Sunday, July 4, 2021

अश्लील ट्वीट करने वाले रॉबिन्सन की सजा पर मोईन अली का बड़ा बयान July 04, 2021 at 02:26AM

लंदनइंग्लैंड के तेज गेंदबाज ओली रॉबिन्सन (Ollie Robinson) को शनिवार को तुरंत प्रभाव से क्रिकेट खेलने की अनुमति मिल गई है। उन पर भेदभावपूर्ण ट्वीट को लेकर लगाया गया निलंबन पूरा हो गया है। वह भारत के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए उपलब्ध होंगे। इस मामले पर लोगों में दो फाड़ है। कुछ लोग इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (England Cricket Board) के खिलाफ हैं, लेकिन इस मामले में इंग्लिश ऑलराउंडर मोईन अली अगल राय रखते हैं। मोईन अली (Moeen Ali) का मानना है कि रॉबिन्सन को सजा मिल चुकी है और वह अपनी गलती से सीख लेकर आगे बढ़ चुके हैं। उन्होंने कहा, 'ट्वीट विवाद में इंग्लैंड ने रॉबिन्सन को तुरंत टीम से ड्रॉपकर अच्छा फैसला लिया था। सही मायने में कहा जाए तो उन्हें गलती की सजा मिल चुकी है। मुझे यकीन है कि वह अपनी गलतियों से सीखेंगे। उल्लेखनीय है कि रॉबिन्सन पर 3200 पाउंड का जुर्माना भी लगाया गया था। एक स्वतंत्र पैनल क्रिकेट अनुशासन आयोग ने 30 जून को मामले की सुनवाई की। ईसीबी ने एक बयान में कहा था, 'रॉबिन्सन ने 2012 से 2014 के बीच किए गए कई अपमानजनक ट्वीट को लेकर ईसीबी के दिशा निर्देश 3.3 और 3.4 के उल्लंघन की बात स्वीकार की थी। उस समय वह 18 और 20 वर्ष के थे।' इसलिए मिल रहा खेलने का मौका30 जून को सुनवाई के बाद पैनल ने तय किया कि उन पर आठ मैचों का निलंबन लगाया जाए जिनमें से पांच दो साल के लिए निलंबित होंगे। पैनल ने इंग्लैंड टीम से रॉबिन्सन के निलंबन और वाइटलिटी ब्लास्ट के दो मैचों को गिना। उसके बाद उन्हें खेलने की अनुमति दी गई। पैनल के अध्यक्ष मार्क मिलिकेन स्मिथ थे जबकि क्लेयर टेलर और अनुराग सिंह इसके दो सदस्य थे। क्या है पूरा मामलादरअसल इंग्‍लैंड के तेज गेंदबाज ओली रोबिन्‍सन के पुराने ट्वीट वायरल हो गए थे। रोबिन्‍सन के 7-8 साल पहले पुराने पोस्‍ट काफी वायरल हैं, जहां उन्‍होंने नस्‍लवादी और लिंगभेद को लेकर विवादित टिप्‍पणी की लिखी थी। जो उनके डेब्‍यू के साथ ही फिर से वायरल होने लगे। विवाद बढ़ने के बाद उन्हें इंग्लैंड बोर्ड तत्काल सस्पेंड कर दिया था और शानदार प्रदर्शन करने के बावजूद उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ 10 जून से खेले गए एजबेस्टन टेस्ट से बाहर होना पड़ा था।

जर्मनी की हार में रोने वाली बच्ची के लिए 29 लाख रुपये इकट्ठा, इंग्लिश फैंस ने उड़ाया था मजाक July 04, 2021 at 02:22AM

लंदन/बर्लिन (Euro Cup 2020) अपने आखिरी पड़ाव पर पहुंच चुका है। सेमीफाइनल की चार टीम का नाम पता लग गया। 7 जुलाई को इटली और स्पेन की भिड़ंत होगी तो 8 जुलाई को डेनमार्क मजबूत इंग्लैंड से टक्कर लेगा। कई मजबूत टीम तो क्वार्टर फाइनल तक भी नहीं पहुंच पाई, जर्मनी इन्हीं में से एक थी, जिसे पुराने प्रतिद्विंद्वी इंग्लैंड ने 2-0 से धोया था, इस मैच में मिली हार के बाद स्टेडियम में बैठी एक जर्मन बच्ची की तस्वीर जमकर वायरल हुई थी। अपनी राष्ट्रीय टीम की हार के गम में फूट-फूटकर रोई इस मासूम के लिए अबतक 29 लाख रुपये इकट्ठे किए जा चुके हैं। क्या है पूरा मामला?वेम्बली स्टेडियम में इंग्लैंड को 25 साल पुराने जख्मों को भरने वाली जीत मिली थी। इस ऐतिहासिक पल के बाद समूचा यूके मस्ती से झूम रहा था। स्टेडियम में मौजूद शाही परिवार के सदस्य और पूर्व फुटबॉलर्स भी भारी उत्साह में नजर आए, इसी दौरान कैमरे का फोकस एक जर्मन बच्ची पर सेट हुआ, जो हार से बेहद दुखी थी, देखते ही देखते यह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इंग्लिश फैन इस मासूम का मजाक उड़ाने लगे। ट्विटर, इंस्टाग्राम पर ट्रोल किया जाने लगा। हर अंग्रेज एक सा नहीं होताएक बच्ची के लिए निर्दयी और असंवेदनशील इंग्लिश फैंस के बीच एक अंग्रेज ऐसा भी निकला, जिसने बड़ा दिल दिखाया। जोल ह्यूज्स नामक वेल्स के एक रहने वाले एक शख्स ने बच्ची के लिए फंडरेजर शुरू किया। इस फंडरेजर से शख्स का मकसद यह बताना था कि यूके में सभी एक जैसे नहीं हैं। अबतक 29 लाख रुपये इकट्ठा होने की बात सामने आ रही है। फंडरेजर को लेकर भी इंटरनेट पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं हैं। ऐसे कई लोग थे जिन्होंने समर्थन किया। हालांकि, कई लोग इस बात से सहमत नहीं थे, उनका कहना था कि इस तरह की मदद उन बच्चों के लिए की जानी चाहिए जो भूख से मर रहे हैं।

