Sunday, July 4, 2021

सुशील की जेल में बढ़ती डिमांड:मर्डर के आरोपी ओलिंपिक मेडलिस्ट ने पहले हाई प्रोटीन डाइट मांगी, अब तिहाड़ जेल में टीवी लगाने के लिए लेटर लिखा July 04, 2021 at 12:24AM

ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज ने शमी, इशांत, बुमराह और सिराज की 'चौकड़ी' की तुलना 90 के दशक की विंंडीज पेस अटैक से की July 03, 2021 at 11:18PM

मेलबर्न ऑस्ट्रेलिया के महान खिलाड़ी इयान चैपल को लगता है कि शानदार तेज गेंदबाजी आक्रमण के चलते भारत के पास आगामी पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में इंग्लैंड को उसकी सरजमीं पर हराने का 'बराबरी' का मौका है। चैपल ने कहा कि भले ही भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड से विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप का फाइनल गंवा दिया हो लेकिन उसकी तेज गेंदबाजी हाल के वर्षों में काफी बेहतरीन हुई है जिससे वह बीते समय की वेस्टइंडीज और ऑस्ट्रेलियाई टीम जैसी दिखती है। चैपल ने 'ईएसपीएनक्रिकइंफो' में अपने कॉलम में लिखा, 'हाल के वर्षों में भारतीय टीम तेज गेंदबाजी करने वाली कुशल टीमों की श्रेणी में शामिल हो गई है। इसके परिणामस्वरूप ही उसने ऑस्ट्रेलिया में जीत का स्वाद चखा और विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप के फाइनल में पहुंची। और अब उसके पास इंग्लैंड को उसकी ही मांद में हराने का बराबरी का मौका है। अच्छी तेज गेंदबाजी इकाई के निश्चित रूप से अपने ही फायदे हैं।' पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान का मानना है कि भारत के लिये मोहम्मद शमी, इशांत शर्मा, जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज जैसे तेज गेंदबाजों ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया है। उन्होंने साथ ही न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाजों की भी प्रशंसा की और उन्हें वेस्टइंडीज की 1970 से 90 के दशक की गेंदबाजी चौकड़ी के समान निर्भीक करार दिया। चैपल ने कहा, 'न्यूजीलैंड की विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल में टिम साउदी, ट्रेंट बोल्ट, नील वैगनर और काइल जैमीसन की तेज गेंदबाजी चौकड़ी ने जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। न्यूजीलैंड के आक्रमण का प्रभाव ऐसा था कि इसकी तुलना वेस्टइंडीज की 1970 से 1990 दशक की तेज गेंदबाजी चौकड़ी से होने लगी।'

टोक्यो ओलिंपिक पर कोरोना का साया:युगांडा के बाद अब सर्बिया के एथलीट भी जापान में संक्रमित मिले; 23 जुलाई से शुरू हो रहा ओलिंपिक July 03, 2021 at 11:20PM

'महिला क्रिकेट की 'तेंडुलकर' हैं मिताली राज, लंबे समय तक बना रहेगा रेकॉर्ड' July 03, 2021 at 10:03PM

नई दिल्ली पूर्व भारतीय कप्तान शांता रंगास्वामी ने मिताली राज को महिला क्रिकेट की 'सचिन तेंदुलकर' करार दिया है। रंगास्वामी ने मिताली के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक रन के रेकॉर्ड को लंबे समय तक बरकरार रहने की उम्मीद जताई। मिताली के नाम पर वनडे में सर्वाधिक रन बनाने का रेकॉर्ड पहले से ही दर्ज था। उन्होंने शनिवार को सभी प्रारूपों में मिलाकर सर्वाधिक रन बनाने का इंग्लैंड की पूर्व कप्तान चार्लोट एडवर्ड्स का रेकॉर्ड तोड़ा। अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट में केवल इन्हीं दो खिलाड़ियों ने 10,000 से अधिक रन बनाए हैं। भारत की टेस्ट और वनडे कप्तान ने 50 ओवरों के प्रारूप में 51.80 की औसत से रन बनाए हैं। बीसीसीआई की शीर्ष परिषद की भी सदस्य शांता ने कहा, 'उनके रेकॉर्ड ही सारी कहानी बयां करते हैं। उन्होंने जो हासिल किया है वह महान सुनील गावसकर और सचिन तेंडुलकर की उपलब्धियों के बराबर है। मुझे यह कहने में कोई हिचक नहीं कि वह लंबे समय तक पर शीर्ष पर रहेगी। मुझे नहीं लगता कि हाल फिलहाल उनका रेकॉर्ड टूट पाएगा।' मिताली ने शनिवार को भी अर्धशतक जमाकर तीसरे वनडे में भारत को इंग्लैंड पर जीत दिलाई थी। भारत की बाकी बल्लेबाजों के प्रदर्शन के अलावा मिताली के स्ट्राइक रेट पर भी सवाल उठाए गए लेकिन शांता को लगता है कि इस तरह की आलोचना सही नहीं है। उन्होंने कहा, 'स्ट्राइक रेट तभी मायने रखता है जबकि सभी बल्लेबाज अच्छा प्रदर्शन कर रहे हों। कल को छोड़ दिया जाए तो श्रृंखला में बमुश्किल ही उन्हें किसी अन्य बल्लेबाज का साथ मिला। यदि वह नहीं होती तो टीम 200 रन तक पहुंचने के लिए भी संघर्ष करती।' भारतीय बल्लेबाजों के लचर प्रदर्शन पर शांता ने कहा कि ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा को तीसरे नंबर पर उतारा जा सकता है। पहले मैच में पूनम राउत और बाकी दो मैचों में जेमिमा रोड्रिग्स इस नंबर पर बल्लेबाजी के लिये उतरी थी लेकिन वह प्रभाव छोड़ने में नाकाम रही थी। शांता ने कहा, 'वह अभी युवा है और जल्द ही रन बनाना शुरू कर देगी। पूनम राउत ने भी दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन किया था लेकिन यदि उन्हें लगता है कि तीसरे नंबर पर बदलाव जरूरी है तो दीप्ति अच्छी पसंद हो सकती है।'