Saturday, February 22, 2020

वेलिंग्टन: कोहली-पुजारा फिर फेल, बैकफुट पर भारत February 22, 2020 at 08:53PM

वेलिंग्टन कीवीलैंड में पहला टेस्ट मैच खेल रही टीम इंडिया मैच के तीसरे दिन भी दबाव से उबर नहीं पाई है। न्यूजीलैंड की पहली पारी आज 248 रन पर सिमटी, जिसके आधार पर कीवी टीम को 183 रन की बढ़त मिली। तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक टीम इंडिया ने 4 विकेट गंवाकर 144 रन बना लिए हैं और वह न्यूजीलैंड से अभी भी 39 रन पीछे है। आज दिन का खेल खत्म होने पर उपकप्तान अजिंक्य रहाणे (25*) और हनुमा विहारी (15*) सुरक्षित क्रीज पर लौटे। मैच के चौथे दिन भारत को इन दोनों बल्लेबाजों से करिश्मे की उम्मीद है। इससे पहले न्यूजीलैंड की पारी को समेटने में इशांत शर्मा की भूमिका अहम रही, जिन्होंने 68 रन देकर 5 विकेट अपने नाम किए। मेजबान टीम की ओर से कप्तान केन विलियमसन (89) के अलावा ग्रैंडहोम (43) और अपना पहला टेस्ट खेल रहे काइल जेमिसन (44) ने भी अहम पारियां खेलीं। इशांत के अलावा रविचंद्रन अश्विन ने 3, जबकि शमी और बुमराह के नाम भी एक-एक विकेट रहा। भारत से दूसरी पारी में अच्छे खेल की उम्मीद थी लेकिन मयंक अग्रवाल के अलावा टॉप ऑर्डर के 4 बल्लेबाजों में से कोई भी बल्ले से योगदान नहीं कर पाया। लंबे समय बाद टेस्ट में वापसी कर रहे पृथ्वी साव 14 के निजी स्कोर बोल्ट का पहला शिकार बने। इसके बाद चेतेश्वर पुजारा ने अपना स्वभाविक खेल खेलते हुए धैर्य के साथ 81 गेंदों का सामना कर। कीवी बल्लेबाजों को कुछ देर विकेट से दूर जरूर रखा लेकिन वह उन्हें सफल होने से अधिक देर तक नहीं रोक पाए। पुजारा बोल्ट का दूसरा शिकार बने और 81 गेंद खेलकर उन्होंने मात्र 11 रन बनाए, जिनमें कोई बाउंड्री शामिल नहीं थी। पुजारा के इस विकेट के साथ अंपायरों ने चायकाल की घोषणा कर दी। इसके बाद दिन के तीसरे और अंतिम सत्र में कप्तान विराट कोहली मयंक के साथ क्रीज पर उतरे। मयंक शानदार लय में नजर आ रहे थे लेकिन तीसरे सत्र में टिम साउदी की लेगस्टंप से बाहर जाती एक पर वह बैट अड़ा बैठे और विकेटकीपर वाटलिंग ने उनका कैच लपकने में कोई गलती नहीं की। मयंक के लौटने के बाद कप्तान विराट पॉजिटिव माइंड सेट से खेलते दिख रहे थे लेकिन अभी स्कोरबोर्ड में 17 रन ही और जुड़े थे कि उन्होंने बोल्ट की एक शॉर्ट बॉल पर पुल खेलने का प्रयास किया, जो विफल हो गया। विकेटकीपर वाटलिंग उनकी इसी गलती का इंतजार कर रहे थे विराट का एक आसान सा कैच उनके दस्तानों में आकर गिरा। विराट के बाद छठे नंबर पर उतरे हनुमा विहारी उपकप्तान अजिंक्य रहाणे के साथ मिलकर दिन का खेल खत्म होने तक टीम इंडिया को कोई और झटका नहीं लगने दिया। दोनों ने संभलकर पारी को आगे बढ़ाया और कमजोर गेंदों को सीमापार पहुंचाने में भी कोई कोताही नहीं बरती। दोनों ने मिलकर 5वें विकेट के लिए 31 रन जोड़ लिए हैं। अब टीम इंडिया को इन दोनों ही बल्लेबाजों से मैच के चौथे दिन बड़ी पारियों की उम्मीद होगी।

