Friday, January 22, 2021

5 महीनों में 2 देशों के 8 शहर घूमने के बाद बेटी से मिले रहाणे, लिखा ये स्पेशल मेसेज January 22, 2021 at 08:24PM

मुंबई ऑस्ट्रेलिया से टेस्ट सीरीज जीतकर स्वदेश लौटे भारतीय क्रिकेट टीम (Indian Cricket Team) के खिलाड़ी इस समय अपने घर पर आराम कर रहे हैं। टीम इंडिया 5 फरवरी से इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज खेलेगी। ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज में भारतीय टीम की कप्तानी करने वाले () इनदिनों अपनी बेटी के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड रहे हैं। रहाणे ने ट्विटर पर अपनी बेटी के साथ फोटो शेयर करते हुए दिल छूने वाली बात लिखी है। अजिंक्य ने दिल वाला इमोजी के साथ लिखा, '5 महीने, दो देश और 8 शहर घूमने के बाद मैं पसंदीदा शहर में अपने फेरवरेट के साथ क्‍वालिटी समय बिताने के लिए वापस आ गया।' रहाणे ने मेलबर्न में जड़ा था शतक एडिलेड में खेले गए सीरीज के पहले टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 8 विकेट से हराया था। इसके बाद कोहली (Virat Kohli) पैटरनिटी लीव पर स्वदेश लौट आए थे। कोहली के लौटने के बाद रहाणे ने सीरीज के बाकी तीन टेस्ट मैचों में कप्तान की भूमिका अदा की। रहाणे ने मेलबर्न टेस्ट में शतक जड़ अन्य खिलाड़ियों के लिए शानदार उदाहरण पेश किया। भारत ने बॉक्सिंग डे टेस्ट (Boxing Day Test) जीतकर सीरीज में 1-1 की बराबरी की। सीरीज में रहाणे ने 268 रन बनाए इस सीरीज में रहाणे सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में पांचवें नंबर पर रहे। उन्होंने 8 पारियों में एक शतक के साथ कुल 268 रन बनाए। एमसीजी में रहाणे ने जो पारी खेली वो काबिलेतारीफ थी। सिराज रहे ऑस्ट्रेलिया दौरे की खोज कई खिलाड़ियों के चोटिल होने के बावजूद रहाणे ने अनुभवहीन खिलाड़ियों पर भरोसा जताया और वे कप्तान के भरोसे पर खरा उतरे। तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज (Mohmmed Siraj) ने मेलबर्न में टेस्ट में डेब्यू किया। ऑस्ट्रेलियाई दौरे की खोज रहे सिराज सीरीज में कुल 13 विकेट लेकर भारत की ओर से सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे।

शार्दुल ठाकुर बोले- थके हुए थे ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज, नहीं मिला था आराम January 22, 2021 at 06:51PM

