Thursday, December 2, 2021

दक्षिण अफ्रीका दौरे को लेकर बोर्ड के संपर्क में कैप्टन कोहली, जल्द होगा फैसला December 01, 2021 at 11:50PM

मुंबईभारतीय कप्तान ने गुरुवार को कहा कि उन्हें दक्षिण अफ्रीका के आगामी दौरे को लेकर अगले कुछ दिन में भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) की तरफ से तस्वीर साफ होने की उम्मीद है और वह नहीं चाहते कि कोरोना वायरस के नए स्वरूप ओमीक्रोन के आने के बाद ‘भ्रम’ की स्थिति हो। समझा जा रहा है कि मुख्य कोच राहुल द्रविड़ ने समूह के भीतर बातचीत शुरू की है और वह खिलाड़ियों को भी जानकारी दे रहे हैं कि प्रशासनिक स्तर पर क्या चल रहा है। न्यूजीलैंड के खिलाफ शुक्रवार से यहां शुरू हो रहे दूसरे और अंतिम टेस्ट से एक दिन पहले मीडिया से बातचीत में कोहली ने कहा, ‘आप जितना जल्दी संभव हो इस मामले में स्पष्टता चाहते हो, इसलिए हमने टीम के सभी सीनियर खिलाड़ियों से बात की है। बेशक राहुल भाई (द्रविड़) ने समूह के भीतर बातचीत शुरू की है जो काफी महत्वपूर्ण है।’ उन्होंने कहा, ‘अंत में हम समझ सकते हैं, मेरे कहने का मतलब है कि कुछ भी हो, हमारा ध्यान टेस्ट मैच से नहीं भटकेगा लेकिन साथ ही आप स्पष्टता चाहते हो और आप ऐसी स्थिति में होना चाहते हो जहां आपको पता होना चाहिए कि असल में क्या हो रहा है।’ इस तरह की चर्चा है कि नए स्वरूप के कारण डर को देखते हुए दौरे को कुछ समय के लिए टाला जा सकता है या इसमें कटौती की जा सकती है। कोहली ने कहा कि अगले दो दिन में सारी चीजें स्पष्ट हो जाएंगी। उन्होंने कहा, ‘हम बोर्ड से बात कर रहे हैं और हमें भरोसा है कि एक या दो दिन में या बहुत जल्दी तस्वीर साफ हो जाएगी कि क्या चल रहा है।’ कप्तान ने कहा कि ये सामान्यत समय नहीं है और कोई भी फैसला करते हुए इसे भी ध्यान में रखना होगा। उन्होंने कहा, ‘देखिए यह स्वाभाविक है, मेरे कहने का मतलब है कि हम सामान्य हालात में नहीं खेल रहे हैं, इसलिए काफी योजना बनानी पड़ती है, काफी तैयारी करनी पड़ती हैं।’ ओमीक्रोन स्वरूप का पता चलने के बाद दक्षिण अफ्रीका पर कई देशों ने यात्रा संबंधी प्रतिबंध लगाए हैं। भारत की ‘ए’ टीम हालांकि ब्लोमफोंटेन में तीन मैचों की प्रथम श्रेणी श्रृंखला खेल रही है। दक्षिण अफ्रीका की सरकार ने भारतीय टीम के वहां पहुंचने पर पूरी तरह से सुरक्षित बायो-बबल (जैविक रूप से सुरक्षित माहौल) बनाने का वादा किया है। कोहली ने कहा, ‘हमें चीजों को लेकर वास्तविक होने की जरूरत है, हम ऐसी चीजों की अनदेखी नहीं कर सकते जो हमें संभवत: भ्रमित करने वाले स्थान पर पहुंचा दे और कोई भी ऐसी जगह नहीं जाना चाहता।’ भारत की सीनियर टीम को 17 दिसंबर से लगभग सात हफ्ते के दौरे पर दक्षिण अफ्रीका जाना है। टीम को चार स्थलों जोहानिसबर्ग, सेंचुरियन, पार्ल और केपटाउन में तीन टेस्ट, तीन एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय और चार टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेलने हैं। भारतीय टीम का बायो-बबल मुंबई में शुरू हो जाएगा और रोहित शर्मा, लोकेश राहुल, मोहम्मद शमी, जसप्रीत बुमराह जैसे खिलाड़ी आठ दिसंबर में टीम की रवानगी से एक या दिन दिन पहले इससे जुड़ जाएंगे। कोहली ने कहा, ‘कुछ ऐसे खिलाड़ी हैं जो अभी समूह का हिस्सा नहीं हैं जो पृथकवास में प्रवेश करने के बाद बायो बबल में टीम से जुड़ेंगे। चार्टर्ड विमान से यात्रा होगी।’ कोहली को उम्मीद है कि जब उनका ध्यान न्यूजीलैंड के खिलाफ मुकाबले पर होगा तब बीसीसीआई उन्हें बताएगा कि भविष्य की योजना क्या है। उन्होंने कहा, ‘मुझे यकीन है कि स्पष्टता हासिल करने के लिए सभी कड़ी मेहनत कर रहे हैं और हमें जितना जल्दी संभव को स्थिति की जानकारी दी जाएगी। जैसा कि मैंने कहा, अभी हमारा ध्यान दूसरे टेस्ट पर है और बाकी चीजों पर साथ ही साथ ध्यान दिया जाएगा।’ इसी साल भारतीय टीम अपने दल में कोविड-19 के मामले आने के बाद मैनचेस्टर में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट मैच से हट गई थी।

