Wednesday, June 10, 2020

लैंडलाइन फोन का रिसीवर हमेशा नीचे रखते थे सचिन! June 10, 2020 at 07:49PM

नई दिल्ली जब युवावस्था में थे तभी से लोग उनके बारे में बातें करते थे। तभी से उनके टैलंट की बातें की जा रही थीं। यह वह दौर था जब न तो सोशल मीडिया था और न ही मोबाइल। यानी किसी से संपर्क करने के रास्ते सीमित थे। या तो लोग चिट्ठियां लिखा करते थे या फिर फोन। और सचिन की लोकप्रियता का किशोरावस्था में ही यह हाल था कि लोग लगातार उनसे बात करना चाहते थे। सचिन के घर का यह हाल था कि वह फोन का रिसीवर ऊपर नहीं रख सकते थे। जी, मशहूर क्रिकेट कॉमेंटेटर और सचिन को रणजी ट्रोफी डेब्यू से पहले से जानने वाले हर्षा भोगले इसकी कहानी बताते हैं। हर्षा ने एक यूट्यूब चैनल पर बताया कि एक बार वह सचिन के घर उनसे मिलने गए थे तो उन्होंने रिसीवर नीचे रखा देखकर उनसे पूछा था यह नीचे क्यों है। तब मोबाइल का दौर नहीं आया था। सचिन ने रिसीवर ऊपर रखते हुए कहा था, 'अब देखिए क्या होता है।' और जैसे ही उन्होंने फोन का रिसीवर ऊपर रखा, उसकी घंटी बजने लगी। गौरव कपूर के साथ बातचीत में हर्षा ने कहा कि सचिन जैसे ही फोन का रिसीवर ऊपर रखते फोन घनघनाने लगता। तो, वह फोन कर सकते थे लेकिन सुन नहीं सकते थे। अब इतने लोगों को सचिन का नंबर कहां से मिलता था पर हर्षा ने कहा कि लोग टेलीफोन डायरेक्टरी से सचिन के पिता रमेश तेंडुलकर का नंबर निकालकर उस पर फोन करते। भाई को भेजते थे फोटो के पैसे हर्षा ने बताया कि उन्होंने एक खेल पत्रिका के लिए सचिन पर तब लेख लिखा था जब वह स्कूल क्रिकेट में नाम कमा रहे थे। तब अजीत ने हर्षा को सचिन की तस्वीरें भेजी थीं। एक तस्वीर के लिए हर्षा को 100 रुपये मिले थे और चूंकि तस्वीरें अजीत ने भेजी थीं इसलिए हर्षा ने उन्हें दो तस्वीरों के 200 रुपये का चेक दिया था।

छोटी पिच, छोटी गेंद... महिला क्रिकेट में हो ये बड़े बदलाव June 10, 2020 at 07:04PM

दुबईभारतीय बल्लेबाज और न्यूजीलैंड की कप्तान का मानना है कि महिला क्रिकेट की लोकप्रियता को बढ़ाने के लिए नयी चीजों जैसे छोटी पिचों और छोटी गेंद का इस्तेमाल की कोशिश की जा सकती है। ऑस्ट्रेलिया की पूर्व क्रिकेटर और शीर्ष कमेंटेटर मेल जोंस के साथ एक घंटे के ‘100’ इनोवेशन्स’ सत्र में रोड्रिग्स और डेवाइन ने छोटी पिचों, छोटी गेंद और सुपर सब (सब्स्टीट्यूट) जैसे विषयों पर चर्चा की। इस साल आईसीसी महिला टी20 विश्व कप में न्यूजीलैंड के लिए सर्वाधिक रन जुटाने वाली डेवाइन को लगता है कि छोटी गेंद को लाने से महिलाओं के खेल में बदलाव आ सकता है। उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि अगर हम पारंपरिक प्रारूप में ही अटके रहेंगे तो हमें खेल में काफी नए खिलाड़ी और नए बच्चे नहीं मिल पाएंगे। इसलिए मुझे लगता है कि यह बहुत ही रोमांचक विचार है जिससे हम शायद लोगों को प्रोत्साहित कर पाएंगे।’ डेवाइन ने कहा, ‘कुछ बदलाव करना हमेशा अच्छा है जिससे पता चल जाता है कि क्या कारगर होगा। मैं शायद छोटी गेंद की प्रशंसक हूं लेकिन पिच को उतना ही रखा जाए जिससे मुझे लता है कि तेज गेंदबाज रफ्तार से गेंदबाजी कर पाएं और स्पिनर गेंद को ज्यादा टर्न कर पाएं।’ भारत के लिए टी20 विश्व कप में खेल चुकी रोड्रिग्स छोटी पिचों की पक्षधर थीं। उन्हें हालांकि लगता है कि महिला क्रिकेट की तुलना पुरुषों के क्रिकेट से नहीं करनी चाहिए। रोड्रिग्स ने कहा, ‘ईमानदारी से कहूं तो मैं कहूंगी की पुरुष और महिला क्रिकेट की तुलना नहीं करनी चाहिए। क्योंकि आपको स्वीकार करना होगा कि दोनों के बीच थोड़ा अंतर है।’ उन्होंने कहा, ‘लेकिन हां, हमें छोटी पिच के इस्तेमाल के लिए खुला होना चाहिए, इसे आजमाना चाहिए। अगर इससे खेल में सुधार करने में मदद मिलती है और इससे अगले स्तर तक पहुंचा जा सकता है तो क्यों नहीं?’

