Saturday, November 7, 2020

...तो ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए कुलदीप यादव का इस वजह से हुआ सिलेक्शन November 07, 2020 at 01:27AM

नई दिल्लीचाइनामैन गेंदबाद () जून 2017 से युजवेंद्र चहल के साथ मिलकर भारतीय क्रिकेट टीम के स्पिन आक्रामण की अगुआई कर रहे हैं लेकिन बीते एक साल में उनकी फॉर्म और किस्मत उनके साथ नहीं रही है। उनका पिछला प्रदर्शन और विराट कोहली का समर्थन यही दो वजहें दिखती हैं जिनके कारण चयनकर्ताओं ने उन्हें ऑस्ट्रेलिया दौरे पर वनडे टीम में चुना। इस प्रारूप में हालांकि उनकी फॉर्म हाल ही में ज्यादा अच्छी नहीं रही है। कुलदीप को टी-20 टीम में जगह नहीं मिली। पिछले साल खेले गए विश्व कप में इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने कुलदीप की गेंदों पर जमकर रन बनाए थे। 10 ओवरों में उन्होंने 72 रन लुटाए थे तब से यह गेंदबाज ज्यादा प्रभाव नहीं छोड़ पाया है। उन्होंने 23 जून 2017 को पदार्पण किया था और 29 जून 2019 तक, यानि इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए मुकाबले से एक दिन पहले, उन्होंने 49 मैचों में 23.06 की औसत से 91 विकेट लिए थे। इस दौरान उनका इकॉनमी रेट 4.88 रहा। उन्हें हर 28.3 गेंद बाद विकेट मिला। इसके बाद उनके करियर के अगले फेज में उनके प्रदर्शन में गिरावट देखी गई। 1 जुलाई 2019 से पांच फरवरी 2020 तक, जब उन्होंने अपना आखिरी वनडे मैच खेला था, उन्होंने 10 मैचों में 12 विकेट लिए हैं। इस फेज में उनका औसत 45.83 रहा और उन्होंने प्रति ओवर 5.97 रन दिए। विकेट लेने के आंकड़े को देखें तो उन्होंने हर 46वीं गेंद के बाद विकेट लिए हैं। हेमिल्टन में खेले गए अपने आखिरी वनडे में कुलदीप ने 10 ओवरों में 84 रन लुटाए। उससे पहले चार मैचों में जो उन्होंने भारत में ही ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले थे, उनमें रन ज्यादा खर्च किए थे और विकेट कम लिए थे। साफ है कि वनडे में उनकी फॉर्म में गिरावट आई है फिर भी टीम में चुने जाने का एक कारण यह भी हो सकता है कि टीम के पास वनडे में ज्यादा अनुभवी रिस्ट स्पिनर नहीं हैं। ऑस्ट्रेलिया की उछाल भरी पिचों पर रिस्ट स्पिन काफी अहम होगी। भारतीय टीम अनुभवी ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन को भी मौका दे सकती थी जिन्होंने आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स के साथ खेलते हुए शानदार प्रदर्शन किया है। कुलदीप के टी-20 में वापसी की उम्मीदों को उनकी आईपीएल टीम कोलकाता नाइट राइडर्स के साथी वरुण चक्रवर्ती ने तोड़ दिया है। उनके इस बार आईपीएल के प्रदर्शन पर निगाहें डालें तो वह विकेट लेने की सूची में 70वें स्थान पर हैं। इस सीजन कुलदीप ने कोलकाता के लिए पांच मैच खेले और सिर्फ एक विकेट लिया। यह साफ है कि कुलदीप के लिए समय निकल रहा है और यह उनके लिए अपना प्रभाव छोड़ने का आखिरी मौका हो सकता है। देखना होगा कि क्या वह प्रभाव छोड़ पाते हैं या नहीं।

IPL Qualifier 2: दिलेर दिल्ली की अग्नि परीक्षा लेगी हैदराबाद, विजेता को फाइनल का टिकट November 07, 2020 at 12:53AM