मुंबई ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीतने के बाद भारतीय क्रिकेट टीम स्वदेश लौट आई है। सीरीज के चौथे और अंतिम टेस्ट मैच में () ने भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई थी। शार्दुल ने की पहली पारी में 67 रन बनाए थे। उन्होंने इस मैच में कुल 7 विकेट भी चटकाए। अपने घर पालघर लौटने के बाद शार्दुल ने 'इंडियन एक्सप्रेस' से बातचीत में कहा कि हमारे लिए ये बड़ी जीत है। उन्होंने कहा, ' गाबा में ऑस्ट्रेलिया खिलाफ जीत बेहद खास है। हमारी युवा टीम थी। सभी ने अपना सौ फीसदी दिया। बॉलिंग और बैटिंग में सभी ने योगदान दिया। ये सामूहिक प्रयास था। ब्रिसबेन टेस्ट में हम जीत के लिए उतरे थे।' 7वें विकेट के लिए 123 रन जोड़े चौथे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के 369 रन के पहली पारी के स्कोर के जवाब में भारतीय टीम का स्कोर एक समय छह विकेट पर 186 रन था। इसके बाद शार्दुल (67) और डेब्यूटेंट (62) के बीच सातवें विकेट के लिए 123 रन की अहम साझेदारी से भारत पहली पारी में 336 रन बनाने में सफल रहा। 'ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज थके हुए थे' बकौल शार्दुल, ' जब मैं बल्लेबाजी के लिए जा रहा था तब बैटिंग कोच विक्रम राठौड़ आए और उन्होंने मुझे बॉल की मेरिट के आधार पर खेलने को कहा। उन्होंने कहा कि खराब शॉट नहीं खेलना। मैंने सुंदर से कहा कि उनके गेंदबाज थके हुए हैं। ऑस्ट्रेलिया ने टेस्ट सीरीज में अपने किसी भी तेज गेंदबाज को आराम नहीं दिया था। ऐसे में उनका थकना लाजिमी था। हमने अपना स्वाभाविक गेम खेला।' 'पेसर्स के सामने बैटिंग का जमकर लुत्फ उठाया' शार्दुल का कहना है कि वह निर्भीक होकर ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजों का सामना करते रहे। 29 वर्षीय शार्दुल ने कहा, ' मैंने खुद से कहा कि यदि मैंने दो घंटे समय बिता लिया तो मैं सभी तरह की शॉट खेल सकता हूं। मैंने तेज गेंदबाजों के सामने बैटिंग का लुत्फ उठाया। मैं स्पीड से कभी नहीं डरा। मैंने शुरू में अपने गांव में मैटिंग विकेट पर खेला है। पालघर में पिच पर अनियमित उछाल होता था। इसलिए मुझे पता था कि तेज और बाउंस को किस तरह से सामना करना है। मैं नियमित तौर पर टीम इंडिया के साथ बतौर नेट बॉलर रहा हूं जिसका मुझे फायदा मिला।' शार्दुल ने टेस्ट करियर की शुरुआत 2018 में वेस्टइंडीज के खिलाफ की थी। डेब्यू टेस्ट की पहली पारी में शार्दुल गेंदबाजी के दौरान अपने दूसरे ओवर में चोटिल हो गए थे।

ऑस्ट्रेलिया दौरे पर क्यों नहीं जाने की धमकी दे रहे थे शास्त्री, जानें पूरी डिटेल January 22, 2021 at 05:38PM

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम ने ऑस्ट्रेलिया (India vs Australia) को जिस तरह से उसके घर में जाकर टेस्ट सीरीज में हराया है उसकी चौतरफा चर्चा हो रही है। विपक्षी टीम भी टीम इंडिया के इस प्रदर्शन को देखकर अपनी रणनीति में बदलाव पर विवश हैं। भारतीय खिलाड़ियों के साथ साथ टीम के हेड कोच () की भी खूब वाहवाही हो रही है जिनके मार्गदर्शन में टीम इंडिया ने कंगारुओं की धरती पर जाकर लगातार दूसरी बार टेस्ट सीरीज अपने नाम की। श्रीधर का बड़ा खुलासा टीम इंडिया के फील्डिंग कोच () का कहना है कि शास्त्री की बदौलत ही टीम इंडिया को ऑस्ट्रेलिया में अपनी फैमिली ले जाने की अनुमति मिली। श्रीधर ने रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) के यूट्यूब चैनल पर कहा कि शास्त्री ने फैमिली के मुद्दे पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से बातचीत की और ऑस्ट्रेलिया ना जाने की धमकी तक दे डाली थी। '48 घंटे पहले हमें पता चला' अश्विन से बातचीत में श्रीधर ने कहा, ' जब हम दुबई में थे तब ऑस्ट्रेलिया दौरे से 48 घंटे पहले हमें पता चला कि हमें वहां फैमिली ले जाने की अनुमति नहीं है। इस फैसले से खिलाड़ी और स्टाफ मेंबर्स खुश नहीं थे जो लगभग 3 महीने परिवार से दूर रह सकें। इनमें से कुछ खिलाड़ी आईपीएल में खेले थे तो उनके लिए फैमिली से मिलने का समय 6 महीने हो जाता। इन 48 घंटों में दुबई, भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच इन मुद्दों को लेकर बातचीत हुई। बताया गया कि ऑस्ट्रेलियाई सरकार इसे लेकर सख्त है। टीम के 7 खिलाड़ी दुबई में अपने परिवार के साथ थे। इस बात को शास्त्री ने अपने हाथों में लिया और उन्होंने वर्चुअल बैठक की। उन्होंने बीसीसीआई को साफतौर पर कह दिया कि अगर मेरे खिलाड़ियों को फैमिली ले जाने की इजाजत नहीं मिली तो हम ऑस्ट्रेलिया दौरा नहीं करेंगे।' रवि शास्त्री ने अपनाया सख्त रवैया शास्त्री ने कहा कि वह ऑस्ट्रेलिया को अच्छी तरह से जानते हैं। बकौल श्रीधर, 'शास्त्री ने कहा कि उनसे बेहतर ऑस्ट्रेलिया को कोई नहीं जानता। मैं यहां पिछले 40 सालों से जा रहा हूं। उनके साथ कैसे पेश आना है, ये मैं अच्छी तरह से जानता हूं। ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने वीकेंड पर रातोंरात काम किया और फैमिली को ले जाने की परमिशन दी।' भारत ने 4 मैचों की टेस्ट सीरीज 2-1 से अपने नाम की।

