Tuesday, February 11, 2020

भारतीय टीम फाइनल में हारी, ऑस्ट्रेलियाई टीम 11 रन से जीतकर त्रिकोणीय सीरीज जीती February 11, 2020 at 09:16PM

खेल डेस्क. ऑस्ट्रेलिया की महिला टीम ने भारतीय टीम को त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल में बुधवार को 11 रन से हरा दिया। इस सीरीज की तीसरी टीम इंग्लैंड की थी। इंग्लिश टीम सीरीज में सिर्फ एक मैच जीत सकी। फाइनल में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी का फैसला किया। उसने 20 ओवर में 6 विकेट पर 155 रन बनाए। भारतीय टीम 20 ओवर में 144 रन पर ऑलआउट हो गई। ऑस्ट्रेलिया की बेथ मूनी प्लेयर ऑफ सीरीज और जेस जोनसेन को प्लेयर ऑफ द मैच चुनी गईं।

भारत के लिए स्मृति मंधाना ने 37 गेंद पर 66 रन की पारी खेली। उनकी तेज तर्रार पारी के बावजूद टीम इंडिया जीत हासिल नहीं कर सकी। उन्होंने 12 चौके लगाए। ऑस्ट्रेलिया के लिए बाएं हाथ की स्पिनर जोनासेन ने 4 ओवर में 12 रन देकर 5 विकेट लिए।

मंधाना ने ऋचा घोष के साथ 43 रन की साझेदारी की
लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। शेफाली वर्मा दूसरे ओवर की पांचवीं गेंद पर 11 रन बनाकर आउट हो गईं। उनके बाद ऋचा घोष ने स्मृित के साथ 43 रन की साझेदारी की। ऋचा 23 गेंद पर 17 रन बनाकर आउट हुईं। उनके बाद जेमिमा रोड्रिग्ज खाता खोले बगैर आउट हुईं। स्मृति 16वें ओवर की तीसरी गेंद पर आउट हुईं। उनके बाद हरमनप्रीत कौर (14), दीप्ति शर्मा (10), अरुंधति रेड्डी (0), शिखा पांडेय (4) राधा पांडेय (2) और तानिया भाटिया (11) रन बनाकर आउट हुईं। राजेश्वरी गायकवाड़ एक रन पर नाबाद रहीं।

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बेथ मूनी ने 54 गेंद पर 71 रन बनाए
इससे पहले ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत भी खराब रही। दीप्ति शर्मा ने एलिसा हिली (4) को आउट कर दिया। हिली के आउट होने के बाद बेथ मूनी और एश्ले गार्डनर ने दूसरे विकेट के लिए 52 रन की साझेदारी की। बेथ मूनी 71 रन बनाकर नाबाद रहीं। गार्डनर और कप्तान मेग लेनिंग ने 26-26 रन की पारी खेली। मूनी ने 54 गेंद की पारी में 9 चौके लगाए। भारत के लिए गायकवाड़ और दीप्ति ने 2-2 विकेट लिए। राधा और अरुंधति को एक-एक सफलता मिली।

संक्षिप्त स्कोर
ऑस्ट्रेलिया: 155/6, ओवर: 20 (बेथ मूनी 71 रन नाबाद)
भारत: 144/10, ओवर: 20 (स्मृति मंधाना 66, जेस जोनासेन 5/12).



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Australia Women vs India Women Melbourne T20 Final Updaets; Australia Women Cricket Team win by 11 runs

