Saturday, January 15, 2022
Friday, January 14, 2022
भारत के जोश पर सा. अफ्रीका का धैर्य भारी, तीसरे टेस्ट में विराट सेना 7 विकेट से हारी, सीरीज भी गंवाई January 14, 2022 at 01:45AM
केपटाउन दिग्गज बल्लेबाजों और सितारों से सजी टीम इंडिया के जोश पर साउथ अफ्रीकी बल्लेबाजों का धैर्य भारी पड़ा गया। उसे तीसरे और फाइनल टेस्ट में मेजबान टीम ने 7 विकेट से हरा दिया। अपनी पहली पारी में 223 रन बनाने वाली भारतीय टीम दूसरी पारी में 198 रन ही बना पाई। साउथ अफ्रीका ने पहली पारी में 210 रन बनाए थे। इस आधार पर मेजबान टीम को जीत के लिए 212 रनों की जरूरत थी, जिसे उसने 63.3 ओवरों में 3 विकेट खोकर हासिल कर लिया। इसके साथ ही भारत की साउथ अफ्रीका में टेस्ट सीरीज जीतने के अरमानों पर पानी फिर गया। मेजबान टीम के लिए विनिंग चौका टेम्बा बाउमा ने लगाया। टेम्बा बाउमा ने 58 गेंदों में 5 चौके की मदद से नाबाद 32 और रासी वान डर डुसेन ने 95 गेंदों में 3 चौके की मदद से 41 रन बनाकर नाबाद रहे। पहला टेस्ट सेंचुरियन में हुआ था, जिसे भारतीय टीम ने 113 रन से जीता था। इसके बाद साउथ अफ्रीकी टीम ने जोहानिसबर्ग में वापसी की और 7 विकेट से जीत दर्ज करते हुए सीरीज 1-1 से बराबरी पर ला दिया। इसके बाद केपटाउन टेस्ट जीतकर सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। इससे पहले साउथ अफ्रीका ने तीसरे दिन स्कोर दो विकेट पर 101 रन से आगे खेलना शुरू किया। कीगन पीटरसन ने रासी वान डर डुसेन के साथ मिलकर तेज बैटिंग की। उन्होंने 100 गेंदों में 54 रनों की पार्टनरिशप करते हुए साउथ अफ्रीका को एक अच्छा प्लेटफॉर्म दे दिया। जब तक पीटरसन मैदान पर थे तब तक साउथ अफ्रीका पहले ही सत्र में जीत हासिल करते दिख रहा था। पीटरसन ने एल्गर (30) के साथ दूसरे विकेट के लिये 78 रन की साझेदारी की थी। वह तीसरे दिन 48 रन बनाकर नाबाद थे और चौथे दिन मोहम्मद शमी को दो रन लेकर न केवल अपनी हाफ सेंचुरी पूरी की, बल्कि दिन के खेल में साउथ अफ्रीका का खाता भी खोला। 65 गेंदों में फिफ्टी जड़ने के बाद वह शतक की ओर बढ़ रहे थे कि शार्दुल ठाकुर ने एक जबरदस्त गेंद पर उन्हें बोल्ड कर दिया। उन्होंने 113 गेंदों में 10 चौके की मदद से 82 रन की पारी खेली, जब यह विकेट गिरा तब तक भारत के हाथ से मैच लगभग निकल चुका था, क्यों मेजबान को जीत के लिए 60 रन से कम की जरूरत थी। रासी वान डर डुसेन ने टेम्बा बाउमा के साथ मिलकर लंच ब्रेक तक कोई झटका नहीं लगने दिया और 3 विकेट पर 171 रन स्कोरबोर्ड पर टांग दिए। उसे अब जीत के लिए 41 रनों की जरूरत थी, जबकि भारत की राह मुश्किल हो चुकी थी। उसे 7 विकेट की जरूरत थी। यहां से टेम्बा बाउमा और रासी वान डर डुसेन ने टीम को कोई झटका नहीं लगने दिया। इन दोनों ने 57 रनों की जोरदार साझेदारी करते हुए मैच फिनिश कर दिया। इससे पहले भारत ने ऋषभ पंत की मुश्किल हालात में खेली गई नाबाद शतकीय पारी के बावजूद साउथ अफ्रीका के सामने 212 रन का लक्ष्य रखा था। उसने तीसरे दिन आखिरी क्षणों में डीन एल्गर का कीमती विकेट निकालकर तीसरे और निर्णायक टेस्ट क्रिकेट मैच में अपनी उम्मीदें जीवंत रखी थीं, लेकिन चौथे दिन भारतीय गेंदबाज कुछ कमाल नहीं कर सके।
