Tuesday, April 6, 2021

वानखेड़े स्टेडियम में नए तीन कोरोना पॉजिटिव मामलों में दो मैदानकर्मी April 05, 2021 at 10:14PM

मुंबई वानखेड़े स्टेडियम को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के आगामी सत्र के 10 मैचों की मेजबानी के लिए हरी झंडी मिलने के बाद परिसर में कोरोना वायरस संक्रमण के तीन और मामले सामने आए है जिसमें दो मैदानकर्मी और एक प्लंबर है। आईपीएल सत्र का आगाज नौ अप्रैल को चेन्नई में होगा जबकि मुंबई में पहला मैच 10 अप्रैल को खेला जाएगा। मुंबई क्रिकेट संघ के एक सूत्र ने कहा, ‘स्टेडियम में जांच में कोविड-19 पॉजिटिव तीन मामले मिले है, जिसमें दो मैदानकर्मी है।’ इससे पहले बीते शनिवार को 10 मैदानकर्मियों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की खबर आई थी लेकिन उसमें से ज्यादातर इस बीमारी से उबर गए है। महाराष्ट्र सरकार ने शहर में वीकएंड के लॉकडाउन प्रावधानों और रात के कर्फ्यू के बावजूद इसके आयोजन को मंजूरी दे दी थी। सरकार ने रात्रि कर्फ्यू के दौरान भी टीमों को अपने संबंधित होटलों से रात आठ बजे के बाद यात्रा करने और स्टेडियम में अभ्यास करने की अनुमति दी है। महाराष्ट्र में मंगलवार को कोविड-19 के 47,000 मामले सामने आए है, जिसमें मुंबई में इस महामारी की चपेट में आने वाले की संख्या 9000 से अधिक है।

प्रवीण आमरे ने कहा नेट्स में ज्यादा वक्त बिता रहे हैं पृथ्वी साव April 05, 2021 at 09:52PM

मुंबई दिल्ली कैपिटल्स के सहायक कोच प्रवीण आमरे ने युवा सलामी बल्लेबाज पृथ्वी साव की खूब तारीफ की है। उन्होंने कहा कि विजय हजारे ट्रोफी में रन बनाने से उनका आत्मविश्वास बढ़ा हुआ है और वह इंडियन प्रीमियर लीग 2021 में अपनी फॉर्म को जारी रखने का प्रयास करेंगे। आमरे ने दिल्ली कैपिटल्स से बातचीत करते हुए कहा है कि साव ने उनसे ट्रेनिंग सेशन में निर्धारित समय से पहले आने की गुजारिश की है। वह नेट्स में अधिक से अधिक समय बिताना चाहते हैं। 21 वर्षीय सलामी बल्लेबाज इस बार अपनी जगह पक्की करना चाहेंगे क्योंकि बीते साल खराब फॉर्म के चलते उन्हें प्लेइंग इलेवन से बाहर होना पड़ा था। ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज के दौरान पहले मैच के बाद उन्हें भारतीय टीम से भी प्लेइंग इलेवन से बाहर कर दिया गया था। उनकी तकनीक को लेकर भी सवाल उठे थे। हालांकि साव ने विजय हजारे में रेकॉर्ड रन बनाए। घरेलू 50 ओवर के इस टूर्नमेंट में उन्होंने 8 मैचों में 827 रन बनाए। उन्होंने मुंबई को खिताब जितवाने में अहम भूमिका अदा की। आमरे ने कहा, 'हम सब जानते हैं कि वह विजय हजारे ट्रोफी में वह कितनी अच्छी फॉर्म में थे। 8 मैचों में उन्होंने 800 रन बनाए। वह आत्मविश्वास में नजर आ रहे हैं जिसकी हमें जरूरत है। हम चाहते हैं कि वह अच्छी फॉर्म में रहें। वह अधिक समय नेट्स पर बिताना चाहते हैं। वह जल्दी तीन बजे नेट्स पर आते हैं और अधिक गेंदों का सामना कर रहे हैं।'

IPL पर कोरोना का साया:मुंबई स्टेडियम में 3 स्टाफ पॉजिटिव, CSK समेत 4 टीमें कर रहीं प्रैक्टिस; अब तक 3 खिलाड़ी समेत 23 लोग संक्रमित April 05, 2021 at 08:53PM

