Wednesday, February 9, 2022

पंत से ओपनिंग कराने पर भड़के फैंस:टीम मैंनेजमेंट के फैसले को बकवास बताया, कहा- ऋतुराज गायकवाड़ को मिलना था मौका February 09, 2022 at 12:59AM

IND vs WI: कोहली ने जड़ा अनोखा शतक, सचिन-धोनी की खास लिस्ट में शामिल February 09, 2022 at 12:48AM

अहमदाबाद: पूर्व भारतीय कप्तान (Virat Kohli) ने अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम (Narendra Modi Stadium) में वेस्टइंडीज (IND vs WI) के खिलाफ मैदान पर उतरते ही अपना नाम एक खास लिस्ट में दर्ज करा लिया। वह अपने घरेलू मैदान पर 100 वनडे खेलने वाले भारत के 5वें पुरुष क्रिकेटर बन गए हैं। कोहली से पहले सिर्फ 4 भारतीय खिलाड़ियों ने घर में 100 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय (100 ODI At Home) मैच खेले हैं। कोहली से पहले 100 घरेलू वनडे खेलने वाले 4 खिलाड़ी (Sachin Tendulkar), (MS Dhoni), मोहम्मद अजहरुद्दीन (Mohammad Azharuddin) और युवराज सिंह (Yuvraj Singh) हैं। महान भारतीय बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने 1990 और 2011 के बीच 164 एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय मैच खेले और 97 जीत और 61 हार का हिस्सा थे। महान भारतीय कप्तान एमएस धोनी ने 2005 से 2019 तक 127 एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच खेले और 78 जीत और 43 हार का हिस्सा थे। मोहम्मद अजहरुद्दीन ने घर पर 113 एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय मैच खेले थे और 70 जीत और 40 हार में शामिल थे। इसके अलावा, महान ऑलराउंडर, युवराज सिंह ने घर पर 108 एकदिवसीय मैच खेले और 65 जीत और 39 हार का हिस्सा थे। इस बीच पूर्व भारतीय कप्तान विराट कोहली अब घर में 100 एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों का हिस्सा रहे हैं और 66 जीत और 29 हार (यह मैच शामिल नहीं है) में शामिल रहे हैं। उल्लेखनीय है कि इस मैच में कोहली ने 30 गेंदों में 3 चौके की मदद से 18 रन की पारी खेली। उन्हें ऑडिन स्मिथ ने शाई होप के हाथों कैच कराया। इस तरह कोहली अपने घर में 100वें मैच को यादगार बनाने में असफल रहे।

IPL Auction Date- आईपीएल नीलामी में सभी टीमों के लिए बराबरी का मौका : सबा करीम February 08, 2022 at 10:48PM

बेंगलुरु: आईपीएल फ्रैंचाइजी () टीम के प्रतिभा तलाश प्रमुख सबा करीम (Saba Karim) का मानना है कि इस साल आईपीएल नीलामी (IPL Auction) में सभी टीमों के लिए बराबरी का मौका है जिससे घरेलू क्रिकेटरों के लिए स्वस्थ माहौल बन गया है। आईपीएल नीलामी 12 और 13 फरवरी को बेंगलुरु (IPL Auciton Date) में होगी। इस बार से आईपीएल में दो नई टीमों अहमदाबाद और लखनऊ को शामिल किया गया है। दिल्ली की टीम 2020 में फाइनल में पहुंची थी और पिछले साल प्लेऑफ (IPL Playoffs) खेला था । पिछले तीन सत्र में शिखर धवन (Shikhar Dhawan), श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer), ऋषभ पंत (Rishabh Pant) और रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) जैसे खिलाड़ी टीम की सफलता के सूत्रधार रहे। लेकिन इस बार टीम ने अश्विन, अय्यर और धवन को रिलीज कर दिया है। करीम ने एक विज्ञप्ति में कहा, ‘हमें लचीला रुख अपनाना होगा। कोर खिलाड़ियों के रहने से टीम को फायदा मिलता है क्योंकि 11 में से सात घरेलू खिलाड़ी होते हैं।’ उन्होंने कहा, ‘अनुभवी और नये खिलाड़ियों का अच्छा मिश्रण जरूरी है। आपके पास चार विदेशी खिलाड़ी भी हैं तो सभी टीमों के पास बराबरी का मौका है। सभी की नजरें घरेलू प्रतिभाओं पर होंगी । इससे घरेलू क्रिकेटरों के लिए स्वस्थ माहौल बनेगा।’ दिल्ली ने पंत, अक्षर पटेल (Axar Patel), पृथ्वी साव (Prithvi Shaw) और एनरिच नॉर्किया (Anrich Nortje) को बरकरार रखा है। उन्होंने कहा, ‘हमने चार खिलाड़ियों को टीम में बरकरार रखा है । हम कुछ और मैच विनर को जोड़ना चाहेंगे ताकि मुकम्मिल टीम बन सके।’

Tuesday, February 8, 2022

जानें, क्यों सिराज को मिली थी क्रिकेट छोड़ ऑटो चलाने की सलाह, फिर कैसे धोनी ने बचाया करियर February 08, 2022 at 12:01AM

