Wednesday, September 9, 2020

2 ग्रैंड स्लैम विजेता नाओमी ओसाका दूसरी बार सेमीफाइनल में, अमेरिकी जेनिफर ने पहली बार जगह बनाई September 08, 2020 at 08:46PM

दो ग्रैंड स्लैम विजेता जापान की नाओमी ओसाका ने टेनिस ग्रैंड स्लैम यूएस ओपन में वुमन्स सिंगल्स के सेमीफाइनल में दूसरी बार जगह बनाई है। इनके अलावा अमेरिकी जेनिफर ब्रेडी पहली बार सुपर-4 में पहुंच गईं। यह ग्रैंड स्लैम कोरोनावायरस के बीच बायो-सिक्योर माहौल में 13 सितंबर तक खेला जाएगा।

वर्ल्ड नंबर-9 ओसाका ने अमेरिका की शेल्बी रोजर्स को 6-3, 6-4 से हराया है। वहीं, जेनिफर ने कजाखस्तान की यूलिया पुतिंत्सेवा को 6-3, 6-2 से शिकस्त दी।

ज्वेरेव पहली बार किसी भी ग्रैंड स्लैम के सेमीफाइनल में
वहीं, वर्ल्ड नंबर-7 जर्मनी के एलेक्जेंडर ज्वेरेव मेंस सिंगल्स के सेमीफाइनल में पहुंच गए हैं। यह उनका किसी भी ग्रैंड स्लैम का पहला सेमीफाइनल होगा। उन्होंने क्वार्टरफाइनल में क्रोएशिया के बोर्ना कोरिच को 1-6, 7-6, 7-6, 6-3 से हराया। ज्वेरेव अब तक कोई ग्रैंड स्लैम नहीं जीत सके हैं।

ओसाका 2018 में यूएस ओपन जीत चुकीं
दुनिया की नंबर-9 ओसाका दो ग्रैंड स्लैम जीत चुकी हैं। उन्होंने 2018 में अपना पहला ग्रैंड स्लैम यूएस ओपन ही जीता था। इसके बाद अगले साल उन्होंने ऑस्ट्रेलिया ओपन पर कब्जा जमाया था। यह उनका किसी भी ग्रैंड स्लैम का तीसरा सेमीफाइनल होगा।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
नाओमी ओसाका ने 2018 में अपना पहला ग्रैंड स्लैम यूएस ओपन ही जीता था। इसके बाद अगले साल ऑस्ट्रेलिया ओपन में चैम्पियन बनीं।

