Saturday, November 7, 2020

बुमराह की बोलिंग से 'डरे' लारा, बोले- नहीं करता उनका सामना November 06, 2020 at 11:10PM

नई दिल्लीदुनिया के महान बल्लेबाजों में शुमार वेस्टइंडीज के पूर्व क्रिकेटर ने मुंबई इंडियंस के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की तारीफ करते हुए कहा कि वह उनकी बजाय दिग्गज कपिल देव, जवागल श्रीनाथ और मनोज प्रभाकर के भारतीय आक्रमण का सामना करना पसंद करेंगे। लारा से जब पूछा गया कि वह बुमराह के खिलाफ खेलना पसंद करेंगे तो उन्होंने एक निजी अखबार को दिए इंटरव्यू में कहा, 'मुझे लगता है कि मैं बुमराह (हंसते हुए) के बजाय कपिल देव, जवागल श्रीनाथ और मनोज प्रभाकर का सामना करना पसंद करूंगा।' पढ़ें, उन्होंने आगे कहा, '...लेकिन हां, चुनौती असाधारण होगी। आपको पता है कि मेरे खेलने के दिनों में मखाया एंटिनी जैसे खिलाड़ी थे, जिनकी गेंदबाजी में इसी तरह की धार थी। इसलिए जिन लोगों के खिलाफ मैं खेला, उनकी कुछ तुलना हो सकती है। मुझे पता है कि मैं पीछे नहीं हटूंगा।' बुमराह के पास फिलहाल है। उन्होंने अब तक 14 मैचों में 13.92 के औसत से 27 विकेट झटके हैं जिनमें उनका इकॉनमी रेट 6.71 का रहा। लारा ने कहा कि बुमराह और राजस्थान रॉयल्स के पेसर जोफ्रा आर्चर की गिनती क्रिकेट के किसी भी युग में बेस्ट के तौर पर की जा सकती है। उन्होंने कहा, 'बुमराह और आर्चर क्रिकेट के किसी भी युग में सर्वश्रेष्ठ के तौर पर गिने जा सकते हैं। चाहे वे 2000 का दशक हो, 90, 80 या 70 के दशक में भी खेल रहे होते। ये दोनों किसी भी युग में तेज गेंदबाजी में टॉप पर रहेंगे, जो मैंने देखा, खेला और देख रहा हूं।' क्रिकेट के छोटे और लंबे फॉर्मेट में भारत के बुमराह और मोहम्मद शमी की सफलता के कारणों के बारे में बताते हुए लारा ने कहा कि उन्होंने टी20 में टेस्ट मैच वाली लेंथ पर गेंदबाजी की है। उन्होंने कहा, 'बुमराह और शमी इतने सफल क्यों हैं क्योंकि वे टी20 में टेस्ट मैच की लेंथ पर गेंदबाजी करते हैं। आप उन्हें लगातार धीमी गेंद करते हुए नहीं देखेंगे। वे सीम पर हिट करने की कोशिश करते हैं, स्टंप्स पर निशाना लगाते हैं या बल्ले का किनारा लेने का प्रयास करते हैं।'

IPL से बाहर होने के बाद विराट ने कहा- चीजें हमारे अनुसार नहीं रहीं, लेकिन टीम पर गर्व November 06, 2020 at 11:02PM

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के इंडियन प्रीमियर लीग से बाहर होने के बाद कप्तान विराट कोहली ने इमोशनल नोट लिखा है। उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट पर टीम की फोटो शेयर करते हुए लिखा, हम हाई और लो में साथ-साथ रहे हैं। एक यूनिट के रूप में IPL में हमारी यात्रा शानदार रही। चीजें हमारे अनुसार नहीं रहीं, लेकिन मुझे पूरी टीम पर गर्व है। आपके समर्थन के लिए हमारे सभी प्रशंसकों को धन्यवाद। आपका प्यार हमें मजबूत बनाता है। आप सभी से जल्द ही मुलाकात होगी।