भारतीय टीम शूटआउट में 35 साल बाद ऑस्ट्रेलिया से जीती, दूसरे मैच में 3-1 से हराया February 22, 2020 at 07:29PM

खेल डेस्क. भारत ने प्रो हॉकी लीग के एक मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया को शूटआउट में 3-1 से हराया। फुलटाइम तक स्कोर 2-2 से बराबर था। शूटआउट में भारत की ओर से हरमनप्रीत सिंह, विवेक प्रसाद और ललित उपाध्याय ने गोल किए। दोनों टीमों के बीच 5वीं बार कोई मुकाबला बराबरी के बाद शूटआउट में गया। तीन बार ऑस्ट्रेलिया जबकि भारत दो बार जीता है।

भारत को अंतिम बार 1985 में इंदिरा गांधी गोल्ड कप में शूटआउट में जीत मिली थी। इसके पहले मैच में भारत की ओर से हरमनप्रीत और रुपिंदर ने गोल किए। मैच जीतने पर टीम को 35 रैंकिंग पॉइंट मिले। टीम अब 25 अप्रैल को बर्लिन में जर्मनी से भिड़ेगी।

पहले मैच ऑस्ट्रेलिया के नाम रहा
पहले मुकाबले में डिफेंडिंग चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया ने 4-3 से जीत दर्ज की थी। यह ऑस्ट्रेलिया की भारत पर 85वीं जीत थी। इस मैच में भारत ने आखिरी क्वार्टर में दो गोल कर वापसी की कोशिश की, लेकिन वह जीत हासिल नहीं कर सका। भारत के लिए राजकुमार पाल ने दो और रुपिंदरपाल सिंह ने एक गोल किया।

भारत की 4 साल बाद ऑस्ट्रेलिया पर जीत
वर्ल्ड रैंकिंग में चौथे नंबर की टीम भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 4 साल बाद मैच में हराया है। पिछली बार 2016 में खेले गए टेस्ट मैच में हराया था। सीरीज के पहले मैच में हार से भारत के 33 रैंकिंग पॉइंट कम हो गए थे। फिलहाल, टीम वर्ल्ड रैंकिंग में चौथे नंबर पर बरकरार है।



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भारत ने दूसरी बार ऑस्ट्रेलिया को शूटआउट में हराया।

कप्तान हमेशा हीरो नहीं होता, वह हीरो बनाता है: शास्त्री February 22, 2020 at 06:28PM