MSK प्रसाद ने बताए अपने करियर के 3 मुश्किल फैसले September 08, 2020 at 08:16PM

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की चयन समिति के पूर्व मुख्य चयनकर्ता () को अपने कई फैसलों के लिए आलोचना का सामना करना पड़ा। पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज ने बतौर चीफ सिलेक्टर अपने तीन सबसे मुश्किल फैसलों का जिक्र किया है। प्रसाद ने बताया कि आखिर अपने कार्यकाल के दौरान ऐसे कौन से फैसले से थे जिन्हें लेने में उन्हें खासी मुश्किलें पेश आईं। इसमें से एक 2019 विश्व कप में अंबाती रायूडू को नहीं शामिल करना भी एक रहा। प्रसाद ने उन फैसलों का जिक्र किया जिनके लिए उनकी काफी आलोचना हुई। रायूडू को वर्ल्ड कप टीम में न चुनना, करुण नायर को इंग्लैंड के खिलाफ 2016 में तिहरा शतक लगाने के बाद भी पर्याप्त मौके न देना और महेंद्र सिंह धोनी को एक फेयरवेल मैच न दे पाना उनके करियर के सबसे कठिन फैसले कहे जाते हैं। स्पोर्ट्सकीड़ा से बात करते हुए प्रसाद ने बताया कि आखिर क्यों नायर टीम में अपनी जगह पक्की नहीं कर पाए।, 'करुण नायर ने तिहरा शतक लगाया था। इसके बाद वह तीन चार टेस्ट मैचों में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए। इसके बाद अगले एक साल तक भारत ए के अगले एक-दो दौरों पर भी वह असफल रहे। इसके बाद भी हमने उन्हें 2018 में इंग्लैंड दौरे पर भेजा लेकिन उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला। 2018-19 का उनका रणजी सीजन भी अच्छा नहीं रहा। इसी वजह से वह दौड़ में पिछड़ गए।' अंबाती रायूडू को विश्व कप 2019 के लिए टीम में शामिल न करने पर भी प्रसाद ने अपनी राय रखी। हालांकि उन्होंने कोई एक निश्चित कारण नहीं बताया पर कहा कि किसी के मन में रायूडू के खिलाफ कोई बात नहीं थी। प्रसाद के इस फैसले की काफी आलोचना हुई थी। भारतीय टीम टूर्नमेंट में नंबर चार पर बिना किसी स्थायी बल्लेबाज के उतरी थी। एमएसके प्रसाद ने कहा, 'मुझे लगता है कि हमने रायुडू को इस पोजीशन (नंबर चार) के लिए तैयार किया था और आखिर में उनके स्थान पर भेजा गया। इससे मुझे भी थोड़ा दुख हुआ। लेकिन इसके पीछे एक कारण था... इसमें कोई भी निजी नहीं था। सब कुछ टीम और टीम के हित में लिया गया फैसला था।' एमएसके प्रसाद ही टीम के मुख्य चयनकर्ता थे जब रविचंद्रन अश्विन और रविंद्र जडेजा को सीमित ओवरों की टीम से बाहर किया था। भारतीय टीम जब 2017 के चैंपियंस ट्रोफी के फाइनल में पाकिस्तान से हारी थी इसके बाद इन दोनों को सीमित ओवरों की टीम से बाहर कर दिया गया था। हालांकि जडेजा ने अपनी जगह वापस बना ली है लेकिन अश्विन ने जुलाई 2017 के बाद से भारत के लिए सीमित ओवरों के क्रिकेट में नहीं खेला है। प्रसाद ने कहा, 'चैंपियंस ट्रोफी के बाद हमने अश्विन और जडेजा को ब्रेक देने का फैसला किया। हमने सोचा कि कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल को मौका दिया और उन दोनों ने शानदार प्रदर्शन किया। उस समय अश्विन और जडेजा आईसीसी रैंकिंग में नंबर 1 और नंबर की पायदान पर थे। हम उनके साथ ही आगे बढ़ने का विचार कर रहे थे। यह विश्व कप से पहले एक तैयारी के तौर पर आजमाया गया था।' नतीजा यह हुआ कि कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल सीमित ओवरों के प्रारूप में स्थायी हो गए। एमएसके प्रसाद ने बीसीसीआई की सिलेक्शन कमिटी के चेयरमैन के तौर पर सितंबर 2016 से मार्च 2020 तक काम किया। उनके स्थान पर टीम इंडिया के पूर्व स्पिनर सुनील जोशी के पदभार संभाला।

डेविड मलान बोले- फिलहाल मैं विराट कोहली के आसपास भी नहीं September 08, 2020 at 08:08PM

साउथम्पटन, नौ सितंबर (भाषा) इंग्लैंड के बल्लेबाज डेविड मालन की टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट लगभग 50 के औसत से रन बनाने के बावजूद टीम में जगह पक्की नहीं है और उन्होंने कहा कि जब वह कम से कम 50 मैच खेल लें तब उनकी विराट कोहली जैसे खिलाड़ी से तुलना की जा सकती है। बल्लेबाजी क्रम में तीसरे नंबर पर उतरने वाले मालन ने अब तक 16 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं जिनमें उन्होंने 48.71 की औसत से 682 रन बनाये हैं। इसमें एक नाबाद शतक भी शामिल है। इस 33 वर्षीय बल्लेबाज को जैसन रॉय और बेन स्टोक्स की अनुपस्थिति में पाकिस्तान और आस्ट्रेलिया के खिलाफ नियमित तौर पर खेलने का मौका मिला। मालन ने कहा, ‘‘मैं जिस तरह का खिलाड़ी हूं, मुझे यह जानना पसंद है कि टीम में मेरी स्थिति क्या है इसलिए मैंने कहा था कि जब आप शृंखला में खेलते हो तो आपको पता होता है कि आपको क्या करना है। ’’ ईएसपीएनक्रिकइन्फो के अनुसार उन्होंने कहा, ‘‘भले ही आंकड़े कुछ कहते हों लेकिन मुझे नहीं लगता कि मैं विराट कोहली या अन्य खिलाड़ियों के करीब भी हूं। जब मैं 50 मैच खेल लूं तो उनसे मेरी तुलना कुछ हद तक की जा सकती है। ’’ टीम में उनकी जगह पक्की नहीं होती है लेकिन मालन ने कहा कि वह वही कर सकते हैं जो उनके नियंत्रण में है और यह है मौका मिलने पर ढेर सारे रन बनाना। मालन ने कहा, ‘‘यह कड़ी स्थिति है। हम सभी जानते हैं कि इन बल्लेबाजी क्रम पर खेलने वाले खिलाड़ी कितने अच्छे हैं। पिछले चार-पांच वर्षों में उनका रिकार्ड शानदार है। किसी को भी टीम में जगह बनाने के लिये लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा और इंग्लैंड के लिये मैच जीतने होंगे। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं अच्छी तरह से समझता हूं कि जैसन और स्टोक्सी वापसी करेंगे और ऐसे में मेरा काम है कि मौका मिलने पर अधिक से अधिक रन बनाना। मुझे उन पर, कप्तान इयोन मोर्गन और चयनकर्ताओं पर दबाव बनाना होगा। ’’