सामने आई विराट के टीम में चुने जाने की कहानी June 10, 2020 at 07:01PM

नई दिल्लीपूर्व मुख्य चयनकर्ता (Dilip Vengsarkar) ने बताया कि कैसे उन्होंने (Virat Kohli) की प्रतिभा को पहचाना और युवा खिलाड़ी के रूप में उन्हें टीम में चुना। एक खेल वेबसाइट के साथ बातचीत में वेंगसरकर ने बताया कि कैसे विराट कोहली ने ऑस्ट्रेलिया में हुए इमर्जिंग प्लेयर्स टूर्नमेंट (Emerging players tournament) में अपने प्रदर्शन से उन्हें प्रभावित किया था। इसके बाद ही कोहली को टीम में चुने जाने (How Virat Kohli Selected in Indian Team) का फैसला उन्होंने किया। वेंगसरकर ने कहा, 'न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले मुकाबले में 240-250 का स्कोर बना। विराट कोहली को पारी की शुरुआत करने के लिए कहा गया था और उन्होंने नाबाद 123 रन (Virat Kohli Century) बनाए थे। जिस बात ने मुझे सबसे ज्यादा प्रभावित किया कि शतक लगाने के बाद उन्होंने टीम को मैच जिताया और नॉट आउट रहे। तभी मैंने सोचा कि इस लड़के को भारतीय टीम में जरूर जगह मिलनी चाहिए क्योंकि यह मानसिक रूप से परिपक्व है और फिर हमने उसे टीम में चुना। उसके बाद जो हुआ वह इतिहास है।' स्पोर्ट्सकीड़ा के साथ बातचीत में उन्होंने कहा, 'कोहली की यही खूबी उन्हें सबसे ज्यादा पसंद आई।' इमर्जिंग प्लेयर्स टूर्नमेंट के कई मुकाबलों में वेंगसकर मौजूद रहे। रणनीति यही थी कि सीनियर टीम के लिए किसी युवा खिलाड़ी को चुना जाए और एक खिलाड़ी जो इसमें फिट होता था वह विराट कोहली थे। और खास तौर पर न्यूजीलैंड के खिलाफ शतक ने वेंगसरकर की नजर में विराट कोहली (Kohli Century Against New Zealand) का कद काफी बढ़ा दिया। वह इस युवा खिलाड़ी की परिपक्तवता को देखकर काफी प्रभावित हुए थे। वेंगसरकर ने कहा, 'ऑस्ट्रेलिया में इमर्जिंग प्लेयर्स का टूर्नमेंट खेला जा रहा था। मैं नैशनल सिलेक्शन कमिटी का चेयरमैन था। हमने तय किया था कि इस समय ऐसे युवा खिलाड़ियों को चुनना चाहिए जो जल्द ही भारत के लिए खेल सकते हैं या खेलने के लिए तैयार हैं। खास तौर पर अंडर-23 प्लेयर्स। तो हमने विराट कोहली को टीम में चुना।'

सौरव गांगुली ने कहा- आईपीएल बिना दर्शकों के भी हो सकता है, सभी विकल्पों पर चर्चा के बाद जल्द फैसला लिया जाएगा June 10, 2020 at 07:14PM

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष सौरव गांगुली ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) को जल्द कराने के संकेत दिए हैं। उन्होंने गुरुवार को कहा कि आईपीएल के लिए सभी संभावित विकल्पों पर चर्चा की जा रही है। टूर्नामेंट को बगैर दर्शकों के भी कराया जा सकता है।

