Thursday, August 5, 2021

तोक्यो ओलिंपिक: गोल्ड से चूके रवि दहिया, सिल्वर मेडल जीतने वाले दूसरे भारतीय पहलवान August 05, 2021 at 01:15AM

तोक्योभारत के पहलवान रवि कुमार दहिया तोक्यो ओलिंपिक में इतिहास रचने से चूक गए। उन्होंने खिताबी मुकाबले में वर्ल्ड चैंपियन रूस के जावुर युगुऐव से उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इस तरह वह सुशील कुमार के बाद कुश्ती में सिल्वर मेडल जीतने वाले भारत के दूसरे पहलवान बन गए हैं। 130 करोड़ भारतीयों की गोल्ड मेडल उम्मीद के साथ उरते रवि ने वर्ल्ड चैंपियन के आगे अपना शतप्रतिशत दिया। वह अंत तक लड़े, लेकिन 7-4 से हार गए। पहले राउंड में 2-4 से पिछड़ेवर्ल्ड चैंपियन जावुर ने आक्रामक शुरुआत की और भारतीय पहलवान के खिलाफ दो पॉइंट ले लिए। हालांकि, रवि ने भी जावुर के पैरों पर हमला किया और दो पॉइंट लेकर स्कोर 2-2 से बराबर किया, लेकिन जावुर ने राउंड खत्म होने से ठीक पहले दो पॉइंट लेकर 4-2 से बढ़त ले ली। दूसरे राउंड में लगाया पूरा जोर, लेकिन नहीं बनी बातदूसरे राउंड की शुरुआत में रवि ने विपक्षी पहलवार को दबोचने की पूरी कोशिश की, लेकिन वह पॉइंट नहीं ले सके। काफ फुर्तीले जावुर ने 3 पॉइंट लेकर 7-2 की बढ़त बना ली। हालांकि, यहां रवि ने पिन करने की पूरी कोशिश और इस कोशिश में दो पॉइंट अर्जित किए। इसके बाद वह पॉइंट नहीं जुटा सके। सेमीफाइनल में आखिरी मिनट में पलटा खेलपहले दौर के बाद दहिया के पास 2-1 की बढ़त थी लेकिन सानायेव ने उनके बाएं पैर पर हमला बोलकर तीन बार उन्हें पलटने पर मजबूर करते हुए छह अंक ले लिये। ऐसा लग रहा था कि दहिया हार की तरफ बढ रहे हैं लेकिन संयम नहीं खोते हुए उन्होंने एक मिनट में बाजी पलट दी। ऐसा रहा सफरदहिया ने पहले दौर में कोलंबिया के टिगरेरोस उरबानो आस्कर एडवर्डो को 13 . 2 से हराने के बाद बुल्गारिया के जॉर्जी वेलेंटिनोव वेंगेलोव को 14-4 से हराया। पूनिया 86 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में हालांकि अमेरिका के 2018 विश्व चैम्पियन डेविड मौरिस टेलर से एकतरफा मुकाबले में हार गए। टेलर की तकनीकी दक्षता का पूनिया के पास कोई जवाब नहीं था। कुश्ती में पदक का इतिहासकेडी जाधव भारत को कुश्ती में पदक दिलाने वाले पहले पहलवान थे जिन्होंने 1952 के हेलसिंकी ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था। उसके बाद सुशील ने बीजिंग में कांस्य और लंदन में रजत पदक हासिल किया। सुशील ओलंपिक में दो व्यक्तिगत स्पर्धा के पदक जीतने वाले अकेले भारतीय थे लेकिन बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधू ने कांस्य जीतकर बराबरी की। लंदन ओलंपिक में योगेश्वर दत्त ने भी कांस्य पदक जीता था। वहीं साक्षी मलिक ने रियो ओलंपिक 2016 में कांस्य पदक हासिल किया था। दहिया का रेकॉर्डदहिया ने 2015 में अंडर-23 विश्व चैंपियनशिप में रजत पदक जीता था, जिससे उनकी प्रतिभा की झलक दिखी थी, उन्होंने प्रो कुश्ती लीग में अंडर-23 यूरोपीय चैंपियन और संदीप तोमर को हराकर खुद को साबित किया। दहिया के आने से पहले तोमर का 57 किग्रा वर्ग में दबदबा था, लेकिन कईयों ने कहा कि कुश्ती लीग प्रदर्शन आंकने का मंच नहीं है, इसके बाद 2019 विश्व चैंपियनशिप में उन्होंने सभी आलोचकों को चुप कर दिया, उन्होंने 2020 में दिल्ली में एशियाई चैंपियनशिप जीती और अलमाटी में इसी साल खिताब का बचाव किया।

