Wednesday, April 15, 2020

रोहित शर्मा दुबई की क्रिकेट एकेडमी ‘क्रिक किंगडम’ के ब्रांड एंबेसडर बने, यहां खिलाड़ियों को ऑनलाइन कोचिंग मिलेगी April 15, 2020 at 08:32PM

भारतीय वनडे टीम के उप-कप्तान रोहित शर्मा दुबई की क्रिकेट एकेडमी ‘क्रिक किंगडम’ के ब्रांड एंबेसडर बन गए हैं। कोरोनावायरस के कारण विश्व के लगभग सभी खेल टूर्नामेंट टाले या रद्द कर दिए गए हैं। ऐसे में यह एकेडमी वायरस खत्म होने के बाद ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराएगी। इस प्लेटफॉर्म पर कई स्टूडेंट्स, कोच, एकेडमी और अन्य संस्थाएं जुड़ सकती हैं। इस एकेडमी में मुंबई के मध्यम तेज गेंदबाज धवल कुलकर्णी मेंटर हैं। रोहित ने 32 टेस्ट में 2141, 224 वनडे में 9115 और 108 टी-20 में 2773 रन बनाए हैं। वे वनडे में दो दोहरे शतक लगाने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज हैं।

एकेडमी ने रोहित के हवाले से कहा, ‘‘क्रिककिंगडम खेल के महान खिलाड़ी तैयार करने वाली पारंपरिक विधियों को आधुनिक वैज्ञानिक ट्रेनिंग पद्धतियों के साथ मिलाना चाहता है। उनका विजन दूरदर्शी है। वे हर एक पहलू को पेशेवर और ढांचागत बनाना चाहते हैं।’’ रोहित का नाम एकेडमी के निदेशक के रूप में भी प्रस्तावित किया गया है।

इस ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर 20 से ज्यादा कोच उपलब्ध
इस प्लेटफॉर्म पर सभी एकेडमी को प्रबंधन के साथ कोच, मैदान या नेट्स की बुकिंग सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है। यहां पर कम से कम 20 कोच मौजूद हैं, जिन्होंने जूनियर लेवल और जमीनी स्तर पर काफी काम किया है। इनमें कुछ प्रदीप इंगले, पराग मडकइकर , सुभाष रंजने और प्रथमेश सालुंखे जैसे अनुभवी कोच हैं। यहां चार वर्ग 5 से 8 साल, 8 से 13, 13 साल से ज्यादा उम्र के अलावा क्लब और एलीट स्तर के क्रिकेटर्स के लिए कोचिंग सुविधा उपलब्ध है।



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रोहित शर्मा ने 32 टेस्ट में 2141, 224 वनडे में 9115 और 108 टी-20 में 2773 रन बनाए हैं। वे वनडे में दो दोहरे शतक लगाने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज हैं। -फाइल फोटो