क्रिकेट में USA फिसड्डी, बनाया सबसे कम स्कोर February 11, 2020 at 08:54PM

नई दिल्ली क्रिकेट को बढ़ावा देने के मकसद से आईसीसी ने भले ही कई देशों को इंटरनैशनल स्तर पर टी20 और वनडे क्रिकेट खेलने की मान्यता दे दी है। लेकिन अभी ये टीमें इस स्तर पर क्रिकेट खेलने को तैयार नहीं दिख रहीं। बुधवार को नेपाल की राजधानी काठमांडू (कीर्तिपुर) में नेपाल और संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) के बीच वनडे मैच खेला गया। अमेरिकी टीम यहां मात्र 35 रन पर ऑल आउट हो गई, जो वनडे क्रिकेट इतिहास का सबसे छोटा टोटल है। इस वजह से 50-50 ओवर का यह मैच मात्र 17.2 ओवर में ही पूरा हो गया। वनडे क्रिकेट इतिहास में यह दूसरा मौका था जब कोई टीम सिर्फ 35 रन पर ही ढेर हो गई हो। अमेरिका से पहले जिम्बाब्वे की टीम साल 2004 में श्रीलंका के खिलाफ इतने ही स्कोर पर ऑल आउट हुई थी। अब अमेरिका और जिम्बाब्वे वनडे क्रिकेट में सबसे कम स्कोर बनाने के मामले में संयुक्त रूप से पहले स्थान पर हैं। नेपाल और अमेरिका के बीच क्रिकेट वर्ल्ड कप लीग 2 श्रेणी के तहत यह मैच खेला गया। यहां मेजबान नेपाल ने टॉस जीतकर मेहमान अमेरिका को पहले बैटिंग का निमंत्रण दिया। लेकिन अमेरिकी टीम यहां पूरी तरह फेल साबित हुई। अमेरिकी टीम ने नेपाल के लेग स्पिनर संदीप लामिछाने के सामने पूरी तरह समर्पण कर दिया। संदीप ने 6 ओवर फेंककर 1 मेडन के साथ 16 रन खर्च किए और उन्होंने 6 विकेट अपने नाम किए। वनडे इतिहास में यह उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। संदीप के अलावा शेष 4 विकेट लेफ्ट आर्म स्पिनर सुषान बिहारी (4/5) ने अपने नाम किए। दूसरे ओवर से उसका पहला विकेट गिरने का सिलसिला शुरू हुआ तो उसने रुकने का नाम ही नहीं लिया और 12 ओवर होने तक अमेरिकी टीम मात्र 35 रन बनाकर ऑल आउट हो गई। अमेरिकी टीम का सिर्फ एक बल्लेबाज जेवियर मार्शल (16) दहाई का आंकड़ा छू पाए, जबकि कप्तान समेत उसके 4 बल्लेबाज अपना खाता भी नहीं खोल पाए। 36 रन का यह आसान सा लक्ष्य नेपाली टीम ने 5 ओवर में ही अपने नाम कर लिया। हालांकि लक्ष्य का पीछा करने उतरी नेपाली टीम की भी शुरुआत अच्छी नहीं रही थी और उसके दोनों ओपनर पहले दो रन जुड़ने तक ही पविलियन लौट गए थे। लेकिन बाद में पारस खड़का (20*) और दीपेंद्र सिंह ऐरी (15*) के दम पर 8 विकेट से यह मैच अपने नाम कर लिया। नेपाल की टीम ने यह आसान जीत 268 गेंदें शेष रहते हुए अपने नाम दर्ज की है। वनडे क्रिकेट इतिहास में सबसे ज्यादा गेंदें शेष रहते हुए जीत दर्ज करने के मामले में यह चौथी सबसे बड़ी जीत है। सबसे ज्यादा बॉल शेष रहते हुए वनडे जीत का रेकॉर्ड इंग्लैंड के नाम है। इंग्लैंड ने मैनचेस्टर के मैदान पर 13 जून 1979 में कनाडा के खिलाफ 277 बॉल शेष रहते हुए जीत (टारगेट 46 रन) अपने नाम की थी।

एमसीसी इलेवन 48 साल बाद पाकिस्तान में खेलेगी, संगकारा कप्तान; एक वनडे और तीन टी-20 होंगे February 11, 2020 at 08:17PM

खेल डेस्क. पाकिस्तान के लाहौर में 14 फरवरी से क्रिकेट नियमों के सरंक्षक मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (एमसीसी) की प्लेइंग इलेवन एक वनडे और तीन टी-20 खेलेगी। एमसीसी की कोई टीम 48 साल बाद पाकिस्तान में खेलेगी। पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) की टीम लाहौर कलंदर टी-20 में अपनी टीम उतारेगी। कलंदर की टीम में पाकिस्तान के स्टार खिलाड़ी शाहीन अफरीदी और फखर जमान खेल सकते हैं। एमसीसी की टीम पाकिस्तान शाहीन्स, नॉर्दर्न और मुल्तान सुल्तान के खिलाफ भी खेलेगी।

