Saturday, May 30, 2020

डि कॉक, गिडी क्रिकेट साउथ अफ्रीका अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट May 30, 2020 at 07:09PM

जोहानिसबर्गसीमित ओवरों के कप्तान विकेटकीपर बल्लेबाज और तेज गेंदबाज लुगी गिडी को क्रिकेट साउथ अफ्रीका 2019-20 पुरुष अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों के लिए नॉमिनेट किया गया है। हरफनमौला मरिजाने काप और लौरा वोल्वार्ट को महिला वर्ग में चार नामांकन मिले हैं। क्रिकेट साउथ अफ्रीका ने शनिवार को एक विज्ञप्ति में कहा, ‘पुरस्कार समारोह चार जुलाई 2020 को ऑनलाइन होगा।’ डिकॉक और गिडी को वर्ष के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर, वर्ष के सर्वश्रेष्ठ वनडे और टी20 क्रिकेटर के पुरस्कार के लिए नामांकन मिले हैं।’ डिकॉक को वर्ष के सर्वश्रेष्ठ टेस्ट क्रिकेटर का भी नामांकन मिला है। 27 वर्षीय डि कॉक ने अब तक करियर में 47 टेस्ट, 121 वनडे और 44 टी20 इंटरनैशनल मैच खेले हैं और उनके नाम टेस्ट में 2934, वनडे में 5135 और टी20 इंटरनैशनल में 1226 रन हैं। वहीं, 24 वर्षीय पेसर गिडी ने अब तक 5 टेस्ट में 15 विकेट, 26 वनडे मैचों में 53 विकेट और 13 टी20 इंटरनैशनल मैचों में 24 विकेट लिए हैं।

पूर्व ओलिंपिक में चैंपियन मोरो का निधन, नाम पर है स्टेडियम May 30, 2020 at 07:45PM

लॉस एंजेलिसमेलबर्न ओलिंपिक 1956 में 100 मीटर, 200 मीटर और चार गुणा 100 मीटर में स्वर्ण पदक जीतने वाले फर्राटा धावक का निधन हो गया है। वह 84 साल के थे। ने शनिवार को अपने फेसबुक पेज पर इस महान धावक के निधन पर शोक व्यक्त किया। इस स्कूल ने अपने फुटबॉल स्टेडियम का नाम शहर के इस नायक के नाम पर रखा है। मेलबर्न 1956 में मोरो ने एक ओलिंपिक में 100 मीटर, 200 मीटर और चार गुणा 100 मीटर के स्वर्ण पदक जीतकर अमेरिका के दिग्गज ऐथलीट जेसी ओवेन्स की बराबरी की थी। बाद में अमेरिका के और जमैका ने उसैन बोल्ट ने भी यह कारनामा किया। उन्हें उस साल वर्ष का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया था। मोरो ने 1958 में ऐथलेटिक्स से संन्यास ले लिया था। उन्होंने 1960 में कुछ समय के लिए वापसी की थी लेकिन अमेरिका की ओलिंपिक टीम में जगह बनाने में असफल रहे थे।

धार्मिक स्थल खुलने पर आकाश चोपड़ा ने सवाल उठाए, कहा- भगवान हर जगह हैं; लोग बोले- कई लोगों की रोजी-रोटी चलती है May 30, 2020 at 07:05PM

कोरोनावायरस के कारण दो महीने से लगे लॉकडाउन को भारत सरकार ने अनलॉक कर दिया है। साथ ही इस अनलॉक-1 में सरकार ने मॉल, रेस्टोरेंट के साथ धार्मिक स्थल भी खोलने की अनुमति दी है। इस पर पूर्व भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इसकी जरूरत नहीं थी। भगवान हर जगह हैं। इस पर उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जा रहा है।

आकाश ने ट्वीट किया, ‘‘मॉल, रेस्टोरेंट जैसी जगह आर्थिक रूप से जरूरी हैं.... शायद, इसलिए इन्हें हमेशा बंद रखना संभव नहीं है। लेकिन हमें लोगों के लिए धार्मिक स्थलों की आवश्यकता क्यों है?? भगवान हर जगह है.... क्या नहीं है?’’

