Thursday, August 19, 2021

भारतीय खिलाड़ियों पर गंभीर आरोप, ड्रेसिंग रूम जाते वक्त रोका था रॉबिन्सन का रास्ता August 19, 2021 at 12:06AM

लंदन लॉर्ड्स स्टेडियम में इस सप्ताह समाप्त हुए दूसरे टेस्ट के दौरान भारतीय और अंग्रेजी क्रिकेटरों के बीच तनाव केवल पिच तक ही सीमित नहीं रहा। यह मैदान की सीमा से बाहर भी फैल गया। अंग्रेजी मीडिया में यह सामने आया है कि बेंच के कुछ भारतीय खिलाड़ी, जो मैदान से अपने ड्रेसिंग रूम में लौट रहे थे, उन्होंने तेज गेंदबाज ओली रॉबिन्सन को रास्ता देने से इनकार कर दिया, जो पांचवें और अंतिम दिन सोमवार को इंग्लैंड के 90/7 पर सिमट जाने के बाद बल्लेबाजी करने के लिए जा रहे थे। एक रिपोर्ट में गार्जियन अखबार ने कहा, 'रॉबिन्सन जब पवेलियन की सीढ़िया उतर रहे थे तब ट्रैकसूट में भारत के कुछ खिलाड़ी मैदान पर ड्रिंक्स देकर लौट रहे थे। रॉबिन्सन रुक जाते हैं और उनके एक तरफ हटने का इंतजार करते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 'भारतीय खिलाड़ी एक तरफ कदम नहीं रखते हैं। रॉबिन्सन इंतजार करते हैं। वे प्रतीक्षा करते हैं। आखिरकार वे अजीब तरह से एक-दूसरे को रगड़ते हैं। पूरी घटना मुश्किल से कुछ सेकंड तक चलती है।' इस महीने की शुरुआत में नॉटिंघम में पहला टेस्ट मैच पूरा होने के बाद लॉर्ड्स में दूसरे टेस्ट के दौरान दोनों ही टीम के बीच टेंशन बढ़ गई थी। जब भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन पर शॉर्ट डिलिवरी से हमला किया। इसके बाद दोनों टीमों के खिलाड़ी आपस में भिड़ गए। भारतीय कप्तान विराट कोहली और एंडरसन के बीच जुबानी जंग में मतभेद चरम पर पहुंच गया था।

बदजुबान एंडरसन: भारतीय खिलाड़ियों को देते हैं गाली, जडेजा संग की थी धक्का-मुक्की August 18, 2021 at 10:50PM

लंदन जेम्स एंडरसन की गिनती मॉर्डन क्रिकेट के महानमत पेसर्स में होती है। इस बॉलर ने अपने करियर में सबसे ज्यादा विकेट भारत के ही खिलाफ लिए। अपनी सरजमीं पर दो बार मैन ऑफ द सीरीज बना। 2012 नागपुर टेस्ट में प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड जीता। इंग्लैंड ने वह सीरीज 2-1 से अपने नाम की थी। तब कप्तान रहे धोनी ने यही कहा था कि हम इंग्लैंड नहीं एंडरसन से हारे। इन सब के अलावा भारतीयों के साथ एंडरसन का 36 का आंकड़ा भी रहा है। कई मौकों पर वह बदजुबानी करते नजर आए। इसी का एक नजारा लॉर्ड्स टेस्ट में भी देखना को मिला है। 2014 में जडेजा से विवादट्रेंटब्रिज टेस्ट में दूसरे दिन का खेल जारी था, जब जेम्स एंडरसन का सामना रविंद्र जडेजा से हो गया। लंच के बाद ड्रेसिंग रूम की ओर जाते हुए कहासुनी हुई। भारतीय टीम मैनेजमेंट ने आरोप लगाया था कि एंडरसन ने न सिर्फ गालियां दीं बल्कि जडेजा को धक्का भी दे दिया। आईसीसी से उनकी शिकायत भी हुई। लेवल 3 के तहत दोषी पाए जाने के बाद कम से कम दो मैच के लिए सस्पेंड हो जाते, लेकिन इंग्लिश टीम ने काउंटर करते हुए सारी गलती जडेजा की बता दी। इस घटना ने बीच सीरीज दोनों ही टीम के बीच तनातनी बढ़ी दी। तब धोनी ने जताई थी नाराजगीवीडियो सबूत के अभाव में जडेजा पर कार्रवाई हो गई। लेवल 1 के तहत 50 फीसदी मैच फीस का जुर्माना ठोका गया। एंडरसन का निर्दोष साबित होना भारतीय खेमे के लिए किसी अचंभे से कम नहीं था। खुद धोनी ने कहा था कि वह पूरे मामले के चश्मदीद गवाह हैं जब एंडरसन ने जडेजा को गालियां देते हुए धक्का मारा था। एंडरसन ने स्काई स्पोर्ट्स से बातचीत में पूरी घटना को अपने करियर के सबसे तनाव भरे दिन की तरह माना था। हमारे कप्तान के बारे में मत बोले, मुंबई 20162014 में जब भारत ने इंग्लैंड का दौरा किया तब आठ में से चार पारियों में एंडरसन ने विराट कोहली का शिकार किया। दो साल बाद जब अंग्रेज भारत दौरे पर आए कोहली कप्तान बन चुके थे। विजाग टेस्ट में शतक और अर्धशतक फिर मोहाली में एक और फिफ्टी। बाद में मुंबई में दोहरा शतक। पूरी सीरीज में एंडरसन विराट को आउट नहीं कर पाए। जब पत्रकारों ने सवाल किया तब उन्होंने तंज कसते हुए कहा था, 'कोहली अपने घर में अच्छा बल्लेबाज हैं, उनकी कमियां छिप जाती हैं।' अश्विन मुंबई टेस्ट के पांचवें दिन गुस्से को नहीं रोक पाए और जब एंडरसन क्रीज पर आए तो उनके करीब चले गए थे, तब कोहली ने अश्विन को उलझने से रोका था। अब लॉर्ड्स में लिया पंगाइस वक्त भारतीय टीम इंग्लैंड दौरे पर है। कोहली की अगुवाई में चढ़कर खेल रही है। पहला टेस्ट बारिश की वजह से नहीं जीत पाई। लॉर्ड्स में हुए दूसरे मुकाबले में तिरंगा लहरा दिया। इसी मैच के दौरान जसप्रीत बुमराह ने एंडरसन की जमकर खबर ली। एक के बाद बाद कई बॉडी लाइंस बाउंसर्स मारे। एक तो सीधे हेलमेट में जा लगा। बस यही बात एंडरसन को पसंद नहीं आई। दिन का खेल खत्म होने पर उन्होंने बुमराह को खरी-खोटी सुनाई। इसका असर अगले दिन भी मैदान पर देखने को मिला। एंडरसन की कोहली से बहस हो गई। अब बल्लेबाजी कर रहे बुमराह को भी बाउंसर्स मारे जाने लगे, नॉन स्ट्राइक एंड पर खड़े शमी के साथ कई बार इंग्लिश खिलाड़ियों को बहस करते हुए भी देखा गया। हालांकि ये सारी चीजें भारत के पक्ष में ही गई। नतीजा सभी के सामने है।