इस साल 29 मार्च से होने वाला आईपीएल कोरोनावायरस के कारण बीसीसीआई पहले ही अनिश्चितकाल के लिए टाल चुका है। इस साल ऑस्ट्रेलिया में होने वाला टी-20 वर्ल्ड कप भी टल सकता है। ऐसे में उसकी जगह अक्टूबर-नवंबर में आईपीएल हो सकता है।

हर एक विकल्प पर चर्चा हो रही
गांगुली ने बताया, इस साल आईपीएल को कराने के लिए सभी संभावित विकल्पों पर बीसीसीआई काम कर रहा है। चाहे टूर्नामेंट को बिना दर्शकों के ही कराया जाना हो। जल्द ही कोई फैसला लिया जाएगा। हाल ही में गांगुली ने कहा था कि आईपीएल के रद्द होने से बोर्ड को करीब 4 हजार करोड़ रुपए का नुकसान होगा।

कई खिलाड़ी आईपीएल खेलना चाहते हैं
बीसीसीआई अध्यक्षनेकहा, ‘‘हाल ही में कई भारतीय और विदेशी खिलाड़ियों ने आईपीएल में खेलने की इच्छा जताई है। फैन्स, फ्रेंचाइजी, खिलाड़ियों, ब्रॉडकास्टर, स्पोंसर्स और सभी स्टैकहोल्डर्स को उम्मीद है कि इस साल आईपीएल जरूर होगा। आईपीएल के भविष्य को लेकर बीसीसीआई जल्द ही फैसला करेगा।’’

बीसीसीआई गाइडलाइंस तैयार कर रहा
गांगुली ने सभी संबंधित संस्थाओं को लिखे पत्र में कहा, 'बीसीसीआई सभी राज्य क्रिकेट एसोसिएशन के लिए कोविड-19 स्टैंडर्ड ऑपरेशन प्रॉसिजर (एसओपी) यानी गाइडलाइंस तैयार करने पर काम कर रहा है। इस गाइडलाइंस के जरिए सभी एसोसिएशन अपने-अपने क्षेत्र में क्रिकेट शुरू कर सकेंगे।' उन्होंने कहा कि बीसीसीआई की कोशिश अगले दो महीने में घरेलू क्रिकेट और ट्रेनिंग को शुरू करना है।

बीसीसीआई को टी-20 वर्ल्ड कप पर फैसले का इंतजार
आईसीसी ने टी-20 वर्ल्ड कप के भविष्य को लेकर बुधवार को वर्चुअल मीटिंग की थी। इसमें वर्ल्ड कप को लेकर फैसला एक महीने के लिए टाल दिया है। यह टूर्नामेंट इस साल ऑस्ट्रेलिया में 18 अक्टूबर से 15 नवंबर तक होना है। सूत्रों की मानें तो बीसीसीआई वर्ल्ड कप को लेकर आईसीसी के फैसले का इंतजार कर रहा है।

विदेश में आईपीएल कराने को लेकर 3-2 में बंटा बीसीसीआई
बीसीसीआई सूत्रों की मानें तो बोर्ड आईपीएल को विदेश में कराने को लेकर 3-2 में बंटा हुआ है। बहुमत इस बात को लेकर है कि इस लीग को भारत में ही कराया जाए। इनमें से कुछ का कहना है कि परिस्थिति की मांग को देखते हुए यदि जरूरत पड़ती है तो लीग को भारत के बाहर कराया जाना चाहिए। यह विकल्प आखिरी होना चाहिए।

दो बार आईपीएल इंडिया के बाहर
आईपीएल को अब तक दो बार लोकसभा चुनाव के कारण भारत से बाहर कराया जा चुका है। 2009 में आईपीएल की मेजबानी दक्षिण अफ्रीका ने की थी। तब टूर्नामेंट 5 हफ्ते और 2 दिन तक चला था। इसके बाद 2014 में टूर्नामेंट के मैच भारत के अलावा युएई में खेले गए थे।

अब 37 दिन का हो सकता है आईपीएल शेड्यूल
इस बार आईपीएल 50 दिन की बजाए 44 दिन का होना था। सभी 8 टीमों को 9 शहरों में 14-14 मैच खेलने हैं। इनके अलावा 2 सेमीफाइनल, 1 नॉकआउट और 24 मई को वानखेड़े में फाइनल होना था, लेकिन बीसीसीआई अब इसका फॉर्मेट और छोटा करके 2009 की तरह 37 दिन का कर सकती है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने कहा कि बोर्ड की कोशिश अगले दो महीने में घरेलू क्रिकेट और प्लेयर्स की ट्रेनिंग को शुरू करना है। - फाइल फोटो