Tuesday, December 8, 2020

सबसे कम उम्र में डेब्यू करने वाले विकेटकीपर का 18 साल बाद संन्यास, पिछला मैच 2 साल पहले खेला था December 08, 2020 at 09:13PM

विकेटकीपर पार्थिव पटेल ने क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट (टेस्ट, वनडे, टी-20) से रिटायरमेंट ले लिया है। क्रिकेट में उनका 18 साल का करियर रहा। उन्होंने 2002 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट से डेब्यू किया था। इसके साथ ही वे सबसे कम उम्र में बतौर विकेटकीपर टेस्ट में डेब्यू करने वाले प्लेयर बने।

पार्थिव ने आखिरी मैच जनवरी 2018 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ जोहान्सबर्ग टेस्ट खेला था। उन्होंने आखिरी वनडे 12 फरवरी 2012 को श्रीलंका के खिलाफ ब्रिस्बेन में खेला था।

पार्थिव ने कहा- गांगुली का आभारी हूं
पार्थिव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर अपने रिटायरमेंट का ऐलान किया। उन्होंने पूर्व भारतीय कप्तान और मौजूदा BCCI अध्यक्ष सौरव गांगुली का धन्यवाद दिया। उन्होंने लिखा- मैं खास तौर पर दादा का आभारी हूं। वे मेरे पहले कप्तान हैं। उन्होंने मुझ पर काफी विश्वास जताया। दूसरी पोस्ट में उन्होंने पत्नी अवनी और माता-पिता का भी धन्यवाद दिया। उन्होंने लिखा- आप मेरी इस यात्रा में मेरे साथ रहे। इसके लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।

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तीनों फॉर्मेट में शतक नहीं लगा सके पार्थिव
पार्थिव ने वनडे डेब्यू जनवरी 2003 में न्यूजीलैंड के खिलाफ किया था। उन्होंने अपने टेस्ट करियर में 25 मैच खेले, जिनमें उन्होंने 934 रन बनाए। वहीं वनडे करियर में उन्होंने 38 मैच खेलकर 736 रन बनाए । पटेल ने सिर्फ 2 टी20 मैच खेले हैं। वे तीनों फॉर्मेट में शतक नहीं लगा सके।

फर्स्ट क्लास में 10 हजार से ज्यादा रन
पार्थिव ने 194 फर्स्ट क्लास मैच खेले हैं। जिसमें 43.39 की औसत से 11,240 रन बनाए हैं। उन्होंने फर्स्ट क्लास मैच में 27 सेंचुरी और 62 फिफ्टी लगाए हैं। वहीं, लिस्ट A में उन्होंने 193 मैच खेले हैं। इसमें 29.72 की औसत से 5172 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने 3 शतक और 35 अर्धशतक लगाए हैं।

गुजरात को दिलाई थी पहली बार रणजी ट्रॉफी

  • जनवरी 2017 में गुजरात की टीम ने पार्थिव पटेल की कप्तानी में ही पहली बार रणजी ट्रॉफी टूर्नामेंट जीता था।
  • फाइनल में गुजरात ने मुंबई को 5 विकेट से हराया था। फाइनल में पार्थिव ने कप्तानी पारी खेलते हुए 143 रन बनाए थे।
  • पार्थिव को उनकी इनिंग के लिए प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया था।
  • इस मैच में गुजरात की टीम ने 312 रन चेज करते हुए रणजी ट्रॉफी में सबसे बड़ा टारगेट हासिल करने का नया रिकॉर्ड भी बनाया था।


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Parthiv Patel Retirement Announcement Update | Ex-India wicketkeeper Parthiv Patel retires from all forms of cricket

पार्थिव पटेल ने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास का ऐलान किया December 08, 2020 at 08:11PM