टॉस हारकर बैटिंग की चुनौती, पेसर्स के दम पर विदेशों में बदली टीम इंडिया की तस्वीर! August 18, 2021 at 11:05PM

पुणे भारत ने लॉर्ड्स टेस्ट में टॉस हारा। उसे पहले बल्लेबाजी का न्योता मिला। लेकिन सोमवार को टीम इंडिया ने शानदार खेल दिखाया और जीत हासिल की। भारत के क्रिकेट इतिहास में यह 13वां मौका (कुल 46 टेस्ट, 24 हारे और नौ ड्रॉ) था जब विदेशी धरती पर उसे पहले बल्लेबाजी का न्योता मिलने पर जीत मिली हो। हैरानी की बात यह है कि इन 13 टेस्ट मैचों में 8 में कम से कम एक ने पारी में पांच विकेट या उससे ज्यादा विकेट लिए हैं। और कुल मिलाकर 11 बार भारतीय पेसर्स ने पारी में यह काम किया है। लॉर्ड्स में भारतीय टीम चार तेज गेंदबाजों के साउथ उतरी थी। सभी ने अच्छी गेंदबाजी की और विकेट हासिल किए। ऐसे में किसी भी पारी में पांच विकेट नहीं मिल पाए। लेकिन महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में 2014 में लॉर्ड्स में जीत में ऐसा नहीं था। भुवनेश्वर कुमार और ईशांत शर्मा ने क्रमश: छह और सात विकेट हासिल किए थे। भारत ने विदेशी दौरों पर पहले बल्लेबाजी का न्योता मिलने पर अपनी पहली जीत 1968 में हासिल की थी। यह विदेशी दौरे पर भारत की पहली टेस्ट सीरीज जीत भी थी। कपिल देव ने 1981 में मेलबर्न में पारी में पांच विकेट लिए थे। तब ग्रेग चैपल ने भारतीय टीम को बल्लेबाजी का न्योता दिय़ा था। यह वही टेस्ट था जब कप्तान सुनील गावसकर मैच से बाहर जाना चाहते थे। विदेशी धरती पर टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम की जीत
वर्ष बनाम मैदान
2021 इंग्लैंड लॉर्ड्स
2019 वेस्टइंडीज नॉर्थ साउंड, किंग्सटन
2018 इंग्लैंड नॉटिंगम
2016 वेस्टइंडींज ग्रॉस इसलेट
2015 श्रीलंका कोलंबो
2014 इंग्लैंड लॉर्ड्स
2010 साउथ अफ्रीका, बांग्लादेश डरबन, चिट्टगांव
2007 बांग्लादेश ढाका
2002 वेस्टइंडीज पोर्ट ऑफ स्पेन
1981 ऑस्ट्रेलिया मेलबर्न
1968 न्यूजीलैंड ऑकलैंड
जब एक कप्तान गेंदबाजी चुनता है तो आम तौर पर विकेट तेज गेंदबाजों के लिए मददगार होती है या फिर आसमान में बादल छाए होते हैं और मौसम सीम बोलिंग के मुफीद होता है। भारत की इन 13 जीत में किसी भी स्पिनर ने पारी में पांच विकेट नहीं लिए हैं। रविचंद्रन अश्विन ने 2015 के कोलंबो टेस्ट में चार विकेट लिए थे। वहीं इसी टेस्ट की पहली पारी में ईशांत शर्मा ने पांच विकेट लिए थे। लॉर्ड्स 2014 के अलावा भारत की नॉर्थ साउंड 2019 (ईशांत और बुमराह) और नॉटिंगम 2018 (हार्दिक पंड्या और बुमराह) ऐसे मैच रहे जिसमें एक टेस्ट में दो भारतीय तेज गेंदबाजों ने पारी में पांच विकेट लिए। बुमराह ने कुल मिलाकर जीत में तीन बार पारी में पांच विकेट लिए हैं। भुवनेश्वर कुमार ने 2014 लॉर्ड्स के साथ ही 2016 में ग्रॉस आइलेट में भी पांच विकेट लिए थे। ऑकलैंड में 1968 में भारत की जीत में किसी गेंदबाज ने पारी में पांच विकेट नहीं लिए थे। इसके साथ ही डरबन (2010), चिट्टगांव (2010) और पोर्ट ऑफ स्पेन (2002) में भी मिली जीत में किसी गेंदबाज ने पारी में पांच विकेट नहीं लिए थे। ढाका में 2007 में जहीर खान ने पारी में पांच विकेट लिए थे। 1981 में मेलबर्न से लेकर साल 2002 में पोर्ट ऑफ स्पेन के बीच विदेशी धरती पर 15 टेस्ट मैचों में पहले बल्लेबाजी का न्योता मिला लेकिन वह इसमें से किसी में उसे जीत नहीं मिली। वह 10 हारा और पांच मैच ड्रॉ रहे। हालांकि 2002 के बाद तस्वीर बदलनी शुरू हुई। इसके बाद खेले गए 24 मैचों में से भारत ने 10 जीते हैं। 11 में वह हारा है और तीन मैच ड्रॉ रहे। इसके पीछे बड़ी वजह भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण भी है। भारत में ऐसा कम ही देखने को मिलता है जब कोई कप्तान टॉस जीतने पर पहले गेंदबाजी का फैसला करे। भारत ने ऐसे 8 टेस्ट मैचों में से कोई भी नहीं जीता, छह ड्रॉ रहे और दो में से उसे हार मिली। दोनों हार ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आईं। मुंबई में साल 2001 में और साल 1969 में कोलकाता में।

