Tuesday, October 6, 2020

अफगानिस्तान के लिए 1 वनडे और 12 टी-20 खेलने वाले ओपनर नजीब ताराकाई का निधन; शनिवार को एक्सीडेंट में घायल हुए थे October 05, 2020 at 09:39PM

शनिवार को एक रोड एक्सीडेंट में गंभीर रूप से घायल हुए अफगानिस्तान के ओपनर नजीब ताराकाई मंगलवार को जिंदगी की जंग हार गए। काबुल के एक अस्पताल में नजीब ने मंगलवार को आखिरी सांस ली। अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने अपने ट्विटर हैंडल पर यह जानकारी दी।

29 साल के नजीब आक्रामक बल्लेबाज थे। यही वजह है कि उन्हें टी-20 क्रिकेट में पहले मौका दिया गया। इसके बाद वे वनडे क्रिकेट भी खेले। उन्होंने एकमात्र वनडे में पांच रन बनाए थे। 12 टी-20 में कुल 258 रन बनाए।

नजीब का शनिवार को एक्सीडेंट हुआ था। उन्हें काबुल के एक हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया था। इसके बाद से इस क्रिकेटर की हालत गंभीर बनी हुई थी। अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अफसर नजीब को देखने हॉस्पिटल पहुंचे थे।

आईसीसी ने भी ट्वीट किया
आईसीसी ने भी अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल पर नजीब को श्रद्धांजलि दी। अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (एसीबी) ने शनिवार को जानकारी दी थी कि नजीब नांगरहर प्रांत में एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हैं। उन्हें इलाज के लिए काबुल लाया गया था। मंगलवार को इलाज के दौरान नजीब की मौत हो गई। नजीब की एक सर्जरी भी की गई थी, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।

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ऑफ स्पिनर भी थे
नजीब आक्रामक ओपनर होने के साथ ही उपयोगी ऑफ स्पिनर थे। अफगानिस्तान की क्रिकेट टीम इस प्लेयर को काफी देर से मौका दिया गया। उन्होंने 12 टी-20 और एक वनडे खेला। 2014 में टी-20 वर्ल्ड कप में उन्होंने अपने इंटरनेशनल क्रिकेट कॅरियर का आगाज किया था। मार्च 2017 में उन्होंने आयरलैंड के खिलाफ 90 रन की शानदार पारी खेली। इस इनिंग की काफी तारीफ हुई क्योंकि उस विकेट पर काफी बाउंस और स्विंग था। सितंबर 2019 में उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ आखिरी टी-20 खेला था।



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नजीब ने 12 टी-20 और एक वनडे खेला। 2014 में टी-20 वर्ल्ड कप में उन्होंने अपने इंटरनेशनल क्रिकेट कॅरियर का आगाज किया था। शनिवार को उनका एक्सीडेंट हुआ था। मंगलवार को आखिरी सांस ली। (फाइल)

IPL 2020: मुंबई बनाम राजस्थान- इन 5 खिलाड़ियों पर रहेगी नजर October 05, 2020 at 09:34PM

राजस्थान की टीम ने अभी तक चार में से दो मैच जीते हैं और उसके चार अंक हैं वहीं मुंबई इंडियंस की टीम ने 5 में से तीन मैच जीते हैं। दोनों टीमों के बीच आज होने वाले मुकाबले में इन पांच खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर विशेष नजरें होंगी।

मुंबई इंडियंस चार बार की चैंपियन है और राजस्थान साल 2008 में चैंपियन बनने के बाद से कभी फाइनल में भी नहीं पहुंची। लेकिन अगर दोनों टीमों के बीच हुए आपसी मुकाबलों पर नजर डाली जाए तो पलड़ा बराबर नजर आता है। दोनों के बीच कुल 21 मुकाबले हुए हैं जिसमें से दोनों ने 10-10 जीते हैं।


IPL 2020: मुंबई बनाम राजस्थान- इन 5 खिलाड़ियों पर रहेगी नजर

राजस्थान की टीम ने अभी तक चार में से दो मैच जीते हैं और उसके चार अंक हैं वहीं मुंबई इंडियंस की टीम ने 5 में से तीन मैच जीते हैं। दोनों टीमों के बीच आज होने वाले मुकाबले में इन पांच खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर विशेष नजरें होंगी।



