Wednesday, June 2, 2021

IPL को लेकर BCCI सख्त:रिपोर्ट में दावा- फेज-2 नहीं खेलने वाले विदेशी खिलाड़ियों की सैलरी कटेगी; सितंबर-अक्टूबर में UAE में होंगे 31 मैच June 01, 2021 at 09:47PM

किरण मोरे का बड़ा खुलासा:पूर्व विकेटकीपर ने कहा- 2004 दलीप ट्रॉफी फाइनल में गांगुली धोनी की जगह दीपदास को खेलते देखना चाहते थे, बाद में माही ने 60 रन जड़े June 01, 2021 at 10:25PM

भारत, न्यूजीलैंड के खिलाफ क्लीन स्वीप एशेज के लिए बेस्ट तैयारी होगी : रूट June 01, 2021 at 08:54PM

लंदन इंग्लैंड के कप्तान जो रूट ने कहा कि टेस्ट क्रिकेट की दो शीर्ष टीमों भारत और न्यूजीलैंड के खिलाफ क्लीन स्वीप करना इस साल के आखिर में चिर प्रतिद्वंद्वी आस्ट्रेलिया के खिलाफ एशेज सीरीज के लिए सर्वश्रेष्ठ तैयारी होगी। इन सर्दियों में ऑस्ट्रेलिया के लिए रवाना होने से पहले इंग्लैंड को न्यूजीलैंड और भारत के खिलाफ सात टेस्ट मैच खेलने हैं। उन्हें पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ दो टेस्ट मैच खेलने हैं और फिर अगस्त—सितंबर में पांच टेस्ट मैचों में भारत का सामना करना है। रूट ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले मैच से पूर्व कहा, 'ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाली सीरीज को लेकर इन गर्मियों में लगातार चर्चा होती रहेगी। आप इससे मुंह नहीं मोड़ सकते।' उन्होंने कहा, 'हम लंबे समय से कह रहे हैं कि हम उस सीरीज की तैयारी कर रहे हैं और इंग्लैंड के किसी प्रशंसक, इंग्लैंड के खिलाड़ी के लिए यह प्रतिष्ठित श्रृंखला है।' रूट ने कहा, 'यह निश्चित तौर पर हमारे लिये बहुत महत्वपूर्ण है लेकिन हमारे लिये इसकी सर्वश्रेष्ठ तैयारी इन सात टेस्ट मैचों में अच्छा प्रदर्शन करना और विश्व की दो सर्वश्रेष्ठ टीमों के खिलाफ जीत दर्ज करना होगा।' भारतीय टीम इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की सीरीज खेलने से पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ 18 से 22 जून तक साउथम्पटन में विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल खेलेगी।

महेंद्र सिंह धोनी करें विकेटकीपिंग, गांगुली को मनाने में लग गए थे 10 दिन: किरण मोरे June 01, 2021 at 08:26PM

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व मुख्य चयनकर्ता किरण मोरे (Kiran More) ने महेंद्र सिंह धोनी (Mahendra Singh Dhoni) के भारतीय टीम में चुने जाने से जुड़ा एक मजेदार किस्सा साझा किया है। मोरे जब चीफ सिलेक्टर (More Chief Selector) थे, तभी धोनी भारतीय टीम में आए थे। मोरे (More) ने कहा कि उन्होंने भारतीय टीम के कप्तान और मौजूदा बीसीसीआई प्रेजिडेंट सौरभ गांगुली (Sourav Ganguly) को मनाना पड़ा था कि वह 2003-04 के दलीप ट्रोफी फाइनल में नॉर्थ जोन के खिलाफ धोनी को विकेटकीपिंग करने का मौका दें। मोरे चाहते थे कि पूर्व क्षेत्र के नियमित विकेटकीपर दीप दासगुप्ता (Deep Dasgupta) के स्थान पर धोनी यह जिम्मेदारी संभालें। मोरे (More) ने कहा कि भारतीय टीम (Indian Cricket Team) को एक ऐसे विकेटकीपर बल्लेबाज की बेहद जरूरत थी जो मिडल ऑर्डर में आकर तेजी से रन बना सके। राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) को बतौर विकेटकीपर उतारने का अनुभव काफी लंबा खिंच चुका था। इसी समय उन्हें धोनी (Dhoni) नजर आए जो घरेलू क्रिकेट में काफी रन बना रहे थे। मोरे ने कहा, 'हम एक विकेटकीपर बल्लेबाज की तलाश कर रहे थे। उस समय खेल का फॉर्मेट बदल रहा था और हमें एक पावर हिटर की जरूरत थी। एक ऐसा बल्लेबाज जो नंबर छ या सात पर उतरे और तेजी से 40-50 रन बना दे। राहुल द्रविड़ बतौर विकेटकीपर 75 वनडे इंटरनैशनल खले चुके थे। वह 2003 का वर्ल्ड कप भी खेल चुके थे। तो हमें एक विकेटकीपर की सख्त जरूरत थी।' मोरे ने करिश्मा कोटक और कर्टली ऐम्ब्रोस के शो में कहा कि उन्हें गांगुली और दासगुप्ता को मनाने में 10 दिन लगे कि वह उस साल नॉर्थ जोन के खिलाफ फाइनल में भी धोनी को ही विकेटकीपिंग करने दें। मोरे ने कहा, 'मेरे साथियों ने पहली बार देखा, तो मैं उन्हें देखने गया। मैं खास तौर पर वहां गया। मैंने देखा कि टीम के 170 के स्कोर में से 130 रन उन्होंने बनाए। उन्होंने सबकी गेंदबाजी पर कमाल के शॉट खेले। हम चाहते थे कि वह फाइनल में बतौर विकेटकीपर खेलें। तब हमारी सौरभ गांगुली और दीप दासगुप्ता से काफी चर्चा हुई। तो गांगुली और उनके सिलेक्टर को मनाने में 10 दिन लगे कि वह दासगुप्ता से कहें कि वह कीपिंग न करें और धोनी को विकेटकीपिंग का मौका मिले।' धोनी ने उस मैच में भारतीय टीम के पूर्व बल्लेबाज शिव सुंदर दास के साथ पारी की शुरुआत की। उन्होंने पहली पारी में 21 रन बनाए और दूसरी पारी में 47 गेंद पर 60 रन ठोके। नॉर्थ जोन की टीम में आशीष नेहरा, अमित भंडारी, सरनदीप सिंह और गगनदीप सिंह जैसे गेंदबाज थे। इसके फौरन बाद धोनी को केन्या दौरे पर भारत एक टीम में चुना गया। वहां वह भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बने। और इस सीरीज के बाद भारतीय टीम में उनका चयन हो गया। मोरे ने कहा, 'धोनी ने विकेटकीपिंग की। उन्होंने सभी गेंदबाजों पर शॉट लगाए और फिर वह केन्या दौरे पर गए। यहां ट्राएंगुलर सीरीज में भारत ए, पाकिस्तान ए और केन्या के बीच मुकाबले हुए। उन्होंने करीब 600 रन बनाए और उसके बाद जो हुआ वह इतिहास का हिस्सा है। तो आपको ऐसे क्रिकेटर को मौका दोना पड़ता है जिसमें कुछ खास हो। वह जो मैच-विनर नजर आता हो। धोनी में ये सब खूबियां थीं। यह बस वक्त की बात थी कि सभी एक साथ क्लिक हो जाएं। हमने सही घोड़े पर दांव लगाया और यह फायदेमंद साबित हुआ। मैं सिलेक्शन कमिटी के सभी सदस्यों को इसका श्रेय दूंगा।'