Tuesday, June 30, 2020

माइकल हसी ने कहा- ऑस्ट्रेलिया में खेलना सभी बल्लेबाजों के लिए मुश्किल, लेकिन रोहित शर्मा को दिक्कत नहीं होगी, उनकी काबिलियत सबसे अलग June 30, 2020 at 07:59PM

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेट माइकल हसी ने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई पिचों पर टेस्ट खेलना किसी भी बल्लेबाज के लिए आसान नहीं होता है। लेकिन, रोहित शर्मा के खेलने का अंदाज और काबिलियत दूसरों से काफी अलग है। उन्हें यहां कोई दिक्कत नहीं होगी। भारतीय टीम को दिसंबर-जनवरी में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर 4 टेस्ट और 3 वनडे की सीरीज खेलना है।

सीरीज का पहला टेस्ट 3 दिसंबर को ब्रिस्बेन में होगा। इसके बाद दोनों टीमों के बीच 26 दिसंबर को मेलबर्न में बॉक्सिंग डे और 3 जनवरी को सिडनी में न्यू ईयर टेस्ट खेला जाएगा। इसके बाद 12 जनवरी को वनडे सीरीज का पहला मैच होगा। कोरोना के कारण ऑस्ट्रेलियन प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने स्टेडियम में सिर्फ 25% दर्शकों को आने की मंजूरी दी है।

रोहित ने पिछली सीरीज में 3 शतक लगाए थे
इस सीरीज में सभी की नजरें रोहित पर ही होंगी, क्योंकि अक्टूबर में उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 3 टेस्ट की सीरीज में एक दोहरा शतक समेत 3 सेंचुरी लगाई थीं। इस सीरीज में रोहित ने पहली बार टेस्ट में ओपनिंग की थी। हालांकि, चोट के कारण वे फरवरी में न्यूजीलैंड के खिलाफ नहीं खेल सके थे।

रोहित की काबिलियत को लेकर कोई शक नहीं
हसी ने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि वह (रोहित) कई वनडे में टॉप ऑर्डर में बल्लेबाजी कर चुका है। हाल ही में उसने टेस्ट में भी खुद को साबित किया है। इन सबसे उसे काफी कॉन्फिडेंस मिला है। मुझे उसकी काबिलियत को लेकर कोई शक नहीं है। वह इस ऑस्ट्रेलियाई परिस्थिति को काफी अच्छे से संभाल लेगा।’’

तेज गेंदबाजों को मुश्किल हो सकती है
हसी ने सोनी टेन के शो में कहा, ‘‘रोहित शर्मा के लिए ऑस्ट्रेलियन परिस्थिति में ढलने में भी समय नहीं लगेगा। मुश्किलें सिर्फ तेज गेंदबाजों को हो सकती है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘स्टीव स्मिथ और डेविड वॉर्नर की दो साल बाद भारत के खिलाफ वापसी मुश्किल होगी। उन्हें स्ट्रगल करना पड़ सकता है।’’ दरअसल, 2018 में स्मिथ और वॉर्नर पर बॉल टेम्परिंग के कारण एक साल का प्रतिबंध लगा था।



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ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेट माइकल हसी ने कहा- मुझे रोहित की काबिलियत को लेकर कोई शक नहीं है। उन्होंने टेस्ट में खुद को साबित किया है। -फाइल फोटो

इरफान पठान ने कहा- मुझे नंबर-3 पर बल्लेबाजी के लिए प्रमोट करने का आइडिया सचिन का था, चैपल का नहीं June 30, 2020 at 06:37PM

भारत के पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान ने कहा कि उनसे तीन नंबर पर बल्लेबाजी का आइडिया सचिन तेंदुलकर ने दिया था। इसमें कोच ग्रेग चैपल का कोई हाथ नहीं था। पठान को पहली बार 2005 में श्रीलंका के खिलाफ वनडे में तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए भेजा गया था। इसमें उन्होंने 70 बॉल पर 83 रन बनाए थे। भारत यह मैच 152 रन से जीता था।

