Tuesday, December 15, 2020

इंडीज अगले महीने मेहमान टीम के खिलाफ दो टेस्ट और तीन वनडे मैच की सीरीज खेलेगी December 15, 2020 at 08:38PM

वेस्टइंडीज की टीम अगले महीने बांग्लादेश का दौरा करेगी। क्रिकेट वेस्टइंडीज ने दौरे की शेड्यूल को जारी कर दी है। वेस्टइंडीज की टीम मेहमान टीम के खिलाफ 3 वनडे और दो टेस्ट मैच की सीरीज खेलेगी।

वेस्टइंडीज टीम तीन वनडे मैचों की सीरीज शुरुआत 20 जनवरी को ढाका से करेगी। जबकि वनडे सीरीज का फाइनल मैच 25 जनवरी को चटग्राम में खेला जाएगा। वहीं दो टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला मैच भी चटग्राम में 3 फरवरी से शुरु होगा। वहीं अंतिम टेस्ट मैच 11 फरवरी से ढाका में खेला जाएगा।

वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड(CWI) की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि टूर की मंजूरी CWI की मेडिकल एडवाइजरी कमेटी और सिक्युरिटी मैनेजर पॉल स्लोवे की सिफारिश के बाद दिया गया है। बयान में कहा गया है कि दोनों देशों की क्रिकेट बोर्ड ने खिलाड़ियों की स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखकर यह फैसला लिया है। कोरोना वायरस के बीच बांग्लादेश में किसी देश का पहला दौरा है।

वेस्टइंडीज और बांग्लादेश के बीच वनडे मैच का शेड्यूल

मैच डेट जगह
1st ODI 20 जनवरी ढाका
2nd ODI 22 जनवरी ढाका
3rd ODI 25 जनवरी चटोग्राम

वेस्टइंडीज और बांग्लादेश के बीच टेस्ट मैच का शेड्यूल

मैच डेट जगह
1st Test 3-7 फरवरी चटोग्राम
2nd Test 11-15 फरवरी ढाका


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वेस्टइंडीज और बांग्लादेश (फाइल फोटो)

अजहरुद्दीन बोले- दो स्पिनर्स सहित पांच गेंदबाजों के साथ खेलना चाहिए; कोहली के बिना अंतिम तीन मैचों में इंडिया के लिए मुश्किल December 15, 2020 at 07:24PM

पूर्व भारतीय कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन मेजबान टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चार टेस्ट मैचों की सीरीज से पहले टीम इंडिया को सलाह दी है। अजहरुद्दीन का मानना है कि 17 दिसंबर से एडिलेड में होने वाला पहला टेस्ट में टीम इंडिया को दो स्पिनर्स सहित पांच गेंदबाजों साथ ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच में उतरना चाहिए। वे भारत की फील्डिंग को लेकर भी चिंतित है। उनका यह भी मानना है कि हार्दिक पंड्या जैसे बल्लेबाज को टेस्ट टीम में शामिल होना चाहिए। एडिलेड टेस्ट डे नाइट है। यह टीम इंडिया का देश के बाहर पहला डे नाइट टेस्ट भी है।

अजहरुद्दीन ने कहा,” पिंक बॉल से खेलना लोगों के लिए मुश्किल होता है। वहीं जब विकेट ड्राई और टर्न लेने वाली हो तो आपको दो स्पिनर्स के साथ खेलने के लिए जाना चाहिए। लेकिन मुझे डाउट है, कि वह (कोहली) दो स्पिनर्स के साथ नहीं जाएंगे। आपको टेस्ट जीतने के लिए पांच बॉलर्स की जरूरत होती है। मुझे लगता कि एक कप्तान के रूप में आपको गेम में हमेशा पांच बेस्ट बॉलर चाहिए। अंत में बॉलर्स ही आपको खेल जिताने के लिए जाने जाते हैं।”

घरेलू कंडीशन और ऑस्ट्रेलिया के कंडीशन में अंतर

उन्होंने कहा-घरेलू कंडीशन में विकेट टर्निंग वाला होता है। जबकि ऑस्ट्रेलिया में कंडीशन बिल्कुल अलग रहेगी। मैं मानता हूं कि विकेट अच्छी है तो ईमानदारी से कहूं तो दो स्पिनर्स के साथ जाना चाहिए। अगर आपके टॉप पांच बल्लेबाज रन नहीं बना पाते हैं, तो ऐसे में आप यह उम्मीद नहीं कर सक सकते नंबर सिक्स पर आने वाला बल्लेबाज बेहतर करेगा।