हार्दिक पंड्या
हार्दिक पंड्या

हार्दिक पंड्या ने अभी तक आईपीएल 2020 में कोई हाफ सेंचुरी नहीं लगाई है। लेकिन अपने बीते दो मैचों में पंड्या ने धमाकेदार खेल जरूर दिखाया है। उनकी पारी ने मैच में प्रभाव डाला है। कोलकाता और सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ उन्होंने दमदार खेल दिखाया था। पंड्या अगर अपने रंग में बल्लेबाजी करें तो भी मनोरंजन की गारंटी है। (फोटो क्रेडिट- BCCI/IPL)



जेम्स पैटिनसन
जेम्स पैटिनसन

मुंबई के इस तेज गेंदबाज ने अभी तक 8 विकेट लिए हैं। वह गेंद से अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। रफ्तार और उछाल से उन्होंने विपक्षी टीम को काफी परेशान किया है। मुंबई के पास अच्छे तेज गेंदबाज हैं और पैटिनसन उसका अहम हिस्सा हैं। वह नई गेंद ट्रेंट बोल्ट के साथ साझा करते हैं और विपक्षी टीम पर शुरू से ही दबाव डालने की कोशिश करते हैं। (फोटो क्रेडिट- BCCI/IPL)



क्विंटन डि कॉक
क्विंटन डि कॉक

क्विंटन डि कॉक को शुरुआती मैचों में कुछ परेशानी का सामना करना पड़ा लेकिन सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ उन्होंने 39 गेंद पर 67 रन की पारी खेल अपने फॉर्म में लौटने के संकेत दिए। वह रोहित के साथ पारी की शुरुआत करते हैं। उनकी कोशिश फिर एक बार बार दमदार पारी खेलने की होगी। मुंबई इंडियंस ने क्रिस लिन को अभी तक मौका नहीं दिया है और डि कॉक पर लगातार अच्छा प्रदर्शन करते रहने का दबाव होगा। (फोटो क्रेडिट- BCCI/IPL)



संजू सैमसन
संजू सैमसन

संजू सैमसन ने इस लीग की शुरुआत दो हाफ सेंचुरी लगाईं। लेकिन इसके बाद कोलकाता नाइट राइडर्स और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाफ वह सिंगल डिजिट में आउट हुए। बाएं हाथ का यह बल्लेबाज राजस्थान रॉयल्स की टीम का अहम हिस्सा है। नंबर तीन की अहम पोजीशन पर बैटिंग करने वाले सैमसन का बल्ला अगर चलता है तो इससे राजस्थान को बेशक बहुत फायदा होगा। (फोटो क्रेडिट- BCCI/IPL)



जोस बटलर
जोस बटलर

राजस्थान रॉयल्स के विकेटकीपर बल्लेबाज जोस बटलर ने टूर्नमेंट में शुरुआत तो अच्छी की लेकिन वह उसे बड़ी पारी में नहीं बदल पाए। हालांकि बटलर जैसे बल्लेबाज को ज्यादा लंबे समय तक रोककर रख पाना आसान नहीं है। बटलर ने 2016 और 2017 में मुंबई इंडियंस के लिए 24 मैच खेले हैं। ऐसे में वह उस टीम के बारे में उन्हें काफी जानकारी होगी। (फोटो क्रेडिट- BCCI/IPL)



दिल्ली के ऑफ स्पिनर रवि अश्विन ने कहा- फिंच को छोड़ दिया, अब किसी ने क्रीज छोड़ी तो मांकडिंग से आउट करने में देर नहीं करूंगा, ये पहली और आखिरी वॉर्निंग October 05, 2020 at 08:56PM

आईपीएल के पिछले सीजन के बाद इस सीजन में भी मांकडिंग रूल चर्चा में आ गया है। सोमवार रात दिल्ली और आरसीबी के मैच में दिल्ली के ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने आरसीबी के एरोन फिंच को मांकडिंग से आउट नहीं किया। हालांकि, बाद में अश्विन ने साफ कर दिया कि यह बॉल डिलिवरी के पहले क्रीज पार करने वाले नॉन स्ट्राइकर्स के लिए पहली और आखिरी चेतावनी है। आगे से अगर किसी बल्लेबाज ने क्रीज पार की, तो उसे अश्विन बख्शेंगे नहीं।