इसके बाद इरफान ने कई मैचों में टॉप आर्डर पर बल्लेबाजी की थी। वे भारतीय टीम में बतौर तेज गेंदबाज शामिल हुए थे। कई दिग्गजों का मानना है कि पहली पारी में अच्छा प्रदर्शन करने के बाद मैनेजमेंट ने उन्हें ऑलराउंडर के तौर पर तैयार करने का प्लान बनाया था। यही कारण है कि इरफान का करियर ज्यादा लंबा नहीं चल सका।

करियर खत्म करने में चैपल का हाथ नहीं

इरफान ने रौनक कपूर के साथ इंस्टाग्राम पर कहा, ‘‘मैंने संन्यास के बाद भी कई बार कहा कि मेरा करियर खत्म होने में ग्रेग चैपल का कोई हाथ नहीं है। जहां तक मुझे 3 नंबर पर बल्लेबाजी के लिए प्रमोट करने की बात थी, तो वह आइडिया चैपल का नहीं सचिन पाजी का था।’’

सिक्स मारने की काबिलियत के चलते प्रमोट हुए थे इरफान
उन्होंने कहा, ‘‘सचिन पाजी ने राहुल द्रविड़ (कप्तान) को मुझे 3 नंबर पर भेजने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि वह (इरफान) सिक्स मारने की ताकत रखते हैं, नई गेंद से तेजी से रन बना सकते हैं और तेज गेंदबाजों को भी अच्छी तरह से खेल सकते हैं, इसलिए उन्हें बल्लेबाजी में प्रमोट करना चाहिए।’’

चैपल भारतीय नहीं, इसलिए उन्हें टारगेट करना आसान
इरफान ने कहा, ‘‘जब मुथैया मुरलीधरन अपनी शानदार फॉर्म में थे, तब उन्हें बल्लेबाजी में पहली बार प्रमोट किया गया था। दिलहारा फर्नांडो भी स्पिलिट फिंगर के साथ स्लोअर बॉल कर रहे थे, जिससे बल्लेबाजों को काफी परेशानी हो रही थी। तब मुझे मुरलीधरन और फर्नांडो के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी के लिए भेजा जाता था। ताकी टीम को फायदा हो सके। इसलिए यह कहना सही नहीं है कि चैपल ने मेरा करियर खराब किया। वे भारतीय नहीं थे, इसलिए उन्हें टारगेट करना आसान है।’’

पूर्व ऑलराउंडर इरफान ने 29 टेस्ट में 100 और 120 वनडे में 173 विकेट लिए हैं। इन मैचों उन्होंने 1105 और 1544 रन बनाए हैं। उनके नाम 24 टी-20 में 28 विकेट और 172 रन हैं। इरफान ने आईपीएल के 103 मैच में 80 विकेट लिए और 1139 रन बनाए हैं।



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इरफान ने 29 टेस्ट में 100 और 120 वनडे में 173 विकेट लिए हैं। इन मैचों उन्होंने 1105 और 1544 रन बनाए हैं। -फाइल फोटो

'रविंद्र जडेजा 21वीं सदी में भारत के सबसे मूल्यवान टेस्ट खिलाड़ी' June 30, 2020 at 06:35PM

