपिक खेल रहीं लवलीना बोरगोहेन महिलाओं के 69 किग्रा में बुसेनाज सुरमेनेली (तुर्की) से हारी। भारतीय मुक्केबाज को कांस्य पदक मिला। एथलेटिक्स में नीरज चोपड़ा पुरुषों की भाला फेंक में 86.65 मीटर भाला फेंककर फाइनल में। शिवपाल सिंह (76.40 मीटर) फाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाए। गोल्फ महिलाओं की व्यक्तिगत स्पर्धा के पहले दौर में अदिति अशोक संयुक्त दूसरे और दीक्षा डागर संयुक्त 56वें स्थान पर।

IND vs ENG: इंग्लैंड की पहली पारी 183 पर ढेर, पहले दिन जसप्रीत बुमराह-शमी छाए रहे August 04, 2021 at 07:48AM

नॉटिंघमजसप्रीत बुमराह ने अपनी खोयी लय हासिल की जबकि मोहम्मद शमी ने अपनी गेंदबाजी में पैनापन दिखाया जिससे भारत ने पहले टेस्ट क्रिकेट मैच के पहले दिन बुधवार को इंग्लैंड को पहली पारी में 183 रन पर आउट करके पहला दिन अपने नाम किया। भारत ने इसके बाद सतर्कता से बल्लेबाजी की और पहले दिन का खेल समाप्त होने तक बिना किसी नुकसान के 21 रन बनाए। सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा (40 गेंदों पर नाबाद नौ) और केएल राहुल (39 गेंदों पर नाबाद नौ) ने 13 ओवर तक सहजता से बल्लेबाजी करके टीम को झटका नहीं लगने दिया। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी के लिए उतरा इंग्लैंड एक समय तीन विकेट पर 138 रन बनाकर अच्छी स्थिति में दिख रहा था लेकिन इसके बाद उसने 45 रन के अंदर अपने आखिरी सात विकेट गंवा दिए। उसकी तरफ से कप्तान जो रूट ने 108 गेंदों का सामना करके सर्वाधिक 64 रन बनाए, जिसमें 11 चौके शामिल हैं। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में बेअसर रहे बुमराह ने अपनी लय दिखायी तथा 46 रन देकर चार विकेट लिए। टीम के तीन अन्य तेज गेंदबाजों शमी (28 रन देकर तीन), शार्दुल ठाकुर (41 रन देकर दो) और मोहम्मद सिराज (48 रन देकर एक) ने उनका अच्छा साथ दिया। रोहित और राहुल ने बेहद सतर्कता बरती और किसी तरह का जोखिम नहीं उठाया। उसकी गेंदबाजी में पैनापन भी नहीं दिखा। दिन के आखिरी ओवर में ओली रोबिन्सन ने राहुल के खिलाफ पगबाधा की विश्वसनीय अपील की। इस पर इंग्लैंड ने रिव्यू भी गंवाया। इंग्लैंड ने पहले दो सत्र में दो-दो विकेट गंवाए लेकिन तीसरे सत्र में उसकी पारी ताश के पत्तों की तरह बिखर गयी। सैम करन ने इस बीच नाबाद 27 रन जोड़े लेकिन अन्य बल्लेबाजों के पास भारतीय गेंदबाजों का कोई जवाब नहीं था। इंग्लैंड ने लंच तक दो विकेट पर 61 रन बनाए और इस बीच सलामी बल्लेबाज रोरी बर्न्स (शून्य) और जॉक क्राउली (68 गेंदों पर 27) के विकेट गंवाए। दूसरे सत्र डॉम सिब्ले (70 गेंदों पर 18 रन) और जॉनी