एमसीसी की टीम पिछली बार 1973 में पाकिस्तान के दौरे पर गई थी। इस बार दौरे का पहला मुकाबला 14 फरवरी को लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में कलंदर के खिलाफ खेलेगी। इसके बाद 16 फरवरी को शाहीन्स के खिलाफ 50 ओवर का मैच होगा। 17 फरवरी को दूसरा टी-20 नॉर्दर्न और 19 फरवरी को आखिरी मैच मुल्तान सुल्तान से होगा।

इस दौरे से पाकिस्तान को मदद मिलेगी: एमसीसी इलेवन के कोच
एमसीसी के प्रमुख कुमार संगकारा के नेतृत्व में 12 सदस्यीय टीम पाकिस्तान जाएगी। इसमें रवि बोपारा, वान डर मर्वे और रॉस विटली जैसे खिलाड़ी भी होंगे। एमसीसी टीम के कोच अजमल शहजाद ने कहा, ‘‘पाकिस्तान का यह दौरा हर किसी के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर होगा। हमें उम्मीद है कि इस दौरे से पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) की अंतरराष्ट्रीय टीमों को नियमित रूप से अपने देश में खिलाने की उम्मीदों को मदद मिलेगी।’’

एमसीसी इलेवन: कुमार संगकारा (कप्तान), रवि बोपारा, माइकल बर्जीस, ओलिवर हेनॉन डाल्बी, फ्रेंड क्लासन, माइकल लीस्क, एरॉन लिलि, इमरान कय्यूम, विल रोड्स, सफ्यान शरीफ, रेलोफ वान डर मर्व, रॉस विटली।



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कुमार संगकारा, एमसीसी के प्रमुख। (फाइल फोटो)

हैपी बर्थडे गुंडप्पा विश्वनाथ: देखें उनकी एक शतकीय पारी February 11, 2020 at 07:48PM

नई दिल्ली पूर्व भारतीय कप्तान (12 फरवरी, 1949 को जन्म) आज अपना 71वां जन्मदिन मना रहे हैं। विश्वनाथ के बारे में कहा जाता है कि उनसे बेहतर कोई स्क्वेयर कट और लेट कट नहीं खेल सकता। 1969 से 1983 तक टेस्ट क्रिकेट खेलने वाले इस महान दाएं हाथ के खिलाड़ी के नाम 91 मैचों में 6080 रन दर्ज हैं। उनका सर्वोच्च स्कोर 222 रन है। उन्होंने टेस्ट में 14 शतक और 35 अर्धशतक लगाए। उन्होंने भारत के लिए 25 वनडे मैच में दो पचासे सहित 439 रन बनाए और उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 75 रन रहा। गुंडप्पा पार्ट टाइम लेग ब्रेक बोलिंग भी किया करते थे और उनके नाम एकमात्र टेस्ट विकेट भी है। देखें- ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 19801-81 में उनके द्वारा खेली शतकीय पारी की एक झलक... गुंडप्पा विश्वनाथ उन चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिन्होंने रणजी करियर की शुरुआत डबल सेंचुरी से की। उन्होंने 1967 में मैसूर (अब कर्नाटक) की ओर से खेलते हुए आंध्र प्रदेश के खिलाफ 230 रन की पारी खेली थी। यह मैच विजयवाड़ा में खेला गया था। दाएं हाथ के बल्लेबाज विश्वनाथ ने 1969 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कानपुर में टेस्ट डेब्यू किया था। इस मैच की पहली पारी में वह खाता नहीं खोल सके, लेकिन दूसरी पारी में जोरदार बैटिंग की और 25 चौके की मदद से 137 रन बनाए। डेब्यू मैच में डक और सेंचुरी (0 और 137) लगाने वाले पहले क्रिकेटर बने।