बल्लेबाजों ने पिछले 2-3 मैचों में लचर प्रदर्शन किया

सनराइजर्स हैदराबाद ने शुक्रवार को विराट की टीम को एलिमिनेटर में हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया था। मैच के बाद कोहली ने कहा कि हमारे बल्लेबाजों ने पिछले 2-3 मैचों में लचर प्रदर्शन किया। हमने फील्डिर्स की हाथ में गेंद थमाया। हमने सामने वाली टीम के बॉलर्स को उनके लेंथ पर बॉलिंग करने दी और उनपर प्रेशर बनाने में नाकाम रहे।

विपक्षी गेंदबाजों को दबाव बनाने का मौका दिया

कोहली ने कहा, हमें बैटिंग में इम्प्रूव करने की जरूरत है। हमें बैटिंग में और आक्रमक होना होगा। हैदराबाद के खिलाफ कोई ऐसा मौका नहीं आया जब हम पर उन्होंने दबाव नहीं बनाया होगा। हमारे स्कोरबोर्ड पर कुछ खास रन नहीं थे। हमने बॉलिंग के दौरान उनपर दबाव बनाना चाहा, पर केन विलियम्सन ने हमसे मैच छीन लिया।

देवदत्त पडिक्कल शानदार प्लेयर

कोहली ने कहा कि इस टूर्नामेंट में उनके लिए कुछ अच्छी चीजें भी रही हैं। उन्होंने कहा, देवदत्त पडिक्कल और मोहम्मद सिराज ने शानदार खेल दिखाया। युजवेंद्र चहल और एबी डिविलियर्स हमेशा की तरह टीम के लिए मुश्किल मौकों पर अच्छा प्रदर्शन किया। पडिक्कल ने मौके को अच्छी तरह भुनाया। IPL में अपने पहले सीजन में किसी अनकैप्ड प्लेयर के लिए 400+ रन बनाना आसान नहीं है।

टूर्नामेंट जीतने के लिए कोई भी टीम फेवरेट नहीं

कोहली ने कहा, टूर्नामेंट को जीतने के लिए कोई भी टीम फेवरेट नहीं है। सभी टीमें अच्छी हैं। सबसे अच्छी बात इस टूर्नामेंट की ये रही कि आपको सिर्फ 3 वेन्यू पर खेलना था और कोई होम और अवे एडवांटेज नहीं था। यही बात इस साल के IPL को सबसे टफ बनाती है।

टीम इंडिया के बायो-बबल में पहुंचे कोहली

वहीं, सूत्रों के हवाले से एजेंसी ने कहा कि शुक्रवार रात ही कोहली टीम इंडिया के लिए बनाए गए बायो-बबल में प्रवेश कर गए। अब वह 1-2 दिन में टीम इंडिया के ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए प्रैक्टिस शुरू कर देंगे।

बता दें कि शुक्रवार को एलिमिनेटर के खेले मैच में सनराइजर्स हैदराबाद ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को 6 विकेट से हरा दिया। इसके साथ ही बेंगलुरु का आईपीएल में सफर खत्म हो चुका है। हैदराबाद को फाइनल में पहुंचने के लिए 8 नवंबर को दिल्ली कैपिटल्स से क्वालिफायर -2 में भिड़ना होगा।



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IPL सीजन-13 में RCB ने 15 मैच खेले, जिनमें से 7 जीते और 8 हारे हैं।

बैंगलोर IPL से बाहर, गंभीर के बाद बोले मांजरेकर- टीम सिलेक्शन ही गड़बड़ November 06, 2020 at 10:10PM

