Thursday, February 11, 2021

वसीम जाफर के सपॉर्ट में उतरे विदर्भ के खिलाड़ी, कही ये बात February 11, 2021 at 12:46AM

नई दिल्ली भारतीय टेस्ट टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज वसीम जाफर (Wasim Jaffer) ने बुधवार को उत्तराखंड क्रिकेट संघ से मतभेदों के कारण उत्तराखंड टीम के कोच के पद से इस्तीफा दे दिया था। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक जाफर ने मजहब के अधार पर चयन की कोशिश की, हालांकि टीम इंडिया के इस पूर्व बल्लेबाज ने इसे खारिज कर दिया है। भारत की ओर से 31 टेस्ट खेलने वाले 42 वर्षीय जाफर के समर्थन में विदर्भ टीम के खिलाड़ी उतर आए हैं। अपनी कप्तानी में विदर्भ को दो बार रणजी और ईरानी ट्रोफी चैंपियन बनाने वाले फैज फजल (Faiz Fazal) इस खबर को सुनकर हैरान हैं। 'लोकमत टाइम्स' से बातचीत में फजल ने कहा, ' इस तरह के आरोप हैरान करने वाले हैं। मैंने उनके साथ चार सीजन खेला। वह विदर्भ के सभी खिलाड़ियों के लिए बड़े भाई की तरह थे। वह सच्चे जेंटलमैन हैं। मैंने उनके बारे में किसी भी खिलाड़ी के मुंह से कोई गलत चीज नहीं सुनी है।' जाफर ने कहा कि टीम में मुस्लिम खिलाड़ियों को तरजीह देने के उत्तराखंड क्रिकेट संघ के सचिव माहिम वर्मा के आरोपों से उन्हें काफी तकलीफ पहुंची है। जाफर ने कहा, ‘जो कम्युनल एंगल लगाया, वह बहुत दुखद है। उन्होंने आरोप लगाया कि मैं इकबाल अब्दुल्ला का समर्थन करता हूं और उसे कप्तान बनाना चाहता हूं जो सरासर गलत है।’ विदर्भ की ओर से खेलने वाले विकेटकीपर अक्षय वाडकर (Akshay Wadkar) ने भी जाफर का सपॉर्ट किया है। बकौल वाडकर, ' जाफर ने चयन में हमेशा से उन खिलाड़ियों को तरजीह दी जिन्होंने प्रदर्शन किए और जो टीम में चयन के हकदार थे। मुझे नहीं लगता कि वह मजहब के आधार पर चयन करेंगे। जब वह हमारे साथ खेलते थे तब उन्होंने सभी खिलाड़ियों को एक समान देखा।' रणजी ट्रोफी में सर्वाधिक रन बना चुके जाफर ने इन आरोपों को भी खारिज किया कि टीम के अभ्यास सत्र में वह मौलवियों को लेकर आए थे। उन्होंने कहा, ‘उन्होंने कहा कि बायो बबल में मौलवी आए और हमने नमाज पढ़ी। मैं आपको बताना चाहता हूं कि मौलवी, मौलाना जो भी देहरादून में शिविर के दौरान दो या तीन जुमे को आए, उन्हें मैंने नहीं बुलाया था।’

India vs England कुल मिलाकर विराट की रणनीतियां समझना मुश्किल: संजय मांजरेकर February 10, 2021 at 11:45PM

नई दिल्ली विराट कोहली (Virat Kohli) की कप्तानी में टीम इंडिया को लगातार चार टेस्ट मैचों में हार मिली है। इसके बाद उनकी रणनीति को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। भारतीय कप्तान के फैसलों पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। पूर्व भारतीय खिलाड़ी संजय मांजरेकर का मानना है कि इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के पहले टेस्ट मैच में कोहली के रणनीतिक फैसेल और टीम चयन तो ठीक था लेकिन वह कोहली की पूरी रणनीति (Virat Kohli Tactics) से प्रभावित नहीं हैं। मांजरेकर ने क्रिकइंफो के साथ बातचीत में कहा, 'मैं यह नहीं कहूंगा कि भारत की रणनीति ठीक नहीं थी या उन्होंने इसमें ब्लंडर किए। मुझे लगता है कि टीम का चयन ठीक था। लोग अब कुलदीप यादव की बात कर रहे हैं क्योंकि शाहबाज नदीम ने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया। यह उनके लिए अच्छी पिच थी।' मांजरेकर ने एक ऐसे पल का जिक्र किया जब वॉशिंगटन सुंदर ने सही लाइन पर गेंदबाजी की। मांजरेकर ने कहा, 'रणनीतिक तौर पर देखें तो वॉशिंगटन सुंदर ने शुरुआत में गलत लाइन पर गेंदबाजी की। उन्हें ऑफ स्टंप के बाहर गेंदबाजी करनी चाहिए और जब वह ऐसा करते हैं तो विपक्षी बल्लेबाजों को काफी परेशान भी करते हैं। यहीं विराट कोहली को समझना थोड़ा मुश्किल है। उनकी ओवरऑल स्ट्रेटरजी और टीम सिलेक्शन यहां समझ नहीं आता।' मांजरेकर ने यह भी माना कि इंग्लैंड की टीम इस मैच के लिए कहीं बेहतर तैयार टीम नजर आ रही थी। उन्होंने कहा, 'नदीम अपने शुरुआती कुछ ओवरों में ड्राइव पर दो फील्डर रखकर बोलिंग कर रहे थे। शायद गेंदबाजों को शुरुआत में अपनी पसंद की फील्डिंग पर गेंदबाजी करने की इजाजत नहीं।' मांजरेकर ने आगे कहा, 'इनकी रणनीति की बात करें तो भारत ने इस मैच में जो कमियां छोड़ी हैं उन्हें वह अगले मैच में पूरा करना चाहेगा। रणनीतिक तौर पर इंग्लैंड बेहतर था पर मैं यह नहीं कहूंगा कि भारत ने ब्लंडर किए।'