टीम इंडिया को जीतने के लिए अच्छा स्कोर करना होगा

अजहरुद्दीन ने कहा- मुझे नहीं पता कि जडेजा फिट हैं या नहीं लेकिन वे यहां पर बॉल को टर्न कराने में सक्षम नहीं हैं। वह अच्छे बल्लेबाज और अच्छे ऑलराउंडर हैं। मैं यहां पर एक ऑफ स्पिनर और एक लेग स्पिनर के साथ खेलता। टीम इंडिया की स्कवाड में चायना मैन कुलदीप यादव हैं। और एक भी लेग स्पिनर नहीं है।

अजहरुद्दीन ने कहा- मेरा मानना है कि अपनी बैटिंग ऑर्डर अच्छी है। टीम अच्छा स्कोर कर सकती है। अगर टीम को जीतना है तो अच्छा स्कोर करना होगा और पहले बैटिंग करनी होगी।

अगर पंड्या को रोक लिया जाता और वे खेलते तो अच्छा रहता। वे बेहतर ऑल राउंडर हैं। आपको टेस्ट मैच में पंड्या जैसे बल्लेबाज की जरूरत है, जो टीम के जरूरत के अनुसार रन बना सके। हमने बहुत से मैच देखे हैं, जिनमें पंड्या ने बेहतर स्कोर किए हैं।

फील्डिंग बड़ी समस्या

अजहरुद्दीन ने कहा- टीम इंडिया की खराब फील्डिंग एक बड़ी समस्या है। हम कई कैच ड्रॉप किए हैं। हमारी ग्राउंड फील्डिंग भी बहुत स्तरीय नहीं है।

कोहली का अंतिम तीन मैचों में न रहने से टीम को नुकसान

अजहरुद्दीन ने कहा कि कोहली का अंतिम तीन टेस्ट मैचों में न रहने से टीम को नुकसान होगा। क्योंकि वे स्टीव स्मिथ जैसे अग्रेसिव प्लेयर हैं। साथ ही वह तेजी से स्कोर बनाते थे। उनके बिना तीन टेस्ट खेलना टीम इंडिया के आसान नहीं है।



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पूर्व भारतीय कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन का मानना है कि टेस्ट सीरीज जीतने के लिए टीम इंडिया को ज्यादा रन स्कोर करने होंगे।

AUS vs IND: अब अजिंक्य रहाणे के पास है विराट की 'छाया' से निकलने का मौका December 15, 2020 at 07:26PM