कोच का खुलासा-ब्रिसबेन टेस्ट से पहले सुंदर के पास नहीं थे पैड्स January 22, 2021 at 04:42PM

नई दिल्ली बॉलिंग ऑलराउंडर () का ऑस्ट्रेलिया () के खिलाफ टेस्ट डेब्यू शानदार रहा। सुंदर को ब्रिसबेन टेस्ट में मौका दिया गया और उन्होंने इसे दोनों हाथों से लपका। भारत की ब्रिसबेन में मिली शानदार जीत में सुंदर ने आर्किटेक्ट की भूमिका अदा की। टीम इंडिया () के फील्डिंग कोच () ने खुलासा किया है कि एक समय सुंदर के पास पैड्स भी नहीं थे कि वह बल्लेबाजी कर सकें। चेन्नई के इस युवा खिलाड़ी के लिए पिछले कुछ महीने बेहतरीन रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पहले सुंदर को सिर्फ टी20 सीरीज के लिए टीम में जगह दी गई थी। टी20 मैच खेलने के बाद सुंदर वहीं ऑस्ट्रेलिया में टीम के साथ रूक गए थे। उन्हें टेस्ट स्क्वॉड में नहीं चुना गया था। टी20 सीरीज के बाद भारतीय टीम मैनेजमेंट ने सुंदर को बतौर नेट बॉलर ऑस्ट्रेलिया में रोक लिया था ताकि भारतीय बैट्समैन को ऑस्ट्रेलियाई ऑफ स्पिनर नाथन लॉयन (Nathan Lyon) के खिलाफ बल्लेबाजी के लिए तैयार किया जा सके। अश्विन के चोटिल होने पर सुंदर को मिला डेब्यू का मौका अंतिम टेस्ट से पहले जब अनुभवी ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) चोटिल हुए तो भारतीय टीम ने सुंदर को प्लेइंग इलेवन में सुंदर को मौका दिया। सिर्फ टी20 के लिए टीम इंडिया में शामिल सुंदर ने जब ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया उस समय उनके पास सफेद कलर के पैड्स नहीं थे। सुंदर ब्लू कलर के पैड्स पहनकर नेट्स में बल्लेबाजी करते रहे। यहां तक की सुंदर ने 2017 से कोई फर्स्ट क्लास मैच भी नहीं खेला। अचनाक उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट डेब्यू का मौका मिल गया। '...आखिरकार हम दुकान पर गए' श्रीधर ने बताया कि सुंदर के लिए पैड्स को खोजने के लिए भारतीय टीम और सपोर्ट स्टाफ को काफी संघर्ष करना पड़ा। बकौल श्रीधर, ' हमने काफी कोशिश की लेकिन लंबे कद के सुंदर के लिए पैड्स छोटे हो रहे थे। हमने ऑस्ट्रेलियाई टीम से भी लेने की कोशिश की लेकिन कोविड की वजह से वह पैड्स नहीं दे सकते थे। आखिरकार हम गाबा टेस्ट शुरू होने के बाद दुकान पर गए।' ब्रिसबेन टेस्ट में जीत में निभाई थी अहम भूमिका सुंदर ने ब्रिसबेन टेस्ट में कुल 4 अहम विकेट लिए जिसमें स्टीव स्मिथ (Steve Smith) और डेविड वॉर्नर (David Warner) के विकेट भी शामिल थे। इसके अलावा वॉशिंगटन सुंदर ने पहली पारी में 62 रन की पारी खेली। दूसरी पारी में उन्होंने 22 रन का योगदान दिया। भारत ने ब्रिसबेन टेस्ट को 3 विकेट से जीता था।