अक्षय सवाई, मुंबई करीब एक महीना पहले मुंबई में एक कार्यक्रम में मौजूद थे और वह यहां खेल के चंचल स्वभाव की बात कर रहे थे। उन्होंने इस मौके पर वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड से मिली हार को भी याद किया। शास्त्री ने उस हार को याद करते हुए कहा, 'तब ड्रेसिंग रूम में दो घंटे तक इतना सन्नाटा था, जो कान फाड़ रहा था। इसके बाद हम स्टेडियम छोड़ रहे थे तब करीब 5000 लोग वहां बाहर खड़े थे और वे कह रहे थे 'शाबाश लड़को, होता है (वेलडन गाइज, नेवर माइंड)।' यही खेल की खूबसूरती होती है, यह आपको ऊपर लेकर जाता है तो नीचे भी लेकर आता है। आप हमेशा मीठा.. मीठा.. मीठा.. पसंद नहीं करते।' अब टीम इंडिया फिर से न्यूजीलैंड के खिलाफ खेल रही है। यहां सिर्फ मीठा मीठा मीठा नहीं है। भारत ने टी20 सीरीज में मेजबान का सफाया किया तो वनडे सीरीज में उन्होंने हमारा सफाया कर हिसाब चुकता कर दिया। अभी टेस्ट सीरीज जारी है और इसका रिजल्ट इस टूर की सफलता और असफलता को साबित करेगा। दूसरों को राह दिखाती है लीडरशिप इस दौरान कोच रवि शास्त्री ने नेतृत्व की विशेषताओं पर भी अपने विचार साझा किए। लीडरशिप की परिभाषा बताते हुए टीम इंडिया और मुंबई के इस पूर्व कप्तान ने कहा, 'लीडरशिप आपसे मांग करती है कि आप दूसरों को राह दिखाएं। आप (बतौर) अगले 12 महीनों में खुद को कहां देखना चाहते हैं। इससे संभवत: आपकी मनोदशा में बदलाव आता है। इससे कोई लड़का यह नहीं कहता कि मैं यह नहीं करना चाहता।' यह टीम प्रबंधन का निर्णय होता है। आप खुशी-खुशी इसके करते हैं। बात जब फिटनेस पर आती है, तब कई लोग अपने चेहरे खींच लेते हैं लेकिन जब वह परिणाम देखते हैं, और फिटनेस के प्रति विराट का समर्पण देखते हैं, तब बाकी भी उसे खुशी-खुशी अपनाते हैं। खिलाड़ियों में आपसी टकराव, परवाह नहीं करते शास्त्री अगर टीम के दो सीनियर खिलाड़ियों में अहम का टकराव होता है, तो शास्त्री को इसकी भी परवाह नहीं होती। यह ज्यादा पुरानी बात नहीं है। हालांकि उन्होंने यहां किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन सभी को पता है कि वह यहां पर किनकी बात कर रहे थे। प्लेयर्स के अहं से टीम को होता है फायदा सीनियर खिलाड़ियों की इगो क्लैश (अहं के टकराव) पर शास्त्री ने कहा, 'यह अच्छा ही होता है क्योंकि इससे दोनों का बेस्ट बाहर आता है। मैं यह सब मैदान के बाहर से देख रहा था। अगर इससे आग ज्यादा लगती तो मैं वहां नियंत्रण के लिए था। लेकिन मैं चाहता था कि कुछ समय के लिए इसे चलने दिया जाए। क्योंकि यहां प्रतिस्पर्धा यह थी कि अगर वह 200 कर रहा, तो मैं 220 करूंगा। इससे किसको फायदा होगा? निश्चिततौर पर टीम को। लेकिन यह नियंत्रण से बाहर नहीं होना चाहिए और ऐसा हुआ भी नहीं। क्योंकि आप जानते हैं कि ऐसे विचारों और व्यवहार से आप टीम का मनोबल तोड़ते हैं। यह खेल आपको एक चीज और सिखाता है। वह यह- एक कप्तान हीरो नहीं होता। वह हीरो बनाता है।' कप्तानी संभालने के बाद कोहली के व्यवहार में आया शानदार बदलाव जब शास्त्री से यह पूछा गया कि क्या ड्रेसिंग रूम में कोहली उग्र हो जाते हैं? इसके जवाब में शास्त्री ने कहा, 'बिल्कुल यह किसी के भी स्वभाव में होता है। लेकिन बीते कुछ सालों में उन्होंने अपने व्यवहार को शानदार ढंग से व्यवस्थित किया है- जिस ढंग से उन्होंने कप्तानी, मीडिया, सफलता और असफलता को संभाला है। मैं उनमें आई शानदार परिपक्वता को देखता हूं।' मेरी कोहली की सोच एक- कोई तीन दे तो उसे दस दो शास्त्री ने अपनी और विराट की जोड़ी पर कहा, 'जब कोच और कप्तान एक जैसे विचार वाले हों तो इससे मदद मिलती है। हम दोनों आक्रामक हैं, जीतना चाहते हैं, विरोधी की आंखों में आंखें डालकर देखते हैं और अगर मेरी शब्दावली को टेस्ट किया जाए, तो हम निश्चिततौर पर पलटकर जवाब देंगे। जैसे हिंदी-पंजाबी में में कहते हैं न 'जो भी। अगर तीन दिया तो दस वापस दे दो।' विराट मुझे इमरान खान (पाकिस्तान के पूर्व कप्तान) की याद दिलाते हैं। खेल में जो जुनून वह लेकर आते हैं वह बेहतरीन है। वह विरोधी के चेहरे पर होते हैं। अगर वह यहां बैठे होते तब वह बिल्कुल सामान्य व्यक्ति की तरह यहां बैठे होते। लेकिन जब उन्हें सफेद ड्रेस पहनाकर बाउंड्री लाइन के पार मैदान में उतार दिया जाता है, तब वह पिटबुल की तरह हो जाते हैं।