पहले मांकडिंग समझ लेते हैं..
कोई गेंदबाज अगर गेंद फेंकने के लिए एक्शन लेता है, और अगर उसी वक्त नॉन स्ट्राइकिंग एंड पर मौजूद बल्लेबाज अगर क्रीज से बाहर निकल जाता है तो बॉलर वहां की बेल्स गिरा सकता है। इस तरह से आउट करने के तरीके को ही मांकडिंग कहा जाता है। बात 13 दिसंबर 1947 की है। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच एक टेस्ट मैच के दौरान भारत के वीनू मांकड़ ने ऑस्ट्रेलिया के विल ब्राउन को इसी तरह से आउट किया था। इसके बाद से वीनू के सरनेम के आधार पर यह तरीका ‘मांकडिंग’ कहलाया।

क्रिकेट में यह नियम लागू तो होता है, लेकिन राय बंटी हुई है। कुछ जानकार और पूर्व खिलाड़ी इसके पक्ष में हैं तो कुछ का कहना है कि बल्लेबाज को आउट करने का यह तरीका खेल भावना के विपरीत है।

पिछले सीजन में बटलर ऐसे ही आउट हुए थे
आईपीएल 2019 में अश्विन किंग्स इलेवन पंजाब के कप्तान थे। हैदराबाद के खिलाफ एक मैच में उन्होंने जोस बटलर को ऐसे ही आउट किया था। ऋद्धिमान साहा के लिए अश्विन ने दो बार कोशिश की। साहा दोनों बार सतर्क थे। सोमवार रात फिंच को अश्विन मांकडिंग से आउट कर सकते थे। लेकिन, उन्होंने ऐसा नही किया।

पहली और आखिरी वॉर्निंग
अश्विन ने मैच के बाद एक ट्वीट किया। कहा- मैं बिल्कुल साफ कर देना चाहता हूं कि ये मेरी पहली और आखिरी वॉर्निंग है। मैं ऑफिशियली कह रहा हूं कि आगे से कोई बैट्समैन क्रीज से बाहर निकला तो उसे मांकडिंग से आउट करने में देर नहीं लगाउंगा। इसके बाद कोई मुझे दोषी न ठहराए।

पोंटिंग को भी इशारा
खास बात ये है कि फिंच को जब अश्विन ने आउट नहीं किया, तब इस घटना को देखकर दिल्ली के हेड कोच रिकी पोंटिंग मुस्करा रहे थे। पोंटिंग ने आईपीएल के इस सीजन की शुरुआत में ही कह दिया था कि वे अश्विन को मांकडिंग नहीं करने देंगे। लेकिन, अश्विन ने अपने ट्वीट में रिकी पोंटिंग को भी टैग करते हुए ये साफ कर दिया कि आगे वो उनकी सलाह नहीं मानेंगे। अश्विन ने पिछले साल कहा था- अगर मांकडिंग से आउट किए जाने का नियम है तो इसका इस्तेमाल क्यों नहीं किया जाना चाहिए। नियम तो खेल के लिए ही बनाया गया है। गलत है तो हटा दीजिए।



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सोमवार आईपीएल 2020 में दिल्ली और बेंगलुरु के बीच मैच हुआ। अश्विन के पहले ओवर में ही एरोन फिंच ने नॉन स्ट्राइकिंग एंड पर क्रीज छोड़ दी। लेकिन, अश्विन ने उन्हें मांकडिंग से आउट नहीं किया। बाद में अश्विन ने ट्विटर पर कहा- ये पहली और आखिरी वॉर्निंग थी। आगे से किसी को नहीं बख्शा जाएगा।

IPL 2020: दिल्ली से करारी हार, विराट ने किसे ठहराया जिम्मेदार October 05, 2020 at 08:07PM