निराश विनेश: पहले मैच हारी फिर किस्मत भी रूठी, अब बिना मेडल लिए ही लौटेगी भारत की बेटी August 05, 2021 at 12:52AM

तोक्योओलिंपिक शुरू होने से पहले विनेश फोगाट भारत की सबसे बड़ी उम्मीद थी। देशवासियों को पूरी आशा थी कि यह महिला पहलवान कमाल करेगी, लेकिन ऐसा हो न सका। जब सुबह-सुबह हॉकी से खुशखबरी आ रही थी तभी विनेश फोगाट की हार ने सभी को सन्न भी कर दिया। हालांकि अंतिम आस बाकी थी, लेकिन वेनेसा के फाइनल में न पहुंचने से वह भी धूमिल हो गई। रोपचेज में था मौकादरअसल, हरियाणा की यह छोरी फ्रीस्टाइल कुश्ती के 53 किग्रा भार वर्ग में ताल ठोक रही थी। पहला मैच जीतने के बाद माकुहारी मेसे हॉल के मैट-बी पर हुए क्वार्टर फाइनल मैच में विनेश का सामना दो बार की विश्व चैंपियन से हुआ। यहां बेलारूस की वेनेसा कालाजिंसकाया ने 9-3 से हराया। वेनेसा अगर फाइनल में पहुंचती तो विनेश को रेपेचेज खेलने का मौका मिलता और वह रेपेचेज के दो मैच जीतकर कांस्य पदक जीत सकती थी, लेकिन वेनेसा को सेमीफाइनल में चीनी पहलवान पैंग ने हरा दिया। विनेश ने की थी शानदार शुरुआत आज यानी पांच अगस्त को विनेश ने अपने ओलिंपिक सफर का शानदार आगाज किया। राउंड ऑफ-8 मुकाबले में उन्होंने स्वीडन की सोफिया मैगडालेना मैटसन को 7-1 से रौंदा। 2016 के रियो ओलिंपिक में विनेश क्वार्टर फाइनल से आगे नहीं बढ़ पाई थी। तब बाउट के दौरान उनका घुटना फ्रैक्चर हो गया था और वह कराहते हुए मैट से लौटी थीं। इस बार उनकी तैयारियां पहले ज्यादा पुख्ता थी, लेकिन मेडल के लिए मेडल के लिए अब 2024 पेरिस ओलिंपिक का इंतजार करना पड़ेगा। अंशु का भी सफर खत्मचार अगस्त को क्वार्टर फाइनल में हारने के बाद भारत की एक अन्य महिला पहलवान अंशु मलिक को भाग्य का साथ मिला था, क्योंकि उसी रेपचेज के तहत उन्हें आज दूसरा मौका मिला, लेकिन सुबह-सुबह वह अपना रेपेचेज-1 मुकाबला हार गईं। हालांकि महाबली बजरंग पूनिया ने भी तक अपने सफर का आगाज नहीं किया है। वह छह अगस्त को पहला बाउट खेलेंगे। इससे पहले भारत ने पुरुष कुश्ती में एक रजत पक्का कर लिया है। अब से कुछ ही देर बाद रवि दहिया फाइनल में उतरेंगे। जबकि दीपक पूनिया के पास भी आज कांस्य पदक जीतने का मौका है।

41 साल से बेचैन थे ये गोल्ड मेडलिस्ट:1980 में गोल्ड जीतने वाली टीम के 3 खिलाड़ी दुनिया में नहीं रहे, बाकी बोले- जीते जी देश की कामयाबी देख सुकून मिला August 04, 2021 at 10:52PM

हॉकी इंडिया के प्रेजिडेंट ज्ञानेंद्रो का दावा:ऐतिहासिक जीत के पीछे खिलाड़ियों की ढाई साल की जी-तोड़ मेहनत, राजस्थान में सुविधाएं बढ़ाने के लिए सीएम से करेंगे बात August 04, 2021 at 11:09PM