धोनी में काफी दम, वर्ल्ड कप का हों हिस्सा: बालाजी April 15, 2020 at 07:48PM

चेन्नै इंडियन प्रीमियर लीग के 13वें सीजन के टलने से के करियर की स्पष्ट तस्वीर का इंतजार बढ़ गया है। ऐसा माना जा रहा था कि अगर पूर्व कप्तान (सीएसके) के लिए अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो इस साल अक्टूबर-नवंबर में ऑस्ट्रेलिया में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप के लिए वह टीम इंडिया में शामिल हो सकते हैं। लेकिन कोरोना वायरस महामारी के चलते यह पूरी प्रक्रिया ठहर सी गई है। धोनी ने पिछले साल जुलाई में 50 ओवर वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ हुए मुकाबले के बाद कोई प्रतिस्पर्धी क्रिकेट नहीं खेला है। हालांकि चेन्नै सुपर किंग्स के गेंदबाजी कोच , जिन्होंने धोनी को चेपॉक स्टेडियम में मार्च के पहले दो सप्ताह में ट्रेनिंग करते देखा था, का मानना है कि धोनी के बल्ले की धार कुंद नहीं हुई है। उन्होंने बुधवार को कहा, 'हमें धोनी के छह महीने के ब्रेक के बारे में बात नहीं करनी चाहिए। यह कोई बड़ी बात नही है। अगर आप टाइगर वुड्स या रोजर फेडरर को देखें तो वे भी बड़े टूर्नमेंट्स मिस करते हैं और वापस आते हैं। ब्रेक का अर्थ यह नहीं होता कि उनका प्रदर्शन कुंद हो गया है। हुनर का स्तर नहीं बदलता। धोनी के साथ भी ऐसा ही है। जब प्रदर्शन दिखाने का मौका आएगा तो आपक स्किल लेवल के बारे में सोचने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वह भले ही उस स्तर पर न हों जिस पर 25-26 साल की उम्र में थे लेकिन खेल की लेकर मानसिक स्तर पर वह बिलकुल सही अवस्था में है। जितना मैंने उन्हें चेन्नै सुपर किंग्स की ट्रेनिंगके दौरान देख वह बिलकुल भी चुके हुए नहीं लगे। यहां तक कि ट्रेंनिंग के पहले दिन भी वह पूरे जोश में थे।' बतौर खिलाड़ी और कोच बालाजी ने देखा है कि धोनी प्लेंइग इलेवन में कितनी अहम भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि केएल राहुल ने सीमित ओवरों के प्रारूप में अपना दावा काफी मजबूत कर लिया है लेकिन बालाजी की नजरों में टी20 वर्ल्ड के लिए धोनी को भारती टीम में जरूर शामिल करना चाहिए। 38 वर्षीय इस बालाजी ने कहा, 'यह पूरी तरह से चयनकर्ताओं पर निर्भर करता है लेकिन आप अगर मुझसे पूछें तो मैं किसी भी बड़े टूर्नमेंट में धोनी को जरूर लेकर जाऊंगा। सिर्फ मैच फिनिश करने का हुनर ही नहीं धोनी के खेलने के अन्य कई फायदे भी होते हैं। वह इस टीम गेम में कई आयाम जोड़ते हैं, बड़े टूर्नमेंट जीतने की बात हो तो कामचलाऊ खिलाड़ियों के बात बनती नहीं बल्कि बिगड़ सकती है। तो हर स्थान के लिए आपके पास सर्वश्रष्ठ खिलाड़ी होना चाहिए।' इस साल गर्मियों में नहीं खेला जाएगा। ऐसा माना जा रहा है कि इसका आयोजन सितंबर-अक्टूबर में करवाया जा सकता है। इस पर बालाजी का कहना है कि इसमें अजस्ट करना कोई मुश्किल काम नहीं होगा क्योंकि आईपीएल हमेशा से मार्च, अप्रैल और मई की गर्मियों में खेला जाता है। उन्होंने कहा, 'हम घरेलू सीजन खत्म होने के बाद तपती गर्मियों में आईपीएल खेलने के आदी हैं। हालांकि चैंपियंस लीग टी20 पूरी तरह रद्द होने के पहले सितंबर और अक्टूबर में ही खेली जाती थी। तो अगर आईपीएल इस साल उस वक्त पर होता है तो इस वातावरण से हम परिचित हैं। मैंने जैसा नोटिस किया था पिचों में कोई बड़ा बदलाव नहीं था।'

