Monday, February 22, 2021
सरनदीप सिंह ने बताया, टीम सिलेक्शन मीटिंग में कैसा होता था विराट कोहली का व्यवहार February 21, 2021 at 10:35PM
भारतीय कप्तान विराट कोहली बेशक दुनिया के सबसे शानदार बल्लेबाजों में शामिल हैं। मैदान पर कोहली के खेल और जुनून पर कभी सवाल नहीं उठते लेकिन उनके रवैये को लेकर वह अकसर आलोचकों के निशाने पर रहते हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 70 शतक और 22 हजार रन बना चुके कोहली ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लंबा सफर तय किया है। टीम इंडिया के पूर्व चयनकर्ता सरनदीप ने बताया है कि टीम सिलेक्शन के दौरान कोहली का व्यवहार कैसा रहता था। सरनदीप ने कहा कि कोहली अपनी बात कहने से पहले सबको सुना करते थे। सरनदीप ने स्पोर्टसकीड़ा के फेसबुक पेज पर कहा, 'बात जब विराट कोहली की आती है तो टीम मीटिंग 1 सवा घंटे की होती थी। विराट एक अच्छे श्रोता हैं। मुझे नहीं पता कि लोग उनके बारे में कैसी बातें करते हैं। अगर आप उन्हें मैच के दौरान देखते हैं तो वह हमेशा जोश में नजर आते हैं। तो ऐसा लगता है कि वह हमेशा गर्म रहते हैं और किसी की नहीं सुनते। लेकिन ऐसा नहीं है, वह काफी विनम्र हैं। वह जैसा मैदान पर दिखते हैं और व्यवहार करते हैं निजी जीवन में वैसे बिलकुल नहीं हैं। सिलेक्शन मीटिंग में भी वह काफी विनम्र रहते थे। वह सबको ध्यान से सुनते थे और फिर किसी फैसले पर पहुंचते थे।' सरनदीप ने यहां तक बताया कि विराट और अनुष्का अपने घर को कैसे मैनेज करते हैं, वह भी बिना किसी नौकर के। सरनदीप ने कहा, 'उनके घर पर कोई नौकर नहीं है। वह और उनकी पत्नी सभी को खुद खाना परोसते हैं। आपको और क्या चाहिए? विराट हमेशा आपके साथ बैठते हैं, आपके साथ बाहर डिनर करने जाते हैं। बाकी सभी खिलाड़ियों के मन में उनके लिए बहुत सम्मान है। वह काफी डाउन-टु-अर्थ और इच्छा-शक्ति वाले इनसान हैं।'
रोटेशन के आलोचकों को एंडरसन की दो टूक, इसके फायदे भी देखो February 21, 2021 at 09:56PM
अहमदाबादअहमदाबाद अनुभवी तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन (James Anderson) ने इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) की रोटेशन नीति (Rotation Policy) के आलोचकों से टीम के व्यस्त कार्यक्रम को देखते हुए इसकी व्यापक तस्वीर पर गौर करने का आग्रह किया है। इंग्लैंड ने रोटेशन नीति के चलते जॉनी बेयरस्टॉ (Jonny Bairstow) और मार्क वुड (Mark Wood) को भारत के खिलाफ पहले दो टेस्ट मैचों से बाहर रखा और अब आखिरी दो टेस्ट मैचों के लिए उनकी वापसी हुई है। विकेटकीपर बल्लेबाज जोस बटलर (Jos Buttler) पहले टेस्ट मैच के बाद जबकि ऑलराउंडर मोईन अली (Moeen Ali) दूसरे मैच के बाद स्वदेश लौट गए। एंडरसन (Anderson) ने ‘गॉर्डियन’ समाचार पत्र से कहा, ‘आपको व्यापक तस्वीर पर गौर करना चाहिए। इसके पीछे विचार यह था कि अगर मैं उस टेस्ट (दूसरे मैच) में नहीं खेल पाया तो इससे मुझे गुलाबी गेंद से होने वाले टेस्ट के लिए अधिक फिट होकर मैदान पर उतरने का मौका मिलेगा।’ केविन पीटरसन सहित कई पूर्व खिलाड़ियों ने ईसीबी (ECB) की नीति की आलोचना की और कहा कि उसे भारत के खिलाफ इस बड़ी सीरीज में अपने सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी उतारने चाहिए। एंडरसन सीरीज के पहले मैच में खेले और उन्होंने पांच विकेट लेकर इंग्लैंड की जीत में अहम भूमिका निभाई। दूसरे मैच में उन्हें आराम दिया गया था जिसे भारत ने 317 रन से जीता। उन्होंने कहा, ‘मैं अच्छा और तरोताजा महसूस कर रहा हूं और मौका मिलने पर फिर से खेलने के लिए तैयार हूं। यह एक हद तक निराश करने वाला है लेकिन हमें जितनी अधिक क्रिकेट खेलनी है उसे ध्यान में रखते हुए मैं बड़ी तस्वीर पर गौर कर सकता हूं।’ एंडरसन ने कहा, ‘यह केवल मेरे लिए नहीं, सभी गेंदबाजों के लिए समान है। हमें इस साल 17 टेस्ट मैच खेलने हैं और इनके लिए अपने सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को फिट और तरोताजा रखने का सर्वश्रेष्ठ तरीका यही है कि उन्हें बीच बीच में थोड़ा विश्राम दिया जाए।’
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