नई दिल्ली: भारत के तेज गेंदबाज () ने कहा कि 2019 में आईपीएल (IPL) के खराब सत्र के दौरान उन्हें ‘क्रिकेट छोड़ने और अपने पिता के साथ ऑटो चलाने‘ के लिए कहा गया था लेकिन राष्ट्रीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) की हौसला अफजाई ने उनके करियर को ब्रेक लगने से बचा लिया। सिराज ने उस दौरान नौ मैचों में लगभग 10 की इकॉनोमी रेट के साथ सिर्फ सात विकेट लिए थे। उनके खराब प्रदर्शन का खामियाजा उनकी टीम रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (आरसीरबी) को भी उठाना पड़ा था। उस आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) की टीम अपने शुरुआती छह मैचों में एक भी जीत दर्ज करने में नाकाम रही थी। टीम सत्र की तालिका में सबसे निचले स्थान पर थी। इसी सत्र में कोलकाता नाइटराइडर्स (KKR) के खिलाफ उन्होंने 2.2 ओवर में पांच छक्कों के साथ 36 रन लुटाए थे और दो बार बीमर गेंद (बिना टप्पा खाए बल्लेबाज के कमर से ऊंची गेंद) डालने के कारण कप्तान विराट कोहली को उन्हें आक्रमण से हटाने के लिए विवश होना पड़ा। सिराज ने ‘आरसीबी पोडकास्ट’ से कहा, ‘जब मैंने केकेआर के खिलाफ दो बीमर गेंद फेंके तो लोगों ने कहा 'क्रिकेट छोड़ो और वापस जाओ और अपने पिता के साथ ऑटो चलाओ’।’ उन्होंने कहा, ‘इस तरह के ढेर सारी प्रतिक्रियाएं आयी। लोग इन सबके पीछे के संघर्ष को नहीं देखते। लेकिन मुझे याद है कि जब मैं पहली बार (राष्ट्रीय टीम के लिए) चुना गया था तो कैसे माही भाई (धोनी) ने मुझसे कहा था कि लोगों मेरे बारे में जो कुछ भी कह रहे है उसे नजरअंदाज करना चाहिए।’ उन्होंने कहा, ‘उन्होंने मुझे समझाया था। आप आज अच्छा करते हैं और वे आपकी प्रशंसा करेंगे और जब बेहतर नहीं करेंगे तो लोग आपके लिए बुरे शब्दों का इस्तेमाल करेंगे। इसलिए इसे कभी भी ऐसी प्रतिक्रिया को गंभीरता से नहीं लेना चाहिए’। और हां, वही लोग जिन्होंने मुझे बार-बार ट्रोल किया और फिर बाद में कह रहे थे कि 'तुम सबसे अच्छे गेंदबाज हो भाई'। तो मुझे किसी की प्रतिक्रिया से अब ज्यादा फर्क नहीं पड़ता। मैं आज भी वही सिराज हूं जो उस समय था।’ इस 27 वर्षीय ने तब से एक लंबा सफर तय किया है और फ्रैंचाइजी के द्वारा रिटेन किए गए तीन खिलाड़ियों में से एक है। आईपीएल 2020 में प्रभावशाली प्रदर्शन के दम पर उन्होंने ऑस्ट्रेलिया दौरे की टीम में जगह बनायी और पदार्पण के बाद ऐतिहासिक गाबा टेस्ट में शानदार पांच विकेट लेकर टीम में अपनी जगह पक्की की। इस दौरे के शुरू होने के बाद अपने पिता का निधन हो गया था लेकिन कोविड-19 के दौरान पृथकवास और बायो-बबल की जटिलताओं के कारण उन्होंने स्वदेश लौटने की जगह टीम के साथ बने रहने का फैसला किया। सिराज ने कहा, ‘मेरे पिता की तबीयत 2020 से ही लगातार खराब रह रही थी। मैं जब भी उनसे बात करता था तो फोन पर हमेशा भावुक होकर रोने लगते थे। इसलिए मैंने उससे ज्यादा बात नहीं की क्योंकि उन्हें रोता देखकर मै बहुत असहाय महसूस करता था।’ उन्होंने बताया, ‘जब आईपीएल खत्म हुआ, तो मुझे किसी ने नहीं बताया कि मेरे पिता इतने गंभीर रूप से बीमार हैं। जब भी मैंने फोन करता था तो वे कहते थे कि वह सो रहे है या आराम कर रहे है। ऐसे में मैं उन्हें परेशान नहीं करना चाहता था। जब मैं ऑस्ट्रेलिया पहुंचा तो मुझे पता चला कि पापा की हालत काफी गंभीर है।’ उन्होंने कहा, ‘मैं पूरे परिवार के साथ लड़ने लगा । अगर मुझे पहले इसका अंदाजा होता तो शायद दौरे पर जाने से पहले उनसे मिल लेता। लेकिन मेरा परिवार चाहता था कि मेरा करियर प्रभावित ना हो। उन्होंने मुझे देश के लिए खेलने के अपने तथा पापा के सपने को पूरा करने का सुझाव दिया।’ उन्होंने बताया, ‘मेरे अच्छे प्रदर्शन बाद अगर अखबार में मेरी तस्वीर छपती थी तो मेरे पिता अखबारों से उसे काट कर सहेज कर रखते थे। जब मैं वहां खड़े होकर (टेस्ट पदार्पण पर) राष्ट्रगान गा रहा था तब यही सोच रहा था कि अगर उन्होंने मुझे भारतीय टीम की जर्सी में देखा होता तो उन्हें कितना गर्व होता। उनके शब्द मेरे कानों में हमेशा गूंजते रहते है।’