दो भारतीय पर्वतारोहियों को नेपाल ने किया बैन, एवरेस्ट पर चढ़ने का किया था फर्जी दावा February 11, 2021 at 12:02AM

नई दिल्लीमाउंट एवरेस्ट पर चढ़ने का दावा करने के बाद पिछले साल तेंजिंग नोर्गे पुरस्कार के लिए सिफारिश पाने वाले पर्वतारोही ने फर्जी दस्तावेज सौंपे थे और उन्हें यह सम्मान नहीं मिलेगा। खेल मंत्रालय के सूत्रों ने गुरुवार को यह जानकारी दी। यादव और उनकी साथी पर्वतारोही सीमा रानी को बुधवार को नेपाल सरकार ने अपने देश में पर्वतारोहण करने से छह साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया। यही नहीं, 2016 में दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर चढ़ने के फर्जी दस्तावेज सौंपने के कारण उन्हें दिए एवरेस्ट फतह करने के प्रमाण पत्र को भी रद्द कर दिया गया। खेल मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया, ‘हमारी तरफ से नरेंद्र सिंह यादव का मुद्दा खत्म हो गया है। मंत्रालय की ओर से शुरू की गई जांच में पता चला है कि उसने माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने का फर्जी दावा किया था। उसने फर्जी तस्वीरें सौंपी।’ उन्होंने कहा, ‘इसलिए 2020 तेंजिंग नोर्गे पुरस्कार की सूची से उसका नाम हटा दिया गया है। उसे यह नहीं मिलेगा।’ यादव के नाम की सिफारिश शुरुआत में देश के शीर्ष साहसिक खेल पुरस्कार के लिए की गई थी लेकिन बाद में उनके फर्जी दस्तावेज सौंपने की आशंका से जुड़ी खबरें मीडिया में आने के बाद उनके नाम को रोक दिया गया था। इस मामले की जांच के लिए सरकार द्वारा गठित समिति ने पाया कि यादव ने जो दस्तावेज सौंपे थे वे फर्जी थे। अधिकारी ने बताया कि जांच समिति में खेल मंत्रालय के अधिकारियों के अलावा दिल्ली के इंडियन माउंटेनियरिंग फाउंडेशन के प्रतिनिधि भी थे जो देश में इस खेल की सर्वोच्च संस्था है। इंडियन माउंटेनियरिंग फाउंडेशन को केंद्र सरकार और अंतराष्ट्रीय फेडरेशन ऑफ स्पोर्ट क्लाइबिंग दोनों से मान्यता मिली है। नेपाल के संस्कृति, पयर्टन और नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बुधवार को यादव और रानी के अलावा टीम नेतृत्वकर्ता नाबा कुमार फुकोन को देश में पर्वतारोहण से जुड़ी गतिविधियों से छह साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया था। एवरेस्ट पर चढ़ने के लिए इनको जारी किए गए प्रमाण पत्र भी रद्द कर दिए गए।

कोहली की शिकायत के बाद, BCCI ने SG से कहा गेंद की क्वॉलिटी में करो सुधार February 10, 2021 at 10:52PM

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने Sanspareils Greenlands (SG) से अपनी गेंदों की क्वॉलिटी की समीक्षा करने को कहा है। यही कंपनी वह गेंद बना रही है जो भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही टेस्ट सीरीज में इस्तेमाल हो रही है। भारतीय कप्तान विराट कोहली और वरिष्ठ ऑफ-स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने एसजी गेंदों की क्वॉलिटी को लेकर शिकायत दर्ज की थी। पहले टेस्ट के बाद इन्होंने कहा गेंदों की क्वॉलिटी को लेकर नाराजगी जताई थी। एसजी के मार्केटिंग निदेशक पारस आनंद ने कहा कि बीसीसीआई ने उनसे मामले को देखने को कहा है। आनंद ने कहा, 'हमने उन्हें कहा है कि हम इसे परखेंगे। कुछ खिलाड़ियों ने चूंकि पिच के बारे में भी शिकायत की है तो हमें इस तरह की पिच पर भी गेंद के रिऐक्शन को देखना होगा।' उन्होंने कहा कि वह गेंद को परखेंगे और उसे बेहतर करने की कोशिश करेंगे। साथ ही गेंद की मजबूती और टिकाऊपन की भी जांच करेंगे। उन्होंने कहा, 'हम बेशक ऐसी गेंद बनाएंगे जो टिक सके। हम गेंद की सिलाई के लिए ऐसा मैटिरियल तालशेंगे जो हार्ड और खुरदरी पिच पर भी टिक सके और उसे झेल सके।' शिकायत के बावजूद पहले टेस्ट के लिए आई कुछ गेंदें दूसरे टेस्ट में भी इस्तेमाल की जाएंगी। इसकी बड़ी वजह दोनों टेस्ट मैचों के बीच मौजूद कम वक्त है। सीरीज का दूसरा टेस्ट मैच भी शनिवार से चेन्नै में ही खेला जाएगा।