‘धार्मिक स्थल में कई लोग काम करते हैं’
इसके बाद कई यूजर्स ने आकाश को ट्रोल करते हुए जवाब दिया। एक यूजर ने लिखा, ‘‘क्योंकि कई लोग धार्मिक स्थलों में काम करते हैं और उनकी रोजी-रोटी इसी से चलती है।’’

‘गलत टॉपिक पकड़ लिया’
एक अन्य यूजर ने कहा, ‘‘स्टेडियम में फैन्स के आने की क्या जरूरत है? हम मैच को कहीं से भी टीवी और मोबाइल पर देख सकते हैं।’’ दूसरे ने लिखा, ‘‘गलत टॉपिक पकड़ लिया है। अब बुद्धिजीवी आपको नहीं छोड़ेंगे।’’

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पूर्व भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने कहा- भगवान हर जगह हैं। कोरोना जैसी महामारी की स्थिति में धार्मिक स्थलों को खोलने की जरूरत नहीं है। -फाइल फोटो

सचिन को 'गलत' आउट, अंपायर ने दिया यह बयान May 30, 2020 at 05:55PM

2011 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में भारत की भिड़ंत पाकिस्तान से हुई थी। इस मैच में भारत की जीत के हीरो रहे सचिन तेंडुलकर (Sachin Tendulkar) ने 85 रनों की धांसू पारी खेली थी। लेकिन क्या आप जानते हैं कि उन्हें महज 23 रनों के निजी स्कोर पर अंपायर इयान गोल्ड (Ian Gould) ने LBW आउट दिया था? हालांकि, DRS का इस्तेमाल करते हुए सचिन ने अपना विकेट बचा लिया था और भारत को फाइनल में पहुंचाने में सफल रहे थे। अब इस मामले में गोल्ड ने अपना पक्ष रखा है।

आईसीसी एलीट क्लब के पूर्व अंपायर इयान गोल्ड ने एक शो में उस वाकए का जिक्र करते हुए कहा- उसके लिए मुझे आलोचनाएं झेलनी पड़ी। लोगों ने उस वक्त के मेरे रिऐक्शन की तस्वीरें मुझे भेजे। मुझे याद है जब मैंने उन्हें (सचिन) आउट करार दिया तो बिली बाउडेन (टीवर अंपायर) ने मेरे कान में कहा- गेंद लेग स्टंप छोड़ रही है। मैं चाहता हूं आप अपना फैसला बदलें।

इंग्लैंड के गोल्ड ने आगे कहा- अब सोचता हूं तो उस फैसले पर हंसी आती है, लेकिन उस वक्त ऐसा रिऐक्शन नहीं आता। मैं आपको भरोसा दिलाता हूं आज भी मेरा फैसला वही होता, क्योंकि मुझे अपने फैसले पर यकीन था। अब सब कुछ खत्म हो गया है और मुझे नहीं पता वह कैसे हो गया। उस वक्त सचिन गंभीर से बात करने के बाद वापस लौटने लगे थे, मैंने भगवान को शुक्रिया कहा। फिर मैंने देखा पता नहीं क्या हुआ और सचिन ने DRS ले लिया।

दरअसल, 20 मार्च, 2011 को मोहाली में खेले गए सेमीफाइनल मैच में भारतीय पारी के दौरान 11वां ओवर सईद अजमल कर रहे थे। ओवर की 5वीं गेंद सचिन के पैड पर जाकर लगी और अंपायर गोल्ड ने उंगली उठा दी। सचिन ने DRS लिया और नॉट आउट पाए गए। गेंद लगे स्टंप से बाहर जा रही थी। गोल्ड को इस गलत फैसले के लिए काफी आलोचना हुई थी। बता दें कि भारत ने फाइनल में श्रीलंका को हराकर दूसरी बार वनडे वर्ल्ड कप अपने नाम किया था।