अबु धाबीइंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में सही समय पर लय हासिल करने वाली सनराइजर्स हैदराबाद की टीम रविवार को जब टूर्नमेंट के दूसरे क्वॉलिफायर में दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मैदान पर उतरेगी तो उसका पलड़ा भारी होगा। इस मैच के विजाता का सामना फाइनल में मुंबई इंडियंस से होगा। सनराइजर्स हैदराबाद के लिए पिछले चारों मुकाबले करो या मरो के थे लेकिन टीम ने सभी में जीत दर्ज की तो वहीं शुरुआती मैचों में शानदार प्रदर्शन करने वाली दिल्ली कैपिटल्स की टीम टूर्नमेंट के आखिरी चरण तक पहुंचते-पहुंचते लय से भटक गयी। शुरुआती चरण में लचर प्रदर्शन करने वाली हैदराबाद की टीम की वापसी का श्रेय कप्तान डेविड वॉर्नर को जाता है, जिन्होंने अपने खिलाड़ियों का शानदार इस्तेमाल किया। दूसरी तरफ शुरुआती नौ मैचों में सात जीत दर्ज करने वाले दिल्ली कैपिटल्स की पिछले छह मैचों में पांच हार से कप्तान श्रेयस अय्यर की योजनाओं को झटका लगा है। युवा कप्तान अय्यर टूर्नमेंट के 13वें सत्र में टीम को पहली बार फाइनल में ले जाना चाहेंगे तो वहीं वॉर्नर 2016 की सफलता को एक बार फिर से दोहराकर दूसरी बार टीम को चैम्पियन बनाना चहेंगे। वॉर्नर अगर अगले दो मैचों में जीत दर्ज करने में सफल रहे तो टूर्नमेंट में सबसे कम अनुभव वाले खिलाड़ियों के साथ जीत दर्ज करने का सेहरा उनके सिर बंधेगा। दिल्ली की टीम के लिए सबसे बड़ी चिंता उनके शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों की है। शिखर धवन (15 मैचों में 525) ने कुल मिलाकर अच्छा प्रदर्शन किया है लेकिन पिछले कुछ मैचों में बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे। युवा पृथ्वी साव (13 मैचों से 228) की कमजोरियां बेहतर तेज गेंदबाजी के खिलाफ उजागर हो गयी तो वहीं अनुभवी अजिंक्य रहाणे (7 मैचों में 111) ने अब तक केवल एक मैच में दमदार प्रदर्शन किया है। टीम के कोच रिकी पॉन्टिंग सलामी बल्लेबाजों के खाता खोले बगैर आउट होने से परेशान हैं। टूर्नमेंट में अब तब नौ बार ऐसा हो चुका है जिसमें धवन चार, साव तीन और रहाणे दो बार स्कोररों को परेशान किए बिना पविलियन लौट गए। मुंबई इंडियंस के खिलाफ पहले क्वॉलिफायर मुकाबले को छोड़कर टीम के गेंदबाजों ने अब तब अच्छा प्रदर्शन किया है। कागिसो रबाडा (25 विकेट), एनरिक नॉर्त्जे (20) और रविचंद्रन अश्विन (13) ने अधिकांश मैचों में अच्छा प्रदर्शन किया है। सनराइजर्स की बल्लेबाजी इकाई ने पिछले कुछ मैचों में लय हासिल की है जिसे टीम के हरफनमौला जेसन होल्डर ने भी माना। गेंदबाजी में सनराइजर्स के पास संदीप शर्मा, होल्डर, शाहबाज नदीम, टी नटराजन और राशिद खान जैसे फार्म में चल रहे गेंदबाज हैं। संदीप ने पावरप्ले में और नटराजन ने डैथ ओवरों में शानदार प्रदर्शन किया है। राशिद बीच के ओवरों में काफी किफायती साबित हुए हैं। टीम की एकमात्र कमजोर कड़ी मध्यक्रम की बल्लेबाजी है जहां प्रियम गर्ग और अब्दुल समद जैसे युवाओं को अपने करियर की सबसे बड़ी चुनौती से गुजरना होगा। टीमें....दिल्ली कैपिटल्स: श्रेयस अय्यर (कप्तान), कागिसो रबाडा, मार्कस स्टोइनिस, संदीप लामिछाने, ईशांत शर्मा, अजिंक्य रहाणे, रविचंद्रन अश्विन, शिखर धवन, शिमरोन हेटमायर, एलेक्स केरी, मोहित शर्मा, पृथ्वी साव, ललित यादव, अवेश खान, अक्षर पटेल, तुषार देशपांडे, ऋषभ पंत, हर्षल पटेल, कीमो पॉल, अमित मिश्रा, एनरिक नॉर्त्जे, डैनियल सैम्स। सनराइजर्स हैदराबाद: डेविड वॉर्नर (कप्तान), जॉनी बेयरस्टॉ, केन विलियमसन, मनीष पांडे, श्रीवत्स गोस्वामी, विराट सिंह, प्रियम गर्ग, ऋद्धिमान साहा, अब्दुल समद, विजय शंकर, मोहम्मद नबी, राशिद खान, जैसन होल्डर, अभिषेक शर्मा, बी संदीप शर्मा, संजय यादव, फैबियन एलेन, पृथ्वी राज यरा, खलील अहमद, संदीप शर्मा, शाहबाज़ नदीम, सिद्धार्थ कौल, बिली स्टानलेक, टी नटराजन, बासिल थम्पी। नोट- मैच भारतीय समयानुसार शाम 7.30 बजे से शुरू होगा।