नई दिल्ली भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज पार्थिव पटेल ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने बुधवार को टि्वटर पर एक पोस्ट के जरिए इस बात की घोषणा की। 35 वर्षीय पटेल ने अपने 18 साल के करियर में भारत के लिए 25 टेस्ट, 38 वनडे इंटरनैशनल और दो टी20 इंटरनैशनल मुकाबले खेले। घरेलू क्रिकेट की बात करें तो उन्होंने गुजरात के लिए 194 मैच खेले। वह जनवरी 2018 में भारत की जोहान्सबर्ग में साउथ अफ्रीका के खिलाफ मिली ऐतिहासिक टेस्ट टीम का भी हिस्सा थे। इसके एक साल बाद ऑस्ट्रेलिया में पहली बार टेस्ट सीरीज जीतने वाले भारतीय दल में भी पटेल शामिल थे। पटेल ने साल 2002 में भारत के लिए इंग्लैंड के खिलाफ नॉटिंगम में डेब्यू किया। वह भारत के लिए टेस्ट खेलने वाले सबसे युवा विकेटकीपर थे। उस समय उनकी उम्र 17 साल 153 दिन थी। उनका करियर हालांकि ठीक ही चल रहा था लेकिन 2004 में दिनेश कार्तिक और फिर महेंद्र सिंह धोनी के आने के बाद पटेल टीम के नियमित सदस्य नही रह पाए। पटेल ने टि्वटर पर लिखा, 'आज मैं क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास का ऐलान कर रहा हूं और इसी के साथ मेरा 18 साल लंबा करियर समाप्त हो रहा है। मैं कई लोगों का आभार व्यक्त करना चाहता हूं। बीसीसीआई ने मुझ पर बहुत ज्यादा विश्वास जताया और 17 साल के एक लड़के को टीम इंडिया के लिए खेलने का मौका मिला।' पटेल ने अपने टि्वटर पर पूर्व कप्तान और बीसीसीआई के मौजूदा अध्यक्ष सौरभ गांगुली का शुक्रिया अदा किया। जिनकी कप्तानी में पटेल ने डेब्यू किया था। पटेल ने लिखा, 'मैं खास तौर पर दादा का ऋणी हूं, मेरे पहले कप्तान, जिन्होंने मुझ पर काफी विश्वास जताया।' पटेल ने गुजरात के लिए पहला रणजी ट्रोफी मैच भारत के लिए डेब्यू करने के दो साल दो महीने बाद नवंबर 2004 में खेला। पटेल ने हालांकि वापसी की लेकिन वह टीम में जगह पक्की नहीं कर पाए क्योंकि एक और विकेटकीपर बल्लेबाज ऋद्धिमान साहा टेस्ट के लिए पहली पसंद बन गए। हालांकि पटेल ने हार नहीं मानी और इंडियन प्रीमियर लीग और घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करते रहे। 2015 में उन्होंने मुंबई इंडियंस के लिए 15 मैचों में 339 रन बनाए। इसके बाद इसी साल उन्होंने अपना पहला लिस्ट ए शतक लगाया और गुजरात को उसका विजय हजारे ट्रोफी जीतने में मदद की।

पंजाब रणजी कप्तान मनदीप सिंह किसान आंदोलन के समर्थन में उतरे December 08, 2020 at 08:55PM

प्रत्युष राज, चंडीगढ़ पहले भारतीय ऐक्टिव क्रिकेटर हैं जो नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों के प्रदर्शन से जुड़ गए हैं. 28 वर्षीय मनदीप और उनके बड़े भाई हरविंदर सिंह दिल्ली के सिंघू बॉर्डर पर पहुंचे और किसानों के लिए अपने समर्थन जाहिर किया। मनदीप ने हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, 'मैं उन सभी वरिष्ठ नागरिकों के प्रति अपना समर्थन जाहिर करने गया था जो इस ठंड में शांति पूर्वक विरोध कर रहे हैं। वे जिन हालात में रह रहे हैं वह दिल-दुखाने वाला है।' मनदीप ने कहा, 'ट्रैक्टर उनका घर बन गया है, लेकिन वे शिकायत नहीं कर रहे हैं। वे काफी खुश और उत्साहित हं। मैं उनके जज्बे को सलाम करता हूं। यह मेरे लिए बहुत अच्छा अनुभव था। सारा देश किसानों के किए कामों पर चलला है, और इस मुद्दे को जितना जल्दी हो सके सुलझाना बहुत जरूरी है।' मनदीप जब हाल ही में इंडियन प्रीमियर लीग में किंग्स इलेवन पंजाब के लिए दुबई में खेल रहे थे तब उनके पिता का निधन हो गया था। वह घर वापस नहीं लौटे थे और दो दिन बाद उन्होंने कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ 66 रन की पारी खेली थी। मनदीप ने कहा, 'अगर मेरे जिंदा होते तो वह जरूर इस विरोध प्रदर्शन का हिस्सा होते। वह जरूर गर्व महसूस कर रहे होंगे कि उनके बेटों ने इसमें कोई योगदान दिया है।' भारत के लिए तीन टी20 इंटरनैशनल मैच खेलने वाले मनदीप ने कहा कि वह यह देखकर हैरान हैं कि उन्हें समाज के अलग-अलग तबकों से कितना समर्थन मिल रहा है। मनदीप ने कहा, 'मेरी पूरी जिंदगी में मुझे इस तरह का अनुभव कभी नहीं हुआ। इसने मुझे काफी प्रभावित किया। मुझे उम्मीद है कि सरकार उनकी मांगों को सुनेगी और सभी अपने प्रियजन के पास वापस लौट जाएंगे।'