मुंबई टेस्ट के लिए प्लेइंग XI को लेकर चिंतित नहीं कोहली, वानखेड़े में खेलने को लेकर बेताब भारतीय कप्तान December 02, 2021 at 12:23AM

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के ने कहा है कि न्यूजीलैंड के खिलाफ शुक्रवार से वानखेड़े स्टेडियम में शुरू हो रहे दूसरे टेस्ट के लिए टीम में बदलाव के बारे में कड़ा फैसला लेना बहुत मुश्किल नहीं होगा। कोहली का कहना है कि वह खिलाड़ी और टीम की आवश्यकताओं के बारे में अच्छे से जानते हैं, जो मैच में निर्णय लेने में एक बड़ी भूमिका निभाएंगे। कोहली के एक छोटे ब्रेक के बाद टीम में वापसी के साथ टीम इंडिया को अपने बल्लेबाजी क्रम को फिर से मजबूत करना होगा। कोहली और मुख्य कोच राहुल द्रविड़ को यह तय करना होगा कि कानपुर टेस्ट खेलने वाली प्लेइंग इलेवन टीम में किसे बाहर किया जाए। कोहली ने गुरुवार को वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, 'आपको स्पष्ट रूप से उस स्थिति को समझना होगा जहां टीम को रखा गया है। आपको यह समझना होगा कि खिलाड़ी कहां खड़ा है, आपको परिस्थितियों को समझना होगा और आपको अच्छी तरह से संवाद करना होगा। टीम में विश्वास करना मुश्किल नहीं है।' बकौल कोहली, 'टीम के खिलाड़ियों को एक-दूसरे पर भरोसा है और वह समझते हैं कि टीम की स्थिति और जरूरत के हिसाब से फैसला लिया जाएगा।' कोहली की जगह प्लेइंग इलेवन में आए मुंबई के बल्लेबाज श्रेयस अय्यर ने डेब्यू पर शतक और दूसरी पारी में अर्धशतक बनाकर टीम में शानदार प्रदर्शन किया। चेतेश्वर पुजारा, अजिंक्य रहाणे साथ ही सलामी बल्लेबाज मयंक अग्रवाल भी उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। कोहली ने कहा कि टीम प्रबंधन वानखेड़े टेस्ट के लिए बल्लेबाजी और गेंदबाजी पर अंतिम फैसला करने से पहले सभी विकल्पों पर चर्चा करेगा और मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए बदलाव पर काम करेगा। भारत के कप्तान ने कहा कि वह वानखेड़े स्टेडियम में बल्लेबाजी करने के लिए उत्सुक हैं, जहां उन्होंने एक बड़ा दोहरा शतक बनाया था जब भारत ने आखिरी बार मुंबई में टेस्ट खेला था। यह कहते हुए कि उन्हें हमेशा वानखेड़े में खेलने में मजा आता है, कोहली ने कहा कि उन्होंने हमेशा अपनी पारियों और उनके प्रभाव से आत्मविश्वास हासिल करने में विश्वास किया है। भारतीय कप्तान का मानना है कि कड़ी मेहनत और द्दढ़ता से खिलाड़ियों को फॉर्म में वापस आने में मदद मिलती है।