नई दिल्लीऑलराउंडर को 21वीं सदी की भारतीय टीम का 'सबसे मूल्यवान खिलाड़ी (Most Valuable Player)' घोषित किया गया है। विजडन ने गेंद, बल्ले और फील्डिंग में योगदान की वजह से यह स्थान दिया गया है। विजडन ने क्रिकविज का आकलन चुनते हुए 30 खिलाड़ियों की लिस्ट जारी की है जिसमें जडेजा कुल मिलाकर दूसरे स्थान पर हैं। पहला स्थान मुथैया मुरलीधरन को दिया गया है। एकदिवसीय क्रिकेट की बात करें इंग्लैंड के ऑलराउंडर ऐड्रू फ्लिंटॉफ चोटी पर हैं और बांग्लादेश के शाकिब अल हसन को दूसरे नंबर पर रखा गया है। इस लिस्ट में ऑस्ट्रेलिया के कई दिग्गज खिलाड़ियों को इसमें जगह मिली है। लेकिन कई बड़े नाम इस लिस्ट से गायब हैं। इसमें टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज सचिन तेंडुलकर और इंग्लैंड के सबसे कामयाब तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन के नाम शामिल नहीं हैं। टेस्ट क्रिकेट में विराट कोहली को 18वें और वनडे में छठे नंबर पर रखा गया है। वहीं सचिन को वनडे टीम में 22वें पायदान पर रखा गया है। भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन टेस्ट क्रिकेट में 8वें पायदान पर हैं। इस लिस्ट को एनालिसिस कंपनी क्रिकविज ने तैयार किया है। इसे बनाने के लिए हर खिलाड़ी को एक खास एमपीवी रेटिंग दी गई। इसमें आंकड़ों के जरिए यह देखा गया कि उस खिलाड़ी का बाकियों के मुकाबले मैच का कितना असर पड़ा।
टेस्ट के टॉप 10 खिलाड़ी वनडे के MVP ऑफ द सेंचुरी
मुथैया मुरलीधरन (श्रीलंका) ऐंड्रू फ्लिंटॉफ (इंग्लैंड)
रविंद्र जडेडा (भारत) शाकिब अल हसन (बांग्लादेश)
स्टीव स्मिथ (ऑस्ट्रेलिया) ग्लेन मैक्ग्रा (ऑस्ट्रेलिया)
ग्लेन मैक्ग्रा (ऑस्ट्रेलिया) एबी डिविलियर्स (साउथ अफ्रीका)
शॉन पॉलक (साउथ अफ्रीका) केन विलियमसन (न्यूजीलैंड)
शाकिब अल हसन (बांग्लादेश) विराट कोहली (भारत)
जैक कालिस (साउथ अफ्रीका) शॉन पॉलक (साउथ अफ्रीका)
रविचंद्रन अश्विन (भारत) हाशिम अमला (साउथ अफ्रीका)
पैट कमिंस (ऑस्ट्रेलिया) नाथन ब्रेकन (ऑस्ट्रेलिया)
शेन वॉर्न (ऑस्ट्रेलिया) जैक कालिस (साउथ अफ्रीका)
क्रिकविज के फ्रेडी वाइल्ड ने विजडन को बताया, 'आपको रविंद्र जडेजा को भारत का नंबर वन खिलाड़ी देखकर हैरानी हो रही होगी। आखिर वह उनकी टेस्ट टीम में अपने आप जगह भी नहीं बनाते। हालांकि जब भी वह खेलते हैं तो उन्हें फ्रंटलाइन स्पिनर के तौर पर चुना जाता है और वह नंबर छह पर बल्लेबाजी करते हैं। वह मैच में काफी योगदान देते हैं।' उन्होंने आगे कहा, '31 वर्षीय जडेजा की गेंदबाजी औसत 24.62 है जो शेन वॉर्न से बेहतर है और उनकी बल्लेबाजी औसत 35.26 है जो शेन वॉटसन से बेहतर है। उनकी बल्लेबाजी और गेंदबाजी के बीच 10.62 का अंतर है जो इस सदी में खेलने वाले सभी खिलाड़ियों, जिन्होंने 1000 से ज्यादा रन बनाए और 150 से ज्यादा विकेट लिए, में दूसरे नंबर का है। वह हाई क्वॉलिटी ऑलराउंडर हैं।' टी20 क्रिकेट की बात करें तो अफगानिस्तान के कप्तान राशिद खान को नंबर वन पर रखा गया है। लेग स्पिनर राशिद ने अपने खेल से काफी प्रभावित किया है। दूसरे नंबर पर भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह हैं। ऑस्ट्रेलिया के ओपनर डेविड वॉर्नर तीसरे स्थान पर हैं और क्रिस गेल छठे पायदान पर रखा गया है।

चीफ सिलेक्टर रह चुके अरविंद डी सिल्वा से 9 साल बाद पूछताछ, अगली पेशी में फाइनल के ओपनर थरंगा से सवाल-जवाब होंगे June 30, 2020 at 06:02PM