नई दिल्लीरॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर टीम इस सीजन भी खाली हाथ रही और उसका आईपीएल की चमचमाती ट्रोफी जीतने का सपना सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मिली हार के साथ ही चकनाचूर हो गया। बैंगलोर को अबु धाबी में खेले गए एलिमिनेटर मैच में 6 विकेट से शिकस्त झेलनी पड़ी। इसके बाद टीम के कैप्टन की आलोचना भी शुरू हो गई। बैंगलोर ने सीजन में अपने आखिरी पांच मैचों में लगातार हार का सामना किया। टीम को अंतिम लीग मैच में भी हार मिली थी लेकिन वह प्लेऑफ का टिकट पाने में कामयाब रही। एलिमिनेटर मैच में भी टीम की बल्लेबाजी बुरी तरह से फ्लॉप रही और खुद कैप्टन कोहली भी बल्ले से कुछ खास नहीं कर सके। एबी डि विलियर्स ने अर्धशतक जड़ा लेकिन हैदराबाद के गेंदबाजों के सामने बैंगलोर के बल्लेबाज संघर्ष करते नजर आए। पढ़ें, पहले तो पूर्व भारतीय ओपनर गौतम गंभीर ने कोहली को कप्तानी से हटाने की बात कही और अब ने टीम सिलेक्शन पर सवाल उठाए हैं। मांजरेकर ने ट्वीट किया, 'आरसीबी के साथ हमेशा चीजों को मैदान पर लागू करने की नहीं, बल्कि उनका स्क्वॉड सिलेक्शन समस्या है। साल दर साल टीम अपनी कमजोरियों को दूर करने में नाकाम रही है। वह आईपीएल में खुद ही कमजोर बन रही है।' आरसीबी की टीम ने इस टूर्नमेंट की शुरुआत बेहद शानदार तरीके से की थी, लेकिन आखिरी के मैचों में टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। शुक्रवार को अबु धाबी के शेख जायेद स्टेडियम में डेविड वॉर्नर की टीम हैदराबाद ने केन विलियमसन (50*) की शानदार पारी की बदौलत बैंगलोर (131/7) को 6 विकेट से हरा दिया और क्वॉलिफायर-2 में जगह बनाई जहां उसकी भिड़ंत दिल्ली कैपिटल्स से होगी। पढ़ें, कोहली ने 2013 में इस टीम की कप्तानी संभाली लेकिन तब से अब तक 8 सीजन में केवल 3 बार ही टीम प्लेऑफ तक पहुंच सकी। 2016 के सीजन में जरूर टीम रनर-अप रही लेकिन पिछले 2 सीजन में तो पॉइंट्स टेबल में अंतिम टीमों में शामिल रही। अबु धाबी में एलिमिनेटर मैच में बैंगलोर के लिए धुरंधर एबी डि विलियर्स ने 56 रन की पारी खेली लेकिन हैदराबाद के गेंदबाजों के सामने आरसीबी टीम बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर पाई। इस हार के बाद पूर्व भारतीय ओपनर गौतम गंभीर ने कहा कि यह बैंगलोर के लिए वक्त है कि वह कप्तानी के लिए विराट कोहली से आगे सोचे। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने भी विराट कोहली की आलोचना की।

छठे साल वर्ल्ड नंबर-1 रहने का रिकॉर्ड, नोवाक बोले- बचपन का सपना पूरा हुआ November 06, 2020 at 10:00PM

वर्ल्ड नंबर-1 सर्बिया के नोवाक जोकोविच 2020 का अंत पहली रैंक पर ही रहकर करेंगे। उन्होंने अमेरिका के पूर्व टेनिस प्लेयर पीट सैम्प्रास के 6 बार साल का अंत वर्ल्ड नंबर-1 रहकर करने के रिकॉर्ड की बराबर की। मुकाम हासिल करने के बाद जोकोविच ने कहा, बचपन से सैम्प्रास का खेल देखकर ही बड़ा हुआ। अब उनके रिकॉर्ड की बराबरी करना मेरे लिए गर्व की बात है। जिस वजह से मैं इस खेल में आया था, मैंने पा लिया है।'

साल का अंत नंबर-1 पर रहकर करने वाले टॉप-5 खिलाड़ी

प्लेयर देश कितनी बार साल
नोवाक जोकोविच सर्बिया 6 बार 2011, 2012, 2014, 2015, 2018, 2020
पीट सैम्प्रास अमेरिका 6 बार 1993, 1994, 1995, 1996, 1997, 1998
रोजर फेडरर स्विट्जरलैंड 5 बार 2004, 2005, 2006, 2007, 2009
राफेल नडाल स्पेन 5 बार 2008, 2010, 2013, 2017, 2019
जिमी कॉनर्स अमेरिका 5 बार 1974, 1975, 1976, 1977, 1978