अरानी बसुजब ऑस्ट्रेलिया में खेलने गए तो यह ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में हर किसी के लिए बड़ा टॉपिक रहा। उनके हर कदम के बारे में देखा जाता है, उसके बारे में लिखा जाता है और स्पॉन्सर्स के लिए बेचा तक जाता है जिससे भारत के खिलाफ सीरीज में उत्साह बढ़ाया जा सके। वह पे-पर-व्यू बॉक्सिंग इवेंट में शोस्टॉपर की तरह हैं। इस बार, हालांकि, कोहली के पास सीरीज में एक छाप छोड़ने के लिए सिर्फ एक सप्ताह बचा है। वनडे और टी20 सीरीज के बाद विराट टेस्ट सीरीज में केवल शुरुआती टेस्ट मैच खेलेंगे, फिर पैटरनिटी लीव पर स्वदेश लौट आएंगे। पढ़ें, अजिंक्य रहाणे, कोहली के सुपरहीरो जैसे व्यक्तित्व के लिए एक सहायक अभिनेता की छवि से हमेशा के लिए जूझ रहे हैं। उन्हें टीम में एक सीनियर खिलाड़ी के रूप में उभरने का मौका मिलता है। एक मुश्किल सीरीज के अंतिम तीन टेस्ट मैचों में वह भारत की अगुआई करेंगे जो ऐसा है जैसे एक जैकपॉट घोड़े की सवारी करना। रहाणे ने डे-नाइट टेस्ट से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'मैं इस पल में रहने पर विश्वास करता हूं।' सीरीज में जो कुछ भी होता है, वह इसे रहाणे की टीम के तौर पर जाना जाएगा। फिर भी, वह इस बारे में बात नहीं करना चाहते कि वह अगले सप्ताह टीम का नेतृत्व करने की योजना कैसे बना रहे हैं। वह कोहली के जाने का इंतजार करेंगे जिसके बाद ही कोई योजना बनाएंगे। उन्होंने कहा, 'अभी विराट इस टेस्ट के लिए हमारे कप्तान हैं। हम केवल इस टेस्ट के बारे में सोच रहे हैं और यहां विराट की मदद कर रहे हैं। एक बार वह चले जाएंगे, हम अपनी योजनाओं पर चर्चा करेंगे।' ऑस्ट्रेलियाई टीम के कैंप में प्रचार और चर्चा से यही पता चलता है कि फिलहाल यह कोहली का टेस्ट मैच है। ऑस्ट्रेलिया के कोच जस्टिन लैंगर ने मीडिया को यह समझाने में काफी समय बिताया कि कैसे उनकी टीम के खिलाड़ी कोहली को बाकी सीरीज के लिए सेट करने से रोकने के तरीके बता रहे हैं। रहाणे इससे पहले दो टेस्ट मैचों में भारत का नेतृत्व कर चुके हैं। कप्तानी का उनका पहला अनुभव 2017 में धर्मशाला में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक निर्णायक टेस्ट में आया था लेकिन कोहली ने अपनी टीम से एक ब्रांड बनाने की कोशिश की है। एक ऐसा ब्रांड जिसने हमेशा ही कभी पीछे ना हटने के बारे में सोचा है। आक्रामकता काफी रहती है। पढ़ें, उन्होंने टीम की आक्रामकता को अलग ही तरह बताया है। उन्होंने कहा, 'Intensity वहां जाने और अपने शॉट्स खेलने के बारे में नहीं है। जब आप गेंद का बचाव कर रहे हैं या छोड़ रहे हैं, तब भी यह आपकी मानसिकता के बारे में है।' टेस्ट क्रिकेट में उनकी फॉर्म पिछले दो साल में ज्यादा बेहतर नहीं रही है। रहाणे का दावा है कि उन्होंने लॉकडाउन के दौरान अपनी फिटनेस और मानसिक मजबूती पर काम किया।

AUS vs IND: पहली बार ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को टेंशन में डाल रही है धार December 15, 2020 at 04:38PM

(मनोज चतुर्वेदी)भारत-पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया-इंग्लैंड के बीच टेस्ट सीरीज में दिखने वाली प्रतिद्वंद्विता इस सदी में भारत और ऑस्ट्रेलिया की टेस्ट सीरीज में देखी जाने लगी है। यही वजह है कि अभी इस टेस्ट सीरीज का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है।विराट कोहली की अगुआई वाली भारतीय टीम ने 2018-19 की टेस्ट सीरीज में पहली बार ऑस्ट्रेलिया को उनके घर में 2-1 से दचक कर टीम ऑस्ट्रेलिया की प्रतिशोध की ज्वाला को और धधका दिया है।

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 17 दिसंबर से 4 मैचों की टेस्ट सीरीज की शुरुआत होगी। नियमित कप्तान विराट कोहली पहला टेस्ट मैच खेलकर स्वदेश लौट जाएंगे, वहीं, रोहित शर्मा शुरुआती दो टेस्ट मैचों में नहीं खेल पाएंगे। इस बार भारतीय गेंदबाजी आक्रमण पर सभी का फोकस रहेगा।


AUS vs IND: टेस्ट सीरीज में विराट और रोहित की आधी-अधूरी हिस्सेदारी चिंताजनक

(मनोज चतुर्वेदी)

भारत-पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया-इंग्लैंड के बीच टेस्ट सीरीज में दिखने वाली प्रतिद्वंद्विता इस सदी में भारत और ऑस्ट्रेलिया की टेस्ट सीरीज में देखी जाने लगी है। यही वजह है कि अभी इस टेस्ट सीरीज का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है।विराट कोहली की अगुआई वाली भारतीय टीम ने 2018-19 की टेस्ट सीरीज में पहली बार ऑस्ट्रेलिया को उनके घर में 2-1 से दचक कर टीम ऑस्ट्रेलिया की प्रतिशोध की ज्वाला को और धधका दिया है।