बेयरस्टॉ (71 गेंदों पर 29) पवेलियन लौटे। रूट और बेयरस्टॉ ने चौथे विकेट के लिए 72 रन की साझेदारी की। बादल छाए रहने और स्विंग मिलने का भारतीय गेंदबाजों ने पूरा फायदा उठाया। बुमराह ने भारत स्वर्णिम शुरुआत दिलायी। उन्होंने पांचवीं गेंद पर ही बर्न्स को पगबाधा आउट किया। बुमराह ने तीन आउटस्विंगर के बाद लेग स्टंप पर गेंद पिच करायी जो बर्न्स के पैड पर लगी और अपील पर अंपायर की उंगली उठ गयी। बल्लेबाज ने डीआरएस लिया लेकिन इसका कोई लाभ नहीं मिला। भारत को दूसरा विकेट सिराज ने दिलाया। उनके गेंद क्राउली के बल्ले का हल्का किनारा लेकर विकेटकीपर ऋषभ पंत के दस्तानों में पहुंची लेकिन अंपायर ने अपील ठुकरा दी। पंत की सलाह पर कोहली ने रिव्यू लिया जिसे स्पष्ट हो गया कि गेंद ने बल्ले का किनारा लिया था। भारत ने इस ओवर में पहले एक रिव्यू गंवाया था। शमी की गेंदबाजी में गजब का पैनापन था। उन्होंने दूसरे सत्र में राहुल के रूप में मिडविकेट पर क्षेत्ररक्षक लगाया और फिर सिब्ले को फ्लिक करने के लिए ललचाया। बल्लेबाज उनके जाल में फंस गए और राहुल ने आसान कैच लपका। सिब्ले के शॉट में नियंत्रण नहीं था। भारतीयों ने कसी हुई गेंदबाजी की लेकिन रूट ने जब भी रन बनाने का मौका मिला उसे भुनाया। उन्होंने धैर्य दिखाया और ढीली गेंदों का इंतजार किया। उन्होंने इस बीच कुछ दर्शनीय शॉट लगाए और अपना 50वां टेस्ट अर्धशतक पूरा किया। तीसरे सत्र में कहानी एकदम से बदल गयी। इसकी शुरुआत चाय के विश्राम से ठीक पहले बेयरस्टॉ के विकेट से हुई जिन्हें शमी ने पगबाधा आउट किया। भारत का डीआरएस का फैसला तब सही रहा था। शमी तीसरे सत्र में अपना यह ओवर पूरा करते हुए आखिरी गेंद पर डैन लॉरेन्स (शून्य) को पंत के हाथों कैच कराया। जोस बटलर ने 18 गेंद तक क्रीज पर टिके रहे लेकिन वह इस बीच शॉट मारने के लिए संघर्ष करते हुए दिखे। ऐसे में बुमराह की कोण लेती गेंद उनके बल्ले को चूमकर पंत के दस्तानों में समा गयी। बटलर ने खाता भी नहीं खोला। शार्दुल ने रूट को फुललेंथ गेंद पर पगबाधा आउट करके टीम को बड़ी सफलता दिलायी। उन्होंने इसी ओवर में नए बल्लेबाज ओली रॉबिन्सन आउट किया जिन्होंने शमी को कैच का अभ्यास कराया। बुमराह ने स्टुअर्ट ब्रॉड (चार) और जेम्स एंडरसन (एक) को पवेलियन भेजा। भारत ने अपनी बल्लेबाजी को मजबूती देने के लिए चौथे तेज गेंदबाज के रूप में शार्दुल को अंतिम एकादश में रखा जबकि सिराज की फॉर्म को देखते हुए उन्हें टीम में लिया गया। टीम में रविंद्र जडेजा के रूप में एकमात्र स्पिनर हैं।

क्या होता है Win By Fall, जिसके दम पर रवि दहिया ने विपक्षी पहलवान को चटाई धूल August 04, 2021 at 07:50AM