गावसकर बोले, विराट अपने ही स्टैंडर्ड्स की बराबरी नहीं कर सके November 06, 2020 at 11:56PM

दुबईदुनिया के दिग्गज बल्लेबाजों में शुमार पूर्व भारतीय कप्तान ने इंडियन प्रीमियर लीग () के 13वें सत्र में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (आरसीबी) के खिताब जीतने में नाकाम रहने के लिए कप्तान कोहली के बल्ले से खराब प्रदर्शन को भी जिम्मेदार माना है। गावसकर ने कहा कि विराट खुद के स्थापित उच्च मानकों की बराबरी करने में नाकाम रहे। अबु धाबी के शेख जायेद स्टेडियम में शुक्रवार को सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ एलिमिनेटर में छह विकेट की हार के साथ बैंगलोर की टीम टूर्नमेंट से बाहर हो गई। पढ़ें, गावसकर ने स्टार स्पोर्ट्स से कहा, ‘ ने अपने लिए जो उच्च स्तर स्थापित किए हैं, उसे देखते हुए संभवत: वह भी कहेंगे कि उनकी बराबरी नहीं कर पाया। यही उन कारणों में से एक है जिसकी वजह से आरसीबी की टीम खिताब जीतने में एक बार फिर नाकाम रही क्योंकि जब वह एबी डि विलियर्स के साथ बड़ी पारियां खेलते हैं तो टीम बड़ा स्कोर बनाती है।’ पढ़ें, आरसीबी कैप्टन कोहली ने 121.35 के स्ट्राइक रेट से 15 मैचों में 466 रन बनाए और उनकी टीम को अधिकांश समय बीच के ओवरों में रन बनाने के लिए जूझना पड़ा। महान बल्लेबाज गावसकर ने कहा कि आरसीबी की गेंदबाजी में धार की कमी थी जिससे कि वे विरोधी टीमों को लगातार चुनौती देकर जीत दर्ज कर सके। उन्होंने कहा, ‘गेंदबाजी हमेशा से उनका कमजोर पक्ष रहा है। इस टीम में आरोन फिंच भी हैं, जो अच्छे टी20 खिलाड़ी हैं, युवा देवदत्त पड्डिकल ने अच्छी शुरुआत की और फिर टीम में विराट कोहली और एबी डि विलियर्स हैं।’ 71 वर्षीय गावसकर का साथ ही मानना है कि टीम को ऐसा खिलाड़ी ढूंढना होगा जो फिनिशर की भूमिका निभा सके। उन्होंने सुझाव दिया कि शिवम दुबे इस भूमिका में फिट हो सकते हैं। सनराइजर्स के खिलाफ हार आरसीबी की लगातार पांचवीं हार थी। टीम ने अपने शुरुआती 10 में से सात मैच जीतकर अच्छी शुरुआत की थी लेकिन इसके बाद राह भटक गई।

सनराइजर्स हैदराबाद के यार्कर स्पेशलिस्ट पिता बने, टीम क्वालिफायर-2 में पहुंची November 06, 2020 at 11:42PM

हैदराबाद के यॉर्कर स्पेशलिस्ट टी नटराजन को दोहरी खुशी मिली। उनकी पत्नी पवित्रा नटराजन ने बच्चे को जन्म दिया। दूसरी ओर उनकी टीम सनराइजर्स हैदराबाद ने एलिमिनेटर में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को हराकर क्वालिफाई टू में जगह बनाई। जहां उनका मुकाबला दिल्ली से होगा। नटराजन ने 2018 जून में पवित्रा से शादी की थी।

नटराजन ने मुंबई के खिलाफ मैच में टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने 4 4 ओवर में 33 रन देकर दो विकेट लिए। टी नटराजन ने इस अाईपीएल के खेले15 मैचों में 8.20 इकोनॉमी रेट से 16 विकेट लिए हैं। आईपीएल में अब तक खेले 21 मैचों में 8.20 की इकोनॉमी रेट से 18 विकेट लिए हैं।

हैदराबाद रही है तीन बार चैम्पियन

हैदराबाद ने 3 बार (2009, 2016 और 2018) फाइनल में जगह बनाई और 2 बार (2009 और 2016) खिताब अपने नाम किया। वहीं, बेंगलुरु ने 2009 में अनिल कुंबले और 2011 में डेनियल विटोरी की कप्तानी में फाइनल खेला था। 2016 में विराट की कप्तानी में भी टीम फाइनल में पहुंची। हर बार बेंगलुरु को हार का सामना करना पड़ा। 2016 में तो फाइनल में बेंगलुरु को हैदराबाद ने ही हराया था।



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टी नटराजन ने साल 2018 जून में पवित्रा नटराजन से शादी की थी।