पैटरनिटी लीव पर लौटेंगे विराट कोहली
पैटरनिटी लीव पर लौटेंगे विराट कोहली

पिछली बार ऑस्ट्रेलिया के टेस्ट सीरीज हारने की वजह स्टीव स्मिथ और डेविड वॉर्नर की गैरमौजूदगी बताई गई थी। इस बार दोनों मौजूद रहेंगे। पर इस बार भारतीय टीम के साथ थोड़ी दिक्कत है कि कप्तान विराट कोहली पहला टेस्ट खेलकर पितृत्व अवकाश पर चले जाएंगे, जबकि रोहित शर्मा फिटनेस की वजह से पहले दो टेस्ट में नहीं हैं।



​बढ़ी आक्रमण क्षमता
​बढ़ी आक्रमण क्षमता

टीम इंडिया के लिए सीरीज जीतकर यह साबित करने का मौका है कि वह किसी खिलाड़ी विशेष पर निर्भर टीम नहीं है। एक दौर था, जब भारतीय टीम जीत के लिए स्पिनरों पर निर्भर रहती थी और विदेशी दौरों पर अनुकूल माहौल और विकेट नहीं मिलने पर जीत उसकी पहुंच से दूर बनी रहती थी। लेकिन पिछले कुछ सालों में टीम इंडिया बहुत बदली है और वह दुनिया भर में दबदबे वाला क्रिकेट खेल रही है। उसके लिए इस बात का कोई मायने नहीं रह गया है कि मेजबान देश किस तरह के विकेट तैयार कर रहा है। अब वह उनके बनाए माहौल में भी अपना बेस्ट देना सीख गई है। इसकी वजह पेस अटैक का जानदार बनना है। भारत के तेज गेंदबाज यह भरोसा बनाने में कामयाब हो गए हैं कि उनमें प्रतिद्वंद्वी टीम के 20 विकेट निकालने का माद्दा है। यह भरोसा ही है कि अब भारतीय टीम मैनेजमेंट विदेशी जमीन पर खेले जाने वाले टेस्ट मैचों में एक ही स्पिनर खिलाने लगा है।



ऑस्ट्रेलिया को करारा जवाब देने की पूरी तैयारी
ऑस्ट्रेलिया को करारा जवाब देने की पूरी तैयारी

ऑस्ट्रेलिया की पेस तिकड़ी पैट कमिंस, मिशेल स्टार्क और हेजलवुड को हमेशा ही खतरनाक माना जाता रहा है। पर अब जसप्रीत बुमराह की अगुआई वाला पेस अटैक भी उन्हें बराबरी की टक्कर देने का दम रखता है और यह बात वह पिछले दौरे पर साबित कर चुका है। भारतीय पेस अटैक के दमदार होने का अंदाजा इससे लगा सकते हैं कि स्टीव स्मिथ कह रहे हैं कि हमारे खिलाफ यदि शॉर्ट पिच गेंदें डाली गईं, तो हममें उसका सामना करने की क्षमता है। आप याद करें, क्या पहले कभी ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज भारतीय पेसरों को इस तरह भाव देते नजर आते थे? इसका तो यही मतलब है कि वे भारतीय तेज गेंदबाजी को तवज्जो देने को मजबूर हो गए हैं। यह सही है कि जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी और उमेश यादव का साथ देने के लिए इस बार अनुभवी गेंदबाज ईशांत शर्मा नहीं होंगे। पर नवदीप सैनी या सिराज में से किसी एक को खिलाकर अटैक की धार बनाए रखी जा सकती है।



कोच शास्त्री ने बताया- बेस्ट अटैक
कोच शास्त्री ने बताया- बेस्ट अटैक

भारतीय मुख्य कोच रवि शास्त्री ने भारतीय पेस अटैक को दुनिया का सर्वश्रेष्ठ बताया था। इसकी वजह शायद पिछले दौरे पर उनका ऑस्ट्रेलिया के पेस गेंदबाजों से बेहतर प्रदर्शन था। इस सीरीज के एडिलेड और पर्थ में खेले गए टेस्ट में तो ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज भारतीय पारी के सभी 40 विकेट निकालने में कामयाब हो गए थे। लेकिन मेलबर्न और सिडनी में वे समझ नहीं पा रहे थे कि भारतीय बल्लेबाजों को कैसे आउट करें। वहीं भारतीय गेंदबाजों ने इन दोनों टेस्ट में भी परचम फहराकर भारत को पहली बार ऑस्ट्रेलिया में सीरीज जिताने में अहम भूमिका निभाई। इस सीरीज में ऑफ स्पिनर अश्विन ने भी पहले टेस्ट में छह विकेट निकालकर अपना लोहा मनवाया था, पर बाकी टेस्ट वे नहीं खेल सके थे। इस बार वह पूरी तरह फिट हैं, हालांकि उनके मुकाबले नाथन लियोन घर में ज्यादा कारगर साबित होते रहे हैं, और वह एक खतरा हो सकते हैं।