Tuesday, September 8, 2020

देखें, आदिल रशीद की गुगली पर गच्चा खा गए फिंच, यूं हुए क्लीन बोल्ड September 08, 2020 at 07:39PM

नई दिल्ली मंगलवार को साउथैम्टन के मैदान पर इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया की टीमें तीसरा और अंतिम टी20 इंटरनैशनल मैच खेल रही थीं। इस मैच 146 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया की टीम मैच में अपनी पकड़ मजबूत करने के बाद अचानक लड़खड़ाती दिखने लगी थी। पहले से ही सीरीज में दो मैच गंवा चुकी ऑस्ट्रेलिया के मिडल ऑर्डर के फिर से चरमराने के चलते उसकी सांसे एक बार फिर अटक गई थीं। 70 के स्कोर पर अपना दूसरा विकेट गंवाने वाली कंगारू टीम ने इंग्लैंड के लेग स्पिनर के सामने घुटने टेक दिए थे। उन्होंने इस मैच में 3 शिकार कर अपनी टीम को मैच में वापस ला दिया। हालांकि बाद में मिशेल मार्श और एश्टन एगर ने ऑस्ट्रेलिया के हाथ जीत फिसलने नहीं दी। पारी का 11वां ओवर फेंकने आए आदिल रशीन ने अपने एक ही ओवर में 2 विकेट झटककर कंगारू टीम को बैकफुट पर धकेल दिया। रशीद ने यहां बल्लेबाजी पर सेट हो चुके कप्तान (39) को अपनी गुगली में फांस लिया। फिंच ने इस गेंद को लेग स्पिन के लिए खेला था और उनका बैट गेंद का टप्पा पड़ने के बाद लेग स्पिन के लिए बाहर की ओर चला गया। लेकिन रशीद की चतुराई भरी गुगली को वह भांप नहीं पाए और इसे पड़ने और समझने में वह गच्चा खा गए। गेंद बैट और पैड के बीच में बन चुके बड़े दरवाजे से होकर सीधे लेग स्टंप पर जा टकराई। फिंच निराश होकर पविलियन लौट रहे थे। इससे 2 गेंद पहले ही इसी ओवर में उन्होंने अपनी गुगली पर ग्लेन मैक्सवेल को चलता किया था। एक वक्त 70 के स्कोर पर अपना दूसरा विकेट गंवाने वाली ऑस्ट्रेलिया का स्कोर अब 87 पर 4 आउट थे। राशिद ने अपने अगले ओवर में स्टीव स्मिथ को भी आउट कर कंगारू टीम को बैकफुट पर धकेल दिया। कंगारू टीम सीरीज के पहले दो मैच हारकर सीरीज और अपनी टी20 क्रिकेट में अपनी नंबर 1 की रैंकिंग पहले ही गंवा चुकी थी। लेकिन नंबर की पॉजिशन दोबारा वापस पाने का उसके पास यहां मौका था। ऑस्ट्रेलिया को नंबर का ताज पाने के लिए यह मैच जीतना जरूरी था। हालांकि मिशेल मार्श ने एगर के साथ मिलकर उन्हें जीत दिलाई।