श्रीलंका पुलिस ने2011 वर्ल्ड कप फाइनल फिक्स होने की जांच शुरू कर दी। मंगलवार को पूर्व कप्तान और 2011 में चीफ सिलेक्टर रहे अरविंद डी सिल्वा से 6 घंटे पूछताछ हुई। अगली पेशी फाइनल के ओपनर उपुल थरंगा की होगी। इस वनडे वर्ल्ड कप फाइनल में भारत ने श्रीलंका को 6 विकेट से हराया था। श्रीलंका के पूर्व खेलमंत्रीमहिंदानंद अल्थगामागे ने इस मैच को फिक्स बताते हुए जांच की मांग की थी। पूर्व कप्तान सनथ जयसूर्या भी सवाल उठा चुके हैं।

हाल ही में महिंदानंद ने श्रीलंकाई क्रिकेट बोर्ड को एक लिस्ट सौंपी थी। इसमें बताया था कि किन वजहों से उन्हें ये शक है किफाइनल फिक्स था।उन्होंने कहा था, “9 पन्नों में मैंने 24 कारण बताए हैं।जिसकी वजह से हमें फाइनल में हार मिली।”2011 में अल्थगामागे ही श्रीलंका के खेल मंत्री थे।

संगकारा और जयवर्धने ने आरोपों के नकारा
वर्ल्ड कप में कप्तान रहे कुमार संगकारा और महेला जयवर्धने जैसे श्रीलंका के कई पूर्व खिलाड़ी महिदानंद के आरोपों को खारिज कर चुके हैं। हालांकि, श्रीलंका सरकार इन आरोपों की जांच करा रही है। तब के चीफ सिलेक्टर डी सिल्वा से पूछताछ हो चुकी है। माना जा रहा कि फाइनल के कप्तान कुमार संगकारा को भी बुलाया जा सकता है।

1996 वर्ल्ड कप फाइनल में मैन ऑफ द मैच रहे थे डी सिल्वा
श्रीलंका नेवनडे वर्ल्ड कप 1996 में जीता था। फाइनल में डी सिल्वा ने 124 बॉल पर 107 रन की मैच जिताऊ पारी खेली थी। उन्हें मैन ऑफ द मैच भी चुना गया था। 1996 फाइनल में श्रीलंका ने ऑस्ट्रेलिया को 7 विकेट से हराया था। तब सनथ जयसूर्या को प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया था।

डी सिल्वा ने बीसीसीआई से जांच करने को कहा
महिंदानंद के आरोपों के बाद डी सिल्वा ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से भी फिक्सिंग की जांच कराने की अपील की थी। डी सिल्वा ने कहा था- बीसीसीआई की जांच में मेरी जरूरत होगी तो मैं भारत आने को तैयार हूं।

भारत 28 साल बाद वर्ल्ड कप जीता था
2011 में मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए वर्ल्ड कप फाइनल में टीम इंडिया श्रीलंका को 6 विकेट से हराकर 28 साल बाद वर्ल्ड चैंपियन बनी थी। इस मैच में श्रीलका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 6 विकेट खोकर 274 रन बनाए थे। महेला जयवर्धने ने 103, कुमार संगकारा ने 30 और कुलशेखरा ने 40 रन बनाए थे।

लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की शुरुआत खराब रही थी। लसिथ मलिंगा ने सचिन और सहवाग को जल्दी आउट कर दिया था। बाद में गौतम गंभीर और महेंद्र सिंह धोनी ने मोर्चा संभाला। गंभीर 97 पर आउट हो गए लेकिन तब तक भारत जीत तक पहुंच चुका था। धोनी ने कुलशेखरा की गेंद पर विजयी छक्का लगाया था।



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फोटो 2011 वर्ल्ड कप के फाइनल में भारत की जीत के बाद का है। श्रीलंका में 9 साल बाद इस मैच के फिक्स होने के आरोपों की जांच हो रही है। श्रीलंका के कप्तान कुमार संगकारा फिक्सिंग के आरोपों को बेबुनियाद बता चुके हैं।