लगातार बल्लेबाजों की नाकामी अच्छी बात नहीं, हार के बाद कप्तान विराट कोहली का छलका दर्द January 14, 2022 at 02:23AM
केपटाउन साउथ अफ्रीका ने भारत को केप टाउन टेस्ट में चौथे दिन ही सात विकेट से हरा दिया। इसके साथ ही उसने तीन मैचों की सीरीज 2-1 से जीत ली। भारतीय टीम को इस बार सीरीज जीतने का प्रबल दावेदार माना जा रहा था लेकिन ऐसा नहीं हो सका। इसके साथ ही इस देश में टेस्ट सीरीज जीतने का 30 साल का सपना अधूरा रह गया। कोहली ने हार का ठीकरा बल्लेबाजों की असफलता को बताया। कोहली ने माना कि भारतीय बल्लेबाज इन परिस्थितियों में अच्छी बैटिंग नहीं कर पाए। ने मैच प्रजेंटेशन के दौरान कहा, 'यह टेस्ट क्रिकेट के लिए शानदार है। यह सीरीज बहुत संघर्षपूर्ण रही। हमने पहला टेस्ट बहुत अच्छा खेला लेकिन साउथ अफ्रीका ने शानदार वापसी की। उन्होंने जो दोनों टेस्ट मैच जीते उसमें अहम मौकों पर उनका प्रदर्शन बहुत अच्छा था।' कोहली ने हार की सबसे बड़ी वजह बल्लेबाजों की असफलता बताया। कोहली ने कहा, 'आप किसी और आयाम के बारे में बात नहीं कर सकते। हमारे बल्लेबाज रन नहीं बना पाए।' साउथ अफ्रीकी गेंदबाजों ने हालात का अच्छा फायदा उठाया और भारतीय बल्लेबाजों पर लगाम लगाकर रखी। भारतीय टीम टेस्ट सीरीज में सिर्फ एक बार 300 का आंकड़ा पार कर सकी। कोहली ने भी इस पर बात की। उन्होंने कहा, 'साउथ अफ्रीका के गेंदबाजों ने अपनी लंबाई की वजह से इन पिचों से अच्छी उछाल और रफ्तार हासिल की। वे इन हालात को बेहतर समझते हैं।' कोहली ने कहा, 'हमारी बल्लेबाजी नाकाम रही और इससे बचने का कोई फायदा नहीं है। लगाातर बल्लेबाजी क्रम का ढहना अच्छी बात नहीं है। बेशक, हम बहुत निराश हैं।' टीम की बड़ी कमी पर बात करते हुए भारतीय कप्तान ने कहा इशारा किया कि भारत ने कई मौकों पर बढ़त बनाई लेकिन उसे कायम नहीं रख पाए। कोहली ने कहा, 'हमने कई अहम मौकों पर बनाई गई बढ़त पर दबाव कायम नहीं रखा। साउथ अफ्रीका इस सीरीज में ऐसा कर पाई और यही जीत की असली वजह रही।' कोहली ने माना कि विदेशी दौरों पर भारतीय टीम जब भी ऐसा नहीं कर पाती है तो उसे हार का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा, 'जब भी हम ऐसा करते हैं तो इसका फायदा होता है और हम घर और विदेश में मैच जीतते हैं।' भारत को इस सीरीज को जीतने का मजबूत दावेदार माना जा रहा था लेकिन ऐसा हो नहीं सका। उन्होंने कहा, 'लोगों को उम्मीद थी कि हम साउथ अफ्रीका को साउथ अफ्रीका में हरा पाएंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। हम इसे मानते हैं और उम्मीद करते हैं कि अगली बार हम बेहतर टीम के रूप में यहां आएंगे।' साउथ अफ्रीका की तारीफ करते हुए भारतीय कप्तान ने कहा कि हमें उन्हें श्रेय देना चाहिए कि उन्होंने बेहतरीन क्रिकेट खेला।
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