मेसी 1000 गोल में योगदान देने वाले दुनिया के पहले फुटबॉलर, ला लिगा में एबार के खिलाफ हैट्रिक के साथ 4 गोल दागे February 22, 2020 at 06:29PM

खेल डेस्क. अर्जेंटीना के स्टार फुटबॉलर लियोनल मेसी 1000 गोल में योगदान देने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने अब तक देश और क्लब के लिए खेलते हुए 696 गोल दागे, जबकि 306 असिस्ट किए हैं। वे स्पेन के फुटबॉल क्लब बार्सिलोना के लिए खेलते हैं। यह उपलब्धि उन्होंने शनिवार रात को स्पेनिश फुटबॉल लीग ला लीगा में एबार के खिलाफ हासिल की। मेसी ने इस मैच में हैट्रिक के साथ 4 गोल किए। इसकी बदौलत बार्सिलोना ने एबार को 5-0 से हराया।

मेसी ने 36 मिनट के अंदर तीन गोल करते हुए करियर की 48वीं हैट्रिक की। उन्होंने क्रिस्टियानो रोनाल्डो (46) को पीछे छोड़ दिया। मेसी ने 14वें, 37वें, 40वें और 87वें मिनट में 4 गोल किए। टीम के लिए एक अन्य गोल आर्थर मेलो ने नए खिलाड़ी मार्टिन ब्रेथवेट के पास पर किया।

बार्सिलोना अंक तालिका में शीर्ष पर

इस जीत के साथ बार्सिलोना की टीम ला लीगा की अंक तालिका में 55 पॉइंट के साथ टॉप पर पहुंच गई है। उसने 25 मैच में से 17 जीते, 4 हारे, 4 ड्रॉ खेले। रियल मैड्रिड 53 पॉइंट के साथ दूसरे नंबर पर है। टीम ने 25 में से 15 मैच जीते, 2 हारे और 8 ड्रॉ खेले। वहीं, एबार टीम 24 अंक के साथ 16वें नंबर पर काबिज है। उसने 24 में से सिर्फ 6 मुकाबले जीते, जबकि 12 में उसे हार मिली। 6 मैच ड्रॉ रहे हैं।

मेसी ने रिकॉर्ड छठी बार बैलोन डी'ओर अवॉर्ड जीता
मेसी ने दिसंबर 2019 में रिकॉर्ड छठी बार बैलोन डी'ओर अवॉर्ड जीता था। वे दुनिया के सर्वश्रेष्ठ फुटबॉलर चुने गए। इस मामले में भी मेसी ने युवेंटस के क्रिस्टियानो रोनाल्डो (5 बार) को पीछे छोड़ दिया। लिवरपूल के डिफेंडर वर्जिल वान डिक दूसरे और युवेंटस के क्रिस्टियानो रोनाल्डो तीसरे स्थान पर रहे थे।

मेसी चैम्पियंस लीग में 34 टीमों के खिलाफ गोल करने वाले पहले खिलाड़ी
मेसी चैम्पियंस लीग में 34 अलग-अलग टीमों के खिलाफ गोल करने वाले पहले खिलाड़ी भी हैं। उन्होंने 27 नवंबर को खेले एक मुकाबले में डोर्टमंड के खिलाफ गोल कर यह उपलब्धि हासिल की थी। उनसे पहले पुर्तगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो और स्पेन के राउल ने 33 टीमों के खिलाफ गोल किए थे।



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लियोनल मेसी ने 36 मिनट के अंदर तीन गोल करते हुए करियर की 48वीं हैट्रिक की।