दुबई रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) के कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) ने दिल्ली कैपिटल्स (Delhi Capitals) के हाथों इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में 59 रन से मिली हार के लिए खराब क्षेत्ररक्षण को दोषी ठहराते हुए कहा कि कैच छोड़ने से मैच नहीं जीते जा सकते। कोहली ने माना कि बीच के ओवरों में अच्छी गेंदबाजी के बाद उन्होंने दिल्ली के बल्लेबाजों को खुलकर रन बनाने का मौका दिया। कोहली ने कहा, ‘चीजें हमारे पक्ष में नहीं रहीं। उनकी शुरुआत शानदार रही और फिर अगले आठ ओवर में हम वापसी करने में सफल रहे लेकिन अंतिम ओवरों में बाजी हमारे हाथ से निकल गई।’ | | कोहली को मलाल है कि उनकी टीम की फील्डिंग भी अच्छा नहीं रही। उन्होंने कहा, ‘हमें महत्वपूर्ण मौकों को भुनाने की जरूरत है। हमने मुश्किल कैच नहीं बल्कि बिलकुल आसान कैच टपकाए। एक बार फिर हम योजनाओं को अमलीजामा पहनाने में नाकाम रहे।’ आगामी मैचों में टीम में बदलाव की संभावना पर कोहली ने कहा, ‘क्रिस (मॉरिस) आज भी खेलने के काफी करीब थे लेकिन टीम में जगह नहीं बना पाए। अगले मैच से पहले हमारे पास चार दिन का समय है और उम्मीद है कि वह उस मैच के लिए तैयार रहेंगे।’ वहीं दिल्ली कैपिटल्स (Delhi Capitals) के कप्तान श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) ने अंक तालिका (Points Table) के टॉप पर जगह बनाने के बाद कहा कि उनकी टीम आगामी मैचों में भी इस तरह के प्रदर्शन को बरकरार रखना चाहती है। दिल्ली ने मार्कस स्टॉनइिस (26 गेंद, दो छक्के, छह चौके, नाबाद 53) और ऋषभ पंत (37) के बीच चौथे विकेट के लिए 89 रन की साझेदारी की बदौलत चार विकेट पर 196 रन बनाए। सलामी बल्लेबाजों पृथ्वी साव (42) और शिखर धवन (32) ने भी उपयोगी पारियां खेली। इसके जवाब में तेज गेंदबाज कागिसो रबाडा (24 रन पर चार विकेट), बाएं हाथ के स्पिनर अक्षर पटेल (18 रन देकर दो विकेट), एनरिच नोर्ट्जे (22 रन पर दो विकेट) और रविचंद्रन अश्विन (26 रन पर एक विकेट) की धारदार गेंदबाजी के सामने आरसीबी की टीम नौ विकेट पर 137 रन ही बना सकी। आरसीबी के लिए कप्तान कोहली ने सर्वाधिक 43 रन बनाए। अय्यर ने मैच के बाद कहा, ‘‘पांच में से चार मैच जीतना शानदार है और इसके लिए खिलाड़ियों को बधाई। हम बड़ी जीत के इरादे से उतरे थे और ऐसा करने में सफल रहे। उम्मीद करते हैं कि आगामी मैचों में भी इस तरह के प्रदर्शन को जारी रखने में सफल रहेंगे।’’ अय्यर ने कहा कि उनकी रणनीति स्वच्छंद और निडर होकर खेलने की थी। दिल्ली के कप्तान ने कहा, ‘दबाव के समय खिलाड़ियों ने अच्छा जज्बा दिखाया। हमारी रणनीति स्वच्छंद और निडर होकर खेलने की थी। हमारी टीम में युवा खिलाड़ी हैं जो ऊर्जा से भरे हैं। हमें बस मैदान पर उतरकर अपनी प्रतिभा और कौशल दिखाना है।’ अय्यर ने जीत का श्रेय बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों को दिया। उन्होंने कहा, ‘मैं किसी एक का पक्ष नहीं लूंगा। हमने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में अच्छा प्रदर्शन किया।’ स्टॉयनिस और पंत ने डेथ ओवरों में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी की जिससे दिल्ली की टीम अंतिम सात ओवर में 94 रन बटोरने में सफल रही। मैन आफ द मैच चुने गए अक्षर ने कहा कि वह पावर प्ले में गेंदबाजी के लिए तैयार थे। बायें हाथ के इस स्पिनर ने कहा, ‘विकेट से गेंद धीमी आ रही थी और मैं पावर प्ले में गेंदबाजी करने के लिए तैयार था और मैंने इसके लिए तैयारी भी की थी।’ उन्होंने कहा, ‘मैंने योजना बनाई थी कि मैं गेंद की गति में विविधता लाऊंगा और लाइन तथा लेंथ में भी बदलाव करूंगा।’