तोक्योभारत के पहलवान रवि कुमार दहिया तोक्यो ओलिंपिक में कुश्ती के पुरुष फ्रीस्टाइल 57 किग्रा भार वर्ग के सेमीफाइनल मुकाबले में कजाखस्तान के नूरइस्लाम सानायेव को हरा दिया। इसके साथ ही उन्होंने फाइनल में प्रवेश करने के साथ ही भारत के लिए एक और पदक पक्का कर लिया है। रवि ने सेमीफाइनल मुकाबले में नूरइस्लाम को विक्ट्री बाय फॉल के माध्यम से 7-9 से हराया। दरअसल, रवि 2-9 से पिछड़ रहे थे और बाउट के आखिरी मिनट में जबरदस्त वापसी की। उन्होंने विपक्षी पहलवान के दोनों पैरों पर हमला किया और फिर बाउट खत्म होने से कुछ ही सेकंड पहले विन बाय फाल या यूं कह लें PinFall से जीत हासिल की। क्या होता है पिनफाल यान विक्ट्री बाय फालकुश्ती की भाषा में अगर सरल लहजे में कहा जाय तो यही चित करना होता है। एक पहलवान मतलब विपक्षी के कंधे को जमीन या मैट पर टच करवा दे तो उसकी जीत (win by fall) मानी जाती है। रेसलिंग में यह सबसे मुश्किल होता है। यहां रवि 2-9 से पिछड़े हुए थे और जब उन्होंने पैरों पर हमला करते हुए पलटी मारी तो स्कोर 7-9 हो गया। रवि ने यहां मौका गंवाया नहीं, बल्कि विपक्षी को पिन करते हुए चित कर दिया और जीत हासिल कर ली। ऐसा रहा तोक्यो में सफररवि ने इसके साथ ही ओलंपिक में देश का चौथा पदक पक्का कर लिया है। फाइनल में पहुंचने पर उन्हें अब कम से कम रजत पदक मिलेगा। हालांकि, उनकी नजरें स्वर्ण पदक लाने पर होगी। रवि ने टोक्यो में अपनी शुरुआती बेहतरीन तरीके से की। रवि ने ओपनिंग बाउट में कोलंबिया के ऑस्कर टाइगरेरोस को 13-2 से हराया था। उन्होंने यह बाउट टेकनीकल सुपेरिओरिटी के द्वारा जीती। इसके बाद उन्होंने 1/4 फाइनल मुकाबले में बुल्गारिया के गिओरजी वांगेलोव को 14-4 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी।

तो क्रिकेटर रहे होते ओलिंपिक की ट्रैक ऐंड फील्ड स्पर्धा के फाइनल में पहुंचने वाले पहले पाकिस्तानी एथलीट अरशद नदीम August 04, 2021 at 06:13AM

कराचीअरशद नदीम ओलिंपिक की ट्रैक ऐंड फील्ड स्पर्धा के फाइनल में पहुंचने वाले पाकिस्तान के पहले एथलीट हैं लेकिन अगर उनके भाई ने उन्हें एथलेटिक्स में आने के लिए समझाया नहीं होता तो वह क्रिकेट में अपना भाग्य आजमा रहे होते। पंजाब प्रांत में खानेवाल के करीब छोटे से शहर मियां चन्नू के 24 साल के अरशद प्रतिभाशाली क्रिकेटर थे लेकिन रूई और गेंहूं के खेतों में काम करने के कारण क्रिकेट के लिए वह काफी समय नहीं निकाल पा रहे थे। उनके भाई अफजल ने कहा, ‘वह काफी ऊंची कद काठी का खिलाड़ी है, उसे क्रिकेट के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पा रहा था, हालांकि वह काफी अच्छा ऑल राउंडर था। मैंने उसे एथलेटिक्स में आने की सलाह दी क्योंकि इसमें कम समय लगता है।’ बुधवार को अरशद भाला फेंक स्पर्धा के फाइनल में पहुंचे जो 7 अगस्त को होगा। उन्होंने 85.16 मीटर दूर भाला फेंका। वह ओलिंपिक की किसी भी ट्रैक एवं फील्ड स्पर्धा के फाइनल के लिए क्वॉलिफाई करने वाले पहले पाकिस्तानी एथलीट हैं।