ओलिंपिक में बैन हुई अश्वेतों के लिए बनी स्विमिंग कैप, मोटे-काले बालों का रखती थी ध्यान July 04, 2021 at 01:24AM

लंदन ओलिंपिक शुरू होने से पहले अश्वेतों से जुड़े एक विवाद ने जन्म ले लिया है, जो आगे चलकर बढ़ भी सकता है। दरअसल, अश्वेत तैराकों के लिए यूके की एक कंपनी ने खास स्विमिंग कैप बनाई थी, जो प्राकृतिक काले, मोटे और घने बालों की खास देखभाल करता, लेकिन इंटरनेशनल स्विमिंग फेडरशन (FINA) ने इस पर प्रतिबंध लगा दिया, जिसका अश्वेत एथलीट और आंदोलनकारी जबरदस्त विरोध कर रहे हैं। इस स्विमिंग गियर को बनाने वाली ब्रिटिश कंपनी के मालिक खुद एक अश्वेत व्यक्ति हैं। इंस्टाग्राम पर जारी एक बयान में वह कहते हैं कि इस नियम से कई युवा तैराकों का मनोबल गिरेगा, यह हतोत्साहित करने वाला फैसला है। दुनिया भर में आलोचना होती देख FINA ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर कहा कि वह सोल कैप पर अपने प्रतिबंध की समीक्षा कर रहा है। सोल कैप पर क्यों लगा प्रतिबंध?इंटरनेशनल स्विमिंग फेडरशन (FINA) के मुताबिक यह कैप सिर के प्राकृतिक ढ़ाचे पर फिट नहीं बैठती। अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में इससे पहले कोई भी एथलीट इस तरह की कैप पहनकर पूल में नहीं उतरा है और न ही इसकी कभी जरूरत पड़ी। हालांकि मनोरंजन और शिक्षण उद्देश्यों के लिए सोल स्विम कैप पर कोई प्रतिबंध नहीं है। एक तर्क ये भी दिया गया कि आकार में अपेक्षाकृत बड़े ये स्विम कैप पानी के प्रवाह को तेजी से काटेगी, इससे सामान्य स्विम कैप वाले एथलीट के साथ भेदभाव होगा।

कपिल देव ने क्यों कहा- पृथ्वी साव को इंग्लैंड भेजना खिलाड़ियों की बेइज्जती July 04, 2021 at 01:01AM

नई दिल्लीभारत के पूर्व कप्तान कपिल देव का मानना है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की सीरीज से पहले चोटिल शुभमन गिल के विकल्प पर विचार करने के लिए सलामी बल्लेबाज को इंग्लैंड भेजने के बारे में नहीं सोचना चाहिए। ऐसी अटकलें हैं कि पृथ्वी साव, जो श्रीलंका के सफेद गेंद के दौरे पर हैं, को बैकअप सलामी बल्लेबाज के रूप में इंग्लैंड भेजा जा सकता है। इंग्लैंड में भारतीय क्रिकेट टीम गिल की फिटनेस को लेकर चिंतित है, जिनका 4 अगस्त से नॉटिंघम में शुरू होने वाले पहले टेस्ट में खेलना संदिग्ध है और अटकलें लगाई जा रही हैं कि क्या ऐसे में भारत बैक-अप भेजेगा? इस पर भारतीय क्रिकेट बोर्ड का मत आना अभी बाकी है। अभी तक केवल यही जानकारी उपलब्ध है कि गिल के पैर में चोट है। चोट क्या है और किस पैर में है इसकी जानकारी नहीं है। कपिल ने एक इंटरव्यू में कहा, 'मैं टीम में एक नए सलामी बल्लेबाज को जोड़ने के कदम से सहमत नहीं हूं। टीम ने पहले ही सलामी बल्लेबाजों को चुन लिया है। जो टीम के साथ हैं, उन्हें खेलने का मौका दिया जाना चाहिए। यदि आप एक नया खिलाड़ी भेजते हैं तो अच्छा संदेश नहीं जाता।’ कपिल ने कहा कि तीसरे विकल्प की जरूरत नहीं है। कपिल ने कहा, 'केवल रवि शास्त्री और विराट कोहली ही इस बारे में अधिक बात कर सकते हैं। लेकिन मेरे विचार से यह सही कदम नहीं है। जो खिलाड़ी आपके साथ हैं, उनका समर्थन करना चाहिए।'