कुछ अनसुलझे सवाल हैं सामने
कुछ अनसुलझे सवाल हैं सामने

इस सीरीज में भारत के सामने कुछ अनसुलझे सवाल जरूर हैं। पहला सवाल तो यही है कि मयंक अग्रवाल के साथ पारी की शुरुआत किससे कराई जाए। अगर रोहित शर्मा होते तो यह सवाल ही नहीं उठता। इसके लिए पृथ्वी शॉ और शुभमन गिल दो दावेदार हैं। पृथ्वी के पक्ष में यह बात जाती है कि उन्हें टेस्ट खेलने का अनुभव है और वे पूरी निडरता के साथ खेलते हैं। उन्हें इस बात की परवाह नहीं होती कि सामने कौन गेंदबाज है। पर उनकी दिक्कत उनका डिफेंस है। इस कमी की वजह से आईपीएल में अच्छी शुरुआतों को वह बड़ी पारी में नहीं बदल सके थे। क्रिकेट इतिहास के सर्वश्रेष्ठ ओपनरों में एक गावस्कर को लगता है कि शुभमन गिल को मौका देना चाहिए। आखिरी दो टेस्ट के लिए रोहित शर्मा के आने पर उनका खेलना ओपनरों के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा।



साहा या पंत? किसे मिलेगा मौका
साहा या पंत? किसे मिलेगा मौका

टीम इंडिया मैनेजमेंट के सामने विकेट कीपर के तौर पर ऋद्धिमान साहा और ऋषभ पंत में से किसे खिलाया जाए, यह उलझन भी होगी। साहा की विकेट कीपिंग बहुत बेहतर है, पर धीमे विकेट पर स्टंप्स के करीब खड़े होते समय बेहतर कलेक्शन वाले खिलाड़ी की जरूरत पड़ती है। ऑस्ट्रेलिया में विकेट तेज होने से विकेट कीपर स्टंप्स से दूर खड़े होंगे। ऐसे में ऋषभ पंत को खिलाना बेहतर विकल्प होगा। दिन-रात के अभ्यास मैच में शतक ठोककर वह अपना दावा मजबूत कर भी चुके हैं। वैसे भी पंत 2018-19 के दौरे में अपने नाबाद शतक से भारत को सीरीज जिताने में अहम भूमिका निभा चुके हैं। इसमें कोई दो राय नहीं कि साहा की बल्लेबाजी भी अच्छी है, पर इस मामले में वह पंत से कोसों दूर नजर आते हैं।



रहाणे के सामने भी मुश्किल, कैसे होगी विराट की भरपाई
रहाणे के सामने भी मुश्किल, कैसे होगी विराट की भरपाई

विराट कोहली की कप्तानी हो या बल्लेबाजी, वह सभी में अपना प्रभाव छोड़ने में हमेशा सफल रहते हैं। उनकी पहले टेस्ट के बाद अनुपस्थिति जरूर खलेगी। जहां तक उनकी गैरमौजूदगी में कप्तानी की बात है तो अजिंक्य रहाणे इस जिम्मेदारी को निभाने में पूरी तरह सक्षम हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ धर्मशाला टेस्ट और अफगानिस्तान के खिलाफ खेले गए इकलौते टेस्ट में वह अपनी कप्तानी में भारत को जीत भी दिला चुके हैं। पर विराट की बल्लेबाजी की भरपाई करना थोड़ा मुश्किल होगा।



पुजारा पर होगी जिम्मेदारी
पुजारा पर होगी जिम्मेदारी

विराट कोहली की गैरमौजूदगी में चेतेश्वर पुजारा के साथ रहाणे को अतिरिक्त प्रयास करने होंगे। याद रहे, पिछली सीरीज जिताने में भी पुजारा ने 521 रन बनाकर अहम भूमिका निभाई थी। ये दोनों डटे रहे तो सीरीज का परिणाम भारत के पक्ष में आ सकता है।