विराट-अश्विन के पास बड़ा मौका:8 विकेट लेते ही अश्विन 3 रिकॉर्ड एकसाथ तोड़ेंगे; कोहली के पास रिकी पोंटिंग को पछाड़ने का मौका December 01, 2021 at 11:11PM

Wednesday, December 1, 2021

314 दिन से शतक नहीं, फॉर्म फेल.. क्या मंबई टेस्ट में मिलेगा रहाणे को मौका? December 01, 2021 at 08:00PM

नई दिल्ली ने लॉर्ड्स और मेलबर्न सहित दुनिया के कई ऐतिहासिक मैदानों पर शतक जड़े हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ जारी सीरीज के पहले यानी कानपुर टेस्ट में टीम इंडिया की कप्तानी भी की, लेकिन अब जब मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में दूसरा टेस्ट होना है तो उनके प्लेइंग-11 में सिलेक्ट होने पर सवालिया निशान लगा हुआ है। रहाणे ने टेस्ट करियर में 79 मैच खेले हैं, लेकिन उन्हें अब भी उस मैदान पर टेस्ट खेलने का इंतजार है, जहां उन्होंने क्रिकेट का ककहरा सीखा। जी हां, रहाणे को अगर मौका मिला तो वह होम ग्राउंड मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में पहली बार टेस्ट खेलते देखेंगे। अब सवाल उठ रहा है कि प्लेइंग-11 को लेकर सवाल कैसा तो बता दें कि रहाणे की फॉर्म अच्छी नहीं है और लगभग एक वर्ष से वह शतक भी नहीं बना पाए हैं। कानपुर टेस्ट में भी उनका खराब प्रदर्शन जारी रहा। उन्होंने 35 और 4 रन की पारी खेली। इस साल 12 टेस्ट मैचों में उनका औसत 20 से भी कम का है। उन्होंने पिछला अर्धशतक इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में लगाया था, जबकि पिछले वर्ष 26 दिसंबर को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मेलबर्न में शतक जड़ा था। उसके बाद से वह दो ही बार अर्धशतक पार कर सके हैं। कैलेंडर ईयर की बात करें तो उन्होंने 12 मैचों में महज 19.57 की औसत से 411 रन बनाए हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि वह कितनी खराब फॉर्म से गुजर रहे हैं। टीम इंडिया के कोच राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) से जब पूछा गया कि क्या रहाणे की लय टीम के लिए चिंता का सबब है तो उन्होंने कहा, ‘इसके लिए ज्यादा चिंतित होने की जरुरत नहीं है। जाहिर है कि आप चाहेंगे कि अजिंक्य आपके लिए अधिक रन बनाएं, वह खुद भी ऐसा ही चाहेंगे।’ उन्होंने कहा, ‘वह एक प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं और उन्होंने अतीत में भारत के लिए अच्छा प्रदर्शन किया है। वह उन लोगों में से एक है जिनके पास कौशल और अनुभव है। यह बस एक मैच की बात है , वह इसे जानते है और हम भी समझते है।’ मुंबई में खेले जाने वाले अगले टेस्ट मैच में कप्तान कोहली (Virat Kohli) की वापसी होगी। ऐसे में क्या रहाणे को अंतिम 11 में जगह देने के लिए मैन ऑफ द मैच श्रेयस अय्यर को बाहर बैठाया जाएगा या फिर चेतेश्वर पुजारा और मयंक अग्रवाल में से कोई बाहर होगा? श्रेयस अय्यर ने डेब्यू मैच की पहली पारी में शतक जड़ा था, जबकि दूसरी पारी में अर्धशतक लगाया था। ऐसे में अगर उन्हें बाहर किया गया तो यह नाइंसाफी होगी। इस बारे में पूर्व सिलेक्टर संदीप पाटिल ने टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा, 'मैं रहाणे या पुजारा को ड्रॉप करने के बारे में नहीं सोच रहा। दोनों ही बड़े खिलाड़ी हैं। मुझे लगता है कि कोच राहुल द्रविड़ और कप्तान भी यही सोच रहे होंगे।'