लॉर्ड्स का बादशाह- वेंगसरकर ने क्रिकेट के मक्का पर किया कमाल, सचिन और गावसकर भी नहीं कर पाए April 05, 2021 at 08:08PM

नई दिल्ली आज भारत के महान बल्लेबाजों में शुमार दिलीप वेंगसरकर का जन्मदिन है। आज ही के दिन सन 1956 को महाराष्ट्र के राजापुर में उनका जन्म हुआ था। उनके नाम के साथ कर्नल जुड़ गया था। कर्नल- यही नाम था दिलीप वेंगसरकर का। यह नाम उनकी पहचान बन गया था। हालांकि वेंगसरकर के इस नाम का आर्मी से कोई लेना-देना नहीं था। दिलीप वेंगसरकर को यह नाम दिया था लाला अमरनाथ ने। लाला अमरनाथ का मानना था कि वेंगसरकर की बल्लेबाजी शैली काफी हद तक सीके नायुडू से मिलती-जुलती थी। साल 1975 की बात है। बॉम्बे और शेष भारत के बीच ईरानी ट्रोफी का मैच खेला जा रहा था। नागपुर के इस मैदान पर वेंगसरकर ने बिशन सिंह बेदी और इरापल्ली प्रसन्ना जैसे दिग्गज स्पिनर्स के खिलाफ जमकर बल्लेबाजी की। इनकी फिरकी का लोहा सारी दुनिया मानती थी लेकिन वेंगसरकर ने जमकर इनकी खबर ली। उनकी क्षमता देखते हुए उन्हें सीधा भारतीय टीम में जगह दे दी गई। वेंगसरकर टीम में तो आ गए लेकिन यहां उनकी रफ्तार थोड़ी धीमी रही। 1977-78 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर उन्होंने टीम इंडिया में अपनी जगह पक्की की। और इसके बाद अगले 15 साल तक वह भारतीय बल्लेबाजी क्रम का अहम हिस्सा रहे। लंबा कद और छरहरा शरीर, वेंगसरकर एक ऐलिगेंट स्ट्रोकप्लेयर थे। जब वह अपने पूरे शबाब पर बल्लेबाजी करते थे तो उन्हें रोक पाना आसान नहीं होता था। वह दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी की धज्जियां उड़ा सकते थे। वह कई वर्षों तक भारत के लिए नंबर तीन बल्लेबाज रहे। एक दशक से लंबे समय तक वह भारतीय बल्लेबाजी का अहम हिस्सा रहे। 1970 के दशक के अंत से लेकर 1980 के दशक के आखिरी सालों तक वेंगसरकर भारत के चोटी के बल्लेबाजों में शामिल रहे। 80 के दशक के आखिरी वर्षों में वह दुनिया के टॉप बल्लेबाजों के समकक्ष थे। 1986 से 1988 के बीच खेले गए 16 टेस्ट मैचों में उन्होंने 8 शतक लगाए। इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्डस में तीन शतक बनाने वाले वह पहले बल्लेबाज थे। वह फ्रंट फुट पर आसानी से ड्राइव लगा सकते थे और बैकफुट पर भी उनका खेल कमाल का था। क्रिकेट का मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स पर जो कारनामा उन्होंने किया वह सुनील गावसकर और सचिन तेंडुलकर भी नहीं कर पाए। दोनों के नाम लॉर्डस पर कोई टेस्ट शतक ही नहीं है। कप्तानी मिली पर गंवाई वेंगसरकर ने 10 टेस्ट मैचों में भारत की कप्तानी भी की। हालांकि 1989 में उन्हें अमेरिका में एक प्रदर्शनी मैच खेलने जाने की वजह से उन्हें अपनी कप्तानी गंवानी भी पड़ी। उन्हें टीम से अपनी जगह भी गंवानी पड़ी लेकिन जल्द ही 90 के दशक के शुरुआती साल में वह एक बार फिर भारतीय टीम में आ गए। सन 1992 में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया। करियर रेकॉर्ड वेंगसरकर ने भारत के लिए 116 टेस्ट मैच खेले और 6868 रन बनाए। उनका बल्लेबाजी औसत 42.13 का रहा। उनके नाम 17 शतक और 35 अर्धशतक रहे। वहीं 129 वनडे इंटरनैशनल मैचों में उन्होंने 3508 रन बनाए। इस फॉर्मेट में उनके नाम 23 अर्धशतक और एक शतक शामिल था।