The Hundred: जीत के बाद इस अफगान खिलाड़ी ने दिखाई 'दिलेरी', थामा अफगानिस्तान का राष्ट्रीय झंडा August 18, 2021 at 07:15PM

लंदन अफगानिस्तान में इस समय तालिबान का कब्जा है। देश का भविष्य अधर में है। और साथ ही उसके क्रिकेटर्स का भी। अफगानिस्तान के कई प्रतिभाशाली क्रिकेटर दुनियाभर की लीग्स में अपने हुनर का लोहा मनवा रहे हैं। इसमें से कुछ इंग्लैंड में हो रहे 'द हंड्रेड' में भी खेल रहे हैं। इसमें से एक हैं कैस अहमद। वह अपने देश के बड़े क्रिकेटर माने जाते हैं। कैस द हंड्रेड टूर्नमेंट में लंदन स्प्रिरिट की टीम का हिस्सा हैं। उन्होंने 18 अगस्त को वेल्श फायर के खिलाफ अपनी टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। कैस ने अपने खेल से तो दिल जीता ही साथ ही मैच के बाद ऐसा काम किया जिसने बताया कि उन्हें अपने मुल्क से किनता प्यार है। कैस ने गेंद और बल्ले दोनों से कमाल का खेल दिखाया। उन्होंने 15 गेंद पर 25 रन की पारी खेली। इसके साथ ही 6 गेंद पर तीन चौकों की मद से 13 रन बनाए। उनकी पारी ने लंदन स्पिरिट को दो गेंद बाकी रहते जीत हासिल करने में मदद की। मैच के बाद हालांकि कैस ने जो किया वह लोगों की नजरों में छा गया। वह अफगानिस्तान का झंडा लिए नजर आए। द हंड्रेड ने अपने आधिकारिक हैंडल पर इस तस्वीर को साझा किया है। मैच की बात करें तो लंदन स्पिरिट को पहले बल्लेबाजी का न्योता मिला। उसने 100 गेंद पर 5 विकेट पर 163 रन बनाए। जोश इनगलिस ने 72 रन बनाए वहीं जो क्रेकनल ने 35 रन बनाए। जवाब में वेल्श की शुरुआत खराब रही और सिर्फ 20 रन पर तीन विकेट गंवा दिए। फिलिप्स ने 35 गेंद पर सात छक्कों और 5 चौकों की मदद से 80 रन बनाए।