पंड्या बोले- टेस्ट नहीं खेलूंगा, अब घर लौट रहा हूं; विराट ने कहा- हम चाहते हैं वे बॉलिंग भी करें December 08, 2020 at 08:03PM

ऑस्ट्रेलिया के साथ टी-20 सीरीज में 2-1 से टीम इंडिया के जीत के हीरो रहे ऑल राउंडर हार्दिक पंड्या चार टेस्ट मैचों की सीरीज में नहीं खेलेंगे। वे इंडिया वापस लौट आएंगे। हार्दिक टी-20 सीरीज में मैन ऑफ सीरीज रहे। उन्हें ऑस्ट्रेलिया दौरे पर टी-20 और वनडे टीम में ही शामिल किया गया था। टी-20 और वनडे में उनके बेहतर प्रदर्शन के बाद ऐसा माना जा रहा है कि उन्हें टेस्ट सीरीज के लिए रोका जा सकता है। हालांकि टीम कप्तान विराट कोहली का मानना है कि पंड्या के रेगुलर बॉलिंग करने के बाद ही टेस्ट में शामिल करने के लिए उनके नाम पर विचार किया जाएगा।

पंड्या ने पहले वनडे में 90, दूसरे में 28 और तीसरे में नाबाद 92 रन बनाए थे। वहीं तीन टी-20 मैचों की सीरीज में उन्होंने पहले टी-20 में 16, दूसरे में नाबाद 42 और तीसरे में 13 रन बनाए।

पंड्या बोले- परिवार के साथ ज्यादा समय बिताना चाहते हैं

पंड्या ने तीसरे टी-20 के बाद मंगलवार को कहा, “टीम मैनेजमेंट उन्हें इजाजत देगी तो वह दो दिन बाद इंडिया वापस लौट आएंगे। मैं घर जाकर ज्यादा समय अपने परिवार के साथ बिताना चाहता हूं। मैने पिछले चार महीने से अपने बच्चे को नहीं देखा है।”

पंड्या ने टेस्ट में वापसी पर पूछे गए सवाल पर कहा- “भविष्य में ऐसा हो सकता है, लेकिन मैं यह नहीं कह सकता हूं कि भविष्य में ऐसा हो गया या नहीं।” हार्दिक ने 17 दिसंबर से शुरु हो रहे टेस्ट सीरीज को लेकर पूछे गए सवाल पर हाल ही में कहा था,” यह अलग खेल है। मैं सोचता हूं कि मुझे इसमें होना चाहिए। हालांकि इसका निर्णय टीम मैनेजमेंट को लेना है।”

टी-20 में मैन ऑफ द सीरीज रहने से पंड्या खुश

पंड्या ने मैन ऑफ द सीरीज मिलने पर कहा कि मैन ऑफ द सीरीज मिलने से खुश हैं। लेकिन सीरीज जीतने के लिए पूरी टीम ने प्रयास किया। उन्होंने कहा,’दूसरे वनडे के बाद हमने यह निर्णय लिया था कि वनडे सीरीज के बचे हुए एक मैच सहित टी-20 सीरीज के तीनों मैच जीतना है। हम चार मैचाें में से तीन मैच जीतने में सफल हुए हैं। इससे मैं खुश हूं।”

पंड्या को लेकर क्या बोले कप्तान विराट

टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने पंड्या के टेस्ट वापसी को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने अपनी प्राथमिकता को स्पष्ट करते हुए कहा कि हार्दिक अभी बॉलिंग करने में सक्षम नहीं हैं। टेस्ट क्रिकेट में अलग तरह की चुनौती हैं। हमने इसके बारे में बात की है। वह ऐसे खिलाड़ी हैं जो विदेशी धरती जैसे साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड आदि जगहों पर भी बॉलिंग से संतुलन बनाए रख सकते हैं। वह हर फॉर्मेट में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। वे टीम के लिए काफी महत्वपूर्ण हैं। टेस्ट क्रिकेट में हमें बेहतर फिनिशर मिलें हैं। हम चाहते हैं कि पंड्या रेगुलर बॉलिंग फिर से करें। ताकि टेस्ट में हमें उनके रूप में बेहतर विकल्प मिल सके।



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हार्दिक पंड्या को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन टी-20 मैचों की सीरीज में मैन ऑफ द सीरीज रहे। उन्होंने पहले टी-20 में 16, दूसरे में नाबाद 42 और तीसरे में 13 रन बनाए।