सैम्प्रास के नाम था रिकॉर्ड

इससे पहले जोकोविच ने 2011, 2012, 2014, 2015, 2018 का अंत वर्ल्ड नंबर-1 रहकर किया था। वहीं, इससे पहले यह रिकॉर्ड सैम्प्रास के नाम था। उन्होंने 1993 से 1998 तक 6 बार साल का अंत वर्ल्ड नंबर-1 रहकर किया था। जोकोविच और सैम्प्रास के बाद इस लिस्ट में स्विट्जरलैंड के रोजर फेडरर, स्पेन के राफेल नडाल और अमेरिका के पूर्व खिलाड़ी जिमी कॉनर्स का नाम आता है। इन तीनों ने 5-5 बार यह मुकाम हासिल किया।

जोकोविच ने इतिहास के पन्नों में जगह बनाई

एसोसिएशन ऑफ टेनिस प्रोफेशनल्स (ATP) के चेयरमैन आंद्रिया गौदेंजी ने कहा कि साल का अंत नंबर-1 पर रहकर करना बड़ी एचीवमेंट है। यह उपलब्धि पाने के लिए आपको पूरे सीजन में अच्छा खेलना होता है। जोकोविच ने 6वीं बर यह कर दिखाया और पीट के रिकॉर्ड की बराबरी की। यह अद्भुत है। उन्होंने इतिहास के पन्नों में अपनी जगह बना ली है।

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जोकोविच तोड़ सकते हैं फेडरर का रिकॉर्ड

जोकोविच अब तक 294 हफ्ते नंबर-1 रह चुके हैं। इस लिस्ट में वह फेडरर के बाद दूसरे नंबर पर हैं। फेडरर रिकॉर्ड 310 हफ्ते तक पहले नंबर पर रहे थे। वहीं पीट सैम्प्रास 286 हफ्तों के साथ तीसरे और इवान लैंडल 270 हफ्तों के साथ चौथे नंबर पर हैं। जोकोविच अगर अगले साल (2021) के 8 मार्च तक नंबर-1 पर बने रहे, तो वह फेडरर के रिकॉर्ड को तोड़ देंगे।

सबसे ज्यादा हफ्ते तक नंबर-1 रहने वाले खिलाड़ी

प्लेयर कितने हफ्ते
रोजर फेडरर 310
नोवाक जोकोविच 294*
पीट सैम्प्रास 286
इवान लैंडल 270
जिमी कॉनर्स 268
राफेल नडाल 209
जॉन मैकनरो 170
जोर्न बोर्ग 109
आंद्रे अगासी 101
लेटन हेविट 80

जोकोविच ने इस साल जीते 5 खिताब

जोकोविच ने इस साल 5 खिताब अपने नाम किए। इसमें 1 ग्रैंड स्लेम (ऑस्ट्रेलियन ओपन) भी शामिल है। उन्होंने ATP कप, दुबई ओपन, सिनसिनाटी ओपन और रोम ओपन भी अपने नाम किया था। वहीं, लाइन जज को हिट करने के बाद उन्हें यूएस ओपन से डिसक्वालिफाई कर दिया गया था। जबकि पिछले महीने वर्ल्ड नंबर-2 नडाल ने जोकोविच को फ्रेंच ओपन के फाइनल में हराया था।

जोकोविच के नाम 17 ग्रैंड स्लैम खिताब

सर्बिया के जोकोविच ने अब तक 17 ग्रैंड स्लैम खिताब अपने नाम किए हैं। उन्होंने 3 यूएस ओपन, 8 ऑस्ट्रेलियन ओपन, 5 विंबलडन और 1 फ्रेंच ओपन खिताब अपने नाम किया है।



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जोकोविच अब तक 294 हफ्ते नंबर-1 रह चुके हैं। इस लिस्ट में वह फेडरर के बाद दूसरे नंबर पर हैं।- फाइल फोटो