इंजमाम बोले- सचिन, लारा, अनवर तीनों महान, फिर भी अफसोस April 15, 2020 at 07:58PM

नई दिल्ली पाकिस्तान के पूर्व कप्तान इंजमाम उल हक ने दुनिया के महान बल्लेबाज , और को महान खिलाड़ी करार दिया है। इंजमाम ने इन्हें महान बताते हुए कहा कि उन्हें इस खिलाड़ियों से एक अफसोस भी है कि उन्होंने अभी तक कोचिंग देना शुरू नहीं किया है। इंजमाम ने अपने यूट्यूब चैनल 'इंजमाम उल हक- द मैच विनर' पर यह बातें कहीं। इंजी ने अपने इस चैनल पर ताजा एपिसोड 'सर विव (विवियन) रिचर्ड्स: द अनडिस्प्यूटिड किंग ऑफ क्रिकेट' में इन खिलाड़ियों का जिक्र किया। 12 मिनट के इस वीडियो में इंजमाम ने सर विवियन रिर्चर्ड्स की खूबियां बताई हैं और यह बताने की कोशिश की है कि आखिर विवियन रिचर्ड्स को क्यों महान माना जाता है और वह किस अंदाज से अपने दौर में क्रिकेट खेला करते थे। इसी दौरान बात करते-करते इंजमाम सचिन तेंडुलकर, ब्रायन लारा और सईद अनवर का नाम लेते हैं। इंजमाम कहते हैं, 'ये सभी खिलाड़ी महान हैं। ये लोग क्रिकेट में नई-नई चीजें लेकर आए, जिन्होंने क्रिकेट का अंदाज बदला। मैंने अपने जीवन में इनसे बेहतर क्रिकेटर नहीं देखे। जमाने भर में इनके खेल की तारीफ हुई। लेकिन इस सभी से अफसोस यह है कि इन्होंने कहीं भी क्रिकेट की कोचिंग नहीं दी। क्रिकेट को आगे प्रोत्साहन देने का काम नहीं शुरू किया। इन्हें ऐसा करना चाहिए।'

बगैर अनुभव के मिसबाह को कोच बनाया, वह मुख्य चयनकर्ता भी है, पीसीबी ने योग्यता का मजाक बना दिया: मो. यूसुफ April 15, 2020 at 07:24PM

पूर्व पाकिस्तानी कप्तान मिसबाह उल हक पाकिस्तान क्रिकेट टीम के मुख्य कोच और चयनकर्ता हैं। उनकी इस दोहरी भूमिका को बनाए रखने के लिए पूर्व पाकिस्तानी बल्लेबाज मोहम्मद यूसुफ ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) की आलोचना की है। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि बगैर किसी अनुभव के मिसबाह को मुख्य कोच और चयनकर्ता बना दिया। पीसीबी ने यह योग्यता का मजाक बनाया है। मिसबाह ने पाकिस्तान के लिए 75 टेस्ट, 162 वनडे और 39 टी-20 खेले हैं। वहीं, यूसुफ ने 90 टेस्ट, 288 वनडे और तीन टी-20 खेले हैं।

यूसुफ ने कहा, ‘‘मुझे पीसीबी के दोहरे मापदंड बिल्कुल समझ नहीं आते। एक तरफ तो वे कोच के लिए क्वालिफिकेशन की बात करते हैं, जबकि दूसरी ओर उसने मिसबाह को मुख्य कोच बना दिया है। उसने कभी क्लब स्तर की टीमों की भी कोचिंग नहीं की है। उसे कोई अनुभव नहीं है।’’

मिसबाह ने अजहर अली को वनडे से बाहर किया था
उन्होंने कहा, ‘‘बगैर कोचिंग अनुभव के मिसबाह को पाकिस्तान टीम का कोच बनाना, योग्यता का मजाक बनाने जैसा है। साथ ही मिसबाह को पीएसएल (पाकिस्तान सुपर लीग) में भी कोचिंग की अनुमति दे दी गई। यह भी गलत है। हाल ही में मिसबाह मीडिया के सामने ईमानदारी और सत्यता की बातें करते नजर आए थे। जबकि उन्होंने खुद अपनी कप्तानी में अजहर अली को वनडे टीम से बाहर कर रखा था।’’ मौजूदा पाकिस्तान टेस्ट टीम के कप्तान अजहर अली को मिसबाह की कप्तानी में 2013 से अप्रैल 2015 तक वनडे टीम में जगह नहीं मिली थी।



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मिसबाह उल हक ने पाकिस्तान के लिए 75 टेस्ट, 162 वनडे और 39 टी-20 खेले हैं। वहीं, मोहम्मद यूसुफ ने 90 टेस्ट, 288 वनडे और तीन टी-20 खेले हैं। -फाइल फोटो